Solution

UP Board Class 9th Science Annual Paper 2025 A Code

कक्षा 9वीं · विज्ञान · 2025 · बोर्ड परीक्षा

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प्रश्न 1.

त्वरण किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए। 10 सेकण्ड में एक कार का वेग 36 किमी/घण्टा से बढ़कर 72 किमी/घण्टा हो जाता है, कार का त्वरण ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

परिभाषा: किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।

मात्रक: त्वरण का SI मात्रक मीटर/सेकण्ड² है।

दिया है:

प्रारम्भिक वेग (u) = 36 किमी/घण्टा = 36 × (5/18) = 10 मीटर/सेकण्ड

अन्तिम वेग (v) = 72 किमी/घण्टा = 72 × (5/18) = 20 मीटर/सेकण्ड

समय (t) = 10 सेकण्ड

ज्ञात सूत्र:

a = (v - u) / t

हल:

a = (20 - 10) / 10

a = 10 / 10

a = 1 मीटर/सेकण्ड²

अतः उत्तर:

कार का त्वरण 1 मीटर/सेकण्ड² है।

प्रश्न 2.

संवेग किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए। 5 किग्रा द्रव्यमान की एक गतिशील वस्तु का संवेग 20 किग्रा मी/से है, तो वस्तु का वेग ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

परिभाषा: किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा उसके वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।

मात्रक: संवेग का SI मात्रक किग्रा मीटर/सेकण्ड है।

दिया है:

द्रव्यमान (m) = 5 किग्रा

संवेग (p) = 20 किग्रा मीटर/सेकण्ड

ज्ञात सूत्र:

p = m × v

v = p / m

हल:

v = 20 / 5

v = 4 मीटर/सेकण्ड

अतः उत्तर:

वस्तु का वेग 4 मीटर/सेकण्ड है।

प्रश्न 3.

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण बल का नियम लिखिए। 50 किग्रा तथा 120 किग्रा द्रव्यमान के दो पिण्ड 10 मीटर की दूरी पर स्थित हैं उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल की गणना कीजिए।

उत्तर:

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम:

इस नियमानुसार, ब्रह्मांड में किन्हीं दो पिण्डों के बीच लगने वाला आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

सूत्र: F = G × (m1 × m2) / r²

दिया है:

प्रथम पिण्ड का द्रव्यमान (m1) = 50 किग्रा

द्वितीय पिण्ड का द्रव्यमान (m2) = 120 किग्रा

बीच की दूरी (r) = 10 मीटर

गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) = 6.67 × 10⁻¹¹ न्यूटन मीटर²/किग्रा²

ज्ञात सूत्र:

F = G × (m1 × m2) / r²

हल:

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × (50 × 120) / (10)²

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 6000 / 100

F = 6.67 × 10⁻¹¹ × 60

F = 400.2 × 10⁻¹¹

F = 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन

अतः उत्तर:

दोनों पिण्डों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन है।

प्रश्न 4.

यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त लिखिए तथा दर्शाइए कि स्वतंत्र रूप से गुरुत्व के अधीन गिरते हुए पिण्ड की कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है।

उत्तर:

यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त:

जब किसी निकाय पर केवल संरक्षी बल कार्य कर रहे हों, तो उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) सदैव नियत रहती है। ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।

सिद्धकरण (Proof):

माना m द्रव्यमान का एक पिण्ड पृथ्वी सतह से h ऊँचाई पर स्थित बिन्दु A पर स्थिर रखा है।

1. बिन्दु A पर (उच्चतम बिन्दु, ऊँचाई = h, प्रारम्भिक वेग u = 0):

गतिज ऊर्जा (K1) = (1/2) × m × (0)² = 0

स्थितिज ऊर्जा (U1) = m × g × h

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E1) = K1 + U1 = 0 + m × g × h = m × g × h

2. बिन्दु B पर (पिण्ड x दूरी नीचे गिर चुका है, ऊँचाई = h - x):

