खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
Solution
UP Board Class 9 Hindi Paper 2026 A Code
कक्षा 9वीं · हिंदी · 2026 · बोर्ड परीक्षा
प्रश्न 1.
1. खड़ी बोली गद्य के प्रथम दर्शन होते हैं –
(i) नासिकेतोपाख्यान में
(ii) चन्द छन्द वरनन की महिमा में
(iii) योग वाशिष्ठ में
(iv) प्रेम सागर में
उत्तर:
(ii) चन्द छन्द वरनन की महिमा में
व्याख्या: कवि गंग रचित 'चन्द छन्द वरनन की महिमा' को खड़ी बोली गद्य की प्रथम प्रामाणिक रचना माना जाता है।
प्रश्न 2.
2. भारतेन्दु युग के लेखक नहीं हैं –
(i) श्रीनिवास दास
(ii) प्रतापनारायण मिश्र
(iii) राधा चरण गोस्वामी
(iv) बाबू गुलाब राय
उत्तर:
(iv) बाबू गुलाब राय
व्याख्या: बाबू गुलाब राय द्विवेदी युग तथा शुक्ल युग के प्रमुख गद्यकार हैं।
प्रश्न 3.
3. एकांकी में कितने अंक होते हैं –
(i) एक
(ii) दो
(iii) तीन
(iv) चार
उत्तर:
(i) एक
व्याख्या: एक अंक वाले नाटक को एकांकी कहा जाता है।
प्रश्न 4.
4. नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना किस सन् में हुई –
(i) 1893 ई० में
(ii) 1890 ई० में
(iii) 1891 ई० में
(iv) 1899 ई० में
उत्तर:
(i) 1893 ई० में
व्याख्या: नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना सन् 1893 ई० में काशी में हुई थी।
प्रश्न 5.
5. अष्टछाप के कवि नहीं हैं –
(i) सूरदास
(ii) नन्ददास
(iii) छीतस्वामी
(iv) तुलसीदास
उत्तर:
(iv) तुलसीदास
व्याख्या: गोस्वामी तुलसीदास रामभक्ति शाखा के कवि हैं, जबकि अष्टछाप में कृष्णभक्त कवि सम्मिलित हैं।
प्रश्न 6.
6. हरिवंश राय 'बच्चन' का जन्म हुआ था –
(i) प्रयाग में
(ii) बम्बई में
(iii) इंग्लैंड में
(iv) दिल्ली में
उत्तर:
(i) प्रयाग में
व्याख्या: हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवम्बर 1907 को प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था।
प्रश्न 7.
मैथिलीशरण गुप्त की मृत्यु का वर्ष है –
(i) सन् 1962 ई०
(ii) सन् 1963 ई०
(iii) सन् 1964 ई०
(iv) सन् 1965 ई०
उत्तर:
(iii) सन् 1964 ई०
व्याख्या: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का निधन 12 दिसम्बर 1964 ई० को हुआ था।
प्रश्न 8.
'कामायनी' की विधा है –
(i) खण्डकाव्य
(ii) कहानी संग्रह
(iii) महाकाव्य
(iv) उपन्यास
उत्तर:
(iii) महाकाव्य
व्याख्या: 'कामायनी' जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित छायावादी युग का प्रसिद्ध महाकाव्य है।
प्रश्न 9.
'आ समुद्र' में समास है –
(i) अव्ययी भाव
(ii) कर्मधारय
(iii) तत्पुरुष
(iv) द्वन्द्व
उत्तर:
(i) अव्ययी भाव
व्याख्या: इसमें 'आ' उपसर्ग/अव्यय पूर्वपद है, अतः यहाँ अव्ययीभाव समास है।
प्रश्न 10.
'भवताम्' रूप है भू धातु का –
(i) लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
(ii) लङ् लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन
(iii) विधिलिङ् लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन
(iv) लोट् लकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन
उत्तर:
(iv) लोट् लकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन
प्रश्न 11.
