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UP Board Class 9th Science Annual Paper 2024 C Code

कक्षा 9वीं · विज्ञान · 2024 · बोर्ड परीक्षा

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वार्षिक परीक्षा, 2024 : विज्ञान (कक्षा - 9) - पूर्ण समाधान

खण्ड - 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न)

उपखण्ड - 'क' (भौतिक विज्ञान)

1. त्वरण का S.I. मात्रक है---

(A) मी/से

(B) मी/से²

(C) न्यूटन/मीटर

(D) मीटर

उत्तर: (B) मी/से²

व्याख्या: वेग परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं, और इसका S.I. मात्रक मीटर प्रति सेकण्ड वर्ग (m/s²) होता है।

2. निम्नलिखित में सदिश राशि है---

(A) दूरी

(B) चाल

(C) वेग

(D) कार्य

उत्तर: (C) वेग

व्याख्या: वेग में परिमाण के साथ-साथ निश्चित दिशा भी होती है, इसलिए यह एक सदिश राशि है (जबकि दूरी, चाल और कार्य अदिश राशियाँ हैं)।

3. बल का S.I. मात्रक है---

(A) मी/से²

(B) मी/से

(C) किग्रा मी/से²

(D) जूल

उत्तर: (C) किग्रा मी/से²

व्याख्या: न्यूटन के गति के द्वितीय नियम (F = m × a) के अनुसार बल का मात्रक किग्रा × मी/से² होता है, जिसे न्यूटन भी कहते हैं।

4. संवेग परिवर्तन की दर बराबर होती है---

(A) त्वरण के

(B) बल के

(C) वेग के

(D) कार्य के

उत्तर: (B) बल के

व्याख्या: न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर आरोपित बल के अनुक्रमानुपाती होती है।

5. चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी तल पर स्थित गुरुत्वीय त्वरण का होता है---

(A) 1/2 भाग

(B) 1/3 भाग

(C) 1/6 भाग

(D) 6 गुना

उत्तर: (C) 1/6 भाग

व्याख्या: चन्द्रमा का द्रव्यमान और त्रिज्या पृथ्वी से कम होने के कारण वहाँ गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का (1)/(6)वां भाग होता है।

6. यदि किसी पिण्ड का संवेग दो गुना कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा हो जायेगी---

(A) दो गुनी

(B) आधी

(C) चार गुनी

(D) एक चौथाई

उत्तर: (C) चार गुनी

व्याख्या: गतिज ऊर्जा और संवेग में सम्बन्ध E_k = (p²)/(2m) होता है। संवेग p को दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा (2)² = 4 यानी चार गुनी हो जाएगी।

7. आवृत्ति का S.I. मात्रक है---

(A) हर्ट्स

(B) मीटर

(C) मी/से

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (A) हर्ट्स

व्याख्या: आवृत्ति (Frequency) का S.I. मात्रक हर्ट्स (Hz) होता है।

उपखण्ड - 'ख' (रसायन विज्ञान)

8. निम्नलिखित में कौन-सा पदार्थ उर्ध्वपातज है---

(A) नमक

(B) अमोनियम क्लोराइड

(C) सोडियम क्लोराइड

(D) चीनी

उत्तर: (B) अमोनियम क्लोराइड

व्याख्या: अमोनियम क्लोराइड एक ऊर्ध्वपातज पदार्थ है जो गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे वाष्प में बदल जाता है।

9. तापमान का अन्तर्राष्ट्रीय मात्रक है---

(A) सेल्सियस

(B) केल्विन

(C) फारेनहाइट

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B) केल्विन

व्याख्या: तापमान का S.I. (अन्तर्राष्ट्रीय) मात्रक केल्विन (K) है।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कॉलोयॉडी विलयन नहीं है---

(A) रुधिर

(B) गोंद

(C) दूध

(D) नमक का जलीय विलयन

उत्तर: (D) नमक का जलीय विलयन

व्याख्या: नमक का जलीय विलयन एक वास्तविक (समांगी) विलयन है, कोलाइडी विलयन नहीं।

11. फेरिक सल्फेट का सूत्र है---

(A) Fe₂(SO₄)₃

(B) Fe₂SO₄

(C) FeSO₄

(D) Fe₂(SO₄)₂

उत्तर: (A) Fe₂(SO₄)₃

व्याख्या: फेरिक (Fe³⁺) और सल्फेट (SO₄²⁻) की संयोजकता के आधार पर सही रासायनिक सूत्र Fe₂(SO₄)₃ बनता है।