तीसरे गति समीकरण से: v² = u² + 2gx = 0 + 2gx = 2gx

गतिज ऊर्जा (K2) = (1/2) × m × v² = (1/2) × m × (2gx) = m × g × x

स्थितिज ऊर्जा (U2) = m × g × (h - x)

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E2) = K2 + U2 = m × g × x + m × g × (h - x) = m × g × h

3. बिन्दु C पर (पृथ्वी की सतह पर पहुँचने के ठीक पहले, ऊँचाई = 0, तय दूरी = h):

तीसरे गति समीकरण से: v² = u² + 2gh = 0 + 2gh = 2gh

गतिज ऊर्जा (K3) = (1/2) × m × v² = (1/2) × m × (2gh) = m × g × h

स्थितिज ऊर्जा (U3) = m × g × 0 = 0

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E3) = K3 + U3 = m × g × h + 0 = m × g × h

अतः गति के प्रत्येक बिन्दु (A, B तथा C) पर पिण्ड की कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत (m × g × h) बनी रहती है।

प्रश्न 4.

(अथवा)

तरंग गति में आयाम, आवृत्ति तथा आवर्तकाल तथा तरंगदैर्घ्य को परिभाषित कीजिए। यदि तरंग का आवर्तकाल 4 × 10⁻³ सेकण्ड तथा तरंगदैर्घ्य 60 सेमी है, तरंग की चाल तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

परिभाषाएँ:

1. आयाम: तरंग संचरण के समय माध्यम के कण का अपनी साम्यावस्था से दोनों ओर होने वाला अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है।

2. आवृत्ति: माध्यम के किसी कण द्वारा एक सेकण्ड में पूर्ण किए गए कम्पनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसका मात्रक हर्ट्ज़ होता है।

3. आवर्तकाल: तरंग द्वारा एक कम्पन पूरा करने में लिया गया समय आवर्तकाल कहलाता है।

4. तरंगदैर्घ्य: एक आवर्तकाल में तरंग द्वारा तय की गई दूरी को तरंगदैर्घ्य कहते हैं।

दिया है:

आवर्तकाल (T) = 4 × 10⁻³ सेकण्ड

तरंगदैर्घ्य (λ) = 60 सेमी = 0.6 मीटर

ज्ञात सूत्र:

आवृत्ति (n) = 1 / T

तरंग चाल (v) = n × λ

हल:

1. आवृत्ति (n) = 1 / (4 × 10⁻³)

n = 1000 / 4

n = 250 हर्ट्ज़

2. तरंग चाल (v) = 250 × 0.6

v = 150 मीटर/सेकण्ड

अतः उत्तर:

तरंग की आवृत्ति 250 हर्ट्ज़ तथा तरंग की चाल 150 मीटर/सेकण्ड है।

प्रश्न 5.

क्वथन तथा वाष्पन में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्वथन तथा वाष्पन में चार मुख्य अन्तर निम्नलिखित हैं:

1. ताप सीमा: वाष्पन की क्रिया प्रत्येक ताप पर स्वतः होती रहती है, जबकि क्वथन केवल एक निश्चित ताप (क्वथनांक) पर ही होता है।

2. क्षेत्र: वाष्पन केवल द्रव की खुली सतह पर होता है, जबकि क्वथन पूरे द्रव में एक साथ होता है।

3. शीतलता: वाष्पन की क्रिया से शीतलता उत्पन्न होती है, जबकि क्वथन से शीतलता उत्पन्न नहीं होती।

4. प्रक्रिया की प्रकृति: वाष्पन एक मंद प्रक्रिया है और इसमें बुलबुले नहीं बनते, जबकि क्वथन एक तीव्र प्रक्रिया है और इसमें द्रव के भीतर बुलबुले बनते हैं।

प्रश्न 6.