हरिभिः रूप है हरि का –
(i) द्वितीया विभक्ति, बहुवचन
(ii) चतुर्थी विभक्ति, एकवचन
(iii) पञ्चमी विभक्ति, द्विवचन
(iv) तृतीया विभक्ति, बहुवचन
उत्तर:
(iv) तृतीया विभक्ति, बहुवचन
प्रश्न 12.
'दैत्यारिः' का सन्धि विच्छेद बताइये –
(i) दैत्य + अरिः
(ii) दैत्या + रिः
(iii) दैत्य + आरिः
(iv) दैत् + यारः
उत्तर:
(i) दैत्य + अरिः
व्याख्या: अ + अ मिलकर आ (दीर्घ स्वर सन्धि) बनता है।
प्रश्न 13.
गणेश शब्द पर्यायवाची शब्द है –
(i) आनन
(ii) वदन
(iii) नन्दन
(iv) मोदक प्रिय
उत्तर:
(iv) मोदक प्रिय
प्रश्न 14.
मलिन शब्द का विलोम है –
(i) साफ
(ii) सफेद
(iii) उजला
(iv) निर्मल
उत्तर:
(iv) निर्मल
प्रश्न 15.
अग्नि शब्द का तद्भव बताइये –
(i) वायु
(ii) आग
(iii) अश्रु
(iv) अग्र
उत्तर:
(ii) आग
प्रश्न 16.
निम्नलिखित में से तत्सम शब्द है –
(i) आँख
(ii) जेठ
(iii) दीर्घ
(iv) मात
उत्तर:
(iii) दीर्घ
प्रश्न 17.
लक्ष्मी का स्वागत एकांकी के रचनाकार हैं –
(i) विष्णु प्रभाकर
(ii) उदय शंकर भट्ट
(iii) डा० राम कुमार वर्मा
(iv) उपेन्द्र नाथ 'अश्क'
उत्तर:
(iv) उपेन्द्र नाथ 'अश्क'
प्रश्न 18.
'चारु चन्द्र की चंचल किरणें खेल रही जल थल में' में प्रयुक्त अलंकार है –
(i) श्लेष
(ii) अनुप्रास
(iii) रूपक
(iv) यमक
उत्तर:
(ii) अनुप्रास
व्याख्या: 'च' वर्ण की बार-बार आवृत्ति होने के कारण अनुप्रास अलंकार है।
प्रश्न 19.
"लता ओट तब सखिन्ह लखाए। स्यामल गौर किशोर सुहाए" में प्रयुक्त रस है –
(i) शान्त रस
(ii) वत्सल रस
(iii) वीर रस
(iv) शृंगार रस
उत्तर:
(iv) शृंगार रस
प्रश्न 20.
"दीपक शिखा बोरिहरु, जो चौहिस उजियार।" में प्रयुक्त छन्द है –
(i) चौपाई
(ii) बरवै
(iii) रोला
(iv) दोहा
उत्तर:
(iv) दोहा
खण्ड – ब (वर्णनात्मक प्रश्न)
प्रश्न 1.
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएं कभी-कभी कितनी मिथ्या और उल्टी निकलती हैं। मुझे साँप का साक्षात् होते ही अपनी योजना और आशा की असम्भावना प्रतीत हो गई।
(i) गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) मनुष्य की भावी योजनाओं और अनुमान के विषय में लेखक ने किस सत्य का उद्घाटन किया है ?
उत्तर:
(i) पाठ का नाम: स्मृति
लेखक का नाम: श्रीराम शर्मा
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या: लेखक कहते हैं कि मनुष्य अपने भविष्य के सम्बन्ध में अनेक अनुमान लगाता है और बड़ी-बड़ी योजनाएँ बनाता है, किन्तु विपरीत अथवा आकस्मिक परिस्थितियाँ आते ही वे सभी अनुमान व्यर्थ एवं असत्य सिद्ध हो जाते हैं। संकट के समय मनुष्य की पूर्व-नियोजित योजनाएँ काम नहीं आतीं।
(iii) उत्तर: लेखक ने इस सत्य का उद्घाटन किया है कि मनुष्य की भावी योजनाएँ और अनुमान आपातकालीन या विषम परिस्थितियों के सामने असहाय तथा निष्फल हो जाते हैं।
अथवा
(ख) जैसे नशे में आदमी की देह अपने काबू में नहीं रहती, पैर कहाँ रखता है, पड़ता कहाँ है, कहता कुछ है, जबान से निकलता कुछ है वही हाल इस समय भगत का था। मन में प्रतिकार था, पर कर्म मन के अधीन न था। जिसने कभी तलवार नहीं चलाई वह इरादा करने पर भी तलवार नहीं चला सकता। उसके हाथ काँपते हैं, उठते ही नहीं।
(i) उपयुक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) भगत को किस मनोदशा का वर्णन हुआ है ?
