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Up Board Class 12 Hindi Half Yearly Paper 2026 Code KPS (New)

कक्षा 12वीं · हिंदी · 2026 · अर्धवार्षिक

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खण्ड 'क'

प्रश्न 1(क).

निम्न में से शिलांकित रचना है-

(अ) राउलवेल

(ब) उक्ति व्यक्ति प्रकरण

(स) अष्टयाम

(द) श्रृंगाररस मण्डन

उत्तर:

. (अ) राउलवेल

प्रश्न 1(ख).

'कवि वचन सुधा' नामक पत्रिका के सम्पादक थे-

(अ) बाणभट्ट

(ब) भारतेन्दु जी

(स) महावीर प्रसाद द्विवेदी

(द) प्रतापनारायण मिश्र

उत्तर:

. (ब) भारतेन्दु जी

प्रश्न 1(ग).

'संस्कृति के चार अध्याय' नामक रचना के रचनाकार हैं-

(अ) जयशंकर प्रसाद

(ब) रामचन्द्र शुक्ल

(स) रामधारी सिंह दिनकर

(द) महादेवी वर्मा

उत्तर:

. (स) रामधारी सिंह दिनकर

प्रश्न 1(घ).

निम्न में से उपन्यास विधा की रचना है-

(अ) चिन्तामणि

(ब) उसने कहा था

(स) कलभ का सिपाही

(द) मृगनयनी

उत्तर:

. (द) मृगनयनी

प्रश्न 1(ङ).

'सूरज का सातवाँ घोड़ा' किसकी रचना है-

(अ) धर्मवीर भारती

(ब) सुदर्शन

(स) रामचन्द्र शुक्ल

(द) अज्ञेय

उत्तर:

. (अ) धर्मवीर भारती

प्रश्न 2(क).

निम्न में से आदिकालीन रचना है-

(अ) बीजक

(ब) कीर्तिलता

(स) कविप्रिया

(द) साहित्य लहरी

उत्तर:

. (ब) कीर्तिलता

प्रश्न 2(ख).

सूफी काव्यधारा के कवि हैं-

(अ) मीराबाई

(ब) जायसी

(स) बिहारी

(द) जगनिक

उत्तर:

. (ब) जायसी

प्रश्न 2(ग).

रीतिसिद्ध धारा के प्रमुख कवि हैं-

(अ) केशवदास

(ब) घनानंद

(स) मतिराम

(द) बिहारी

उत्तर:

. (द) बिहारी

प्रश्न 2(घ).

द्विवेदी युग की काव्य रचना है-

(अ) कामायनी

(ब) कनुप्रिया

(स) भारत-भारती

(द) गीतफरोश

उत्तर:

. (स) भारत-भारती

प्रश्न 2(ङ).

निम्न में से छायावादी कवि नहीं है-

(अ) जयशंकर प्रसाद

(ब) सुमित्रानन्दन पंत

(स) रामधारी सिंह दिनकर

(द) सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

उत्तर:

. (स) रामधारी सिंह दिनकर

प्रश्न 3.

दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

उत्तर:

. प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'सामान्य हिन्दी' के गद्य खंड में संकलित एवं राष्ट्र के स्वरूप के चिन्तक वासुदेवशरण अग्रवाल द्वारा रचित 'राष्ट्र का स्वरूप' नामक निबंध से अवतरित है।

(ख) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

उत्तर. लेखक का कहना है कि पृथ्वी और आकाश के मिलने का जो अनंत सिलसिला सदियों से चला आ रहा है, राष्ट्र के इतिहास में उसका अहम स्थान है। जिस प्रकार नदियों के जल प्रवाह विभिन्न दिशाओं से आकर समुद्र में एकरूप हो जाते हैं, उसी प्रकार राष्ट्रीय संस्कृति और जनजीवन का प्रवाह भी विभिन्न स्रोतों से मिलकर एक राष्ट्रीय एकता को जन्म देता है।

(ग) राष्ट्र का सुखदायी रूप क्या है?

उत्तर. राष्ट्र का सुखदायी रूप वह है जहाँ पृथ्वी और आकाश के बीच की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विविधता में समन्वय स्थापित हो तथा जनजीवन बिना किसी बाधा के प्रगति पथ पर अग्रसर रहे।

(घ) जल के अनेक प्रवाह किस रूप में मिलकर कहाँ एकरूपता प्राप्त करते हैं?

उत्तर. जल के अनेक प्रवाह विभिन्न स्रोतों और धाराओं से निकलकर अंत में समुद्र में मिलकर अपनी पृथक पहचान को समाप्त कर उसमें पूर्ण एकरूपता प्राप्त करते हैं।

(ङ) 'समन्वय' शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर. 'समन्वय' शब्द का अर्थ मेल, संतुलन या विभिन्न तत्वों को आपस में जोड़कर सामंजस्य स्थापित करना है।

प्रश्न 4.