यौगिक तथा मिश्रण में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

यौगिक तथा मिश्रण में चार मुख्य अन्तर निम्नलिखित हैं:

1. संघटन: यौगिक में दो या दो से अधिक तत्व रासायनिक रूप से एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में संयोजित होते हैं, जबकि मिश्रण में घटक किसी भी अनिश्चित अनुपात में केवल भौतिक रूप से मिले होते हैं।

2. गुणधर्म: यौगिक के गुणधर्म उसके अवयवी तत्वों के गुणों से पूर्णतः भिन्न होते हैं, जबकि मिश्रण अपने अवयवी घटकों के गुणों को प्रदर्शित करता है।

3. पृथक्करण: यौगिक के अवयवों को साधारण भौतिक विधियों द्वारा अलग नहीं किया जा सकता, जबकि मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण आदि) द्वारा पृथक किया जा सकता है।

4. ऊर्जा परिवर्तन: यौगिक बनते समय रासायनिक परिवर्तन के कारण ऊर्जा (ऊष्मा या प्रकाश) का उत्सर्जन या अवशोषण होता है, जबकि मिश्रण बनते समय सामान्यतः कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 7.

पानी में पत्थर डालने पर पानी की सतह पर उत्पन्न तरंगों की प्रकृति होती है--

(A) केवल अनुदैर्घ्य

(B) केवल अनुप्रस्थ

(C) अनुप्रस्थ तथा अनुदैर्घ्य दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) केवल अनुप्रस्थ

व्याख्या: पानी की सतह पर उत्पन्न तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं, क्योंकि जल के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं।

प्रश्न 8.

जिस ताप पर किसी द्रव का वाष्पदाब, वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है, उस ताप को कहा जाता है--

(A) हिमांक

(B) क्वथनांक

(C) गलनांक

(D) क्रान्तिक ताप

उत्तर:

(B) क्वथनांक

व्याख्या: जिस ताप पर द्रव का वाष्पदाब वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है, उसे द्रव का क्वथनांक कहते हैं।

प्रश्न 9.

किसी द्रव्य का ताप बढ़ाने पर उसमें विसरण की प्रक्रिया--

(A) धीमी हो जाती है

(B) तेज हो जाती है

(C) कोई असर नहीं होता है

(D) धीमी होकर रुक जाती है

उत्तर:

(B) तेज हो जाती है

व्याख्या: ताप बढ़ाने से कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे विसरण की दर तेज हो जाती है।

प्रश्न 10.

निम्नलिखित में यौगिक है--

(A) वायु

(B) जल

(C) मिट्टी

(D) नाइट्रोजन

उत्तर:

(B) जल

व्याख्या: जल (H₂O) हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के निश्चित भारानुपात में रासायनिक संयोग से बना यौगिक है।

प्रश्न 11.

पोटैशियम का प्रतीक है--

(A) P

(B) Pt

(C) K

(D) Po

उत्तर:

(C) K

व्याख्या: पोटैशियम का लैटिन नाम Kalium है, अतः इसका रासायनिक प्रतीक K होता है।

प्रश्न 12.

एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है, तो उसकी संयोजकता होगी--

(A) 0

(B) 6

(C) 4

(D) 2

उत्तर:

(D) 2

व्याख्या: तत्व के बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं, जिन्हें त्यागकर यह स्थाई अष्टक प्राप्त करता है, इसलिए इसकी संयोजकता 2 होगी।

प्रश्न 7.

अन्तर स्पष्ट कीजिए--

(क) परमाणु तथा अणु में तीन अन्तर।

(ख) समस्थानिक तथा समभारी में तीन अन्तर।

अथवा

उत्तर:

(क) परमाणु तथा अणु में तीन अन्तर:

1. परमाणु तत्व का वह सूक्ष्मतम कण है जो स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता (अक्रिय गैसों को छोड़कर), जबकि अणु तत्व या यौगिक का वह सूक्ष्मतम कण है जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है।

2. परमाणु सीधे रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है, जबकि अणु सामान्यतः सीधे रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेता।

3. परमाणु को रासायनिक क्रियाओं द्वारा विभाजित नहीं किया जा सकता, जबकि अणु विघटित होकर परमाणुओं में विभाजित हो सकता है।

(ख) समस्थानिक तथा समभारी में तीन अन्तर:

1. समस्थानिकों के परमाणु क्रमांक समान तथा द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, जबकि समभारियों के परमाणु क्रमांक भिन्न तथा द्रव्यमान संख्या समान होती है।

2. समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं, जबकि समभारी अलग-अलग तत्वों के परमाणु होते हैं।

3. समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं, जबकि समभारियों के रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।

अथवा

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 8.