उत्तर:
(i) पाठ का नाम: मन्त्र
लेखक का नाम: मुंशी प्रेमचन्द
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या: लेखक कहते हैं कि बूढ़े भगत के मन में डॉ. चड्ढा के प्रति उपेक्षा और बदले (प्रतिकार) का भाव था, परन्तु उसका परोपकारी स्वभाव और आत्मीयता उसके वश में नहीं थी। जिस प्रकार कोई अनिपुण व्यक्ति चाहकर भी शस्त्र नहीं चला सकता, उसी प्रकार दुष्टता न करने वाला परोपकारी मन चाहकर भी किसी का अहित नहीं कर सकता। भगत के कदम अपने आप रोगी की रक्षा के लिए उठ रहे थे।
(iii) उत्तर: इसमें भगत की आन्तरिक द्वन्द्व एवं कर्तव्य-भावना से युक्त मनोदशा का वर्णन हुआ है, जहाँ उसके मन का विरोध उसके परोपकारी स्वभाव के आगे परास्त हो जाता है।
प्रश्न 2.
निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) यहु ऐसा संसार है, जैसा सेमल फूल।
दिन दस के व्यवहार को, झूठे रंग न भूलि॥
(i) सेमल के फूल की क्या विशेषता होती है ?
(ii) सेमल के पुष्प से किसकी तुलना की गई है और क्यों ?
(iii) कबीर सेमल के पुष्प का उदाहरण देकर क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर:
(i) उत्तर: सेमल का फूल बाहर से अत्यन्त लाल और आकर्षक दिखाई देता है, किन्तु इसके अन्दर कोई गन्ध या रस (स्वाद) नहीं होता और यह शीघ्र ही नष्ट हो जाता है।
(ii) उत्तर: सेमल के पुष्प से इस भौतिक संसार की तुलना की गई है, क्योंकि यह संसार भी बाहर से देखने में ही लुभावना और आकर्षक लगता है, किन्तु आन्तरिक रूप से असार तथा क्षणभंगुर है।
(iii) उत्तर: कबीरदास जी सेमल के पुष्प का उदाहरण देकर यह कहना चाहते हैं कि मनुष्य को इस संसार के क्षणिक तथा मिथ्या आकर्षणों में पड़कर अपने वास्तविक लक्ष्य (ईश्वर-भक्ति) को नहीं भूलना चाहिए।
अथवा
(ख) कोटि-कोटि नंगे, भिखमंगों के जो साथ, खड़े हुए हैं कन्था जोड़े, उन्नत माथ,
शोषित जन के, पीड़ित न के, कर को थाम, बढ़े जा रहे उधर, जिधर है, मुक्ति प्रकाश!
ज्ञात नहीं हैं जिनके नाम! उन्हें प्रणाम! सतत प्रणाम!
(i) प्रस्तुत पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(ii) प्रस्तुत पद्यांश में कवि किसको नमन कर रहा है ?
(iii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
(i) सन्दर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के काव्य खण्ड के 'उन्हें प्रणाम!' शीर्षक पाठ से उद्धृत है। इसके रचयिता कवि नागार्जुन हैं।
(ii) उत्तर: कवि उन निःस्वार्थ, शोषित, पीड़ित और उपेक्षित जन-साधारण तथा अनगिनत अज्ञात कर्मयोगियों को नमन कर रहा है जो समाज के कल्याण और मुक्ति के लिए निरंतर संघर्षरत हैं।
(iii) रेखांकित अंश की व्याख्या: कवि कहता है कि संसार में ऐसे अनेक महान वीर और सेवक हैं जिनके नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हो सके और वे सदैव अज्ञात रहे। समाज के उत्थान के लिए निष्काम भाव से समर्पित उन सभी अनजाने नायकों को मैं बारम्बार और निरंतर प्रणाम करता हूँ।
प्रश्न 3.
