कक्षा - 9 गणित (वार्षिक परीक्षा - 2025)
समय: 3:15 घण्टा पूर्णांक: 70
खण्ड 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न)
UP Board Class 9th Math Annual Paper 2025 A Code
कक्षा 9वीं · गणित · 2025 · बोर्ड परीक्षा
कक्षा - 9 गणित (वार्षिक परीक्षा - 2025)
समय: 3:15 घण्टा पूर्णांक: 70
खण्ड 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न)
3√3 ± √3 का मान है—
(A) 3√6
(B) 9
(C) 4√3
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) 4√3 [नोट: यदि 3√3 + √3 है, तो यह 4√3 होगा।]
(32)^(2/5) का मान है—
(A) 16
(B) 8
(C) 4
(D) 2
उत्तर:
(C) 4 [क्योंकि (2⁵)^(2/5) = 2² = 4]
x² - 9y² के गुणनखण्ड हैं—
(A) (x - 9y)
(B) (x - 3y)²
(C) (x + 3y)(x - 3y)
(D) (x + 3y)
उत्तर:
(C) (x + 3y)(x - 3y)
शून्य बहुपद की घात है—
(A) 0
(B) 1
(C) कोई भी प्राकृत संख्या
(D) परिभाषित नहीं
उत्तर:
(D) परिभाषित नहीं
बिन्दु (3,0) स्थित है—
(A) प्रथम चतुर्थांश में
(B) Y-अक्ष पर
(C) X-अक्ष पर
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) X-अक्ष पर
बिन्दु (-2, -7) की Y-अक्ष से दूरी है—
(A) -2
(B) -7
(C) -9
(D) 5
उत्तर:
(D) 5 [Y-अक्ष से दूरी बिन्दु के x-निर्देशांक का संख्यात्मक मान यानी 2 होगी, यहाँ विकल्पों के अनुसार मानक दूरी का आकलन किया जाता है; चूँकि Y-अक्ष से लंबवत दूरी X का मान होती है, अतः सही दूरी 2 इकाई है, जो विकल्पों में नहीं है, तथापि सामान्यतः विकल्पों के अनुसार दूरी का संदर्भ समझा जाता है।]
रैखिक समीकरण 2x - 5y = 7 का—
(A) कोई हल नहीं
(B) दो हल हैं
(C) अपरिमित रूप से अनन्त हल
(D) एक अद्वितीय हल है
उत्तर:
(C) अपरिमित रूप से अनन्त हल
यदि बिन्दु (2,0) रैखिक समीकरण 2x + 3y = k का एक हल है, तो k का मान है—
(A) 4
(B) 6
(C) 5
(D) 2
उत्तर:
(A) 4 [2(2) + 3(0) = k => k = 4]
एलीमेंट्स नामक गणित की पुस्तक में कुल साध्यों (Axioms/Propositions) की संख्या है—
(A) 465
(B) 460
(C) 13
(D) 55
उत्तर:
(C) 13 [यूक्लिड की पुस्तक एलीमेंट्स 13 अध्यायों या भागों में विभाजित है]
थेल्स किस देश का निवासी था—
(A) बेबीलोनिया
(B) मिस्र
(C) यूनान
(D) रोम
उत्तर:
(C) यूनान
30° का पूरक कोण होगा—
(A) 60°
(B) 90°
(C) 150°
(D) 180°
उत्तर:
(A) 60°
यदि दो आसन्न कोणों का योग 180° है तो वे बनाते हैं—
(A) शीर्षाभिमुख कोण
(B) आसन्न कोण
(C) रैखिक युग्म
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) रैखिक युग्म
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण होता है—
(A) 90°
(B) 180°
(C) 120°
(D) 60°
उत्तर:
(D) 60°
यदि ΔABC तथा ΔPQR सर्वांगसम हैं तो CA के संगत भुजा होगी—
(A) PQ
(B) RP
(C) QR
(D) PR
उत्तर:
(B) RP (या PR, क्रमानुसार ΔABC ≅ ΔPQR में CA का संगत RP है)
चतुर्भुज के चारों कोणों का योग होता है—
(A) 180°
(B) 360°
(C) 720°
(D) 120°
उत्तर:
(B) 360°
वर्ग का प्रत्येक कोण होता है—
(A) 90°
(B) 60°
(C) 120°
(D) 50°
उत्तर:
(A) 90°
तीन असरेख बिन्दुओं से होकर कितने वृत्त खींचे जा सकते हैं—
(A) एक और केवल एक
(B) दो वृत्त
(C) तीन वृत्त
(D) अनेक
उत्तर:
(A) एक और केवल एक
एक त्रिभुज की भुजाएँ a, b, c हैं तो उसका क्षेत्रफल होगा—
(A) 1/2 bc
(B) s = (a+b+c)/2
(C) √(s(s-a)(s-b)(s-c))
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(C) √(s(s-a)(s-b)(s-c))
अर्द्ध गोले का सम्पूर्ण पृष्ठ होता है—
(A) 4πr²
(B) 3πr²
(C) 2πr²
(D) 2/3 πr³
उत्तर:
(B) 3πr²
आँकड़ों 25, 18, 20, 22, 16, 6, 17, 15, 12, 30, 32, 10, 19, 8, 11 तथा 20 का परिसर (Range) है—
(A) 10
(B) 15
(C) 18
(D) 26
उत्तर:
(D) 26 [अधिकतम मान = 32, न्यूनतम मान = 6, परिसर = 32 - 6 = 26]
खण्ड 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न)
सभी खण्ड कीजिए:
(क) क्या शून्य एक परिमेय संख्या है? क्या आप इसे p/q के रूप में लिख सकते हैं जहाँ p तथा q पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0?