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 9.

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 10.

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 11.

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 12.

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 13.

13. परमाणु का नाभिक होता है--

(A) धनावेशित

(B) ऋणावेशित

(C) उदासीन

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) धनावेशित

व्याख्या: परमाणु के नाभिक में धनावेशित प्रोटॉन तथा उदासीन न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं, जिससे नाभिक धनावेशित होता है।

प्रश्न 14.

14. कोशिका में श्वसन कोशिकांग कौन-सा है?

(A) केन्द्रक

(B) माइटोकॉन्ड्रिया

(C) राइबोसोम

(D) गॉल्जीकाय

उत्तर:

(B) माइटोकॉन्ड्रिया

व्याख्या: माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिकीय श्वसन की क्रिया सम्पन्न होती है और ATP के रूप में ऊर्जा मुक्त होती है।

प्रश्न 15.

15. जन्तु कोशिका में नहीं पायी जाती है--

(A) कोशिका भित्ति

(B) जीव कला

(C) जीवद्रव्य

(D) गुणसूत्र

उत्तर:

(A) कोशिका भित्ति

व्याख्या: कोशिका भित्ति केवल पादप कोशिकाओं में पाई जाती है, जन्तु कोशिकाओं में यह अनुपस्थित होती है।

प्रश्न 16.

16. फूलों का आकर्षण रंगों का कारण है--

(A) क्रोमोप्लास्ट

(B) क्लोरोप्लास्ट

(C) ल्यूकोप्लास्ट

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) क्रोमोप्लास्ट

व्याख्या: क्रोमोप्लास्ट (रंगीन लवक) पुष्पों और फलों को लाल, पीले, नारंगी आदि विभिन्न आकर्षक रंग प्रदान करता है।

प्रश्न 17.

17. जल का संवहन होता है--

(A) जाइलम द्वारा

(B) फ्लोएम द्वारा

(C) पत्तियों द्वारा

(D) कैम्बियम द्वारा

उत्तर:

(A) जाइलम द्वारा

व्याख्या: जाइलम ऊतक जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिज लवणों का पौधों के विभिन्न भागों तक संवहन करता है।

प्रश्न 18.

18. शरीर को ढकने तथा बाह्य रक्षा प्रदान करने वाला ऊतक है--

(A) एपिथीलियमी ऊतक

(B) तंत्रिका ऊतक

(C) संयोजी ऊतक

(D) पेशीय ऊतक

उत्तर:

(A) एपिथीलियमी ऊतक

व्याख्या: एपिथीलियमी ऊतक शरीर की बाहरी सतह को ढकता है तथा बाह्य आघातों से सुरक्षा प्रदान करता है।

प्रश्न 19.

19. मानव शरीर में दो अस्थियों को जोड़ने का कार्य करता है--

(A) उपास्थि

(B) स्नायु

(C) कंडरा

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

सही विकल्प: (B) स्नायु

व्याख्या: स्नायु (Ligament) मानव शरीर में दो अस्थियों को आपस में जोड़ने का कार्य करता है।

प्रश्न 20.

20. पशुओं के लिए चारा प्राप्त किया जाता है--

(A) बरसीम से

(B) सूडान घास से

(C) जई से

(D) इन सभी से

उत्तर:

सही विकल्प: (D) इन सभी से

व्याख्या: बरसीम, सूडान घास तथा जई ये सभी फसलें पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के रूप में उगाई जाती हैं।

प्रश्न 1.