(क) निम्नलिखित संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद अपने शब्दों में कीजिए –
(i) नित्यं प्रातः ! जागरणेन तस्य स्वास्थयम् अवर्धत्। तेन नियमेन पोषिताः पशवः स्वस्थाः सबलाः च जाताः, गावः महिष्यः च प्रचुरं दुग्धम् अयच्छन्। तदानीं तस्य कर्मकराः प्रभूतम् अन्नम् उत्पन्नं, गृहं च धनधान्य पूर्णम् जातम्।
उत्तर:
सन्दर्भ: प्रस्तुत संस्कृत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड के 'सदाचारः' पाठ से अवतरित है।
अनुवाद: नित्य प्रातः काल जागने (उठने) से उसका स्वास्थ्य बढ़ा। उसके नियमपूर्वक पालन-पोषण करने से उसके पशु स्वस्थ और बलवान हो गए। गायों और भैंसों ने अत्यधिक दूध दिया। उस समय उसके सेवकों (मजदूरों) ने प्रचुर मात्रा में अन्न उत्पन्न किया और उसका घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो गया।
अथवा
(ii) तेन न केवलम् भारतवर्षे अपितु पाश्चात्य देशेष्वपि व्यापकस्य मानव धर्मस्य डिण्डिम घोषः कृत। तेन अन्यैश्च शिष्यैः जनानां कल्याणार्थं स्थाने-स्थाने रामकृष्णः सेवाश्रमाः स्थापिताः। ईश्वरानुभवः दुःखितानां जनानां सेवयां पुष्यति। इति रामकृष्णस्य महान संदेशः।
उत्तर:
सन्दर्भ: प्रस्तुत संस्कृत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड के 'परमहंसः रामकृष्णः' पाठ से अवतरित है।
अनुवाद: उन्होंने न केवल भारतवर्ष में अपितु पश्चिमी देशों में भी व्यापक मानव धर्म का डिंडिम घोष (घोषणा) किया। उनके द्वारा तथा उनके अन्य शिष्यों द्वारा लोगों के कल्याणार्थ स्थान-स्थान पर रामकृष्ण सेवा आश्रमों की स्थापना की गई। दुःखी लोगों की सेवा करने से ही ईश्वर का अनुभव पुष्ट होता है, यही रामकृष्ण परमहंस का महान संदेश है।
(ख) निम्नलिखित संस्कृत पद्यांश में से किसी एक का सन्दर्भ सहित हिन्दी अनुवाद कीजिए –
(i) मनीषिणः सन्ति न ते हितैषिणः, हितैषिणः सन्ति न ते मनीषिणः।
सुहृच्च विद्वानपि दुर्लभः नृणाम्, यथौषधं स्वादु हितं च दुर्लभम्॥
उत्तर:
सन्दर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड के 'सुभाषितानि' पाठ से उद्धृत है।
अनुवाद: जो विद्वान हैं, वे हितैषी (भला चाहने वाले) नहीं होते और जो हितैषी हैं, वे विद्वान नहीं होते। मनुष्यों में ऐसा व्यक्ति मिलना कठिन है जो सच्चा मित्र भी हो और विद्वान भी हो, ठीक उसी प्रकार जैसे ऐसी औषधि मिलना दुर्लभ होता है जो स्वादिष्ट भी हो और हितकारी (स्वास्थ्यवर्धक) भी हो।
अथवा (ii)
समः सम विभक्ताङ्गः, स्निग्धवर्णः प्रतापवान्।
पीन वक्षा विशालाक्षो लक्ष्मीवाँच्छुभलक्षणः॥
उत्तर:
सन्दर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड के 'पुरुषोत्तमः रामः' पाठ से उद्धृत है।
अनुवाद: श्रीराम समान रूप से विभक्त (सुगठित) अंगों वाले, सुंदर (स्निग्ध) कांति वाले, अत्यंत तेजस्वी, चौड़ी छाती वाले, विशाल नेत्रों वाले, शोभा से संपन्न तथा शुभ लक्षणों से युक्त हैं।
प्रश्न 4.
