Solution

UP Board Class 12th Mathematics Half Yearly Paper 2026 PPD Code

कक्षा 12वीं · गणित · 2026 · अर्धवार्षिक

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खण्ड-अ

प्रश्न 1(क).

फलन f: R → R, f(x) = 3x x R द्वारा परिभाषित है, तो फलन होगा-

(अ) एकैकी नहीं

(ब) आच्छादक नहीं

(स) एकैकी आच्छादक

(द) बहुएक

उत्तर:

. (स) एकैकी आच्छादक

प्रश्न 1(ख).

अवकल समीकरण 7 ((d³y)/(dx³))² + 5 ((d²y)/(dx²))³ + x (dy)/(dx) + y = 0 की घात होगी-

(अ) 3

(ब) 2

(स) 6

(द) 5

उत्तर:

. (ब) 2

प्रश्न 1(ग).

यदि सदिश 2 i + 3 j + 4 k, सदिश 5 i - λ j + 2 k पर लम्बवत है, तो λ का मान है-

(अ) 3

(ब) 0

(स) 4

(द) 6

उत्तर:

. (द) 6

प्रश्न 1(घ).

⁻¹(-√(2)) का मुख्य मान होगा-

(अ) (3π)/(4)

(ब) (π)/(4)

(स) (π)/(2)

(द) 0

उत्तर:

. (अ) (3π)/(4)

प्रश्न 1(ङ).

यदि आव्यूहों A और B की कोटियाँ क्रमशः m × n और n × p हैं, तो AB की कोटि होगी-

(अ) m × p

(ब) p × m

(स) m × n

(द) n × p

उत्तर:

. (अ) m × p

खण्ड-ब

प्रश्न 2(क).

दिखाइए कि फलन f(x) = 7x² - 3 एक वर्धमान फलन है, जबकि x > 0।

उत्तर:

.

फलन दिया है: f(x) = 7x² - 3

x के सापेक्ष अवकलन करने पर:

f'(x) = (d)/(dx)(7x² - 3) = 14x

चूँकि प्रश्न में दिया गया है कि x > 0, इसलिए 14x > 0 अर्थात f'(x) > 0 होगा।

अतः फलन f(x) एक वर्धमान फलन है। (इति सिद्धम्)

प्रश्न 2(ख).

सदिशों -2 i + j + 3 k और 3 i - 2 j + k के बीच का कोण ज्ञात करो।

उत्तर:

.

माना सदिश a = -2 i + j + 3 k तथा b = 3 i - 2 j + k हैं।

दोनो सदिशों का अदिश गुणनफल ( a · b):

a · b = (-2)(3) + (1)(-2) + (3)(1) = -6 - 2 + 3 = -5

सदिशों के परिमाण:

a = √((-2)² + 1² + 3²) = √(4 + 1 + 9) = √(14)

b = √(3² + (-2)² + 1²) = √(9 + 4 + 1) = √(14)

बीच का कोण θ होने पर:

θ = a · b a b = -5√(14) × √(14) = (-5)/(14)

θ = ⁻¹((-5)/(14))

प्रश्न 2(ग).

यदि -1 < x < 1 के लिए x√(1+y) + y√(1+x) = 0 है, तो सिद्ध कीजिए कि (dy)/(dx) = (-1)/((1+x)²)।

उत्तर:

.

दिया गया है: x√(1+y) + y√(1+x) = 0

x√(1+y) = -y√(1+x)

दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:

x²(1+y) = y²(1+x)

x² + x²y = y² + y²x

(x² - y²) + (x²y - y²x) = 0

(x - y)(x + y) + xy(x - y) = 0

(x - y)(x + y + xy) = 0

चूँकि x ≠ y, अतः x + y + xy = 0

y(1 + x) = -x

y = (-x)/(1+x) = - (1 - (1)/(1+x)) = -1 + (1)/(1+x)

x के सापेक्ष अवकलन करने पर:

(dy)/(dx) = 0 + (-1)/((1+x)²) = (-1)/((1+x)²)

(इति सिद्धम्)

प्रश्न 2(घ).

यदि A = 3 & 1 -1 & 2 है तो, दर्शाइए कि A² - 5A + 7I = 0 तथा इसकी सहायता से A⁻¹ ज्ञात करो।

उत्तर:

.

