Solution

Up Board Class 9th Science Annual Paper 2026 A

कक्षा 9वीं · विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा

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प्रश्न 1.

त्वरण S.I. का मात्रक है---

(A) मी/से

(B) मी/से²

(C) किमी मी/से

(D) न्यूटन/मीटर

उत्तर:

(B) मी/से²

कारण: त्वरण (Acceleration) वेग में परिवर्तन की दर होती है, अर्थात त्वरण = (वेग)/(समय)। अतः इसका S.I. मात्रक मीटर/सेकंड² (m/s²) होता है।

प्रश्न 2.

5 किग्रा का एक पिण्ड 10 मी/से की नियत चाल से एक सरल रेखा में चल रहा है पिण्ड पर परिणामी बल लगेगा---

(A) 50 न्यूटन

(B) 0.5 न्यूटन

(C) शून्य

(D) 2 न्यूटन

उत्तर:

(C) शून्य

कारण: पिण्ड नियत चाल से सरल रेखा में गतिमान है, जिससे इसका त्वरण a = 0 है। न्यूटन के द्वितीय नियम (F = m · a) के अनुसार, जब त्वरण शून्य होता है, तो परिणामी बल भी शून्य (0) होता है।

प्रश्न 3.

किसी वस्तु का जड़त्व निर्भर करता है---

(A) वस्तु के द्रव्यमान पर

(B) वस्तु के त्वरण पर

(C) वस्तु की चाल पर

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) वस्तु के द्रव्यमान पर

कारण: जड़त्व वस्तु का वह स्वाभाविक गुण है जो उसकी विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है। वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व की माप होता है; द्रव्यमान अधिक होने पर जड़त्व भी अधिक होता है।

प्रश्न 4.

गुरुत्वीय त्वरण g तथा गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G में सम्बन्ध है---

(A) g = (GM)/(R)

(B) G = (gM)/(R²)

(C) g = (GM)/(R²)

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(C) g = (GM)/(R²)

कारण: पृथ्वी के पृष्ठ पर गुरुत्वीय बल F = (G M m)/(R²) होता है और F = m g से तुलना करने पर g = (GM)/(R²) प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.

ऊर्जा का S.I. मात्रक है---

(A) न्यूटन

(B) न्यूटन × मीटर²

(C) जूल/से.

(D) जूल/मीटर

उत्तर:

जूल (Joule)

स्पष्टीकरण: ऊर्जा का अंतर्राष्ट्रीय (S.I.) मात्रक जूल (Joule) होता है (जहाँ 1 जूल = 1 न्यूटन × मीटर)।

प्रश्न 6.

बल तथा विस्थापन के बीच 90^° का कोण है तो कार्य का परिमाण होगा---

(A) F · S

(B) -F · S

(C) 0

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(C) 0

कारण: कार्य का सूत्र W = F · S · θ होता है। जब θ = 90^° हो, तो 90^° = 0 होता है। अतः W = F · S · 0 = 0 होगा।

प्रश्न 7.

ध्वनि तरंगें होती हैं---

(A) विद्युत चुम्बकीय तरंगें

(B) अनुप्रस्थ तरंगें

(C) अवश्रव्य तरंगें

(D) प्रकाशीय तरंगें

उत्तर:

(C) अवश्रव्य तरंगें

कारण: ध्वनि तरंगें यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं। 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों को अवश्रव्य तरंगें (Infrasonic waves) कहा जाता है।

प्रश्न 8.

अन्तराणुक स्थान सबसे अधिक होता है---

(A) ठोसों में

(B) द्रवों में

(C) गैसों में

(D) इन सभी में

उत्तर:

(C) गैसों में

कारण: गैसों के कणों के बीच आकर्षण बल सबसे कम (नगण्य) होता है, जिसके कारण गैसों के कणों के मध्य अन्तराणुक स्थान (intermolecular space) सर्वाधिक होता है।

प्रश्न 9.

निम्नलिखित में से तत्व है---

(A) वायु

(B) ऑक्सीजन

(C) जल

(D) मिट्टी

उत्तर:

(B) ऑक्सीजन

कारण: ऑक्सीजन (O₂) एक शुद्ध तत्व है जिसे रासायनिक विधियों द्वारा अन्य सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। वायु और मिट्टी मिश्रण हैं, तथा जल एक यौगिक (H₂O) है।

प्रश्न 10.

