यौगिक तथा मिश्रण में छः अन्तर निम्नलिखित हैं:
1. संगठन: यौगिक दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनता है, जबकि मिश्रण दो या दो से अधिक पदार्थों को किसी भी अनुपात में मिलाने से बनता है।
2. गुण: यौगिक के गुण उसके अवयवी तत्वों के गुणों से पूर्णतः भिन्न होते हैं, जबकि मिश्रण अपने घटकों के गुणों को प्रदर्शित करता है।
3. पृथक्करण: यौगिक के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता, जबकि मिश्रण के घटकों को साधारण भौतिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है।
4. प्रकृति: यौगिक सदैव समांगी होता है, जबकि मिश्रण समांगी या विषमांगी दोनों हो सकता है।
5. गलनांक एवं क्वथनांक: यौगिक का गलनांक एवं क्वथनांक निश्चित होता है, जबकि मिश्रण का गलनांक एवं क्वथनांक निश्चित नहीं होता।
6. ऊर्जा परिवर्तन: यौगिक के बनने में ऊष्मा या प्रकाश का उत्सर्जन या अवशोषण होता है, जबकि मिश्रण बनने में सामान्यतः कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता।
अथवा
द्रव्य:
द्रव्य वह वस्तु है जो स्थान घेरती है, जिसमें द्रव्यमान होता है तथा जिसका अनुभव ज्ञानेन्द्रियों द्वारा किया जा सकता है।
1. ठोस अवस्था:
ठोस का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। इनके कणों के बीच अन्तराणुक आकर्षण बल अत्यधिक होता है।
उदाहरण: लोहा, लकड़ी, पत्थर, बर्फ।
2. द्रव अवस्था:
द्रव का आयतन निश्चित होता है परन्तु आकार निश्चित नहीं होता। यह बर्तन के अनुसार आकार ग्रहण कर लेता है।
उदाहरण: जल, दूध, तेल, अल्कोहल।
3. गैस अवस्था:
गैस का आकार और आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं। इनके कणों के बीच अन्तराणुक आकर्षण बल नगण्य होता है।
उदाहरण: ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, वायु, जलवाष्प।