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UP Board Class 9th Science Annual Paper 2026 A- 2 Code

कक्षा 9वीं · विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा

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वार्षिक परीक्षा - 2026 : विज्ञान (कक्षा - 9) - पूर्ण समाधान

खण्ड - 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न - OMR आधारित)

1. निम्नलिखित में सदिश राशि है--

(A) दूरी

(B) वेग

(C) चाल

(D) बल

उत्तर: (B) वेग

व्याख्या: वेग में परिमाण और दिशा दोनों होती हैं, इसलिए यह एक सदिश राशि है।

2. गतिमान पिण्ड के दूरी-समय ग्राफ का ढलान क्या प्रदर्शित करता है--

(A) त्वरण

(B) चाल

(C) दूरी

(D) विस्थापन

उत्तर: (B) चाल

व्याख्या: दूरी-समय ग्राफ का ढलान (slope) वस्तु की चाल को प्रदर्शित करता है।

3. बल (F) तथा संवेग परिवर्तन (Δ p) में सम्बन्ध है--

(A) F = Δ p × Δ t

(B) F × Δ t = Δ p

(C) F × Δ p = Δ t

(D) F × (Δ p)/(Δ t) = 0

उत्तर: (B) F × Δ t = Δ p

व्याख्या: न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार F = (Δ p)/(Δ t), जिससे F × Δ t = Δ p प्राप्त होता है।

4. संवेग का S.I. मात्रक है--

(A) किग्रा मीटर × सेकण्ड

(B) किग्रा मीटर/सेकण्ड

(C) किग्रा मीटर/सेकण्ड²

(D) किग्रा/मीटर सेकण्ड

उत्तर: (B) किग्रा मीटर/सेकण्ड

व्याख्या: संवेग (p = m × v) का मात्रक द्रव्यमान (किग्रा) × वेग (मीटर/सेकण्ड) होता है।

5. दो पिण्डों के बीच की दूरी दुगुनी कर दी जाये तो उनके बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण हो जायेगा--

(A) दो गुना

(B) आधा

(C) एक चौथाई

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (C) एक चौथाई

व्याख्या: गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है (F ∝ (1)/(r²)), अतः दूरी दुगुनी करने पर बल एक चौथाई रह जाता है।

6. यदि किसी पिण्ड का संवेग दो गुना कर दिया जाये, तो उसकी गतिज ऊर्जा हो जायेगी--

(A) दो गुनी

(B) आधा

(C) चार गुनी

(D) एक चौथाई

उत्तर: (C) चार गुनी

व्याख्या: गतिज ऊर्जा E_k = (p²)/(2m) होती है, इसलिए संवेग p दोगुना होने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।

7. तरंग का वेग (v), आवर्तकाल (T) तथा तरंगदैर्ध्य (λ) में सम्बन्ध है--

(A) v = λ T

(B) v = (λ)/(T)

(C) λ = (v)/(T)

(D) T = (v)/(λ)

उत्तर: (B) v = (λ)/(T)

व्याख्या: तरंग का वेग = तरंगदैर्ध्य / आवर्तकाल (v = λ / T) होता है।

8. निम्नलिखित में द्रव्य नहीं है--

(A) काँच

(B) लकड़ी

(C) प्रकाश

(D) वायु

उत्तर: (C) प्रकाश

व्याख्या: प्रकाश ऊर्जा का रूप है, इसका द्रव्यमान या आयतन नहीं होता, अतः यह द्रव्य नहीं है।

9. अमोनिया है--

(A) मिश्रण

(B) N₂ तथा H₂ का मिश्रण

(C) तत्व

(D) यौगिक

उत्तर: (D) यौगिक

व्याख्या: अमोनिया (NH₃) एक निश्चित अनुपात में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बना रासायनिक यौगिक है।

10. निम्नलिखित में अधातु है--

(A) कार्बन

(B) गन्धक

(C) ब्रोमीन

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: कार्बन, गन्धक (सल्फर) और ब्रोमीन सभी अधातु श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