'नये मेहमान' एकांकी की मुख्य स्त्री पात्र कौन है ? उसका चरित्र चित्रण कीजिए।
उत्तर:
'नये मेहमान' (लेखक: उदय शंकर भट्ट) एकांकी की मुख्य स्त्री पात्र 'रेवती' है। वह गृहस्वामी विश्वनाथ की पत्नी है। उसके चरित्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. गृहस्वामिनी एवं व्यावहारिक महिला: रेवती परिवार की व्यवस्था का सम्पूर्ण दायित्व निभाती है। वह घर के सीमित साधनों और तंग मकान की कठिनाइयों से भली-भाँति परिचित है।
2. चिड़चिड़े स्वभाव की: भीषण गर्मी, स्थान की कमी तथा बच्चों की अस्वस्थता के कारण वह मानसिक तनाव में रहती है। असमय अनजाने अतिथियों के आ जाने पर वह चिड़चिड़ी हो जाती है।
3. संतान-प्रेमी माँ: वह अपने बच्चों (किरण और नन्हें) के स्वास्थ्य और पढ़ाई के प्रति अत्यधिक चिंतित रहती है।
4. स्पष्टवादिनी: रेवती अपने मन के भावों को छिपाती नहीं और पति के सामने अपनी असंतोषजनक स्थिति को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर देती है।
अथवा
कथा संगठन की दृष्टि से 'सीमा रेखा' एकांकी की समीक्षा कीजिए।
उत्तर:
विष्णु प्रभाकर रचित 'सीमा रेखा' एकांकी कथा संगठन की दृष्टि से एक सफल और प्रभावोत्पादक एकांकी है।
1. कथानक: एकांकी का कथानक स्वतंत्रता के बाद देश में फैली अराजकता, हड़ताल और कानून व्यवस्था की समस्या पर आधारित है।
2. संघर्ष एवं नाट्य रूपांतरण: इसमें दो भाइयों—अन्नपूर्णा के बेटों (कैप्टन और जन नेता) के बीच कर्तव्य और संबंधों की सीमा रेखा का सुंदर द्वन्द्व दिखाया गया है।
3. उद्देश्य: एकांकी यह संदेश देती है कि राष्ट्रीय हित और कर्तव्य सीमा का पालन पारिवारिक संबंधों से ऊपर होता है।
प्रश्न 5.
(क) निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी रचनाओं को लिखिए –
(i) महादेवी वर्मा (ii) धर्मवीर भारती (iii) श्री राम शर्मा
उत्तर:
(i) महादेवी वर्मा का जीवन परिचय एवं रचनाएँ:
जीवन परिचय:
आधुनिक युग की मीरा कही जाने वाली महादेवी वर्मा का जन्म सन् 1907 ई० में फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) के एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री गोविंद प्रसाद वर्मा तथा माता का नाम हेमरानी देवी था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा इंदौर में तथा उच्च शिक्षा प्रयाग में हुई। इन्होंने संस्कृत में एम० ए० की परीक्षा उत्तीर्ण की। ये प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्रधानाचार्या और बाद में कुलपति रहीं। साहित्य सेवा के लिए इन्हें 'सेकसरिया' तथा 'मंगलाप्रसाद पारितोषिक' पुरस्कार मिले। इनकी काव्य कृति 'यामा' पर इन्हें भारत के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने इन्हें 'पद्म भूषण' से अलंकृत किया। 11 सितम्बर 1987 ई० को प्रयागराज में इनका निधन हो गया।
प्रमुख रचनाएँ:
काव्य संग्रह: नीरजा, निहार, सांध्यगीत, रश्मि, दीपशिखा, यामा।
रेखाचित्र एवं संस्मरण: अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी।
निबंध संग्रह: श्रृंखला की कड़ियाँ, क्षणदा।
(ख) निम्नलिखित कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी रचनाओं को लिखिए –
(i) मीराबाई (ii) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (iii) शिव मंगल सिंह 'सुमन'
उत्तर:
(i) मीराबाई का जीवन परिचय एवं रचनाएँ:
जीवन परिचय:
