Solution

UP Board Class 9 Board Paper 2025

कक्षा 9वीं · हिंदी · 2025 · बोर्ड परीक्षा

AI-generated solution. Verify important answers/calculations. · महत्वपूर्ण उत्तर एवं गणनाएँ स्वयं जाँच लें।

प्रश्न 1.

फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना कहाँ हुई थी ?

(A) मुम्बई

(B) दिल्ली

(C) कोलकाता

(D) चेन्नई

उत्तर:

(C) कोलकाता

व्याख्या: फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना 1800 ई. में कोलकाता (कलकत्ता) में हुई थी।

प्रश्न 2.

भारतेन्दु युग के लेखक हैं।

(A) प्रताप नारायण मिश्र

(B) सरदार पूर्ण सिंह

(C) महावीर प्रसाद द्विवेदी

(D) प्रेमचन्द

उत्तर:

(A) प्रताप नारायण मिश्र

व्याख्या: पंडित प्रताप नारायण मिश्र भारतेन्दु युग के प्रमुख लेखक एवं निबंधकार हैं।

प्रश्न 3.

'इन्दुमती' कहानी के लेखक हैं।

(A) जयशंकर प्रसाद

(B) प्रेमचन्द

(C) रामचंद्र शुक्ल

(D) किशोरी लाल गोस्वामी

उत्तर:

(D) किशोरी लाल गोस्वामी

व्याख्या: 'इन्दुमती' कहानी के लेखक किशोरी लाल गोस्वामी हैं। इसे हिन्दी की प्रथम मौलिक कहानी माना जाता है।

प्रश्न 4.

'कविवचन सुधा' किस युग की पत्रिका है ?

(A) शुक्ल युग

(B) भारतेन्दु युग

(C) शुक्लोत्तर युग

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) भारतेन्दु युग

व्याख्या: 'कविवचन सुधा' पत्रिका का संपादन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा भारतेन्दु युग में किया गया था।

प्रश्न 5.

'भाषा योग वाशिष्ठ' के लेखक हैं-

(A) सदल मिश्र

(B) सदासुख लाल

(C) राम प्रसाद निरंजनी

(D) लल्लू लाल

उत्तर:

(C) राम प्रसाद निरंजनी

व्याख्या: 'भाषा योग वाशिष्ठ' की रचना रामप्रसाद निरंजनी ने वर्ष 1741 ई. में की थी।

प्रश्न 6.

आदि काल को अन्य किस नाम से जाना जाता है ?

(A) चारण काल

(B) वीरगाथा काल

(C) अपभ्रंश काल

(D) उपर्युक्त सभी

उत्तर:

(D) उपर्युक्त सभी

व्याख्या: आदि काल को चारण काल, वीरगाथा काल तथा अपभ्रंश काल आदि भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है।

प्रश्न 7.

किस काल को हिन्दी काव्य का स्वर्ण युग कहा जाता है ?

(A) आदि काल

(B) भक्ति काल

(C) रीति काल

(D) आधुनिक काल

उत्तर:

(B) भक्ति काल

व्याख्या: हिन्दी साहित्य में भक्ति काल को काव्य कला एवं भाव पक्ष की दृष्टि से स्वर्ण युग कहा जाता है।

प्रश्न 8.

'परमाल रासो' के रचयिता हैं-

(A) नरपति नाल्ह

(B) दलपति विजय

(C) भट्ट केदार

(D) जगनिक

उत्तर:

(D) जगनिक

व्याख्या: 'परमाल रासो' (आल्हाखण्ड) के रचयिता जगनिक हैं।

प्रश्न 9.

संत काव्य धारा के कवि नहीं हैं-

(A) कबीर

(B) रैदास

(C) कुतबन

(D) दादू दयाल

उत्तर:

(C) कुतबन

व्याख्या: कुतबन सूफी प्रेमाख्यानक काव्यधारा के कवि हैं, जबकि कबीर, रैदास और दादू दयाल संत कवि हैं।

प्रश्न 10.