11. जल के 1 मोल की ग्राम में मात्रा है--

(A) 1 ग्राम

(B) 18 ग्राम

(C) 180 ग्राम

(D) 6.02 × 10²³ ग्राम

उत्तर: (B) 18 ग्राम

व्याख्या: जल (H₂O) का आणविक द्रव्यमान 2 × 1 + 16 = 18 ग्राम प्रति मोल होता है।

12. CuSO₄ में Cu की संयोजकता है--

(A) 2

(B) 4

(C) 3

(D) 1

उत्तर: (A) 2

व्याख्या: कॉपर सल्फेट (CuSO₄) में कॉपर पर +2 आवेश होता है, अतः इसकी संयोजकता 2 है।

13. निम्नलिखित में स्थाई इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाला तत्व कौन-सा है--

(A) 2,6

(B) 2,8

(C) 2,8,18

(D) 2,8,1

उत्तर: (B) 2,8

व्याख्या: विन्यास '2,8' नियॉन (अक्रिय गैस) का है जिसका बाह्यतम कोष पूर्ण (अष्टक पूर्ण) होने के कारण यह स्थाई है।

14. पादप कोशिका की भित्ति बनी होती है--

(A) सेलुलोज की

(B) राइबोसोम की

(C) प्रोटीन की

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (A) सेलुलोज की

व्याख्या: पादप कोशिका की बाहरी दृढ़ भित्ति मुख्य रूप से सेलुलोज की बनी होती है।

15. कोशिका का ऊर्जा गृह कहलाता है--

(A) माइटोकॉन्ड्रिया

(B) केन्द्रक

(C) केन्द्रिका

(D) लवक

उत्तर: (A) माइटोकॉन्ड्रिया

व्याख्या: माइटोकॉन्ड्रिया में एटीपी (ATP) के रूप में ऊर्जा बनती है, इसलिए इसे कोशिका का पावर हाउस कहते हैं।

16. कौन-सी पेशियाँ जीवन भर लयबद्ध होकर प्रसार तथा संकुचन करती रहती हैं--

(A) ऐच्छिक

(B) अनैच्छिक

(C) कार्डियक

(D) ये सभी

उत्तर: (C) कार्डियक

व्याख्या: हृदय की कार्डियक (पेशियाँ) जीवन भर बिना थके लयबद्ध रूप से संकुचन और शिथिलन करती हैं।

17. पैरेन्काइमा ऊतक होता है--

(A) विभज्योतक

(B) स्थायी ऊतक

(C) विभज्योतक तथा स्थायी ऊतक दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B) स्थायी ऊतक

व्याख्या: पैरेन्काइमा पौधों का एक सरल स्थायी ऊतक है।

18. ऊतकों का निर्माण होता है--

(A) अंग तन्त्रों से

(B) एक जैसी कोशिकाओं से

(C) अंगों से

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (B) एक जैसी कोशिकाओं से

व्याख्या: एक समान उत्पत्ति, संरचना और कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

19. पशुओं के लिए चारा प्राप्त किया जा सकता है--

(A) बरसीम से

(B) सूडान घास से

(C) जई से

(D) इन सभी से

उत्तर: (D) इन सभी से

व्याख्या: बरसीम, सूडान घास और जई सभी उत्तम प्रकार की चारा फसलें हैं।

20. निम्नलिखित में तेल प्रदान करने वाला पादप है--

(A) लेंटिल

(B) सूर्यमुखी

(C) गोभी

(D) गुड़हल

उत्तर: (B) सूर्यमुखी

व्याख्या: सूर्यमुखी के बीजों से खाने योग्य वनस्पति तेल प्राप्त किया जाता है।

खण्ड - 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न)

उपखण्ड - 'क' (भौतिक विज्ञान)

प्रश्न 1.

गति के द्वितीय समीकरण s = ut + (1)/(2)at² का निगमन कीजिए।

उत्तर:

माना किसी पिण्ड का प्रारम्भिक वेग u है तथा उस पर एकसमान त्वरण a कार्य कर रहा है। t समय पश्चात उसका वेग v हो जाता है तथा तय की गई दूरी s है।

पिण्ड की औसत चाल = (प्रारम्भिक वेग + अन्तिम वेग)/(2) = (u + v)/(2)

तय की गई दूरी (s) = औसत चाल × समय (t)

s = ((u + v)/(2)) × t --- ( समीकरण 1)

गति के प्रथम समीकरण से, v = u + at का यह मान समीकरण (1) में रखने पर:

s = ((u + u + at)/(2)) × t

s = ((2u + at)/(2)) × t

s = (u + (1)/(2)at) × t

s = ut + (1)/(2)at²

(इति सिद्धम्)

प्रश्न 2.