1. त्वरण किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए। 10 सेकण्ड में एक कार का वेग 36 किमी/घण्टा से बढ़कर 72 किमी/घण्टा हो जाता है, कार का त्वरण ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

त्वरण की परिभाषा: किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की समय दर को त्वरण कहते हैं।

त्वरण का S.I. मात्रक: मीटर/सेकण्ड² (m/s²) होता है।

दिया है:

प्रारम्भिक वेग (u) = 36 किमी/घण्टा = 36 × (5/18) = 10 मीटर/सेकण्ड

अन्तिम वेग (v) = 72 किमी/घण्टा = 72 × (5/18) = 20 मीटर/सेकण्ड

समय (t) = 10 सेकण्ड

ज्ञात सूत्र:

त्वरण (a) = (v - u) / t

हल:

a = (20 - 10) / 10

a = 10 / 10

a = 1 मीटर/सेकण्ड²

अतः उत्तर:

कार का त्वरण 1 मीटर/सेकण्ड² है।

प्रश्न 2.

2. संवेग किसे कहते हैं? इसका मात्रक लिखिए। 5 किग्रा द्रव्यमान की एक गतिशील वस्तु का संवेग 20 किग्रा मी/से है, तो वस्तु का वेग ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

संवेग की परिभाषा: किसी वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।

संवेग का S.I. मात्रक: किग्रा मीटर/सेकण्ड (kg m/s) होता है।

दिया है:

द्रव्यमान (m) = 5 किग्रा

संवेग (p) = 20 किग्रा मीटर/सेकण्ड

ज्ञात सूत्र:

संवेग (p) = m × v

अतः वेग (v) = p / m

हल:

v = 20 / 5

v = 4 मीटर/सेकण्ड

अतः उत्तर:

वस्तु का वेग 4 मीटर/सेकण्ड है।

प्रश्न 3.

3. न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण बल का नियम लिखिए। 50 किग्रा तथा 120 किग्रा द्रव्यमान के दो पिण्ड 10 मीटर की दूरी पर स्थित हैं उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल की गणना कीजिए।

उत्तर:

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: ब्रह्मांड में किन्हीं दो पिण्डों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल उन पिण्डों के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

F = G × (m₁ × m₂) / r²

जहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है।

दिया है:

प्रथम पिण्ड का द्रव्यमान (m₁) = 50 किग्रा

द्वितीय पिण्ड का द्रव्यमान (m₂) = 120 किग्रा

पिण्डों के बीच की दूरी (r) = 10 मीटर

गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) = 6.67 × 10⁻¹¹ न्यूटन मीटर²/किग्रा²

ज्ञात सूत्र:

F = G × (m₁ × m₂) / r²

हल:

F = (6.67 × 10⁻¹¹) × (50 × 120) / (10)²

F = (6.67 × 10⁻¹¹) × 6000 / 100

F = (6.67 × 10⁻¹¹) × 60

F = 400.2 × 10⁻¹¹

F = 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन

अतः उत्तर:

दोनों पिण्डों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल 4.002 × 10⁻⁹ न्यूटन है।

प्रश्न 4.

4. यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त लिखिए तथा दर्शाइए कि स्वतंत्र रूप से गुरुत्व के अधीन गिरते हुए पिण्ड की कुल यांत्रिक ऊर्जा नियत रहती है।

उत्तर:

यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का सिद्धान्त:

यदि किसी निकाय पर केवल संरक्षी बल कार्य कर रहे हों, तो निकाय की कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का योग) सदैव नियत रहती है।

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E) = गतिज ऊर्जा (K) + स्थितिज ऊर्जा (U) = नियतांक।

गुरुत्व के अधीन स्वतंत्र रूप से गिरते पिण्ड की कुल यांत्रिक ऊर्जा का सत्यापन:

मान लीजिए m द्रव्यमान का एक पिण्ड पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई पर स्थित बिन्दु A पर स्थिर (विरामावस्था) में रखा है।

1. बिन्दु A पर (ऊँचाई h पर):