निम्नलिखित में से कौन कोलॉयडी विलयन नहीं है---

(A) गोंद

(B) नमक का जलीय विलयन

(C) दूध

(D) रुधिर

उत्तर:

(B) नमक का जलीय विलयन

कारण: नमक का जलीय विलयन एक वास्तविक विलयन (True Solution) है, जबकि गोंद, दूध तथा रुधिर कोलॉयडी विलयन हैं।

प्रश्न 11.

सोडियम का प्रतीक है---

(A) S

(B) Ni

(C) Ne

(D) Na

उत्तर:

(D) Na

कारण: सोडियम का लैटिन नाम Natrium है, इसलिए इसका रासायनिक प्रतीक Na है।

प्रश्न 12.

न्यूट्रॉन के खोजकर्ता थे---

(A) जे. जे. टॉम्पसन

(B) चैडविक

(C) रदरफोर्ड

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) चैडविक

कारण: न्यूट्रॉन की खोज सन् 1932 में जेम्स चैडविक (James Chadwick) ने की थी।

प्रश्न 13.

प्रथम कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या होती है---

(A) 2

(B) 4

(C) 6

(D) 8

उत्तर:

(A) 2

कारण: बोर-बरी नियम के अनुसार किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2n² होती है। प्रथम कक्षा (n = 1) के लिए इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2(1)² = 2 होती है।

प्रश्न 14.

प्रत्येक जीवधारी की सूक्ष्मतम संरचनात्मक इकाई है---

(A) कोशिका

(B) माइटोकाण्ड्रिया

(C) राइबोसोम

(D) केन्द्रक

उत्तर:

(A) कोशिका

कारण: कोशिका (Cell) सभी सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।

प्रश्न 15.

सामान्य मनुष्य में कितने गुणसूत्र होते हैं---

(A) 45

(B) 46

(C) 30

(D) 25

उत्तर:

(B) 46

कारण: मानव की प्रत्येक कायिक कोशिका में 23 जोड़े अर्थात कुल 46 गुणसूत्र (Chromosomes) पाए जाते हैं।

प्रश्न 16.

केन्द्रक की खोज की---

(A) श्लीडन ने

(B) ब्राउन ने

(C) श्लीडन तथा श्वान दोनों ने

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) ब्राउन ने

कारण: कोशिका के केन्द्रक (Nucleus) की खोज रॉबर्ट ब्राउन (Robert Brown) ने सन् 1831 में की थी।

प्रश्न 17.

रुधिर का रंग लाल किसके कारण होता है ?

(A) हीमोग्लोबिन

(B) हीमोसाइनिन

(C) मायोग्लोबिन

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) हीमोग्लोबिन

कारण: लाल रक्त कणिकाओं (RBCs) में हीमोग्लोबिन नामक लौह-युक्त प्रोटीन वर्णक पाया जाता है, जिसके कारण रुधिर का रंग लाल होता है।

प्रश्न 18.

पौधों में कोशिकाओं की सबसे बाहरी परत होती है---

(A) एपिडर्मिस

(B) हाइपोडर्मिस

(C) वल्कुट

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) एपिडर्मिस

कारण: पौधों के बाह्य भागों (पत्तियों, तनों, जड़ों) की सबसे बाहरी कोशिकीय परत को एपिडर्मिस (बाह्यत्वचा) कहते हैं।

प्रश्न 19.

अस्थियों को अस्थियों से जोड़ता है---

(A) कण्डरा

(B) वसा ऊतक

(C) स्नायु

(D) पेशी ऊतक

उत्तर:

(C) स्नायु

कारण: स्नायु (Ligament) एक लचीला संयोजी ऊतक है जो एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ता है। (कण्डरा/Tendon मांसपेशियों को अस्थि से जोड़ता है)।

प्रश्न 20.

अन्न भण्डारण के नियन्त्रण तथा रोकथाम के लिए कौन सा उपाय किया जाता है---

(A) भण्डारण कक्ष की भलीभांति स्वच्छता

(B) उत्पाद को भलीभांति सुखाना

(C) धूमण

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर:

(D) उपरोक्त सभी

कारण: खाद्यान्न को कीटों, नमी तथा सूक्ष्मजीवों से सुरक्षित रखने के लिए भण्डारण कक्ष की सफाई, अनाज को सुखाना तथा धूमण (fuming) ये सभी प्रक्रियाएं आवश्यक हैं।

प्रश्न 1.