जड़त्व किसे कहते हैं? जड़त्व का नियम लिखिए। हथौड़े को जमीन पर पटकने से हथौड़ा हत्थे में कस जाता है क्यों? समझाइये।

उत्तर:

• जड़त्व: किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है।

• जड़त्व का नियम: न्यूटन के गति का प्रथम नियम ही 'जड़त्व का नियम' कहलाता है, जिसके अनुसार बाहरी बल के अभाव में वस्तु अपनी अवस्था बनाए रखती है।

• हथौड़े का हत्थे में कसना: जब हत्थे सहित हथौड़े को नीचे जमीन पर पटकते हैं, तो हत्था जमीन के संपर्क में आते ही विराम अवस्था में आ जाता है, परन्तु जड़त्व के कारण हथौड़े का ऊपरी भारी सिरा गति में ही बना रहना चाहता है, जिससे वह नीचे की ओर खिसककर हत्थे में कस जाता है।

प्रश्न 3.

50 किग्रा तथा 120 किग्रा के दो पिण्ड परस्पर 10 मीटर की दूरी पर रखे हैं उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिकलन कीजिए जबकि G = 6.67 × 10⁻¹¹ न्यूटन मीटर²/किग्रा² है?

उत्तर:

दिया है:

पहला द्रव्यमान (m₁) = 50 किग्रा

दूसरा द्रव्यमान (m₂) = 120 किग्रा

दूरी (r) = 10 मीटर

गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) = 6.67 × 10⁻¹¹ न्यूटन मीटर²/किग्रा²

सूत्र: F = (G · m₁ · m₂)/(r²)

मान रखने पर:

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 50 × 120(10)²

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 6000100

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 60

F = 400.2 × 10⁻¹¹ न्यूटन

F = 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन

अतः उनके बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन होगा।

प्रश्न 4.

60 किग्रा भार का एक व्यक्ति 30 सीढ़ियाँ जिसमें प्रत्येक की ऊँचाई 20 सेमी है, 20 सेकण्ड में चढ़ जाता है। व्यक्ति द्वारा किया गया कुल कार्य तथा उसकी सामर्थ्य की गणना कीजिए (g = 10 मी/से²)।

उत्तर:

दिया है:

व्यक्ति का भार/द्रव्यमान बल (mg) = 60 किग्रा × 10 = 600 न्यूटन

सीढ़ियों की संख्या = 30

प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई = 20 सेमी = 0.2 मीटर

कुल ऊँचाई (h) = 30 × 0.2 = 6 मीटर

समय (t) = 20 सेकण्ड

(i) किया गया कुल कार्य (W):

W = m · g · h = 600 न्यूटन × 6 मीटर = 3600 जूल

(ii) सामर्थ्य (P):

P = (W)/(t) = (3600 जूल)/(20 सेकण्ड) = 180 वाट

अतः किया गया कुल कार्य 3600 जूल तथा सामर्थ्य 180 वाट है।

अथवा (अंतर स्पष्ट कीजिए):

(क) अनुप्रस्थ तथा अनुदैर्ध्य तरंगों में तीन अन्तर:

1. कंपन की दिशा: अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लम्बवत कंपन करते हैं, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगों में कण संचरण की दिशा के समांतर कंपन करते हैं।

2. रूप: अनुप्रस्थ तरंगें श्रृंग और गर्त के रूप में चलती हैं, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगें संपीडन और विरलन के रूप में चलती हैं।

3. माध्यम: अनुप्रस्थ तरंगें ठोस और द्रवों की सतह पर उत्पन्न हो सकती हैं, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगें ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में उत्पन्न हो सकती हैं।

(ख) सन्तुलित तथा असन्तुलित बलों में तीन अन्तर:

1. परिणामी बल: संतुलित बलों का परिणामी बल शून्य होता है, जबकि असंतुलित बलों का परिणामी बल शून्य नहीं होता।

2. अवस्था परिवर्तन: संतुलित बल वस्तु की विराम या गति की अवस्था नहीं बदलते, जबकि असंतुलित बल वस्तु की अवस्था या चाल में परिवर्तन लाते हैं।

3. त्वरण: संतुलित बल वस्तु में त्वरण उत्पन्न नहीं करते, जबकि असंतुलित बल वस्तु में त्वरण उत्पन्न करते हैं।

उपखण्ड - 'ख' (रसायन विज्ञान)

प्रश्न 5.