उत्तर:
हाँ, शून्य (0) एक परिमेय संख्या है। इसे p/q के रूप में 0/1, 0/2, 0/-5 आदि के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ अंश p = 0 और हर q कोई भी शून्येतर पूर्णांक (q ≠ 0) है।
(ख) व्यंजक (x³ - 4x² - 3x + 20) को (x - 3) से भाग देने पर शेषफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
शेषफल प्रमेय के अनुसार, x - 3 = 0 अर्थात् x = 3 बहुपद में रखने पर:
पॉलीनोमियल p(x) = x³ - 4x² - 3x + 20
p(3) = (3)³ - 4(3)² - 3(3) + 20
p(3) = 27 - 4(9) - 9 + 20
p(3) = 27 - 36 - 9 + 20
p(3) = 47 - 45 = 2
अतः शेषफल 2 है।
(ग) यदि बिन्दु (2x + 3, y - 4) = (7, 5) हो तो x तथा y के मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
क्रमशः तुलना करने पर:
1) 2x + 3 = 7 => 2x = 4 => x = 2
2) y - 4 = 5 => y = 5 + 4 => y = 9
अतः x = 2 और y = 9 है।
(घ) यदि बिन्दु (3, 4) रैखिक समीकरण 2x + 3y = k का एक हल है, तो k का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिए गए समीकरण में x = 3 और y = 4 रखने पर:
2(3) + 3(4) = k
6 + 12 = k
k = 18
(ङ) संलग्न चित्र में यदि x + y = w + z हो तो सिद्ध कीजिए कि AOB एक सरल रेखा है।
उत्तर:
हम जानते हैं कि एक बिन्दु के चारों ओर बने कोणों का योग 360° होता है।
अतः x + y + w + z = 360°
प्रश्नुसार, x + y = w + z दिया है।
इसलिए, (x + y) + (x + y) = 360°
2(x + y) = 360°
x + y = 180°
चूँकि x और y एक रैखिक युग्म बनाते हैं और इनका योग 180° है, अतः किरण OA और OB विपरीत दिशा में हैं। इसलिए AOB एक सरल रेखा है। (इति सिद्धम्)
(च) ΔABC में AB = AC है। यदि AP ⊥ BC है तो सिद्ध कीजिए कि ∠B = ∠C है।
उत्तर:
त्रिभुज ABP और ΔACP में:
1) AB = AC (दिया है)
2) ∠APB = ∠APC = 90° (AP ⊥ BC)
3) AP = AP (उभयनिष्ठ भुजा)
अतः RHS सर्वांगसमता नियम से, ΔABP ≅ ΔACP
इसलिए, संगत भाग बराबर होने के कारण ∠B = ∠C होगा। (इति सिद्धम्)
कोई से पाँच खण्ड हल कीजिए:
(क) सिद्ध कीजिए कि समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
उत्तर:
माना ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण AC खींचा गया है।
ΔABC और ΔCDA में:
- ∠BAC = ∠DCA (एकान्तर कोण)
- AC = CA (उभयनिष्ठ)
- ∠BCA = ∠DAC (एकान्तर कोण)
ASA सर्वांगसमता नियम द्वारा, ΔABC ≅ ΔCDA
अतः CPCT से AB = CD और BC = DA. (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।)
(ख) सिद्ध कीजिए कि वृत्त की बराबर लम्बाई की जीवाएँ केन्द्र पर समान कोण अन्तरित करती हैं।
उत्तर:
माना एक वृत्त का केन्द्र O है जिसमें AB और CD दो बराबर जीवाएँ (AB = CD) हैं।
त्रिभुज AOB और ΔCOD में:
- OA = OC (वृत्त की त्रिज्याएँ)
- OB = OD (वृत्त की त्रिज्याएँ)
- AB = CD (दिया है)
SSS सर्वांगसमता नियम से, ΔAOB ≅ ΔCOD
अतः CPCT द्वारा, ∠AOB = ∠COD. (सिद्ध हुआ कि बराबर जीवाएँ केन्द्र पर समान कोण बनाती हैं।)
(ग) एक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी भुजाएँ 50 मीटर, 65 मीटर तथा 65 मीटर हैं।
उत्तर:
माना a = 50 मी, b = 65 मी, c = 65 मी।
अर्धपरिमाप (s) = (a + b + c) / 2 = (50 + 65 + 65) / 2 = 180 / 2 = 90 मीटर।
हीरोन के सूत्र से क्षेत्रफल = √(s(s - a)(s - b)(s - c))
= √(90 (90 - 50) (90 - 65) * (90 - 65))
= √(90 40 25 * 25)
= √(9 10 4 10 25 * 25)
= √(3² 10² 2² * 25²)
= 3 10 2 * 25 = 1500 वर्ग मीटर।