12. क्रोमियम का संकेत है---

(A) C

(B) Cr

(C) Tn

(D) Sn

उत्तर: (B) Cr

व्याख्या: क्रोमियम तत्व का रासायनिक प्रतीक Cr है।

13. एक तत्व का परमाणु क्रमांक 11 है तो उसकी संयोजकता होगी---

(A) 1

(B) 2

(C) 2, 3

(D) 3

उत्तर: (A) 1

व्याख्या: परमाणु क्रमांक 11 सोडियम (Na) का है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 होता है। इसके बाह्यतम कोष में 1 इलेक्ट्रॉन होने के कारण इसकी संयोजकता 1 होती है।

उपखण्ड - 'ग' (जीव विज्ञान)

14. माइटोकॉण्ड्रिया का सम्बन्ध है---

(A) श्वसन से

(B) जनन से

(C) उत्सर्जन से

(D) पाचक एन्जाइमों से

उत्तर: (A) श्वसन से

व्याख्या: माइटोकॉण्ड्रिया में कोशिकीय श्वसन की क्रिया सम्पन्न होती है, जिससे ऊर्जा उत्पन्न होती है।

15. केन्द्रक की खोज किसने की---

(A) रॉबर्ट हुक

(B) अल्टमान

(C) रॉबर्ट ब्राउन

(D) सिंगर

उत्तर: (C) रॉबर्ट ब्राउन

व्याख्या: कोशिका के केंद्रक की खोज 1831 में रॉबर्ट ब्राउन द्वारा की गई थी।

16. निम्नलिखित में जन्तु ऊतक नहीं है---

(A) जाइलम

(B) पेशीय ऊतक

(C) संयोजी ऊतक

(D) एपिथीलियम

उत्तर: (A) जाइलम

व्याख्या: जाइलम पौधों में पाया जाने वाला संवहन ऊतक है, जन्तु ऊतक नहीं।

17. तन्त्रिका ऊतक की इकाई है---

(A) न्यूरॉन

(B) साइटोन

(C) कोशा

(D) डेण्ड्रॉन

उत्तर: (A) न्यूरॉन

व्याख्या: न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई है।

18. यीस्ट किस वर्ग का जन्तु है---

(A) कवक

(B) टेरिडोफाइटा

(C) शैवाल

(D) ब्रायोफाइटा

उत्तर: (A) कवक

व्याख्या: यीस्ट एक एककोशिकीय कवक (Fungus) है।

19. किस वर्ग के जन्तुओं के हृदय में चार वेश्म होते हैं---

(A) पक्षी

(B) सरीसृप

(C) स्तनधारी

(D) उभयचर

उत्तर: (A) पक्षी तथा (C) स्तनधारी

व्याख्या: पक्षी और स्तनधारी दोनों वर्गों के जंतुओं के हृदय में चार वेश्म (दो आलिंद और दो निलय) पाए जाते हैं।

20. एक कोशिकीय जन्तु रखे गये हैं---

(A) मोनेरा जगत में

(B) प्रोटिस्टा जगत में

(C) प्राणी जगत में

(D) पादप जगत में

उत्तर: (B) प्रोटिस्टा जगत में

व्याख्या: सभी एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीवों को प्रोटिस्टा जगत के अंतर्गत रखा गया है।

खण्ड - 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न)

उपखण्ड - 'क' (भौतिक विज्ञान)

प्रश्न 1.

गति के द्वितीय समीकरण s = ut + (1)/(2)at² का निगमन कीजिए?

उत्तर:

माना किसी वस्तु का प्रारंभिक वेग u है तथा उस पर एकसमान त्वरण a कार्य कर रहा है। t समय में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी s है।

वस्तु का औसत वेग = (प्रारंभिक वेग + अंतिम वेग)/(2) = (u + v)/(2)

गति के प्रथम समीकरण से, v = u + at मान रखने पर:

औसत वेग = (u + (u + at))/(2) = (2u + at)/(2) = u + (1)/(2)at

तय की गई दूरी (s) = औसत वेग × समय (t)

s = (u + (1)/(2)at) × t

s = ut + (1)/(2)at² (इति सिद्धम्)

प्रश्न 2.

सन्तुलित तथा असन्तुलित बलों में चार अन्तर लिखिए?

