खण्ड (अ)
Solution
UP Board Class 9 Mathematics Half Yearly Paper 2026
कक्षा 9वीं · गणित · 2026 · अर्धवार्षिक
प्रश्न 1.
शून्ये बहुपद की घात होती है–
(a) कोई नहीं
(b) 0
(c) 1
(d) 2
उत्तर:
. (a) कोई नहीं
प्रश्न 2.
X-अक्ष पर स्थित बिन्दु है–
(a) (0, 3)
(b) (5, 0)
(c) (4, 5)
(d) (2, 3)
उत्तर:
. (b) (5, 0)
प्रश्न 3.
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है–
(a) 360°
(b) 270°
(c) 180°
(d) 90°
उत्तर:
. (c) 180°
प्रश्न 4.
बहुपद P(x) = x − 1 का शून्यांक होगा–
(a) 2
(b) 0
(c) -1
(d) 1
उत्तर:
. (d) 1
प्रश्न 5.
व्यंजक (3 + √(3))(3 - √(3)) का मान होगा–
(a) 6
(b) √(3)
(c) 3 + √(3)
(d) 3 - √(3)
उत्तर:
. (a) 6
प्रश्न 6.
99² - 98² का मान होगा–
(a) 1
(b) 197
(c) 187
(d) 207
उत्तर:
. (b) 197
प्रश्न 7.
दो अपरिमेय संख्याओं का गुणनफल होता है–
(a) सदैव परिमेय
(b) सदैव अपरिमेय
(c) उपर्युक्त दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर:
. (c) उपर्युक्त दोनों
प्रश्न 8.
दो त्रिभुजों के सर्वांगसम होने की कसौटी नहीं है–
(a) AAS
(b) SAS
(c) SSS
(d) ASS
उत्तर:
. (d) ASS
प्रश्न 9.
निम्न में किस चतुर्भुज के विकर्ण समकोण पर समद्विभाजित करते हैं?
(a) वर्ग व समचतुर्भुज
(b) आयत
(c) समान्तर चतुर्भुज
(d) कोई नहीं
उत्तर:
. (a) वर्ग व समचतुर्भुज
प्रश्न 10.
बहुपद P(x) = 4x² - 3x + 2 की घात है-
(a) 1
(b) 2
(c) 3
(d) कोई नहीं
उत्तर:
. (b) 2
प्रश्न 11.
(35)/(100) का दशमलव प्रसार है-
(a) असांत दशमलव
(b) असांत आवर्ती
(c) सांत दशमलव
(d) असांत अनावर्ती
उत्तर:
. (c) सांत दशमलव
प्रश्न 12.
x² + 3x + 2 का गुणनखण्ड होगा-
(a) (x + 1)(x - 2)
(b) (x - 1)(x + 3)
(c) (x + 2)(x - 1)
(d) (x + 1)(x + 2)
उत्तर:
. (d) (x + 1)(x + 2)
प्रश्न 13.
किन्हीं दो परिमेय संख्याओं के बीच परिमेय संख्यायें होती हैं-
(a) अपरिमित
(b) परिमित
(c) केवल एक
(d) कोई नहीं
उत्तर:
. (a) अपरिमित
प्रश्न 14.
16^(3/4) का मान होगा-
(a) 2
(b) 8
(c) 16
(d) 4
उत्तर:
. (b) 8
प्रश्न 15.
निम्न में कौन-सा व्यंजक बहुपद है-
(a) √(x) + 1
(b) y + (2)/(y)
(c) 4x² - 3x + 7
(d) 3√(x) + x√(2)
उत्तर:
. (c) 4x² - 3x + 7
प्रश्न 16.
यदि (x - 1) से बहुपद x⁵ - x⁴ + 3 को भाग दें तो शेषफल होगा-
(a) 0
(b) 1
(c) 2
(d) 3
उत्तर:
. (d) 3
प्रश्न 17.
यदि किसी रैखिक समीकरण 2x + 3y = K का हल (2, 0) हो तो K का मान होगा-
(a) 4
(b) 2
(c) 5
(d) 6
उत्तर:
. (d) 6
प्रश्न 18.
Y-अक्ष का समीकरण रूप है-
(a) Y = 0
(b) X = 0
(c) X = Y
(d) कोई नहीं
उत्तर:
. (b) X = 0
प्रश्न 19.
चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग होता है-
(a) 90^°
(b) 270^°
(c) 180^°
(d) 360^°
उत्तर:
. (c) 180^°
प्रश्न 20.
कौन-सा चतुर्भुज समान्तर चतुर्भुज होता है-
(a) आयत
(b) वर्ग
(c) समचतुर्भुज
(d) सभी
उत्तर:
. (d) सभी
खण्ड (ब)
प्रश्न 1.
निम्न में से तीन खण्ड हल करो -
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 1(a).
1√(3) - √(2) के हर का परिमेयीकरण करो.
उत्तर:
.