प्रारम्भिक वेग u = 0

गतिज ऊर्जा (K₁) = (1/2) × m × (0)² = 0

स्थितिज ऊर्जा (U₁) = m × g × h = mgh

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E₁) = K₁ + U₁ = 0 + mgh = mgh

2. बिन्दु B पर (h ऊँचाई से x दूरी नीचे गिरने पर):

पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी = x

पृथ्वी तल से ऊँचाई = h - x

तीसरे गति समीकरण से, v² = u² + 2gx = 0 + 2gx = 2gx

गतिज ऊर्जा (K₂) = (1/2) × m × v² = (1/2) × m × (2gx) = mgx

स्थितिज ऊर्जा (U₂) = m × g × (h - x) = mgh - mgx

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E₂) = K₂ + U₂ = mgx + mgh - mgx = mgh

3. बिन्दु C पर (पृथ्वी तल से ठीक टकराने से पूर्व):

पिण्ड द्वारा तय की गई कुल दूरी = h

ऊँचाई = 0

तीसरे गति समीकरण से, v² = u² + 2gh = 0 + 2gh = 2gh

गतिज ऊर्जा (K₃) = (1/2) × m × v² = (1/2) × m × (2gh) = mgh

स्थितिज ऊर्जा (U₃) = m × g × 0 = 0

कुल यांत्रिक ऊर्जा (E₃) = K₃ + U₃ = mgh + 0 = mgh

निष्कर्ष: E₁ = E₂ = E₃ = mgh

अतः स्वतंत्र रूप से गिरते हुए पिण्ड की कुल यांत्रिक ऊर्जा प्रत्येक बिन्दु पर नियत रहती है।

अथवा

तरंग गति में आयाम, आवृत्ति तथा आवर्तकाल तथा तरंगदैर्घ्य को परिभाषित कीजिए। यदि तरंग का आवर्तकाल 4 × 10⁻³ सेकण्ड तथा तरंगदैर्घ्य 60 सेमी है, तरंग की चाल तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

परिभाषाएं:

1. आयाम (Amplitude): तरंग संचरण के समय माध्यम का कोई कण अपनी साम्यावस्था से जितना अधिकतम विस्थापित होता है, उसे तरंग का आयाम कहते हैं। इसे A से प्रदर्शित करते हैं।

2. आवृत्ति (Frequency): माध्यम का कोई कण एक सेकण्ड में जितने कम्पन या चक्र पूरे करता है, उसे तरंग की आवृत्ति कहते हैं। इसका मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) होता है।

3. आवर्तकाल (Time Period): एक पूर्ण कम्पन करने में या एक पूरी तरंग उत्पन्न होने में लगे समय को आवर्तकाल कहते हैं। इसका मात्रक सेकण्ड (s) होता है।

4. तरंगदैर्घ्य (Wavelength): दो क्रमागत शृंगों या गर्तों (अथवा संपीडनों या विरलनों) के बीच की दूरी को तरंगदैर्घ्य कहते हैं। इसका मात्रक मीटर (m) होता है।

दिया है:

आवर्तकाल (T) = 4 × 10⁻³ सेकण्ड

तरंगदैर्घ्य (λ) = 60 सेमी = 0.6 मीटर

ज्ञात सूत्र:

आवृत्ति (n) = 1 / T

तरंग की चाल (v) = n × λ

हल:

1. आवृत्ति (n):

n = 1 / (4 × 10⁻³)

n = 1000 / 4

n = 250 हर्ट्ज़

2. तरंग की चाल (v):

v = n × λ

v = 250 × 0.6

v = 150 मीटर/सेकण्ड

अतः उत्तर:

तरंग की आवृत्ति 250 हर्ट्ज़ तथा तरंग की चाल 150 मीटर/सेकण्ड है।

प्रश्न 5.