(क) गर्मियों में घड़े का जल ठण्डा क्यों हो जाता है?

(ख) गर्म, शुष्क दिन में कूलर अधिक ठण्डा क्यों करता है?

उत्तर:

(क) मिट्टी के घड़े की दीवारों में अनगिनत अत्यंत सूक्ष्म छिद्र होते हैं जिनसे रिसकर पानी घड़े की बाहरी सतह पर पहुँचता रहता है। लगातार वाष्पीकरण होने के कारण वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा घड़े के आंतरिक जल से अवशोषित होती है, जिससे घड़े के अंदर का जल ठंडा हो जाता है।

(ख) गर्म और शुष्क दिन में वायु की आर्द्रता बहुत कम होती है जिससे वाष्पीकरण की दर तेजी से बढ़ जाती है। कूलर के पैड्स से गुजरने वाली हवा का जल तेजी से वाष्पीकृत होता है और अधिक ठंडक उत्पन्न करता है।

प्रश्न 6.

वास्तविक विलयन तथा कोलॉइडी विलयन को उदाहरण देकर समझाइये। परमाणु को परिभाषित कीजिए तथा डाल्टन का परमाणु वाद स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

• वास्तविक विलयन: यह दो या अधिक पदार्थों का एक समांगी मिश्रण है जिसमें विलेय के कणों का आकार 1 ~nm से छोटा होता है (जैसे- चीनी और पानी का घोल)। इसके कण छनपत्र से आसानी से पार हो जाते हैं।

• कोलॉइडी विलयन: यह एक विषमांगी मिश्रण प्रतीत होता है लेकिन वास्तव में समांगी जैसा होता है, जिसमें कणों का आकार 1 ~nm से 100 ~nm के बीच होता है (जैसे- दूध, स्टार्च का विलयन)।

• परमाणु: किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है परन्तु स्वतंत्र अवस्था में नहीं भी रह सकता, परमाणु कहलाता है।

• डाल्टन का परमाणु सिद्धान्त:

1. सभी द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म अविभाज्य कणों 'परमाणुओं' से मिलकर बने होते हैं।

2. एक ही तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान और गुणों में समान होते हैं, जबकि भिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।

3. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु सरल पूर्ण संख्या अनुपात में संयुक्त होकर यौगिक बनाते हैं।

4. रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, न तो सृजित होते हैं और न ही नष्ट।

अथवा

संयोजकता का इलेक्ट्रॉनिक सिद्धान्त लिखिए तथा क्लोरीन, सल्फर का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए:

उत्तर:

• संयोजकता का इलेक्ट्रॉनिक सिद्धान्त: किसी तत्व के परमाणु द्वारा अपने बाह्यतम कोष (valence shell) में 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक नियम) पूरा करने या द्विक पूरा करने के लिए जितने इलेक्ट्रॉन त्यागे जाते हैं, ग्रहण किए जाते हैं या साझा किए जाते हैं, वह संख्या उस तत्व की संयोजकता कहलाती है।

• क्लोरीन (Cl, परमाणु क्रमांक 17) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 7

• सल्फर (S, परमाणु क्रमांक 16) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 6

उपखण्ड - 'ग' (जीव विज्ञान)

प्रश्न 8.

माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना तथा कार्यों का सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर:

• संरचना: माइटोकॉन्ड्रिया एक दोहरी झिल्ली से घिरी बेलनाकार या अंडाकार संरचना है। इसकी बाहरी झिल्ली चिकनी होती है, जबकि आंतरिक झिल्ली अंदर की ओर अंगुली जैसी मुड़ी होती है जिन्हें 'क्रिस्टी' (Cristae) कहते हैं। इसके भीतर तरल मैट्रिक्स भरा होता है जिसमें राइबोसोम और अपना डीएनए होता है।

• कार्य:

1. यह कोशिकीय श्वसन का मुख्य स्थल है जहाँ ऊर्जा एटीपी (ATP) के रूप में बनती है, इसीलिए इसे 'कोशिका का पावर हाउस' कहते हैं।

2. यह कोशिका की जैविक क्रियाओं के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

प्रश्न 9.

