खण्ड 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न) - उत्तर (Code A)
Solution
UP Board Class 9th Mathematics Half Yearly Paper 2026 A Code
कक्षा 9वीं · गणित · 2026 · अर्धवार्षिक
प्रश्न 1.
व्यंजक (3+√(3))(3-√(3)) का मान है-
(A) 3-√(3)
(B) √(3)
(C) 6
(D) 3+√(3)
उत्तर:
(C) 6
व्याख्या: (3+√(3))(3-√(3)) = (3)² - (√(3))² = 9 - 3 = 6.
प्रश्न 2.
प्रत्येक परिमेय संख्या है-
(A) एक प्राकृत संख्या
(B) एक पूर्णांक
(C) एक वास्तविक संख्या
(D) एक पूर्ण संख्या।
उत्तर:
(C) एक वास्तविक संख्या
व्याख्या: सभी परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याओं के अंतर्गत आती हैं.
प्रश्न 3.
[4](81)⁻² का मान है-
(A) (1)/(9)
(B) (1)/(3)
(C) 9
(D) (1)/(81)
उत्तर:
(A) (1)/(9)
व्याख्या: [4](81)⁻² = (81⁻²)^((1)/(4)) = 81^(-(2)/(4)) = 81^(-(1)/(2)) = (9²)^(-(1)/(2)) = 9⁻¹ = (1)/(9).
प्रश्न 4.
बहुपद 2x²+7x-4 के शून्यकों में से एक है-
(A) 2
(B) (1)/(2)
(C) -(1)/(2)
(D) -2
उत्तर:
(B) (1)/(2)
व्याख्या: x = (1)/(2) रखने पर, 2((1)/(2))² + 7((1)/(2)) - 4 = (1)/(2) + (7)/(2) - 4 = 4 - 4 = 0.
प्रश्न 5.
यदि P(x)=x+3 तो P(x)+P(-x) बराबर है-
(A) 3
(B) 2x
(C) 0
(D) 6
उत्तर:
(D) 6
व्याख्या: P(x) = x + 3 तथा P(-x) = -x + 3, अतः P(x) + P(-x) = (x + 3) + (-x + 3) = 6.
प्रश्न 6.
शून्य बहुपद की घात है-
(A) 0
(B) 1
(C) कोई भी प्राकृत संख्या
(D) परिभाषित नहीं।
उत्तर:
(D) परिभाषित नहीं
व्याख्या: शून्य बहुपद (0) की घात अपरिभाषित होती है.
प्रश्न 7.
(a, a) रूप का बिन्दु सदैव स्थित होता है-
(A) x-अक्ष पर
(B) y-अक्ष पर
(C) रेखा y=x पर
(D) रेखा x+y=0 पर।
उत्तर:
(C) रेखा y=x पर
व्याख्या: चूँकि x-निर्देशांक और y-निर्देशांक दोनों समान (a = a) हैं, यह रेखा y = x पर स्थित है.
प्रश्न 8.
रैखिक समीकरण y=x का आलेख निम्नलिखित बिन्दु होकर जाता है-
(A) ((3)/(2),-(3)/(2))
(B) (0,(3)/(2))
(C) (1,1)
(D) (-(1)/(2), )
उत्तर:
(C) (1,1)
व्याख्या: बिन्दु (1, 1) समीकरण y = x को संतुष्ट करता है (1 = 1).
प्रश्न 9.
समीकरण ax+by+c=0 के धनात्मक हल सदैव स्थित होते हैं-
(A) प्रथम चतुर्थांश
(B) द्वितीय चतुर्थांश
(C) तृतीय चतुर्थांश
(D) चतुर्थ चतुर्थांश।
उत्तर:
(A) प्रथम चतुर्थांश
व्याख्या: धनात्मक हल होने पर दोनों निर्देशांक (x > 0, y > 0) प्रथम चतुर्थांश में होते हैं.
प्रश्न 10.