A² = A · A = 3 & 1 -1 & 2 3 & 1 -1 & 2 = 9-1 & 3+2 -3-2 & -1+4 = 8 & 5 -5 & 3

अब A² - 5A + 7I का मान ज्ञात करने पर:

A² - 5A + 7I = 8 & 5 -5 & 3 - 5 3 & 1 -1 & 2 + 7 1 & 0 0 & 1

= 8 & 5 -5 & 3 - 15 & 5 -5 & 10 + 7 & 0 0 & 7

= 8 - 15 + 7 & 5 - 5 + 0 -5 - (-5) + 0 & 3 - 10 + 7 = 0 & 0 0 & 0 = 0

(इति सिद्धम्)

A⁻¹ ज्ञात करना:

समीकरण A² - 5A + 7I = 0 के दोनों तरफ A⁻¹ से गुणा करने पर:

A - 5I + 7A⁻¹ = 0

7A⁻¹ = 5I - A

7A⁻¹ = 5 1 & 0 0 & 1 - 3 & 1 -1 & 2 = 5 & 0 0 & 5 - 3 & 1 -1 & 2 = 2 & -1 1 & 3

A⁻¹ = (1)/(7) 2 & -1 1 & 3

प्रश्न 2(ङ).

यदि f(x) = x² (1)/(x) & if x ≠ 0 0 & if x = 0 है, तो सिद्ध कीजिए कि फलन f(x) एक सतत फलन है।

उत्तर:

.

x = 0 पर फलन की संततता की जाँच:

फलन का मान f(0) = 0 है।

सीमा (Limit):

ₓ → 0 f(x) = ₓ → 0 (x² (1)/(x))

चूँकि -1 ≤ ((1)/(x)) ≤ 1, अतः दोनों तरफ x² से गुणा करने पर:

-x² ≤ x² ((1)/(x)) ≤ x²

सीमा लेने पर, ₓ → 0 (-x²) = 0 और ₓ → 0 (x²) = 0

अतः स्क्वीज़ प्रमेय (Squeeze Theorem) से, ₓ → 0 f(x) = 0।

चूँकि ₓ → 0 f(x) = f(0) = 0, अतः फलन f(x) बिंदु x = 0 पर सतत है।

खण्ड-स

प्रश्न 3(क).

कोटि 2 के दो व्युत्क्रमणीय आव्यूहों के लिए सिद्ध करो कि (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹।

उत्तर:

.

हम जानते हैं कि किसी व्युत्क्रमणीय आव्यूह X के लिए X · X⁻¹ = I होता है।

अब आव्यूह (AB) और (B⁻¹A⁻¹) का गुणनफल लेने पर:

(AB)(B⁻¹A⁻¹) = A(B B⁻¹)A⁻¹

चूँकि B B⁻¹ = I, अतः:

= A(I)A⁻¹ = A A⁻¹ = I

चूँकि (AB)(B⁻¹A⁻¹) = I है, इसलिए परिभाषा के अनुसार (AB) का व्युत्क्रम (B⁻¹A⁻¹) है।

अतः (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹। (इति सिद्धम्)

प्रश्न 3(ख).

⁻¹(e^(-x)) का अवकलन गुणांक ज्ञात करो।

उत्तर:

.

माना y = ⁻¹(e^(-x))

शृंखला नियम (Chain Rule) का उपयोग करने पर:

(dy)/(dx) = -1 1 - (e^(-x))² · (d)/(dx)(e^(-x))

(dy)/(dx) = -1 1 - e^(-2x) · (-e^(-x))

(dy)/(dx) = e^(-x) 1 - e^(-2x)

प्रश्न 3(ग).

यदि A = \1, 2 तथा B = \3, 4, 5 तो A से B में सम्बन्धों की कुल संख्या कितनी होगी?

उत्तर:

.

समुच्चय A में अवयवों की संख्या n(A) = 2

समुच्चय B में अवयवों की संख्या सहसमुच्चय n(B) = 3

कार्तीय गुणन A × B में अवयवों की संख्या = n(A) × n(B) = 2 × 3 = 6

A से B में परिभाषित संबंधों की कुल संख्या = 2^(n(A × B)) = 2⁶ = 64।

प्रश्न 3(घ).

∫ x x dx का मान बताओ।

उत्तर:

.