हर का परिमेयीकरण करने के लिए अंश और हर दोनों को (√(3) + √(2)) से गुणा करेंगे:
1√(3) - √(2) × √(3) + √(2)√(3) + √(2)
= √(3) + √(2)(√(3))² - (√(2))²
= √(3) + √(2)3 - 2
= √(3) + √(2)1 = √(3) + √(2)
प्रश्न 1(b).
x² - 5x + 6 के गुणनखण्ड करो.
उत्तर:
.
मध्य पद को विभक्त करने पर (Middle term splitting):
x² - 3x - 2x + 6
= x(x - 3) - 2(x - 3)
= (x - 3)(x - 2)
प्रश्न 1(c).
संलग्न चित्र में यदि AB = CD तथा AC = BD है तो सिद्ध कीजिए कि...
उत्तर:
.
दिया गया है: AB = CD तथा AC = BD।
चूँकि AC = AB + BC और BD = CD + BC,
समीकरण में मान रखने पर सिद्ध होता है कि त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर हैं और ABC DCB (SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा)।
प्रश्न 1(d).
परिमेय संख्याओं 3 व 4 के बीच तीन परिमेय संख्या ज्ञात करो.
उत्तर:
.
3 और 4 के बीच तीन परिमेय संख्याएँ निकालने के लिए हम n = 3 के अनुसार (3 × 4)/(4) और (4 × 4)/(4) ले सकते हैं या सीधे (3+4)/(2) विधि का प्रयोग कर सकते हैं।
तीन संख्याएँ:
1. पहिली संख्या = (3 + 4)/(2) = (7)/(2) = 3.5
2. दूसरी संख्या = (3 + 3.5)/(2) = (6.5)/(2) = 3.25
3. तीसरी संख्या = (3.5 + 4)/(2) = (7.5)/(2) = 3.75
अतः, अभीष्ट तीन परिमेय संख्याएँ 3.25, 3.5 और 3.75 हैं।
प्रश्न 2.
निम्न में से तीन खण्ड हल करो -
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 2(a).
दिये गये चित्र में x और y के मान ज्ञात करो.
उत्तर:
.
रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोणों के गुणों का प्रयोग करते हुए:
यदि रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं और एक रेखा पर बने कोणों का योग 180^° होता है।
हल करने पर x और y के मान ज्यामितीय प्रतिबंधों के अनुसार प्राप्त होते हैं।
प्रश्न 2(b).
सीधे गुणा किये बिना 95 × 105 का मान ज्ञात करो.
उत्तर:
.
सर्वसमिका (a - b)(a + b) = a² - b² का प्रयोग करने पर:
95 × 105 = (100 - 5)(100 + 5)
= (100)² - (5)²
= 10000 - 25
= 9975
प्रश्न 2(c).
यदि P(x) = 2 + x + 2x² - x³ हो तो P(0) का मान ज्ञात करो.
उत्तर:
.
दिए गए बहुपद में x = 0 रखने पर:
P(0) = 2 + (0) + 2(0)² - (0)³
P(0) = 2 + 0 + 0 - 0
P(0) = 2
प्रश्न 2(d).
K का मान ज्ञात करो जबकि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y = K का एक हल है.
उत्तर:
.
समीकरण: 2x + 3y = K
दिए गए मान x = 2 और y = 1 समीकरण में रखने पर:
2(2) + 3(1) = K
4 + 3 = K
K = 7
प्रश्न 3.
कोई तीन खण्ड हल करो -
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 3(a).
0. 6 को p/q के रूप में व्यक्त करो.
उत्तर:
.
माना x = 0.666... ---- (1)
चूँकि 1 अंक की पुनरावृत्ति हो रही है, समीकरण (1) को 10 से गुणा करने पर:
10x = 6.666...$ ---- (2)
समीकरण (2) में से समीकरण (1) को घटाने पर:
10x - x = 6.666... - 0.666...
9x = 6
x = (6)/(9) = (2)/(3)
अतः, p/q रूप (2)/(3) है।
प्रश्न 3(b).
(-12)³ + (7)³ + (5)³ का मान घनों का परिकलन किये बिना ज्ञात करो.
उत्तर:
.
सर्वसमिका का उपयोग करने पर: यदि a + b + c = 0, तो a³ + b³ + c³ = 3abc
यहाँ माना a = -12, b = 7, c = 5
जाँच करने पर: a + b + c = -12 + 7 + 5 = -12 + 12 = 0
चूँकि a + b + c = 0 है, इसलिए:
(-12)³ + (7)³ + (5)³ = 3(-12)(7)(5)
= 3 × (-12) × 35
= -36 × 35
= -1260
प्रश्न 3(c).
यदि x + y = w + z है तो सिद्ध करो, AOB एक रेखा है.
उत्तर:
.
एक बिन्दु O के चारों ओर के कोणों का योग 360^° होता है:
x + y + w + z = 360^°
दिया गया है कि x + y = w + z, अतः:
(x + y) + (x + y) = 360^°
2(x + y) = 360^°
x + y = 180^°
चूँकि कोणों का योग 180^° है, अतः रैखिक युग्म अभिगृहीत के विलोम से AOB एक सरल रेखा है।
प्रश्न 3(d).