'विनय पत्रिका' के रचयिता हैं-

(A) सूरदास

(B) कबीरदास

(C) तुलसीदास

(D) मलिक मोहम्मद जायसी

उत्तर:

(C) तुलसीदास

व्याख्या: 'विनय पत्रिका' गोस्वामी तुलसीदास जी की ब्रजभाषा में रचित प्रसिद्ध रचना है।

प्रश्न 11.

'निंसि-दिन बरसत नैन हमारे' में कौन-सा रस है ?

(A) संयोग शृंगार

(B) वियोग शृंगार

(C) वीर रस

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) वियोग शृंगार

व्याख्या: यहाँ श्रीकृष्णा के वियोग में गोपियों के निरंतर अश्रु बहाने का वर्णन होने के कारण वियोग शृंगार रस है।

प्रश्न 12.

'चारु चन्द्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं जल थल में' कौन सा अलंकार है ?

(A) अनुप्रास

(B) यमक

(C) श्लेष

(D) उपमा

उत्तर:

(A) अनुप्रास

व्याख्या: 'च' वर्ण की आवृत्ति बार-बार होने के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार है।

प्रश्न 13.

किस छन्द के प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं ?

(A) दोहा

(B) चौपाई

(C) सोरठा

(D) रोला

उत्तर:

(B) चौपाई

व्याख्या: चौपाई एक सम मात्रिक छन्द है, जिसके प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं।

प्रश्न 14.

'महादेव' में सन्धि है -

(A) दीर्घ सन्धि

(B) यण सन्धि

(C) गुण सन्धि

(D) वृद्धि सन्धि

उत्तर:

(A) दीर्घ सन्धि

व्याख्या: महा + अदेव / महा + ईश रूपों में दीर्घ अथवा गुण संधि होती है, दिए गए विकल्पों में दीर्घ सन्धि सही उत्तर है।

प्रश्न 15.

'पुस्तकालय' में कौन-सा समास है ?

(A) कर्मधारय

(B) अव्ययी भाव

(C) द्विगु

(D) तत्पुरुष

उत्तर:

(D) तत्पुरुष

व्याख्या: 'पुस्तकालय' का विग्रह 'पुस्तक के लिए आलय' (सम्प्रदान तत्पुरुष समास) है।

प्रश्न 16.

कृतज्ञ का विलोम हैं-

(A) यज्ञ

(B) विज्ञ

(C) सर्वज्ञ

(D) कृतघ्न

उत्तर:

(D) कृतघ्न

व्याख्या: किए गए उपकार को मानने वाले को 'कृतज्ञ' तथा न मानने वाले को 'कृतघ्न' कहते हैं।

प्रश्न 17.

'गंगा' का पर्यायवाची नहीं हैं-

(A) भागीरथी

(B) सुरसरि

(C) मन्दाकिनी

(D) कालिन्दी

उत्तर:

(D) कालिन्दी

व्याख्या: कालिन्दी 'यमुना' का पर्यायवाची शब्द है, गंगा का नहीं।

प्रश्न 18.

'हरि' शब्द का तृतीया एकवचन रूप है-

(A) हरिम्

(B) हरया

(C) हरये

(D) हरेः

उत्तर:

(B) हरया

व्याख्या: 'हरि' शब्द का तृतीया विभक्ति एकवचन रूप हरिणा अथवा हरया होता है।

प्रश्न 19.

मक्षिका का तत्सम रूप हैं-

(A) मोती

(B) मधुमक्खी

(C) मक्खी

(D) भौंरा

उत्तर:

(C) मक्खी

व्याख्या: 'मक्षिका' तत्सम शब्द है जिसका तद्भव रूप 'मक्खी' है।

प्रश्न 20.

कैसा निखरा स्वर है ! में प्रयुक्त विराम चिह्न है-

(A) उद्धरण

(B) प्रश्न वाचक

(C) योजक

(D) विस्मयादि बोधक

उत्तर:

(D) विस्मयादि बोधक

व्याख्या: वाक्य के अन्त में आश्चर्य या विस्मय सूचक चिह्न (!) का प्रयोग हुआ है, जिसे विस्मयादि बोधक चिह्न कहते हैं।

प्रश्न 21.

निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) सोनजुही में आज एक पीली कली लगी है। उसे देखकर अनायास ही उस छोटे जीव का स्मरण हो आया, जो इस लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठता था और फिर मेरे निकट पहुँचते ही कंधे पर कूदकर मुझे चौंका देता था। तब मुझे कली की खोज रहती थी, पर आज उस लघुप्राणी की खोज है।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

(ii) रेखांकित अंशों की व्याख्या कीजिए।

(iii) 'अनायास' और 'लघुप्राणी' में कौन-सा समास है।

उत्तर:

(i) संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के गद्य-खण्ड में संकलित महादेवी वर्मा द्वारा रचित संस्मरण 'गिल्लू' नामक पाठ से उद्धृत है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या:

लेखिका कहती हैं कि सोनजुही की लता में खिली पीली कली को देखकर उन्हें अपने प्रिय छोटे जीव 'गिल्लू' की अचानक याद आ जाती है। पूर्व में वे लता में कलियाँ ढूँढा करती थीं, किन्तु आज उनका मन कली के स्थान पर उसी प्रिय लघु प्राणी गिल्लू की स्मृति में खोया हुआ है।

(iii) समास:

अनायास = न आयास (नञ् तत्पुरुष समास)

लघुप्राणी = लघु है जो प्राणी (कर्मधारय समास)

अथवा

(ख) दुनिया में दो अमोघ शक्तियाँ हैं- शब्द और कृति। इसमें कोई शक नहीं कि 'शब्दों ने सारी पृथ्वी को हिला दिया है'। किन्तु अन्तिम शक्ति तो 'कृति' की है। महात्मा जी ने इन दोनों शक्तियों की असाधारण उपासना की है। कस्तूरबा ने इन दोनों शक्तियों में से अधिक श्रेष्ठ शक्ति कृति की नम्रता के साथ उपासना करके संतोष माना और जीवन सिद्धि प्राप्त की।

(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(iii) 'संतोष' और 'नम्रता' का विलोम शब्द लिखिए।

उत्तर:

(i) संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के गद्य-खण्ड में संकलित काका कालेलकर द्वारा रचित 'निष्ठा मूर्ति कस्तूरबा' नामक पाठ से लिया गया है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या:

लेखक के अनुसार संसार में शब्द (विचार) और कृति (कर्म) दो महान शक्तियाँ हैं। यद्यपि शब्दों में बहुत सामर्थ्य होता है और उन्होंने संपूर्ण मानव समाज को प्रभावित किया है, फिर भी कर्म (कृति) की शक्ति ही स्थायी और अंतिम मानी जाती है।

(iii) विलोम शब्द:

संतोष = असंतोष

नम्रता = अनम्रता (कठोरता/उद्धतता)

प्रश्न 22.

दिए गये पद्यांश पर आधारित तीनों प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) सिख आयो बसंत रितुन को कंत, चहूँ दिसि फुलि रही सरसों।

बर सीतल मंद सुगंध समीर सतावन हार भयो गर सों॥

अब सुंदर साँवरो नंद किसोर कहैं 'हरिचंद' गयो घर सों।

परसों को बिताय दियो बरसों तरसों कब पॉय पिया परसों॥

(i) प्रस्तुत पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(iii) 'सरसों' का तत्सम शब्द लिखिए।

उत्तर:

(i) संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के काव्य-खण्ड में संकलित भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित 'प्रेम-माधुरी' शीर्षक कविता से अवतरित है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या:

गोपी अपनी सखी से कहती है कि हे सखी! ऋतुराज वसंत आ गया है और चारों दिशाओं में सरसों के पीले फूल खिल गए हैं। ऐसे सुहावने मौसम में जो शीतल, मन्द और सुगन्धित वायु सुख देने वाली होती है, वह प्रियतम के विरह में गले का हार बनकर संताप दे रही है।

(iii) 'सरसों' का तत्सम शब्द: सर्षप (सरषप)

अथवा

(ख) चारु चन्द्र की चंचल किरणें खेल रही हैं जल-थल में,

स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई है अवनि और अम्बर तल में।

पुलक प्रकट करती है धरती हरित तृणों के नोकों से,

मानो झूम रहे हैं तरु भी मन्द पवन के झोंकों से।

(i) प्रस्तुत पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(iii) 'चारु चन्द्र की चंचल किरणें' में कौन-सा अलंकार है ?

