खण्ड-अ
Solution
UP Board Class 12th Physics Half Yearly Paper 2026 PPD Code
कक्षा 12वीं · भौतिक विज्ञान · 2026 · अर्धवार्षिक
प्रश्न 1(क).
यदि किसी माध्यम के लिए क्रान्तिक कोण α है, तो पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के लिए आपतन कोण β होना चाहिए-
(अ) β < α
(ब) β > α
(स) β = α
(द) β ≤ α
उत्तर:
. (ब) β > α
प्रश्न 1(ख).
1 × 10⁻⁷ कूलॉम आवेश देने के लिए एक धातु के टुकड़े से निकले इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी-
(अ) 10²
(ब) 1.6 × 10¹⁹
(स) 625 × 10¹¹
(द) 9 × 10¹²
उत्तर:
. (स) 625 × 10¹¹
प्रश्न 1(ग).
निर्वात की विद्युतशीलता का मात्रक है-
(अ) न्यूटन मी²/कूलॉम
(ब) कूलॉम²/न्यूटन मी²
(स) न्यूटन/कूलॉम
(द) न्यूटन-वोल्ट/मी
उत्तर:
. (ब) कूलॉम²/न्यूटन मी² (नोट: स्रोत में 'मी' दिया गया है, जो कि मी² होता है)
प्रश्न 1(घ).
उत्तल लेन्स की फोकस दूरी अधिकतम है-
(अ) नीले प्रकाश के लिए
(ब) हरे प्रकाश के लिए
(स) लाल प्रकाश के लिए
(द) पीले प्रकाश के लिए
उत्तर:
. (स) लाल प्रकाश के लिए
प्रश्न 1(ङ).
एक गतिशील आवेश उत्पन्न करता है-
(अ) केवल विद्युत क्षेत्र
(ब) केवल चुम्बकीय क्षेत्र
(स) विद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्र दोनों
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
. (स) विद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्र दोनों
प्रश्न 1(च).
1.2 अपवर्तनांक पदार्थ से एक उभयोत्तल लेन्स बना है, जिसकी दोनों सतहें उत्तल हैं। यदि इसको 1.33 अपवर्तनांक वाले जल में डुबोते हैं, तो यह कार्य करेगा-
(अ) एक अभिसारी लेन्स की भाँति
(ब) एक अपसारी लेन्स की भाँति
(स) एक आयताकार गुटके की भाँति
(द) एक प्रिज्म की भाँति
उत्तर:
. (ब) एक अपसारी लेन्स की भाँति
खण्ड-ब
प्रश्न 2(क).
विद्युत चालकता और विशिष्ट चालकता की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
.
• विद्युत चालकता (Electrical Conductance): किसी चालक के प्रतिरोध के व्युत्क्रम को उसकी विद्युत चालकता कहते हैं। इसे G से प्रदर्शित करते हैं। इसका मात्रक सीमेंस (S) या ओम⁻¹ होता है (G = (1)/(R))।
• विशिष्ट चालकता (Specific Conductivity): किसी पदार्थ के विशिष्ट प्रतिरोध के व्युत्क्रम को उस पदार्थ की विशिष्ट चालकता (या चालकता) कहते हैं। इसे σ से प्रदर्शित करते हैं (σ = (1)/(ρ))। इसका मात्रक ओम⁻¹ मीटर⁻¹ (Ω⁻¹ m⁻¹) है।
प्रश्न 2(b).
लेन्स की क्षमता किसमें अधिक होगी और क्यों - वायु या जल में?
उत्तर:
. लेन्स की क्षमता वायु में अधिक होगी।
कारण: लेन्स की क्षमता P = (μ - 1)((1)/(R₁) - (1)/(R₂)) होती है। जब लेन्स को जल में डुबोया जाता है, तो उसका आपेक्षिक अपवर्तनांक (μ) कम हो जाता है, जिससे उसकी फोकस दूरी बढ़ जाती है और फोकस दूरी बढ़ने पर लेंस की क्षमता घट जाती है।
प्रश्न 2(c).
समान फोकस दूरी के उत्तल एवं अवतल लेन्सों को मिलाने पर संयोजन की फोकस दूरी कितनी होगी?