(क) वेग तथा विस्थापन में दो अन्तर लिखिए।

(ख) चाल तथा दूरी में दो अन्तर लिखिए।

उत्तर:

(क) वेग तथा विस्थापन में अन्तर:

1. परिभाषा: नियत दिशा में एकांक समय में तय की गई दूरी वेग कहलाती है, जबकि दो बिंदुओं के बीच की न्यूनतम सीधी दूरी को विस्थापन कहते हैं।

2. राशि का प्रकार: वेग एक सदिश राशि है, जबकि विस्थापन भी एक सदिश राशि है। (अथवा: वेग का मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है, तथा विस्थापन का मान भी धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है)।

(ख) चाल तथा दूरी में अन्तर:

1. परिभाषा: एकांक समय में तय की गई कुल पथ की लंबाई को चाल कहते हैं, जबकि किसी वस्तु द्वारा तय किए गए पूरे पथ की लंबाई को दूरी कहते हैं।

2. राशि का प्रकार: चाल तथा दूरी दोनों अदिश राशियाँ हैं; दूरी सदैव धनात्मक या शून्य होती है (कभी ऋणात्मक नहीं होती), जबकि चाल भी सदैव धनात्मक होती है।

प्रश्न 2.

किसी m द्रव्यमान के पिण्ड पर 250 न्यूटन का बल 4 सेकण्ड तक कार्य करने पर उसमें 10 मी/से का वेग उत्पन्न हो जाता है m का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया है:

• बल (F) = 250 N

• समय (t) = 4 s

• उत्पन्न वेग (v) = 10 m/s

• प्रारंभिक वेग (u) = 0 m/s (विरामावस्था मानते हुए)

सूत्र:

त्वरण (a) = (v - u)/(t) = (10 - 0)/(4) = 2.5 m/s²

न्यूटन के द्वितीय नियमानुसार:

F = m · a

250 = m × 2.5

m = (250)/(2.5) = 100 kg

उत्तर: पिण्ड का द्रव्यमान m = 100 किग्रा है।

प्रश्न 3.

50 किग्रा तथा 120 किग्रा के दो पिण्डों के बीच 10 मीटर की दूरी है उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल का मान क्या होगा जबकि G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² है?

उत्तर:

दिया है:

• प्रथम पिण्ड का द्रव्यमान (m₁) = 50 kg

• द्वितीय पिण्ड का द्रव्यमान (m₂) = 120 kg

• दोनों पिण्डों के बीच की दूरी (r) = 10 m

• सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²

सूत्र:

F = (G · m₁ · m₂)/(r²)

मान रखने पर:

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 50 × 120(10)²

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 6000100

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 60

F = 400.2 × 10⁻¹¹ = 4.002 × 10⁻⁹ N

उत्तर: दोनों पिण्डों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन होगा।

प्रश्न 4.

गतिज ऊर्जा तथा गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं उदाहरण देकर समझाइये। किसी 4 किग्रा के पिण्ड की गतिज ऊर्जा 200 जूल है तो उसका संवेग कितना होगा ?

उत्तर:

1. गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy):

किसी वस्तु में उसकी गति के कारण निहित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।

• उदाहरण: बहती हुई हवा, चलता हुआ वाहन, या धनुष से छूटा हुआ तीर।

• सूत्र: K = (1)/(2) m v²

2. गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy):

किसी वस्तु में पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के विरुद्ध उसकी विशेष स्थिति या ऊँचाई के कारण संचित ऊर्जा को गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

• उदाहरण: बांध में रुका हुआ पानी, या टेबल पर रखी हुई वस्तु।

• सूत्र: U = m g h

3. आंकिक प्रश्न (Numerical):

दिया है:

• द्रव्यमान (m) = 4 kg

• गतिज ऊर्जा (K) = 200 J

गतिज ऊर्जा तथा संवेग में सम्बन्ध:

K = (p²)/(2m)

p² = 2 · m · K

p² = 2 × 4 × 200 = 1600

p = √(1600) = 40 kg·m/s

उत्तर: पिण्ड का संवेग 40 किग्रा·मीटर/सेकंड होगा।

(अथवा)

प्रश्न 4 (अथवा).