उत्तर:

1. परिणामी बल: संतुलित बलों का परिणामी बल शून्य होता है, जबकि असंतुलित बलों का परिणामी बल शून्य नहीं होता।

2. अवस्था परिवर्तन: संतुलित बल वस्तु की विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं करते, जबकि असंतुलित बल वस्तु की चाल या दिशा में परिवर्तन लाते हैं।

3. त्वरण: संतुलित बल के कारण वस्तु में कोई त्वरण उत्पन्न नहीं होता, जबकि असंतुलित बल वस्तु में त्वरण उत्पन्न करता है।

4. उदाहरण: रस्साकशी में जब दोनों तरफ बराबर जोर लगे (संतुलित), तो रस्सी नहीं हिलती; बल असमान होने पर (असंतुलित) रस्सी एक तरफ खींच जाती है।

प्रश्न 3.

न्यूटन का गति विषयक द्वितीय तथा तृतीय नियम लिखिए?

उत्तर:

• न्यूटन का द्वितीय नियम: किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर उस पर आरोपित असंतुलित बल के अनुक्रमानुपाती होती है तथा यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है (F = ma)।

• न्यूटन का तृतीय नियम: प्रत्येक क्रिया के बराबर परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)।

प्रश्न 4.

आर्किमिडीज का सिद्धान्त लिखिए। इस आधार पर समझाइये कि लोहे से बना जलयान पानी पर तैरता है तथा लोहे की कील पानी में डूब जाती है।

अथवा

(i) एक गेंद को 10 मीटर की ऊँचाई से गिराया जाता है। यदि फर्श पर टकराने के बाद गेंद की ऊर्जा में 30% कमी हो जाती है तो गेंद फर्श पर टकराने के बाद कितनी ऊँची उठेगी?

(ii) एक स्वरित्र द्विभुज का आवर्तकाल 0.05 सेकण्ड है। यदि तरंग दैर्ध्य 16 मीटर है तो तरंग की चाल ज्ञात कीजिए?

उत्तर:

(मुख्य प्रश्न):

• आर्किमिडीज का सिद्धान्त: जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो उसके भार में आभासी कमी होती है। भार में यह कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है।

• तैरना और डूबना: लोहे की कील का आयतन बहुत कम होता है, जिससे उसके द्वारा हटाया गया पानी उसके अपने भार से बहुत कम होता है। इस कारण उस पर लगने वाला उत्प्लावन बल उसके भार को संभाल नहीं पाता और वह डूब जाती है। इसके विपरीत, लोहे के जलयान को खोखला और चौड़ा बनाया जाता है ताकि वह अपने भार से अधिक पानी विस्थापित कर सके। अधिक उत्प्लावन बल मिलने के कारण विशाल जलयान आसानी से पानी पर तैरता रहता है।

उपखण्ड - 'ख' (रसायन विज्ञान)

प्रश्न 5.

द्रव्य किसे कहते हैं? इसकी कितनी अवस्थायें होती हैं। ठोस के अणुओं की विशेषताएँ लिखिए.

उत्तर:

• द्रव्य: ब्रह्मांड का प्रत्येक वह वस्तु जो स्थान घेरती है, जिसमें द्रव्यमान होता है और जो अपनी संवेदनशीलता का अनुभव कराती है, द्रव्य कहलाती है।

• अवस्थाएँ: द्रव्य की मुख्य रूप से तीन भौतिक अवस्थाएँ होती हैं—ठोस, द्रव और गैस (प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडेंसेट अन्य अवस्थाएँ हैं)।

• ठोस के अणुओं की विशेषताएँ:

1. ठोस के अणु एक-दूसरे के बहुत पास होते हैं और उनके बीच अन्तराअणुक स्थान अत्यंत कम होता है।

2. इनके बीच अन्तराअणुक आकर्षण बल बहुत प्रबल होता है।

3. ठोस के अणुओं की गति केवल अपने माध्य स्थिति के इर्द-गिर्द कंपन करने तक सीमित होती है, जिससे इनका आकार और आयतन निश्चित रहता है।

प्रश्न 6.

मिश्रण तथा यौगिक में चार अन्तर लिखिए.

उत्तर:

1. संघटन: मिश्रण में घटक किसी भी अनुपात में मिले हो सकते हैं, जबकि यौगिक में तत्व एक निश्चित अनुपात में संयुक्त होते हैं।

2. गुणधर्म: मिश्रण अपने अवयवों के गुणों को प्रदर्शित करता है, जबकि यौगिक के गुण उसके अवयवी तत्वों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।

3. पृथक्करण: मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है, जबकि यौगिक के अवयवों को केवल रासायनिक विधियों से ही अलग किया जा सकता है।

4. नया पदार्थ: मिश्रण के निर्माण में कोई नया पदार्थ नहीं बनता, जबकि यौगिक के निर्माण में हमेशा नया पदार्थ बनता है।

प्रश्न 7.