क्वथन तथा वाष्पन में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

क्वथन तथा वाष्पन में चार प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं:

1. प्रक्रिया का ताप:

क्वथन एक निश्चित ताप (क्वथनांक) पर ही होता है, जबकि वाष्पन प्रत्येक ताप पर (द्रव के हिमांक से क्वथनांक तक) स्वतः होता रहता है।

2. प्रक्रिया का स्थान:

क्वथन सम्पूर्ण द्रव में होने वाली एक समष्टि (bulk) घटना है, जबकि वाष्पन केवल द्रव की ऊपरी सतह पर होने वाली सतही (surface) घटना है।

3. ताप पर प्रभाव (शीतलन):

वाष्पन के कारण द्रव तथा उसके आसपास ठंडक (शीतलन) उत्पन्न होती है, जबकि क्वथन से शीतलन उत्पन्न नहीं होता।

4. प्रक्रिया की गति:

क्वथन एक तीव्र प्रक्रिया है जिसमें द्रव के भीतर तेजी से बुलबुले बनते हैं, जबकि वाष्पन एक धीमी तथा शांत प्रक्रिया है।

प्रश्न 6.

यौगिक तथा मिश्रण में चार अन्तर लिखिए।

उत्तर:

यौगिक तथा मिश्रण में चार प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं:

1. संघटन:

यौगिक में घटकों का द्रव्यमान अनुपात सदैव निश्चित होता है, जबकि मिश्रण में घटकों को किसी भी अनिश्चित अनुपात में मिलाया जा सकता है।

2. गुणधर्म:

यौगिक के गुण उसके अवयवी तत्वों के गुणधर्मों से पूर्णतः भिन्न होते हैं, जबकि मिश्रण अपने अवयवी पदार्थों के गुणों को प्रदर्शित करता है।

3. पृथक्करण:

यौगिक के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पन आदि) द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता, जबकि मिश्रण के घटकों को सरल भौतिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है।

4. निर्माण में ऊर्जा परिवर्तन:

यौगिक बनने की प्रक्रिया में ऊष्मा या प्रकाश का उत्सर्जन अथवा अवशोषण होता है, जबकि मिश्रण बनने में सामान्यतः कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 7.

अन्तर स्पष्ट कीजिए--

(क) परमाणु तथा अणु में तीन अन्तर।

(ख) समस्थानिक तथा समभारी में तीन अन्तर।

उत्तर:

(क) परमाणु तथा अणु में तीन अन्तर:

1. स्वतन्त्र अस्तित्व:

परमाणु सामान्यतः स्वतन्त्र अवस्था में नहीं रह सकता (अक्रिय गैसों के परमाणुओं को छोड़कर), जबकि अणु स्वतन्त्र अवस्था में रह सकता है।

2. रासायनिक अभिक्रिया:

परमाणु किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण है जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है, जबकि अणु सामान्यतः रासायनिक अभिक्रिया में सीधे भाग नहीं लेता बल्कि पहले परमाणुओं में विभाजित होता है।

3. संरचना:

परमाणु मुख्य रूप से तीन मूल कणों (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन) से मिलकर बनता है, जबकि अणु दो या दो से अधिक समान या भिन्न परमाणुओं के रासायनिक संयोजन से बनता है।

(ख) समस्थानिक तथा समभारी में तीन अन्तर:

1. परमाणु क्रमांक एवं द्रव्यमान संख्या:

समस्थानिकों में परमाणु क्रमांक (प्रोटॉनों की संख्या) समान होता है किन्तु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, जबकि समभारिकों में द्रव्यमान संख्या समान होती है किन्तु परमाणु क्रमांक भिन्न होता है।

2. गुणधर्म:

समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान होते हैं किन्तु भौतिक गुण भिन्न होते हैं, जबकि समभारिकों के रासायनिक तथा भौतिक दोनों गुण भिन्न होते हैं।

3. आवर्त सारणी में स्थान:

समस्थानिकों को आवर्त सारणी में एक ही स्थान पर रखा जाता है, जबकि समभारिकों को आवर्त सारणी में अलग-अलग स्थानों पर रखा जाता है।

अथवा

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।