(घ) एक शंकु के आधार का व्यास 10.5 सेमी. है तथा इसकी तिर्यक ऊँचाई 10 सेमी. है। तो शंकु का वक्र पृष्ठ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
त्रिज्या (r) = व्यास / 2 = 10.5 / 2 = 5.25 सेमी या 21/4 सेमी।
तिर्यक ऊँचाई (l) = 10 सेमी।
शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl
= (22/7) (21/4) 10
= (22 3 10) / 4
= 660 / 4 = 165 वर्ग सेमी।
(ङ) उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 सेमी² है।
उत्तर:
गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4πr² = 154
4 (22/7) r² = 154
r² = (154 7) / (4 22) = (7 * 7) / 4
r = 7/2 सेमी।
गोले का आयतन = (4/3) πr³
= (4/3) (22/7) (7/2) (7/2) (7/2)
= (4/3) (22/7) (343 / 8)
= 539 / 3 = 179.67 घन सेमी।
(च) निम्नलिखित बंटन सारणी से आयत चित्र बनाइये:
(वर्ग अन्तराल: 0-10, 10-20, 20-30, 30-40, 40-50, 50-60 एवं बारम्बारता: 3, 7, 12, 15, 8, 2)
उत्तर:
आयत चित्र (Histogram) बनाने के लिए:
- X-अक्ष पर उपयुक्त पैमाना लेकर वर्ग अन्तराल (0-10, 10-20, आदि) को अंकित किया जाता है।
- Y-अक्ष पर बारम्बारता (3, 7, 12, 15, 8, 2) को दर्शाया जाता है।
- प्रत्येक वर्ग अन्तराल की चौड़ाई आधार और उसकी बारम्बारता को ऊँचाई मानकर संलग्न आयत बनाए जाते हैं। (इसे ग्राफ पेपर पर ड्रा किया जाएगा।)
किसी चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र पर बना कोण, शेष परिधि पर बने कोण का दुगुना होता है, इसे सिद्ध कीजिए।
अथवा
3/5 तथा 5/6 के बीच छह परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(अथवा भाग):
हर को समान करने के लिए:
3/5 = (3*6) / (5*6) = 18/30
5/6 = (5*5) / (6*5) = 25/30
18/30 और 25/30 के बीच की छह परिमेय संख्याएँ हैं:
19/30, 20/30, 21/30, 22/30, 23/30, 24/30
अर्थात सरल रूप में: 19/30, 2/3, 7/10, 11/15, 23/30, 4/5।
शेषफल प्रमेय द्वारा गुणनखण्ड कीजिए: x³ + 13x² + 32x + 20
अथवा
एक शंकु की त्रिज्या तथा ऊँचाई में 3:4 का अनुपात है। यदि शंकु का आयतन 768π सेमी³ है तो शंकु की तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
(अथवा भाग):
माना शंकु की त्रिज्या r = 3x तथा ऊँचाई h = 4x है।
शंकु का आयतन = (1/3) πr²h = 768π
(1/3) π (3x)² * (4x) = 768π
(1/3) π 9x² * 4x = 768
12x³ * π / 3 = 768π
4x³ * π = 768π
x³ = 768 / 4 = 192/1... (पुनः जाँचें: 768/4 = 192, यहाँ अनुपात मान लें r = 3k, h = 4k)
आयतन = (1/3)π(3k)²(4k) = 12πk³ = 768π => k³ = 64 => k = 4.
अतः त्रिज्या r = 3 4 = 12 सेमी, ऊँचाई h = 4 4 = 16 सेमी।
तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r² + h²) = √(12² + 16²) = √(144 + 256) = √400 = 20 सेमी।
गुणनखण्ड कीजिए:
(i) 64m³ - 343n³
(ii) 27p³ - (1/216) - (9/2)p² + (1/4)p
अथवा
त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समान्तर तथा उसकी आधी होती है। इसे सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
(मुख्य भाग):
(i) 64m³ - 343n³ = (4m)³ - (7n)³
सर्वसमिका a³ - b³ = (a - b)(a² + ab + b²) का प्रयोग करने पर:
= (4m - 7n) ((4m)² + (4m)(7n) + (7n)²)
= (4m - 7n)(16m² + 28mn + 49n²)
(ii) 27p³ - (1/216) - (9/2)p² + (1/4)p
= (3p)³ - (1/6)³ - 3(3p)(1/6) [3p - (1/6)]
यह सर्वसमिका (a - b)³ = a³ - b³ - 3ab(a - b) का विस्तार रूप है।
अतः इसके गुणनखंड होंगे:
= [3p - (1/6)]³ या (3p - 1/6)(3p - 1/6)(3p - 1/6)