बिन्दु (0,-7) स्थित है-
(A) x-अक्ष पर
(B) द्वितीय चतुर्थांश में
(C) y-अक्ष पर
(D) चतुर्थ चतुर्थांश में।
उत्तर:
(C) y-अक्ष पर
व्याख्या: चूँकि भुज (x) शून्य है, अतः यह बिन्दु y-अक्ष पर स्थित है.
प्रश्न 11.
तृतीय चतुर्थांश में किसी बिन्दु के निर्देशांक होते हैं-
(A) (+,-)
(B) (+,+)
(C) (-,+)
(D) (-,-)
उत्तर:
(D) (-,-)
व्याख्या: तृतीय चतुर्थांश में x और y दोनों निर्देशांक ऋणात्मक होते हैं.
प्रश्न 12.
किसी बिन्दु का भुज धनात्मक होता है-
(A) चतुर्थांश I और II में
(B) चतुर्थांश I और IV में
(C) केवल चतुर्थांश I में
(D) केवल चतुर्थांश II में।
उत्तर:
(B) चतुर्थांश I और IV में
व्याख्या: प्रथम और चतुर्थ चतुर्थांश में x-निर्देशांक (भुज) धनात्मक होता है.
प्रश्न 13.
एक बिन्दु की विमाओं की संख्या है-
(A) 0
(B) 1
(C) 2
(D) 3
उत्तर:
(A) 0
व्याख्या: एक बिन्दु की कोई विमा नहीं होती, अतः इसकी विमाओं की संख्या शून्य है.
प्रश्न 14.
थेल्स निम्नलिखित देश का वासी था-
(A) बेबीलोनिया
(B) मिस्र
(C) यूनान
(D) रोम।
उत्तर:
(C) यूनान
व्याख्या: प्रसिद्ध दार्शनिक एवं गणितज्ञ थेल्स यूनान (Greece) के वासी थे.
प्रश्न 15.
निम्न में से किसकी उत्पत्ति की आवश्यकता है ?
(A) प्रमेय
(B) अभिगृहीत
(C) परिभाषा
(D) अभिधारणा
उत्तर:
(A) प्रमेय
व्याख्या: प्रमेयों (Theorems) को सिद्ध करने (उत्पत्ति) की आवश्यकता होती है, जबकि अभिगृहीत और परिभाषाएँ स्वतः सिद्ध होती हैं.
प्रश्न 16.
उस कोण की माप बताइए जो स्वयं का संपूरक है-
(A) 45^(°)
(B) 30^(°)
(C) 90^(°)
(D) 180^(°)
उत्तर:
(C) 90^(°)
व्याख्या: x + x = 180^° 2x = 180^° x = 90^°.
प्रश्न 17.
(90-α) का कोटिपूरक है-
(A) -α^(°)
(B) 90^(°)+α
(C) 90^(°)-α
(D) α^(°)
उत्तर:
(D) α^(°)
व्याख्या: कोटिपूरक = 90^° - (90^° - α) = 90^° - 90^° + α = α^°.
प्रश्न 18.
दो सम्पूरक कोणों में 4:5 का अनुपात है। कोण हैं-
(A) 90^(°), 90^(°)
(B) 80^(°), 100^(°)
(C) 30^(°), 150^(°)
(D) 45^(°)
उत्तर:
(B) 80^(°), 100^(°)
व्याख्या: अनुपात का योग = 4+5 = 9। कोण (4)/(9) × 180^° = 80^° तथा (5)/(9) × 180^° = 100^°.
प्रश्न 19.
किसी त्रिभुज के कोणों का अनुपात 5:3:7 है। वह त्रिभुज है एक-
(A) न्यूनकोण त्रिभुज
(B) अधिक कोण त्रिभुज
(C) समकोण त्रिभुज
(D) समद्विबाहु त्रिभुज।
उत्तर:
(A) न्यूनकोण त्रिभुज
व्याख्या: कोण क्रमशः 60^°, 36^°, 84^° हैं। सभी कोण 90^° से छोटे हैं, अतः यह न्यूनकोण त्रिभुज है.
प्रश्न 20.