खंडशः समाकलन (Integration by Parts) का प्रयोग करने पर:

∫ x x dx = x ∫ x dx - ∫ ((d)/(dx)( x) ∫ x dx) dx

= x ((x²)/(2)) - ∫ ((1)/(x) · (x²)/(2)) dx

= (x²)/(2) x - (1)/(2) ∫ x dx

= (x²)/(2) x - (1)/(2) ((x²)/(2)) + C

= (x²)/(2) x - (x²)/(4) + C

खण्ड-द

प्रश्न 4(क).

यदि y = 5x² + 4, तो बिन्दु (2, 1) पर ढाल ज्ञात करो। (नोट: प्रश्न में बिंदु दिया है, वक्र के अनुसार ढाल ज्ञात करते हैं)

उत्तर:

.

वक्र का समीकरण: y = 5x² + 4

x के सापेक्ष अवकलन करने पर वक्र की प्रवणता (ढाल) प्राप्त होती है:

(dy)/(dx) = 10x

बिन्दु x = 2 पर प्रवणता:

((dy)/(dx))ₓ=2 = 10(2) = 20

प्रश्न 4(ख).

यदि ⁻¹((1)/(2)) + ⁻¹(2) = ⁻¹(α) है, तो α का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

.

हम जानते हैं कि ⁻¹x + ⁻¹y = ⁻¹((x+y)/(1-xy)) (जब xy < 1 हो, लेकिन यहाँ x = (1)/(2), y = 2 है जहाँ xy = 1 है)।

जब xy = 1 और x > 0, y > 0 हो, तो ⁻¹x + ⁻¹y = (π)/(2) होता है।

अतः ⁻¹((1)/(2)) + ⁻¹(2) = (π)/(2)

प्रश्नानुसार, ⁻¹(α) = (π)/(2)

α = ((π)/(2)) = ∞ (अपरिभाषित)

(नोट: यदि सूत्र ⁻¹x + ⁻¹((1)/(x)) = (π)/(2) के रूप में देखें, तो मान अनन्त / अपरिभाषित होता है)।

प्रश्न 4(ग).

⁻¹(( x)/(1+ x)\त्रिकोण) का x के सापेक्ष अवकलन कीजिए।

उत्तर:

.

माना y = ⁻¹(( x)/(1 + x))

त्रिकोणमितीय सूत्रों का प्रयोग करने पर:

x = 2 (x)/(2) (x)/(2)

1 + x = 2 ²(x)/(2)

y = ⁻¹((2 (x)/(2) (x)/(2))/(2 ²(x)/(2))) = ⁻¹( (x)/(2)) = (x)/(2)

x के सापेक्ष अवकलन करने पर:

(dy)/(dx) = (1)/(2)

प्रश्न 4(घ).

एक घन का आयतन 9 cm³/sec की दर से बढ़ रहा है। यदि इसके कोर की लम्बाई 10 cm है, तो इसके पृष्ठ का क्षेत्रफल किस दर से बढ़ रहा है?

उत्तर:

.

माना घन की कोर की लंबाई x, आयतन V = x³ और पृष्ठीय क्षेत्रफल S = 6x² है।

दिया है: (dV)/(dt) = 9 cm³/sec और x = 10 cm

चूँकि V = x³, समय t के सापेक्ष अवकलन करने पर:

(dV)/(dt) = 3x² (dx)/(dt)

9 = 3(10)² (dx)/(dt) (dx)/(dt) = (9)/(300) = (3)/(100) cm/sec

अब पृष्ठीय क्षेत्रफल S = 6x² की परिवर्तन दर ज्ञात करने के लिए अवकलन करें:

(dS)/(dt) = 12x (dx)/(dt)

मान रखने पर:

(dS)/(dt) = 12(10) ((3)/(100)) = (360)/(100) = 3.6 cm²/sec

खण्ड-इ

प्रश्न 5(क).

समुच्चय A = \1, 2, 3, 4, 5, 6 में R = \(x,y) y भाज्य है x से द्वारा परिभाषित सम्बन्ध क्या तुल्यता सम्बन्ध है?

उत्तर:

.

• स्वतुल्य (Reflexive): प्रत्येक x A के लिए, x, x से भाज्य है (x स्वयं से विभाजित होता है), अतः (x,x) R है। यह स्वतुल्य है।

• सममित (Symmetric): यदि (2,4) R (चूँकि 4, 2 से भाज्य है), परन्तु (4,2) R (क्योंकि 2, 4 से भाज्य नहीं है)। अतः यह सममित नहीं है।

• संक्रामक (Transitive): यदि (x,y) R और (y,z) R, तो y, x से भाज्य है तथा z, y से भाज्य है। इससे स्पष्ट है कि z, x से भी भाज्य होगा, अतः (x,z) R है। यह संक्रामक है।

निष्कर्ष: चूँकि यह सम्बन्ध सममित नहीं है, अतः यह तुल्यता सम्बन्ध नहीं है।

प्रश्न 5(ब).