रुधिर क्या है ? इसके घटक कौन-कौन से हैं? प्रत्येक घटक के कार्यों का उल्लेख कीजिए?

उत्तर:

रुधिर एक तरल संयोजी ऊतक है जो शरीर में विभिन्न पदार्थों का परिवहन करता है। इसके मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:

1. प्लाज्मा (Plasma): यह रुधिर का लगभग 55% भाग बनाने वाला हल्का पीला तरल है। इसका कार्य पोषक तत्वों, हार्मोन, और उत्सर्जी पदार्थों का परिवहन करना है।

2. लाल रुधिर कणिकाएँ (RBC): इनमें हीमोग्लोबिन होता है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुँचाता है।

3. श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC): ये शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करती हैं और रोगाणुओं तथा संक्रमण से हमारी रक्षा करती हैं।

4. रुधिर प्लेटलेट्स (Platelets): ये रक्त का थक्का जमाने (clotting) में सहायता करती हैं जिससे चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव नहीं होता।

प्रश्न 10.

फसल की किस्मों में सुधार के कोई चार कारक लिखिए।

उत्तर:

फसल की किस्मों में सुधार के चार प्रमुख उद्देश्य या कारक निम्नलिखित हैं:

1. उच्च उत्पादकता (Higher Yield): प्रति एकड़ फसल की कुल पैदावार में वृद्धि करना।

2. बेहतर गुणवत्ता (Improved Quality): फसल के उत्पादों (जैसे प्रोटीन, तेल, बेकिंग गुणवत्ता आदि) की गुणवत्ता में सुधार करना।

3. जैविक एवं अजैविक प्रतिरोधकता (Biotic & Abiotic Resistance): रोगों, कीटों (जैविक) तथा सूखा, लवणता, गर्मी या ठंड (अजैविक) को सहन करने की क्षमता विकसित करना।

4. परिपक्वन काल में सुधार (Desirable Agronomic Traits): फसल का कम समय में पककर तैयार होना और समान लंबाई व आवश्यकतानुसार वृद्धि होना।

प्रश्न 11.

पादप कोशिका तथा जन्तु कोशिका में छह अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्रम गुण / लक्षण पादप कोशिका जन्तु कोशिका

1. कोशिका भित्ति उपस्थित होती है (सेलुलोज की बनी) अनुपस्थित होती है

2. लवक (Plastids) उपस्थित होते हैं (जैसे हरित लवक) अनुपस्थित होते हैं

3. रसधानी (Vacuoles) बड़ी एवं केंद्रीय रसधानी होती है बहुत छोटी या अनुपस्थित होती हैं

4. तारककाय (Centrosome) सामान्यतः अनुपस्थित होता है उपस्थित होता है

5. कोशिका का आकार प्रायः निश्चित व आयताकार अनिश्चित या वृत्ताकार

6. संचित भोजन स्टार्च (मण्ड) के रूप में ग्लाइकोजन तथा वसा के रूप में

अथवा

(क) अस्थि तथा उपास्थि में दो अन्तर:

1. अस्थि कठोर, मजबूत और अवांछनीय रूप से कम लचीली होती है, जबकि उपास्थि कोमल और लचीली होती है।

2. अस्थि की आधात्री (matrix) कैल्सियम और फॉस्फोरस लवणों से युक्त होती है, जबकि उपास्थि की आधात्री कॉन्ड्रिन प्रोटीन की बनी होती है।

(ख) स्नायु तथा कंडरा में दो अन्तर:

1. स्नायु (Ligament) एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ता है, जबकि कंडरा (Tendon) पेशी को अस्थि से जोड़ता है।

2. स्नायु अत्यधिक लचीला और प्रत्यास्थ होता है, जबकि कंडरा मजबूत और कम लचीला होता है।

(ग) जाइलम तथा फ्लोएम में दो अन्तर:

1. जाइलम जड़ों से जल एवं खनिज लवणों का परिवहन पौधों के ऊपरी अंगों तक करता है, जबकि फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।

2. जाइलम में परिवहन एकदिशीय (ऊपर की ओर) होता है, जबकि फ्लोएम में परिवहन दोनों दिशाओं (ऊपर व नीचे) में हो सकता है।