किसी त्रिभुज का बहिष्कोण 100^(°) है तथा इसके दो सम्मुख अन्तःकोण समान हैं। तब एक अन्तः कोण की माप क्या होगी-
(A) 90^(°)
(B) 70^(°)
(C) 60^(°)
(D) 50^(°)
उत्तर:
(D) 50^(°)
व्याख्या: बहिष्कोण दूरस्थ अंतः कोणों के योग के बराबर होता है: x + x = 100^° 2x = 100^° x = 50^°.
खण्ड 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न) - हल
प्रश्न 1.
(किन्हीं पाँच खण्डों को हल कीजिए):
क) (1)/(4) और (1)/(5) के बीच तीन परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
हरों को समान करने पर: (1)/(4) = (5)/(20) तथा (1)/(5) = (4)/(20)।
अधिक संख्याएँ प्राप्त करने के लिए अंश व हर को 4 से गुणा करने पर:
(5 × 4)/(20 × 4) = (20)/(80) तथा (4 × 4)/(20 × 4) = (16)/(80)
अतः बीच की तीन परिमेय संख्याएँ (17)/(80), (18)/(80), (19)/(80) हैं।
ख) जाँच कीजिए कि -2 और 2 बहुपद x+2 के शून्यक हैं या नहीं।
हल:
माना p(x) = x + 2:
- p(2) = 2 + 2 = 4 ≠ 0 (अतः 2 शून्यक नहीं है)
- p(-2) = -2 + 2 = 0 (अतः -2 बहुपद का शून्यक है)
ग) रैखिक समीकरण y=3x+5 के कितने हल सम्भव हैं ?
हल:
एक रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक (infinite) हल संभव होते हैं।
घ) 70^(°) का सम्पूरक कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
सम्पूरक कोण = 180^° - 70^° = 110^°.
ङ) बहुपद x⁴-16 के गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए।
हल:
x⁴ - 16 = (x²)² - (4)² = (x² - 4)(x² + 4) = (x - 2)(x + 2)(x² + 4).
च) 2 और √(3) के मध्य एक परिमेय तथा एक अपरिमेय संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
- परिमेय संख्या: 2 + √(3)2 (या कोई अन्य परिमेय संख्या जैसे 1.8)
- अपरिमेय संख्या: 2 × √(3) या 1.515115111...
प्रश्न 2.
(किन्हीं तीन खण्डों को हल कीजिए):
क) यदि a=2+√(3) तो a-(1)/(a) का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया है a = 2 + √(3)।
(1)/(a) = 12 + √(3) = 2 - √(3)(2 + √(3))(2 - √(3)) = 2 - √(3)
अतः a - (1)/(a) = (2 + √(3)) - (2 - √(3)) = 2 + √(3) - 2 + √(3) = 2√(3).
ख) 27a³+54a²b+36ab²+8b³ के गुणनखण्ड कीजिए।
हल:
= (3a)³ + 3(3a)²(2b) + 3(3a)(2b)² + (2b)³
सर्वसमिका (X+Y)³ = X³ + 3X²Y + 3XY² + Y³ से:
= (3a + 2b)³ = (3a + 2b)(3a + 2b)(3a + 2b).
ग) रैखिक समीकरण 2x+5y=19 के आलेख पर वह बिन्दु निर्धारित कीजिए जिसकी कोटि अपने भुज की 1(1)/(2) गुनी है।
हल:
माना भुज = x, तो कोटि y = (3)/(2)x।
समीकरण में रखने पर:
2x + 5((3)/(2)x) = 19 2x + (15)/(2)x = 19 (4x + 15x)/(2) = 19 19x = 38 x = 2
अतः y = (3)/(2)(2) = 3। अभीष्ट बिन्दु (2, 3) है।
घ) दी गई आकृति में, x और y के मान ज्ञात कीजिए फिर दर्शाइए कि AB CD है।
हल:
(शीर्षाभिमुख और रैखिक युग्म के नियमों का प्रयोग करते हुए x और y के मान निकाले जाते हैं तथा एकांतर कोण बराबर होने पर AB CD सिद्ध किया जाता है।)
प्रश्न 3.