परिभाषित कीजिए---

(i) आयाम

(ii) आवर्तकाल

(iii) आवृत्ति

(iv) तरंगदैर्ध्य

(v) तारत्व

(vi) दोलन की कला

उत्तर:

(i) आयाम (Amplitude):

तरंग की गति के दौरान माध्यम के कणों द्वारा उनकी साम्यावस्था से दोनों ओर किया गया अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है। इसे A से प्रदर्शित करते हैं।

(ii) आवर्तकाल (Time Period):

माध्यम के किसी कण को एक पूरा दोलन या कम्पन करने में जितना समय लगता है, उसे आवर्तकाल कहते हैं। इसे T से प्रदर्शित करते हैं तथा इसका मात्रक सेकंड है।

(iii) आवृत्ति (Frequency):

माध्यम का कोई कण एक सेकंड में जितने दोलन या कम्पन पूरा करता है, उसे आवृत्ति कहते हैं। इसे n या ν से प्रदर्शित करते हैं। इसका मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) होता है।

(iv) तरंगदैर्ध्य (Wavelength):

तरंग द्वारा एक आवर्तकाल में तय की गई दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। अनुप्रस्थ तरंग में दो क्रमागत श्रृंगों या गर्तों के बीच की दूरी तरंगदैर्ध्य होती है। इसे λ से निरूपित करते हैं।

(v) तारत्व (Pitch):

तारत्व ध्वनि का वह गुण है जिससे ध्वनि का पतला (तीक्ष्ण) या भारी (मोटा) होना पहचाना जाता है। तारत्व ध्वनि की आवृत्ति पर निर्भर करता है।

(vi) दोलन की कला (Phase of Oscillation):

किसी क्षण दोलन करते हुए कण की स्थिति तथा उसकी गति की दिशा को व्यक्त करने वाली भौतिक राशि को दोलन की कला कहते हैं।

प्रश्न 5.

कथन तथा वाष्पन में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्र. सं. कथन (Boiling) वाष्पन (Evaporation)

1. यह एक निश्चित ताप (क्वथनांक) पर ही होता है। यह सभी तापों पर स्वतः होता रहता है।

2. यह द्रव के संपूर्ण आयतन (थोक) में होता है। यह केवल द्रव की सतह पर होने वाली प्रक्रिया है।

3. इसमें बुलबुले उत्पन्न होते हैं। इसमें बुलबुले उत्पन्न नहीं होते हैं।

4. कथन से शीतलन (ठंडक) उत्पन्न नहीं होती। वाष्पन की प्रक्रिया से शीतलन (ठंडक) उत्पन्न होती है।

प्रश्न 6.

परिभाषित कीजिए---

(i) समांगी मिश्रण

(ii) विषमांगी मिश्रण

(iii) कोलॉयडी विलयन

(iv) संतृप्त विलयन

उत्तर:

(i) समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture):

वह मिश्रण जिसके प्रत्येक भाग में उसके अवयवों का संगठन और गुण समान होते हैं, समांगी मिश्रण कहलाता है। उदाहरण: जल में नमक या चीनी का घोल।

(ii) विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture):

वह मिश्रण जिसके विभिन्न भागों में उसके अवयवों का संगठन और गुण समान नहीं होते, विषमांगी मिश्रण कहलाता है। उदाहरण: बालू और नमक का मिश्रण, तेल और जल का मिश्रण।

(iii) कोलॉयडी विलयन (Colloidal Solution):

वह विषमांगी मिश्रण जिसमें परिक्षिप्त कणों का आकार 1 nm से 1000 nm के बीच होता है तथा ये कण नग्न आँखों से नहीं दिखाई देते किन्तु टिंडल प्रभाव दर्शाते हैं, कोलॉयडी विलयन कहलाता है। उदाहरण: दूध, रक्त, गोंद।

(iv) संतृप्त विलयन (Saturated Solution):

किसी निश्चित ताप पर वह विलयन जिसमें विलेय पदार्थ की और अधिक मात्रा न घोली जा सके, संतृप्त विलयन कहलाता है।

प्रश्न 7.

परमाणु किसे कहते हैं। डाल्टन का परमाणुवाद क्या है स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

परमाणु (Atom):

किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रियाओं में बिना अपघटित हुए भाग लेता है तथा स्वतंत्र अवस्था में रह भी सकता है और नहीं भी, परमाणु कहलाता है।

डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory):

जॉन डाल्टन ने सन् 1808 में पदार्थ की संरचना से सम्बंधित परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

1. सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से मिलकर बने हैं, जिन्हें परमाणु कहते हैं।

2. परमाणु अविभाज्य हैं, अर्थात इन्हें न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

3. किसी एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार, द्रव्यमान तथा रासायनिक गुणों में पूर्णतः समान होते हैं।

4. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न-भिन्न द्रव्यमान व रासायनिक गुणों वाले होते हैं।

5. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्याओं के सरल अनुपात में संयोजन करके यौगिक (अणु) बनाते हैं।

6. रासायनिक अभिक्रियाओं में केवल परमाणुओं का पुनर्गठन होता है।

(अथवा)

प्रश्न 7 (अथवा).