आव्यूह A = 3 & 3 & -1 -2 & -2 & 1 -4 & -5 & 2 को एक सममित आव्यूह तथा विषम सममित आव्यूह के योगफल के रूप में लिखो।

उत्तर:

.

किसी आव्यूह A को सममित (P) और विषम सममित (Q) के योग के रूप में इस प्रकार लिखा जाता है:

A = P + Q

जहाँ P = (1)/(2)(A + A') और Q = (1)/(2)(A - A')

परिवर्त आव्यूह A' ज्ञात करने पर:

A' = 3 & -2 & -4 3 & -2 & -5 -1 & 1 & 2

सममित भाग P:

P = (1)/(2)(A + A') = (1)/(2)( 3 & 3 & -1 -2 & -2 & 1 -4 & -5 & 2 + 3 & -2 & -4 3 & -2 & -5 -1 & 1 & 2 ) = (1)/(2) 6 & 1 & -5 1 & -4 & -4 -5 & -4 & 4 = 3 & 1/2 & -5/2 1/2 & -2 & -2 -5/2 & -2 & 2

विषम सममित भाग Q:

Q = (1)/(2)(A - A') = (1)/(2)( 3 & 3 & -1 -2 & -2 & 1 -4 & -5 & 2 - 3 & -2 & -4 3 & -2 & -5 -1 & 1 & 2 ) = (1)/(2) 0 & 5 & 3 -5 & 0 & 6 -3 & -6 & 0 = 0 & 5/2 & 3/2 -5/2 & 0 & 3 -3/2 & -3 & 0

अतः A = P + Q अभीष्ट योग रूप है।

प्रश्न 5(ग).

यदि A = 1 & 1 & 1 1 & 2 & -3 2 & -1 & 3 के लिए दर्शाइए कि A³ - 6A² + 5A + 11I = 0 है। इसकी सहायता से A⁻¹ ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

.

आव्यूह समीकरण में मान रखकर सत्यापित किया जाता है कि A³ - 6A² + 5A + 11I = 0 है।

समीकरण के दोनों तरफ A⁻¹ से गुणा करने पर:

A² - 6A + 5I + 11A⁻¹ = 0

11A⁻¹ = -A² + 6A - 5I

इसे हल करके A⁻¹ का मान प्राप्त किया जाता है:

A⁻¹ = (1)/(11) (6I + 5A - A²)

खण्ड-ई (आगे के विस्तृत प्रश्न)

प्रश्न 6(क).

परवलय y² = 4ax और उसके नाभिलम्ब से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात करो।

उत्तर:

.

परवलय y² = 4ax का नाभिलम्ब बिन्दु (a, 0) से होकर जाता है और इसका समीकरण x = a है।

घिरे हुए क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल (A):

A = 2 ∫₀^(a) y dx = 2 ∫₀^(a) √(4ax) dx = 2 × 2√(a) ∫₀^(a) x^(1/2) dx

= 4√(a) [ x^(3/2)3/2 ]₀^(a) = (8)/(3)√(a) · a^(3/2) = (8)/(3)a² वर्ग इकाई

प्रश्न 6(ब).

अन्तराल ज्ञात करो जिसमें फलन f(x) = x² - 4x + 6 से प्रदत्त फलन वर्धमान है।

उत्तर:

.

f(x) = x² - 4x + 6

अवकलन करने पर:

f'(x) = 2x - 4

फलन के वर्धमान होने के लिए f'(x) > 0:

2x - 4 > 0 2x > 4 x > 2

अतः अंतराल (2, ∞) में फलन वर्धमान है।

प्रश्न 6(घ).

उस समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करो जिसके विकर्ण a = 3 i + j - 2 k और b = i - 3 j + 4 k हैं।

उत्तर:

.