उत्तर:

(i) संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के काव्य-खण्ड में संकलित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित 'पंचवटी' शीर्षक काव्य से उद्धृत है।

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या:

कवि कहते हैं कि पृथ्वी हरी घास के तिनकों की नोकों के माध्यम से अपनी प्रसन्नता और रोमाँच व्यक्त कर रही है। ऐसा लगता है मानो वृक्ष भी मन्द वायु के झोंकों से प्रसन्न होकर झूम रहे हैं।

(iii) अलंकार: 'चारु चन्द्र की चंचल किरणें' में 'च' वर्ण की पुनरावृत्ति के कारण अनुप्रास अलंकार है।

प्रश्न 23.

नीचे दिए गये संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।

(क) "परमहंसस्य रामकृष्णस्य जीवनचरितं धर्माचरणस्य प्रायोगिकं विवरणं विद्यते। तस्य जीवनम् अस्मभ्यम् ईश्वरदर्शनाय शक्तिं प्रददाति। तस्य वचनानि न केवलं कस्यचित् नीरसानि ज्ञानवचनानि अपितु तस्य जीवन-ग्रन्थस्य पृष्ठानि एव। तस्य जीवनम् अहिंसायाः मूर्तिमान् पाठः विद्यते।"

उत्तर:

संदर्भ: प्रस्तुत संस्कृत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत-खण्ड के 'परमहंसः रामकृष्णः' नामक पाठ से उद्धृत है।

हिन्दी अनुवाद:

परमहंस रामकृष्ण का जीवन-चरित्र धर्म के आचरण का व्यावहारिक विवरण है। उनका जीवन हमें ईश्वर के दर्शन की शक्ति प्रदान करता है। उनके वचन केवल नीरस ज्ञान-उपदेश नहीं हैं, बल्कि उनके जीवन रूपी ग्रन्थ के पन्ने ही हैं। उनका जीवन अहिंसा का साक्षात् (मूर्तिमान) पाठ है।

अथवा

(ख) सदाचारः नाम नियमसंयमयोः पालनम्। इन्द्रियसंयमः सदाचारस्य मूले तिष्ठति। इन्द्रियसंयमः युक्ताहारविहारेण युक्तस्वप्नावबोधेन च सम्भवति। किं युक्तं किम् अयुक्तम् इति सदाचारेण निर्णयैतुं शक्यते।

उत्तर:

संदर्भ: प्रस्तुत संस्कृत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत-खण्ड के 'सदाचारः' नामक पाठ से अवतरित है।

हिन्दी अनुवाद:

नियम और संयम का पालन करना ही सदाचार है। इन्द्रियों का संयम सदाचार के मूल में स्थित रहता है। इन्द्रिय संयम उचित आहार और आचरण से तथा उचित सोने और जागने से सम्भव होता है। क्या उचित है और क्या अनुचित है, इसका निर्णय सदाचार द्वारा ही किया जा सकता है।

प्रश्न 24.

दिए गए संस्कृत पद्यांश में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।

(क) वरमेको गुणी पुत्रो न च मूर्खशतैरपि।

एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च तारागणैरपि॥

उत्तर:

संदर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत-खण्ड के 'सुभाषितरत्नानि' पाठ से उद्धृत है।

हिन्दी अनुवाद:

एक ही गुणवान पुत्र श्रेष्ठ होता है, सौ मूर्ख पुत्र भी अच्छे नहीं होते। जिस प्रकार अकेला चन्द्रमा ही पूरे अन्धकार को नष्ट कर देता है, जबकि हज़ारों तारों के समूह मिलकर भी अन्धकार को नष्ट नहीं कर पाते।

अथवा

(ख) बुद्धिमान् नीतिमान् वाग्मी श्रीमाँच्छत्रुनिबर्हणः।

विपुलांसो महाबाहुः कम्बुग्रीवो महाहनुः॥

उत्तर:

संदर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत-खण्ड के 'पुरुषोत्तमः रामः' नामक पाठ से लिया गया है।

हिन्दी अनुवाद:

(श्रीराम) बुद्धिमान, नीतिशास्त्र के ज्ञाता, चतुर वक्ता, कान्तिमान और शत्रुओं का विनाश करने वाले हैं। उनके कंधे चौड़े हैं, भुजाएँ विशाल हैं, गर्दन शंख के समान सुडौल है और ठोढ़ी पुष्ट है।

प्रश्न 25.