उत्तर:
.
माना उत्तल लेंस की फोकस दूरी +f तथा अवतल लेंस की फोकस दूरी -f है।
संयोजन की कुल फोकस दूरी (F) के लिए सूत्र:
(1)/(F) = (1)/(f₁) + (1)/(f₂)
(1)/(F) = (1)/(+f) + (1)/(-f) = 0
F = ∞ (अनंत)
अतः संयोजन की फोकस दूरी अनंत होगी।
प्रश्न 2(d).
पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
. जब प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है, और आपतन कोण का मान माध्यम के क्रान्तिक कोण से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश किरण विरल माध्यम में अपवर्तित होने के बजाय संपूर्ण रूप से वापस उसी सघन माध्यम में परावर्तित हो जाती है। इस घटना को पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
प्रश्न 2(e).
किसी सेल के विद्युत वाहक बल की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
. एकांक आवेश को पूरे परिपथ (सेल के भीतर सहित) में प्रवाहित करने के लिए सेल द्वारा दी गई ऊर्जा या किए गए कार्य को सेल का विद्युत वाहक बल (EMF) कहते हैं। इसे E से प्रदर्शित करते हैं, और इसका मात्रक वोल्ट होता है।
प्रश्न 2(f).
यदि विद्युत बल रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेदन कर रही हैं, तो इसका निर्दिष्ट अर्थ क्या है?
उत्तर:
. यदि विद्युत बल रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें, तो इसका अर्थ यह होगा कि प्रतिच्छेदन बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दो दिशाएँ होंगी, जो कि भौतिक रूप से असंभव है। अतः विद्युत बल रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
खण्ड-स
प्रश्न 3(a).
+10 μC तथा -10 μC के दो बिन्दु आवेश एक-दूसरे से 2 सेमी की दूरी पर स्थित हैं। यह द्विध्रुव 1 × 10⁵ V/m के एकसमान विद्युत क्षेत्र में स्थित है। द्विध्रुव को 0^° स्थिति से 180^° तक घुमाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए।
उत्तर:
.
दिया गया है:
• आवेश q = 10 μC = 10 × 10⁻⁶ C
• आवेशों के बीच की दूरी 2l = 2 cm = 0.02 m
• विद्युत क्षेत्र E = 1 × 10⁵ V/m
विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण p = q × 2l = (10 × 10⁻⁶) × 0.02 = 2 × 10⁻⁷ C·m
किया गया कार्य / आवश्यक ऊर्जा (W):
W = pE( θ₁ - θ₂)
W = (2 × 10⁻⁷) × (1 × 10⁵) × ( 0^° - 180^°)
W = 2 × 10⁻² × (1 - (-1))
W = 2 × 10⁻² × 2 = 4 × 10⁻² जूल = 0.04 जूल
प्रश्न 3(b).
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 100 cm² तथा दोनों प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र की तीव्रता 100 N/C है। प्रत्येक प्लेट पर कितना आवेश है?
उत्तर:
.
दिया गया है:
• क्षेत्रफल A = 100 cm² = 100 × 10⁻⁴ m² = 10⁻² m²
• विद्युत क्षेत्र E = 100 N/C
• निर्वात की विद्युतशीलता ₀ = 8.85 × 10⁻¹² C²/N·m²
समान्तर प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र E = (q)/( ₀ A)
अतः आवेश q = E · ₀ · A
q = 100 × (8.85 × 10⁻¹²) × 10⁻²
q = 8.85 × 10⁻¹² कूलॉम
प्रश्न 3(c).
फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम लिखिए।
उत्तर:
. इस नियम के अनुसार, यदि हम अपने दाहिने हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को एक-दूसरे के लंबवत इस प्रकार फैलाएँ कि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को और अंगूठा चालक की गति की दिशा को दर्शाए, तो मध्यमा चालक में प्रेरित धारा की दिशा को व्यक्त करेगी।
प्रश्न 3(d).
एक उत्तल लेन्स पर प्रकाश की किरणें पड़ रही हैं। यदि लेन्स की फोकस दूरी 20 सेमी है, तो प्रतिबिम्ब की स्थिति ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
.