ABC व DBC समान आधार BC पर स्थित दो समद्विभुज त्रिभुज हैं। दर्शाइए कि : ABD = ACD
उत्तर:
.
दिए गए त्रिभुज ABC और DBC समान आधार BC पर समद्विभुज त्रिभुज हैं, इसलिए AB = AC और DB = DC।
समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं:
ABC = ACB (त्रिभुज ABC से)
DBC = DCB (त्रिभुज DBC से)
दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
ABC + DBC = ACB + DCB
अतः, ABD = ACD सिद्ध हुआ।
प्रश्न 4.
कोई दो खण्ड हल करो -
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 4(a).
सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं.
उत्तर:
.
• दिया है: एक त्रिभुज ABC जिसमें AB = AC है।
• सिद्ध करना है: B = C (अर्थात ABC = ACB)
• रचना: शीर्ष A से कोण A का समद्विभाजक AD खींचा जो BC को बिन्दु D पर मिलता है।
• उपपत्ति: त्रिभुज ABD और त्रिभुज ACD में:
1. AB = AC (दिया है)
2. BAD = CAD (AD कोण A का समद्विभाजक है)
3. AD = AD (उभयनिष्ठ भुजा)
अतः, SAS सर्वांगसमता नियम से, ABD ACD
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं, इसलिए B = C। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 4(b).
सिद्ध कीजिए कि यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं.
उत्तर:
.
• दिया है: दो रेखाएँ AB और CD परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं।
• सिद्ध करना है: AOC = BOD और AOD = BOC
• उपपत्ति:
रेखा CD पर किरण OA खड़ी है, अतः रैखिक युग्म से:
AOC + \इसी AOD = 180^° --- (1)
इसी प्रकार रेखा AB पर किरण OD खड़ी है:
BOD + AOD = 180^° --- (2)
समीकरण (1) और (2) से:
AOC + AOD = BOD + AOD
AOC = BOD
इसी प्रकार सिद्ध किया जा सकता है कि AOD = BOC। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 4(c).
यदि रेखाएँ l m तथा रेखाएँ m n हो तो सिद्ध करो कि l n है.
उत्तर:
.
• दिया है: l m और m n
• सिद्ध करना है: l n
• उपपत्ति:
एक तिर्यक रेखा खींचिए जो तीनों समांतर रेखाओं l, m और n को काटती है।
संगत कोण अभिगृहीत से, यदि l m है तो संगत कोण बराबर होंगे।
इसी प्रकार यदि m n है, तो उनके संगत कोण भी बराबर होंगे।
संक्रमण गुण (Transitive property) के अनुसार, यदि रेखा l और रेखा n दोनों एक ही रेखा m के समांतर हैं, तो l n होगा। (इति सिद्धम्)
प्रश्न 5.
कोई एक खण्ड हल करो –
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 5(a).
यदि x + y + z = 0 हो तो सिद्ध कीजिए कि x³ + y³ + z³ = 3xyz.
उत्तर:
.
हम बीजगणितीय सर्वसमिका जानते हैं:
x³ + y³ + z³ - 3xyz = (x + y + z)(x² + y² + z² - xy - yz - zx)
प्रश्ناनुसार, दिया गया है कि:
x + y + z = 0
इस मान को सर्वसमिका में रखने पर:
x³ + y³ + z³ - 3xyz = (0)(x² + y² + z² - xy - yz - zx)
x³ + y³ + z³ - 3xyz = 0
x³ + y³ + z³ = 3xyz
(इति सिद्धम्)
प्रश्न 5(b).
गुणनखण्ड प्रमेय का प्रयोग करके x³ - 23x² + 142x - 120 के गुणनखण्ड करो.
उत्तर:
.
माना बहुपद P(x) = x³ - 23x² + 142x - 120
अचर पद -120 के गुणनखंड ± 1, ± 2, ± 3, ± 4, ± 5, हैं।
x = 1 रखने पर:
P(1) = (1)³ - 23(1)² + 142(1) - 120
P(1) = 1 - 23 + 142 - 120 = 143 - 143 = 0
चूँकि P(1) = 0 है, अतः (x - 1) बहुपद P(x) का एक गुणनखंड है (गुणनखंड प्रमेय द्वारा)।
अब P(x) को (x - 1) से भाग देने पर या समूहीकरण करने पर:
x³ - 23x² + 142x - 120
= x²(x - 1) - 22x(x - 1) + 120(x - 1)
= (x - 1)(x² - 22x + 120)
द्विघात व्यंजक (x² - 22x + 120) के गुणनखंड करने पर (मध्य पद विभाजन द्वारा):
x² - 12x - 10x + 120
= x(x - 12) - 10(x - 12)
= (x - 12)(x - 10)
अतः, संपूर्ण गुणनखंड रूप होगा:
(x - 1)(x - 10)(x - 12)