परमाणु किसे कहते हैं? डाल्टन का परमाणु वाद लिखिए?

अथवा

रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल स्पष्ट कीजिए ? तथा इसकी कमियों को स्पष्ट कीजिए??

उत्तर:

(मुख्य प्रश्न):

• परमाणु: किसी तत्व का वह सूक्ष्मतम कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है और स्वतंत्र रूप से रह भी सकता है या नहीं भी, परमाणु कहलाता है।

• डाल्टन का परमाणु सिद्धांत:

1. सभी पदार्थ सूक्ष्म अविभाज्य कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं।

2. एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार, द्रव्यमान और अन्य गुणों में समान होते हैं, जबकि भिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।

3. परमाणु अविभाज्य हैं, जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

4. भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर सरल पूर्ण संख्या अनुपात में संयुक्त कर यौगिक बनाते हैं।

उपखण्ड - 'ग' (जीव विज्ञान)

प्रश्न 8.

माइटोकॉण्ड्रिया की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए तथा इसके कार्य लिखिए?

उत्तर:

• संरचना: माइटोकॉण्ड्रिया दोहरी झिल्ली से घिरी रचना है। इसकी बाहरी झिल्ली चिकनी होती है, जबकि भीतरी झिल्ली अंदर की ओर मुड़कर अंगुली जैसी संरचनाएँ बनाती हैं जिन्हें 'क्रिस्टी' (Cristae) कहते हैं। इसके भीतर तरल पदार्थ भरा रहता है जिसे 'मैट्रिक्स' कहते हैं।

• कार्य:

1. इसमें कोशिकीय श्वसन की क्रिया होती है जिससे खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है।

2. यह ऊर्जा को ATP के रूप में संचित करता है, इसलिए इसे कोशिका का 'पावर हाउस' (ऊर्जा गृह) कहते हैं।

प्रश्न 9.

एपिथीलियम ऊतक किसे कहते हैं? इसकी विशेषतायें तथा कार्यों का उल्लेख कीजिए.

उत्तर:

• परिभाषा: जन्तुओं के शरीर के अंगों की बाहरी सुरक्षात्मक आवरण तथा आंतरिक अंगों की झिल्लियाँ बनाने वाले ऊतक को एपिथीलियम ऊतक (उपस्थलीय ऊतक) कहते हैं।

• विशेषताएँ:

1. इसकी कोशिकाएं एक-दूसरे से सटी हुई बिना अंतराकोशिकी स्थान के एक या अधिक परतों में व्यवस्थित होती हैं।

2. यह ऊतक एक आधार कला पर टिका होता है।

• कार्य:

1. यह शरीर के अंदरूनी अंगों और बाहरी त्वचा की रक्षा करता है।

2. यह पदार्थों के अवशोषण, स्रावण और संवेदनशीलता में सहायता करता है।

प्रश्न 10.

ऐच्छिक तथा अनैच्छिक पेशियों में अन्तर लिखिए?

उत्तर:

1. नियंत्रण: ऐच्छिक पेशियाँ हमारी इच्छा के अनुसार कार्य करती हैं (जैसे हाथ-पैर की पेशियाँ), जबकि अनैच्छिक पेशियाँ हमारी इच्छा के नियंत्रण में नहीं होतीं (जैसे हृदय और आंत की पेशियाँ)।

2. संरचना: ऐच्छिक पेशियाँ प्रायः धारीय (रेखित) होती हैं, जबकि अधिकांश अनैच्छिक पेशियाँ अरेखित (चिकनी) होती हैं।

प्रश्न 11.

सरीसृप (रेप्टीलिया) वर्ग के जन्तुओं के लक्षण लिखिए?

अथवा

पादप तथा जन्तु कोशिका में छः अन्तर लिखिए?

उत्तर:

(मुख्य प्रश्न - सरीसृप वर्ग के लक्षण):

1. इस वर्ग के जंतु रेंगकर चलते हैं (जैसे छिपकली, सांप, कछुआ)।

2. इनकी त्वचा शुष्क, खुरदरी तथा शल्कों या प्लेटों से ढकी होती है।

3. ये शीत-रक्त वाले (असमतापी) जंतु होते हैं।

4. इनका श्वसन केवल फेफड़ों द्वारा होता है।

5. इनमें अधिकांशतः तीन वेश्मीय हृदय पाया जाता है (मगरमच्छ को छोड़कर जिसमें चार वेश्म होते हैं)।

6. ये आमतौर पर अंडे देने वाले जीव होते हैं और अंडे कैल्सियमयुक्त कवच से ढके होते हैं।