दिया गया है:
• उत्तल लेंस की फोकस दूरी f = +20 cm
• चूँकि किरणें सीधे आ रही हैं (वस्तु की स्थिति स्पष्ट न होने पर सामान्यतः समांतर किरणों के लिए माना जाता है या यदि किरणें मुख्य अक्ष के समांतर हैं तो):
यदि प्रकाश किरणें मुख्य अक्ष के समांतर पड़ रही हैं, तो प्रतिबिम्ब फोकस पर बनेगा, अर्थात प्रतिबिम्ब की दूरी v = f = +20 cm होगी (लेंस के दूसरी ओर)।
खण्ड-द
प्रश्न 4(a).
वर्ण विक्षेपण से क्या तात्पर्य है? वर्ण विक्षेपण क्षमता के लिए सूत्र निगमित कीजिए।
उत्तर:
.
• वर्ण विक्षेपण: जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी प्रिज्म से गुजरती है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों में विभक्त हो जाती है। इस घटना को प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कहते हैं।
• वर्ण विक्षेपण क्षमता (ω): किसी प्रिज्म के लिए दो चरम रंगों (बैंगनी और लाल) के विचलन कोणों का अंतर और माध्य रंग (पीले) के विचलन कोण के अनुपात को वर्ण विक्षेपण क्षमता कहते हैं।
ω = (δ_v - δ_r)/(δ_y)
चूँकि δ = (μ - 1)A, अतः:
ω = (μ_v - μ_r)/(μ_y - 1)
प्रश्न 4(b).
किसी खोखले बेलन के भीतर 17.7 × 10⁻¹² कूलॉम आवेश है। इसके वक्र पृष्ठ से सम्बद्ध वैद्युत फ्लक्स 1.5 N·m²/कूलॉम है। इसके किसी एक समतल पृष्ठ से सम्बद्ध विद्युत फ्लक्स का मान क्या होगा?
उत्तर:
.
दिया गया कुल आवेश q = 17.7 × 10⁻¹² C
गॉस की प्रमेय से कुल वैद्युत फ्लक्स ( _total):
_total = (q)/( ₀) = 17.7 × 10⁻¹²8.85 × 10⁻¹² = 2 N·m²/C
बेलन में दो समतल पृष्ठ और एक वक्र पृष्ठ होता है:
_total = _curve + _plane1 + _plane2
2 = 1.5 + 2 _plane
2 _plane = 2 - 1.5 = 0.5
_plane = (0.5)/(2) = 0.25 N·m²/C
अतः प्रत्येक समतल पृष्ठ से संबद्ध फ्लक्स 0.25 N·m²/C है।
प्रश्न 4(c).
एक वस्तु का प्रतिबिम्ब वस्तु से 40 सेमी की दूरी पर बनता है। जब एक लेन्स को इनके ठीक बीच में रखा जाता है, तब लेन्स की क्षमता ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
.
वस्तु और प्रतिबिम्ब के बीच की कुल दूरी D = 40 cm = 0.4 m
चूँकि लेंस को ठीक बीच में रखा जाता है, अतः:
वस्तु की दूरी u = -20 cm = -0.2 m
प्रतिबिम्ब की दूरी v = +20 cm = +0.2 m (वास्तविक प्रतिबिम्ब के लिए)
लेंस के सूत्र से:
(1)/(f) = (1)/(v) - (1)/(u)
(1)/(f) = (1)/(0.2) - (1)/(-0.2) = (1)/(0.2) + (1)/(0.2) = (2)/(0.2) = 10 m⁻¹
लेन्स की क्षमता P = (1)/(f(in meters)) = +10 डीोप्टर (D)।
प्रश्न 4(d).
यदि 100 μC तक आवेशित संधारित्र के अन्दर रखे गुटके का परावैद्युतांक 2.0 हो, तो संधारित्र के अन्दर रखे परावैद्युत गुटके पर उत्पन्न प्रेरित आवेश ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
.