यदि किसी समांतर चतुर्भुज کے विकर्ण a और b हों, तो उसका क्षेत्रफल होता है:

क्षेत्रफल = (1)/(2) a × b

पहले सदिश गुणन a × b ज्ञात करते हैं:

a × b = i & j & k 3 & 1 & -2 1 & -3 & 4

= i(4 - 6) - j(12 - (-2)) + k(-9 - 1)

= -2 i - 14 j - 10 k

परिमाण a × b :

a × b = √((-2)² + (-14)² + (-10)²) = √(4 + 196 + 100) = √(300) = 10√(3)

अतः समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल:

क्षेत्रफल = (1)/(2) × 10√(3) = 5√(3) वर्ग इकाई

प्रश्न 6(ङ).

∫ √(x² + 2x + 5) dx का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

.

पूर्ण वर्ग बनाने पर: x² + 2x + 5 = (x + 1)² + 4 = (x + 1)² + 2²

मानक सूत्र ∫ √(x² + a²) dx = (x)/(2)√(x² + a²) + (a²)/(2) x + √(x² + a²) + C का प्रयोग करने पर:

= (x+1)/(2)√((x+1)² + 4) + (4)/(2) (x+1) + √((x+1)² + 4) + C

= (x+1)/(2)√(x² + 2x + 5) + 2 x + 1 + √(x² + 2x + 5) + C

खण्ड-य (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 7(क).

समीकरण निकाय को आव्यूह विधि से हल कीजिए:

x + y + z = 2

2x + y - 3z = 0

x - y + z = 4

उत्तर:

.

आव्यूह समीकरण AX = B के रूप में लिखने पर:

A = 1 & 1 & 1 2 & 1 & -3 1 & -1 & 1 , X = x y z , B = 2 0 4

1. सारणिक A ज्ञात करना:

A] = 1(1 - 3) - 1(2 - (-3)) + 1(-2 - 1) = 1(-2) - 1(5) + 1(-3) = -2 - 5 - 3 = -10 ≠ 0

चूँकि A ≠ 0, अतः आव्यूह व्युत्क्रमणीय है और अद्वितीय हल संभव है।

2. सहखंडज (Adjoint) ज्ञात करके A⁻¹ निकालते हैं तथा X = A⁻¹B हल करने पर मान प्राप्त होते हैं:

x = 1, y = -1, z = 2

प्रश्न 8(क).

सिद्ध कीजिए कि ∫₀^(π/2) x dx = -(π)/(2) 2

उत्तर:

.

माना I = ∫₀^(π/2) x dx ---- (1)

प्रगुण ∫_a^(b) f(x) dx = ∫_a^(b) f(a+b-x) dx का प्रयोग करने पर:

I = ∫₀^(π/2) ((π)/(2) - x) dx = ∫₀^(π/2) x dx ---- (2)

समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:

2I = ∫₀^(π/2) ( x + x) dx = ∫₀^(π/2) ( x x) dx

अंश और हर में 2 से गुणा-भाग करने पर:

2I = ∫₀^(π/2) ((2 x x)/(2)) dx = ∫₀^(π/2) (( 2x)/(2)) dx

2I = ∫₀^(π/2) ( 2x) dx - ∫₀^(π/2) 2 dx

दूसरे समाकल को हल करने पर -(π)/(2) 2 प्राप्त होता है और पहले भाग में प्रतिस्थापन करने पर अंततः सिद्ध होता है:

I = -(π)/(2) 2 (इति सिद्धम्)

प्रश्न 9(क).

दीर्घवृत्त (x²)/(16) + (y²)/(25) = 1 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

.

दीर्घवृत्त का समीकरण (x²)/(4²) + (y²)/(5²) = 1 है, जहाँ अर्ध-दीर्घ अक्ष b = 5 और अर्ध-लघु अक्ष a = 4 है।

दीर्घवृत्त सममित होता है, अतः कुल क्षेत्रफल प्रथम चतुर्थांश के क्षेत्रफल का 4 गुना होगा:

क्षेत्रफल = 4 ∫₀⁴ y dx

समीकरण से y का मान निकालने पर: y = (5)/(4)√(16 - x²)

क्षेत्रफल = 4 ∫₀⁴ (5)/(4)√(4² - x²) dx = 5 ∫₀⁴ √(4² - x²) dx

मानक सूत्र का प्रयोग करने पर:

= 5 [ (x)/(2)√(16 - x²) + (16)/(2) ⁻¹((x)/(4)) ]₀⁴

= 5 [ 0 + 8 ⁻¹(1) - (0 + 0) ] = 5 [ 8 × (π)/(2) ] = 5 × 4π = 20π वर्ग इकाई