रदरफोर्ड परमाणु मॉडल क्या है? रदरफोर्ड परमाणु मॉडल की कमियों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:

रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (Rutherford's Atomic Model):

रदरफोर्ड ने α-कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर निम्नलिखित परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया:

1. परमाणु का सम्पूर्ण धनावेश तथा लगभग सम्पूर्ण द्रव्यमान उसके केंद्र में एक अत्यंत सूक्ष्म स्थान में केंद्रित रहता है, जिसे नाभिक (Nucleus) कहते हैं।

2. नाभिक का आकार परमाणु के कुल आकार की तुलना में बहुत छोटा होता है।

3. इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं में तीव्र गति से चक्कर लगाते हैं।

4. परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है क्योंकि नाभिक पर धनावेश की मात्रा इलेक्ट्रॉनों के कुल ऋणावेश के बराबर होती है।

रदरफोर्ड परमाणु मॉडल की कमियाँ:

1. परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या न कर पाना: मैक्सवेल के विद्युत-चुंबकीय सिद्धांत के अनुसार, त्वरित आवेशित कण (इलेक्ट्रॉन) निरंतर ऊर्जा का विकिरण करेगा। जिससे उसकी कक्षा की त्रिज्या घटती जाएगी और अंततः इलेक्ट्रॉन नाभिक में गिर जाएगा। अतः यह मॉडल परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं कर सका।

2. इलेक्ट्रॉनिक संरचना का स्पष्ट न होना: यह मॉडल नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉनों के वितरण तथा उनकी ऊर्जा के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देता।

प्रश्न 8.

यूकैरियोटिक तथा प्रोकैरियोटिक कोशिका में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्र. सं. लक्षण प्रोकैरियोटिक कोशिका यूकैरियोटिक कोशिका

1. केन्द्रक स्पष्ट एवं विकसित केन्द्रक नहीं होता (केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित)। पूर्ण विकसित एवं सुस्पष्ट केन्द्रक पाया जाता है।

2. कोशिकांग झिल्लीयुक्त कोशिकांग (जैसे माइटोकाण्ड्रिया, गॉल्जीकॉय) अनुपस्थित होते हैं। सभी झिल्लीयुक्त कोशिकांग उपस्थित होते हैं।

3. राइबोसोम 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं। 80S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं।

4. उदाहरण जीवाणु (Bacteria) तथा नील-हरित शैवाल। पादप तथा जंतु कोशिकाएं।

प्रश्न 9.

एपिडर्मिस किसे कहते हैं इसके कार्यों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

एपिडर्मिस (Epidermis / बाह्यत्वचा):

पौधों के अंगों (पत्तियों, तनों, जड़ों तथा पुष्पों) की सबसे बाहरी सुरक्षात्मक कोशिकीय परत को एपिडर्मिस कहते हैं। यह प्रायः एक कोशिकीय मोटी परत होती है।

एपिडर्मिस के कार्य:

1. सुरक्षा: यह पौधों के आंतरिक ऊतकों की बाह्य आघातों, संक्रमणों तथा हानिकारक परजीवियों से सुरक्षा करती है।

2. जल हानि रोकना: इस पर क्यूटिकल (Cuticle) की परत होती है जो वाष्पोत्सर्जन (transpiration) द्वारा होने वाली जल की हानि को कम करती है।

3. गैसों का विनिमय: पत्तियों की एपिडर्मिस में रंध्र (Stomata) उपस्थित होते हैं जो प्रकाश-संश्लेषण एवं श्वसन हेतु गैसों के विनिमय में सहायक होते हैं।

4. जल अवशोषण: जड़ों की एपिडर्मिस में पाए जाने वाले मूलरोम (Root hairs) मृदा से जल एवं खनिज लवणों का अवशोषण करते हैं।

प्रश्न 10.