परावैद्युत पर प्रेरित आवेश (q') का सूत्र:
q' = q (1 - (1)/(K))
जहाँ आवेश q = 100 μC और परावैद्युतांक K = 2.0
q' = 100 μC (1 - (1)/(2)) = 100 μC × 0.5 = 50 μC
प्रश्न 4(e).
संधारित्र की धारिता से आप क्या समझते हैं? समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र लिखिए तथा धारिता पर प्लेटों के क्षेत्रफल का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
.
• संधारित्र की धारिता: किसी संधारित्र की प्लेटों को दिए गए आवेश तथा दोनों प्लेटों के बीच उत्पन्न विभवांतर के अनुपात को संधारित्र की धारिता कहते हैं (C = (q)/(V))।
• समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र: C = ( ₀ A)/(d)
• क्षेत्रफल का प्रभाव: संधारित्र की धारिता प्लेटों के क्षेत्रफल (A) के अनुक्रमानुपाती होती है; अर्थात प्लेटों का क्षेत्रफल बढ़ाने पर धारिता बढ़ जाती है।
खण्ड-इ
प्रश्न 5(a).
विद्युत द्विध्रुव क्या है? अक्षीय स्थिति में विद्युत द्विध्रुव के कारण उत्पन्न किसी बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का सूत्र निगमित कीजिए।
उत्तर:
.
• विद्युत द्विध्रुव: जब दो बराबर एवं विपरीत बिंदु आवेश एक-दूसरे से बहुत অল্প दूरी पर स्थित होते हैं, तो इस निकाय को विद्युत द्विध्रुव कहते हैं।
• अक्षीय स्थिति में तीव्रता का व्यंजक: यदि द्विध्रुव के केंद्र से r दूरी पर अक्षीय स्थिति में कोई बिंदु हो, तो विद्युत क्षेत्र की तीव्रता:
E = (1)/(4π ₀) (2pr)/((r² - l²)²)
यदि r l हो, तो:
E = (1)/(4π ₀) (2p)/(r³)
प्रश्न 5(b).
विद्युत सामर्थ्य से क्या तात्पर्य है? इसके विभिन्न मात्रक लिखिए।
उत्तर:
.
• विद्युत सामर्थ्य: किसी विद्युत परिपथ में ऊर्जा उपभोग होने की दर को विद्युत सामर्थ्य (Power) कहते हैं (P = (W)/(t) = VI = I²R = (V²)/(R))।
• विभिन्न मात्रक: वाट (Watt), किलोवाट (kW), अश्वशक्ति (HP), जूल प्रति सेकंड।
प्रश्न 5(c).
एक लेन्स की वायु में फोकस दूरी 20 सेमी है। इसे 1.3 अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबोने पर इसकी फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। (कांच का अपवर्तनांक μ_g = 1.5 मानकर)
उत्तर:
.
दिया गया है:
• वायु में फोकस दूरी f_a = 20 cm
• कांच का अपवर्तनांक μ_g = 1.5
• द्रव का अपवर्तनांक μ_l = 1.3
सूत्र: (f_l)/(f_a) = ((μ_g - 1))/(((μ_g)/(μ_l) - 1)) × (((μ_g)/(1) - 1))/( )
मान रखने पर:
(f_l)/(20) = (1.5 - 1)/(((1.5)/(1.3) - 1)) = (0.5)/((0.2)/(1.3)) = (0.5 × 1.3)/(0.2) = 3.25
f_l = 20 × 3.25 = 65 सेमी
प्रश्न 5(d).
दिए गए परिपथ में धाराओं I₂ तथा I₃ के मान की गणना कीजिए।
उत्तर:
. (परिपथ चित्र के क्रचॉफ के नियमों के अनुसार nodal/mesh analysis द्वारा हल किया जाता है; मानक मानों के अनुसार इसे किरचॉफ के नियम से I₂ और I₃ ज्ञात किया जाता है)।
प्रश्न 5(e).
वैद्युत सम्बन्धी किरचॉफ के दोनों नियमों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
.
1. किरचॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम / KCL): किसी विद्युत नेटवर्क के किसी भी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है (Σ I = 0)। यह आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है।
2. किरचॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम / KVL): किसी बंद परिपथ के प्रत्येक भाग में बहने वाली धाराओं और उनके संगत प्रतिरोधों के गुणनफल का बीजगणितीय योग उस बंद परिपथ में उपस्थित कुल विद्युत वाहक बलों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है (Σ IR = Σ E)। यह ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है।
खण्ड-य
प्रश्न 6.
एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्यक एवं नेत्रिका की फोकस दूरियाँ क्रमशः 2 सेमी एवं 5 सेमी हैं। ये एक-दूसरे से 20 सेमी की दूरी पर हैं। अन्तिम प्रतिबिम्ब नेत्रिका से 25 सेमी दूरी पर बनता है। वस्तु की स्थिति तथा सम्पूर्ण आवर्धन ज्ञात कीजिए।
(अथवा विद्युत चुम्बकीय तरंगों के विभिन्न घटकों का वर्णन करते हुए इनके गुणों का उल्लेख कीजिए।)
उत्तर:
(अथवा - विद्युत चुम्बकीय तरंगें):
• विद्युत चुम्बकीय तरंगों के घटक: रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें (Microwaves), अवरक्त किरणें (Infrared), दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी किरणें (UV), एक्स-किरणें और गामा किरणें।
• प्रमुख गुण:
1. ये त्वरित आवेश द्वारा उत्पन्न होती हैं।
2. इनके संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती (निर्वात में भी गमन करती हैं)।
3. निर्वात में इनका वेग प्रकाश के वेग (c = 3 × 10⁸ m/s) के बराबर होता है।
4. ये विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा विक्षेपित नहीं होतीं, लेकिन इनमें व्यतिकરણ और विवर्तन के गुण पाए जाते हैं।
प्रश्न 7.
अल्पतम विचलन कोण δ_m तथा प्रिज्म कोण A के पदों में सिद्ध कीजिए कि आपतन कोण i = (δ_m + A)/(2)
(अथवा एक धारावाही वृत्ताकार कुण्डली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त कीजिए।)
उत्तर:
(अथवा - वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र):
• व्यंजक: B = (μ₀ NI)/(2r)
• प्रयुक्त नियम: इसमें बायो-सेवर्ट का नियम प्रयुक्त होता है, जिसके अनुसार किसी अल्पांश के कारण चुंबकीय क्षेत्र dB = (μ₀)/(4π) (I dl θ)/(r²) होता है।
प्रश्न 8.
सिद्ध कीजिए कि एक समरूप त्रिज्य चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही कुण्डली पर आरोपित बल युग्म का आघूर्ण = NLAB होता है।
(अथवा व्हीटस्टोन सेतु क्या है? दिए गए परिपथ में I₁, I₂ व I_g का मान ज्ञात कीजिए।)
उत्तर:
(अथवा - व्हीटस्टोन सेतु):
• व्हीटस्टोन सेतु: यह चार प्रतिरोधों का एक ऐसा व्यवस्थापकीय परिपथ है जिसकी सहायता से किसी अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात किया जाता है। संतुलित अवस्था में (P)/(Q) = (R)/(S) होता है।
प्रश्न 9.
चुम्बक का परमाणविक मॉडल क्या है? इसके आधार पर अनुचुम्बकीय, प्रतिचुम्बकीय तथा लौहचुम्बकीय पदार्थों में विभेद कीजिए। प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
(अथवा स्थिर विद्युत में गॉस के नियम का उल्लेख कीजिए। इसका उपयोग करके एक बिन्दु स्रोत आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र का मान ज्ञात कीजिए। कूलॉम के नियम का निगमन कीजिए।)
उत्तर:
(अथवा - गॉस का नियम):
• गॉस का नियम: किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल वैद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ द्वारा परिबद्ध कुल आवेश का (1)/( ₀) गुना होता है ( = E · dA = (q)/( ₀)).
• बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र: E = (1)/(4π ₀) (q)/(r²)
• कूलॉम के नियम का निगमन: बल F = q₀ E में E का मान रखने पर कूलॉम का नियम प्राप्त होता है:
F = (1)/(4π ₀) (q q₀)/(r²)