कृष्णभक्ति काव्य धारा की मधुर गायिका मीराबाई का जन्म सन् 1498 ई० के लगभग राजस्थान में मेड़ता के पास कुड़की नामक गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम राठौड़ रतन सिंह था। बचपन में ही माता का निधन हो जाने के कारण इनका पालन-पोषण इनके पितामह राव दूदाजी के पास हुआ। इनका विवाह मेवाड़ के महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र कुँवर भोजराज के साथ हुआ था। विवाह के कुछ ही वर्षों बाद इनके पति का देहांत हो गया। पति की मृत्यु के पश्चात् ये साधु-संतों की संगति में रहकर श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहने लगीं। अंत समय में ये द्वारका चली गईं और सन् 1546 ई० के लगभग रणछोड़ जी की मूर्ति में विलीन हो गईं।
प्रमुख रचनाएँ:
1. नरसी जी का मायरा
2. गीत गोविंद की टीका
3. राग गोविंद
4. मीराबाई की पदावली (स्फुट पद)
प्रश्न 6.
अपनी पाठ्य पुस्तक से कण्ठस्थ किया हुआ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न-पत्र में न आया हो।
उत्तर:
बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता॥
प्रश्न 7.
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए –
(i) कंसः कः आसीत् ?
(ii) के मानवः वन्दनीयाः भवन्ति ?
(iii) कस्य जीवनम् अभावग्रस्तं जातम् ?
(iv) ऋतं कः वदिष्यति ?
उत्तर:
(i) कंसः मथुरायाः अत्याचारी नृपः आसीत्।
(ii) सदाचारिणः मानवः वन्दनीयाः भवन्ति।
प्रश्न 8.
निम्नलिखित मुहावरों एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ बताते हुए अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए –
(i) कलई खुलना
(ii) पत्थर की लकीर
(iii) कूप मण्डूक होना
उत्तर:
(i) कलई खुलना
अर्थ: भेद खुलना / पोल खुलना।
वाक्य प्रयोग: पुलिस के कड़े प्रश्नों के सामने आते ही अपराधी की सारी कलई खुल गई।
प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए –
(i) बालिका पढ़ती है।
(ii) राम स्वभाव से दयालु है।
(iii) वे दोनों वाराणसी जायेंगे।
(iv) यह मेरी पुस्तक है।
उत्तर:
(i) बालिका पठति।
(iv) इयं मम पुस्तकम् अस्ति।
प्रश्न 10.
अपने क्षेत्र के विधायक को पत्र लिखकर अपने गाँव में एक बालिका विद्यालय की स्थापना के लिए अनुरोध कीजिए।
अथवा
विद्यालय में खेलकूद की समुचित व्यवस्था के लिए अपने प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय इण्टर कॉलेज,
मेरठ (उत्तर प्रदेश)।
विषय: खेलकूद की समुचित व्यवस्था हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 9 'अ' का छात्र हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान विद्यालय में खेलकूद की व्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
हमारे विद्यालय का खेल मैदान विशाल है, किन्तु उचित रख-रखाव और खेल सामग्री (जैसे फुटबॉल, क्रिकेट किट, वॉलीबॉल नेट आदि) के अभाव में छात्र खेल सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। शारीरिक विकास और मानसिक ताजगी के लिए नियमित खेलकूद अत्यंत आवश्यक हैं।
अतः आपसे नम्र निवेदन है कि विद्यालय में खेलकूद की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने तथा क्रीड़ा कालांश (स्पोर्ट्स पीरियड) को सुचारू रूप से संचालित करवाने की कृपा करें।
इसके लिए हम सभी छात्र आपके सदैव आभारी रहेंगे।
सधन्यवाद।
दिनांक: 10 मार्च 2026
आपका आज्ञाकारी छात्र,
क० ख० ग०
कक्षा – 9 'अ'