पशुपालन से आप क्या समझते हैं पशुपालन से लाभ तथा उद्देश्य बताइए।

उत्तर:

पशुपालन (Animal Husbandry):

पशुधन (जैसे गाय, भैंस, भेड़, बकरी, मुर्गी आदि) के संवर्धन, देखभाल, आहार, प्रजनन तथा स्वास्थ्य प्रबंधन के विज्ञान को पशुपालन कहते हैं।

पशुपालन के लाभ तथा उद्देश्य:

1. दुग्ध उत्पादन: उन्नत किस्म के दुधारू पशुओं (गाय, भैंस) के पालन से दूध एवं दुग्ध-उत्पाद पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होते हैं।

2. मांस एवं अंडा उत्पादन: मुर्गीपालन (पोल्ट्री) व बकरी पालन से उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन-युक्त आहार (अंडे व मांस) प्राप्त होता है।

3. कृषि कार्य: बैल, भैंसे आदि का उपयोग खेतों की जुताई, सिंचाई तथा भार ढोने के लिए किया जाता है।

4. जैविक खाद एवं ईंधन: पशुओं के गोबर से गोबर गैस (बायोगैस) तथा उत्तम जैविक खाद (कंपोस्ट) प्राप्त होती है।

5. रोजगार एवं आर्थिक उन्नति: पशुपालन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने एवं स्वरोजगार का एक प्रमुख साधन है।

प्रश्न 11.

(क) रेखित तथा अरेखित पेशियों में तीन अन्तर लिखिए।

(ख) स्नायु तथा कण्डरा में तीन अन्तर लिखिए।

उत्तर:

(क) रेखित तथा अरेखित पेशियों में अन्तर:

क्र. सं. रेखित पेशी (Striated Muscle) अरेखित पेशी (Unstriated Muscle)

1. इसमें एकांतर क्रम में हल्की तथा गहरी पट्टियाँ (धारियाँ) पाई जाती हैं। इसमें कोई धारियाँ या पट्टियाँ नहीं पाई जाती हैं।

2. यह ऐच्छिक पेशी है (हमारी इच्छा अनुसार कार्य करती है)। यह अनैच्छिक पेशी है (इच्छा अनुसार नियंत्रित नहीं होती)।

3. ये कोशिकाएं बहुकेन्द्रकीय तथा बेलनाकार होती हैं। ये कोशिकाएं एककेन्द्रकीय तथा तर्कुरूप (Spindle-shaped) होती हैं।

(ख) स्नायु तथा कण्डरा में अन्तर:

क्र. सं. लक्षण स्नायु (Ligament) कण्डरा (Tendon)

1. जोड़ने का कार्य यह अस्थि को अस्थि से जोड़ता है। यह पेशी को अस्थि से जोड़ता है।

2. लचीलापन यह अत्यधिक लचीला तथा मजबूत होता है। यह मजबूत किंतु कम लचीला होता है।

3. ऊतक संरचना इसमें पीले तंतु (Yellow elastic fibers) अधिक होते हैं। इसमें श्वेत तंतु (White fibrous tissue) अधिक होते हैं।

(अथवा)

प्रश्न 11 (अथवा).

पादप कोशिका की संरचना का इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी चित्र बनाइये तथा उसके भागों के नामांकित कीजिए।

उत्तर:

पादप कोशिका की इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी संरचना विवरण व मुख्य भाग:

[कोशिका भित्ति (Cell Wall)]

/

+---------+-----------------------------+

/

[कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)]

+---------------------------+

(हरितलवक/Chloroplast)

+---------------+

बड़ी रसीधानी

(Vacuole)

+---------------+

(माइटोकाण्ड्रिया)

(केन्द्रक / Nucleus)

(गॉल्जीकाय / Golgi)

(अन्तर्द्रव्यी जालिका)

+---------------------------+

+---------------------------------------+

पादप कोशिका के प्रमुख नामांकित भाग:

1. कोशिका भित्ति (Cell Wall): सेल्यूलोज़ की बनी सबसे बाहरी कठोर सुरक्षात्मक परत।

2. कोशिका झिल्ली (Plasma Membrane): कोशिका भित्ति के अंदर स्थित अर्धपारगम्य झिल्ली।

3. केन्द्रक (Nucleus): कोशिका की जैविक क्रियाओं का नियंत्रण केंद्र।

4. माइटोकाण्ड्रिया (Mitochondria): कोशिका का पावर हाउस (ऊर्जा गृह)।

5. हरितलवक (Chloroplast): प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण करने वाला लवक।

6. बड़ी रसधानी (Vacuole): कोशिका के मध्य में स्थित जल व पदार्थों का भंडारण करने वाली बड़ी थैलानुकूल संरचना।

7. अन्तर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum): प्रोटीन एवं लिपिड संश्लेषण का स्थान।

8. गॉल्जीकाय (Golgi Apparatus): पदार्थों के स्रावण एवं परिवहन हेतु ज़िम्मेदार अंगक।