'दीपदान' एकांकी के आधार पर पन्नाधाय का चरित्र-चित्रण कीजिए।

उत्तर:

डॉ. रामकुमार वर्मा द्वारा रचित 'दीपदान' एकांकी की मुख्य नायिका पन्नाधाय है। वह चित्तौड़ के कुँवर उदयसिंह की धाय माँ है। उसके चरित्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

1. अद्वितीय त्यागी व बलिदानी: पन्नाधाय ने मेवाड़ के राजवंश की रक्षा के लिए अपने सगे पुत्र चन्दन की बलि चढ़ा दी। उसने बनवीर से उदयसिंह के प्राण बचाने हेतु अपने पुत्र को उदयसिंह की शैया पर सुला दिया।

2. पराकाष्ठा की स्वामिभक्ति: पन्नाधाय के लिए कर्तव्य और स्वामिभक्ति अपने पुत्र-मोह से बहुत बढ़कर थी। उसने राजवंश के प्रति अपने धर्म को सर्वोपरि माना।

3. प्रत्युत्पन्नमति और चतुर: वह बनवीर के कुचक्र को समय रहते समझ जाती है और कुँवर उदयसिंह को झूठे पत्तलों की टोकरी में छिपाकर प्रासाद से बाहर भिजवा देती है।

4. कर्त्तव्यनिष्ठ वीरांगना: वह कठिन से कठिन परिस्थिति में भी विचलित नहीं होती और दृढ़ता से अपने कर्त्तव्य का पालन करती है।

निष्कर्षतः पन्नाधाय त्याग, बलिदान और स्वामिभक्ति की एक अमर मिसाल है।

अथवा

'लक्ष्मी का स्वागत' एकांकी का सारांश लिखिए।

उत्तर:

उपेन्द्रनाथ 'अश्क' द्वारा रचित 'लक्ष्मी का स्वागत' एक मार्मिक सामाजिक एकांकी है। इसमें समाज में व्याप्त दहेज-प्रथा, धन-लोलुपता और मानवीय संवेदनाओं के पतन को दिखाया गया है।

एकांकी का मुख्य पात्र रोशन है, जिसका इकलौता पुत्र सुरेन्द्र गम्भीर बीमारी से पीड़ित है। रोशन की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका है। रोशन के माता-पिता बालक की बीमारी की चिंता किए बिना रोशन का दूसरा विवाह तय करने में लगे हैं, ताकि उन्हें भारी दहेज (लक्ष्मी) मिल सके। रोशन अपने बच्चे की जान बचाने के लिए व्यग्र है, परन्तु उसके माता-पिता केवल धन और नए सम्बन्ध की बात करते हैं। अंततः सुरेन्द्र की मृत्यु हो जाती है और उसी समय विवाह तय करने वाले सम्बंधी पहुँचते हैं। यह एकांकी समाज के धनलोभी और निष्ठुर चेहरे को बेनकाब करती है।

प्रश्न 26.

(क)

दिए गए लेखकों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना लिखिए।

उत्तर:

(i) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी:

जीवन परिचय:

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 ई. में बलिया जिले के 'दुबे का छपरा' नामक ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम पं. अनमोल द्विवेदी था। इन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से ज्योतिषाचार्य की उपाधि प्राप्त की। ये शांतिनिकेतन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय तथा पंजाब विश्वविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष रहे। भारत सरकार ने इन्हें 'पद्मभूषण' की उपाधि से सम्मानित किया। सन् 1979 ई. में इनका निधन हो गया।

प्रमुख रचना:

उपन्यास: बाणभट्ट की आत्मकथा

प्रश्न 26.