(किन्हीं तीन खण्डों को हल कीजिए):
क) यदि a+b+c=9 और ab+bc+ca=26 तो a²+b²+c² का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
सर्वसमिका से: (a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)
मान रखने पर:
(9)² = a² + b² + c² + 2(26)
81 = a² + b² + c² + 52
a² + b² + c² = 81 - 52 = 29.
ख) 3√(5)+√(3)√(5)-√(3) के हर का परिमेयकरण कर इसे तुल्य व्यंजक में परिवर्तित कीजिए।
हल:
हर के संयुग्मी (√(5) + √(3)) से अंश व हर में गुणा करने पर:
= (3√(5) + √(3))(√(5) + √(3))(√(5) - √(3))(√(5) + √(3))
= 3(5) + 3√(15) + √(15) + 3(√(5))² - (√(3))² = 15 + 4√(15) + 35 - 3 = 18 + 4√(15)2 = 9 + 2√(15).
ग) समीकरण 2x+1=x-3 को हल कीजिए और हल को कार्तीय तल पर निरूपित कीजिए।
हल:
2x - x = -3 - 1 x = -4।
कार्तीय तल पर यह रेखा x = -4 के रूप में y-अक्ष के समांतर एक सीधी रेखा द्वारा निरूपित किया जाता है।
घ) यदि x+y=10 तथा x=z है, तब दर्शाइए कि z+y=10
हल:
यूक्लिड की अभिधारणा (यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए तो पूर्ण बराबर होता है / यूक्लिड का प्रथम अभिगृहीत: "वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, एक-दूसरे के बराबर होती हैं"):
चूँकि x = z है, समीकरण x + y = 10 में x के स्थान पर z रखने पर z + y = 10 प्राप्त होता है (इति सिद्धम्)।
प्रश्न 4.
(निम्नलिखित में से किसी एक खण्ड को हल कीजिए):
क) यदि x= √(3)+√(2)√(3)-√(2) और y= √(3)-√(2)√(3)+√(2) तो x²+y² का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
परिमेयकरण करने पर:
x = (√(3)+√(2))²3-2 = 3 + 2 + 2√(6) = 5 + 2√(6)
इसी प्रकार y = 5 - 2√(6)
अब x + y = (5 + 2√(6)) + (5 - 2√(6)) = 10
तथा xy = (5 + 2√(6))(5 - 2√(6)) = 25 - 24 = 1
अतः x² + y² = (x + y)² - 2xy = (10)² - 2(1) = 100 - 2 = 98.
ख) संलग्न आकृति में, BA ED और BC EF है। दर्शाइए कि ABC = DEF है।
हल:
(समांतर रेखाओं के संगत कोणों और गुणों का प्रयोग करके सिद्ध किया जाता है कि ABC = DEF है।)
प्रश्न 5.
(निम्नलिखित में से किन्हीं एक खण्ड को हल कीजिए):
क) a+b+c=5 और ab+bc+ca=10 है तो सिद्ध कीजिए कि a³+b³+c³-3abc=-25
उत्तर:
हम जानते हैं कि:
a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)(a² + b² + c² - ab - bc - ca) --- (1)
पहले a² + b² + c² ज्ञात करते हैं:
(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)
(5)² = a² + b² + c² + 2(10)
25 = a² + b² + c² + 20 a² + b² + c² = 5
अब समीकरण (1) में मान रखने पर:
a³ + b³ + c³ - 3abc = (5) [ 5 - (ab + bc + ca) ]
= 5 [ 5 - 10 ] = 5 [ -5 ] = -25 (इति सिद्धम्).
ख) यदि a और b परिमेय संख्याएँ हैं और √(11)-√(7)√(11)+√(7)=a-b√(77), तो a व b का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
बाएँ पक्ष के हर का परिमेयकरण करने पर:
= (√(11) - √(7))(√(11) - √(7))(√(11) + √(7))(√(11) - √(7)) = 11 + 7 - 2√(77)11 - 7 = 18 - 2√(77)4 = 9 - √(77)2 = (9)/(2) - (1)/(2)√(77)
तुलना करने पर:
a = (9)/(2) तथा b = (1)/(2).