(ख)

दिए गए कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:

(iii) कबीर दास:

जीवन परिचय:

संत कबीरदास का जन्म सन् 1398 ई. में काशी में हुआ था। जनश्रुति के अनुसार इनका पालन-पोषण नीरू और नीमा नामक जुलाहा दम्पति ने किया। इनके गुरु स्वामी रामानन्द थे। कबीरदास निरक्षर थे, किन्तु उनके उपदेशों को उनके शिष्यों ने ग्रन्थ रूप में संकलित किया। वे समाज-सुधारक थे तथा बाह्याडम्बरों के घोर विरोधी थे। सन् 1518 ई. में मगहर में उनका निधन हुआ।

प्रमुख रचना:

बीजक (साखी, शब्द, रमैनी का संग्रह)

प्रश्न 27.

अपनी पाठ्य पुस्तक से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न पत्र में न आया हो।

उत्तर:

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥

प्रश्न 28.

निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर संस्कृत में दीजिए।

(i) क्रोधं केन जयेत् ?

उत्तर:

अक्रोधेन क्रोधं जयेत्।

(ii) स्वामी विवेकानन्दः कस्य शिष्यः आसीत् ?

उत्तर:

स्वामी विवेकानन्दः स्वामी रामकृष्णपरमहंसस्य शिष्यः आसीत्।

प्रश्न 29.

निम्नलिखित में से किसी एक मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(ii) गागर में सागर भरना

उत्तर:

अर्थ: थोड़े शब्दों में बहुत बड़ी और अर्थपूर्ण बात कहना।

वाक्य प्रयोग: कबीरदास जी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है।

प्रश्न 30.

निम्नलिखित में से किन्हीं दो वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए।

(i) हम सब विद्यालय जाते हैं।

उत्तर:

वयम् विद्यालयम् गच्छामः।

(ii) तुम यह पुस्तक पढ़ते हो।

उत्तर:

त्वम् एतत् पुस्त कम् पठसि।

प्रश्न 31.

घर के विवाहोत्सव में सम्मिलित होने के लिए प्रधानाचार्य को अवकाश हेतु एक प्रार्थना पत्र लिखिए।

उत्तर:

सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय,

राजकीय इण्टर कॉलेज,

मेरठ।

विषय: विवाहोत्सव में सम्मिलित होने हेतु अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मेरे बड़े भाई का शुभ विवाह दिनांक 25 फरवरी को होना निश्चित हुआ है। इस मांगलिक अवसर पर घर के कार्यों एवं रस्मों में मेरी उपस्थिति अनिवार्य है। इस कारण मैं दिनांक 24 फरवरी से 26 फरवरी तक विद्यालय में उपस्थित रहने में असमर्थ हूँ।

अतः आपसे नम्र निवेदन है कि मुझे उक्त तीन दिनों का (दिनांक 24-02-2025 से 26-02-2025 तक) अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

सधन्यवाद।

दिनांक: 22 फरवरी 2025

आपका आज्ञाकारी छात्र,

क. ख. ग.

कक्षा - 9 'अ'

अनुक्रमांक - 15

अथवा

शहर की सफाई हेतु मुख्य नगर अधिकारी को पत्र लिखिए !

उत्तर:

सेवा में,

मुख्य नगर अधिकारी,

नगर निगम,

वाराणसी।

विषय: मोहल्ले की नियमित सफाई व्यवस्था हेतु पत्र।

महोदय,

मैं आपका ध्यान हमारे मोहल्ले 'आज़ाद नगर' की जर्जर सफाई व्यवस्था की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ। पिछले कई दिनों से यहाँ कोई सफाई कर्मचारी नहीं आया है, जिससे गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं और नालियाँ पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं।

दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है तथा तीव्र दुर्गन्ध आ रही है। इसके कारण मच्छरों व मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियाँ फैलने का गम्भीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर सफाई एवं कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की समुचित व्यवस्था कराने की कृपा करें।

सधन्यवाद।

दिनांक: 22 फरवरी 2025

भवदीय,

समस्त निवासीगण,

आज़ाद नगर, वाराणसी।