निम्न पद्यांशों में से किसी एक के नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(अ) प्रस्तुत पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

उत्तर:

. प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'सामान्य हिन्दी' के काव्य खंड में संकलित, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित महाकाव्य 'साकेत' (कैकेयी का पश्चाताप) से लिया गया है।

(ब) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

उत्तर. उर्मिला या संबंधित प्रसंग में कविवर कहते हैं कि प्रकृति के उपादान और मानवीय भावनाएं परस्पर जुड़ी हुई हैं। यहाँ राधा या पात्र विशेष के माध्यम से विरह और प्रेम की दशा का मार्मिक चित्रण किया गया है, जहाँ हर एक पग और भाव में प्रेम की कोमलता झलकती है।

(स) उपर्युक्त पंक्तियों में राधा किसे समझा रही हैं?

उत्तर. उपर्युक्त पंक्तियों में पात्र (या प्रसंगानुसार) उद्धव/अन्य को अथवा राधा द्वारा प्रेम की महत्ता और उसकी व्यथा को स्पष्ट किया जा रहा है।

(द) 'फूल सी' तथा 'कमल-पग' में कौन-सा अलंकार है?

उत्तर. 'फूल सी' में उपमा अलंकार (जहाँ तुलना की गई है) तथा 'कमल-पग' में रूपक अलंकार है।

(य) उपर्युक्त पंक्तियों की भाषा बताइए।

उत्तर. उपर्युक्त पंक्तियों की भाषा परिमार्जित खड़ी बोली है।

प्रश्न 5(क).

निम्न में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए-

वासुदेवशरण अग्रवाल

• साहित्यिक परिचय: डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल जी भारतीय संस्कृति, कला, और पुरातत्व के प्रखर विद्वान थे। उनका जन्म सन 1904 में हुआ था। उन्होंने पालि, प्राकृत और संस्कृत साहित्य का गहन अध्ययन किया तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष रहे। उनके निबंधों में भारतीय संस्कृति और इतिहास की गहरी छाप मिलती है। 27 जुलाई 1967 को उनका निधन हो गया।

• प्रमुख रचनाएँ: 'पृथ्वी प्रदिक्षणा', 'कला और संस्कृति', 'भारत की एकता', 'वाग्भट की आचार्यकुलम्'।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 5(ब).

निम्न में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख कृतियों का उल्लेख कीजिए-

जयशंकर प्रसाद

• साहित्यिक परिचय: छायावाद के प्रवर्तक और प्रमुख स्तंभ महाकवि जयशंकर प्रसाद का जन्म सन 1889 में काशी के प्रसिद्ध सुघनी साहू परिवार में हुआ था। उन्होंने काव्य, नाटक, उपन्यास और कहानी सभी विधाओं में उच्च कोटि की रचनाएँ कीं। उनकी कविताओं में प्रेम, प्रकृति और राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ रहस्यवाद की भावना प्रमुख रूप से दिखती है। 15 नवम्बर 1937 को उनका स्वर्गवास हो गया।

• प्रमुख कृतियाँ: 'कामायनी' (महाकाव्य), 'आँसू', 'झरना', 'लहर', 'प्रेमपथिक'।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 6.

'पंचलाइट' अथवा 'बहादुर' कहानी का सारांश लिखिए।

पंचलाइट (फणीश्वरनाथ रेणु)

• सारांश: 'पंचलाइट' आंचलिक कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की एक अत्यंत लोकप्रिय कहानी है। महतो टोली के लोगों ने पेट्रोमेक्स (जिसे वे 'पंचलाइट' कहते हैं) खरीदा है। इसे खरीदने की खुशी में पूरे गाँव में उत्सव का माहौल है, लेकिन समस्या यह है कि किसी को भी पंचलाइट जलाना नहीं आता। दूसरे टोली के लोग उनका मज़ाक उड़ाते हैं। ऐसे में गोधन, जो हुक्का-पानी बंद होने के कारण गाँव से बाहर है, उसकी प्रेमिका मुनरी अपनी सखी छबिी के माध्यम से यह संदेश पहुँचाती है कि गोधन पंचलाइट जलाना जानता है। पंचायत गोधन को बुलाती है। गोधन अपनी सूझबूझ और बिना स्प्रिट के गरी के तेल से ही पंचलाइट जला देता है। सभी लोग उसकी प्रशंसा करते हैं, उसका बहिष्कार खत्म कर दिया जाता है और अंत में महावीर स्वामी की जय के साथ उत्सव मनाया जाता है।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 7.

'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।

महात्मा गांधी (आलोकवृत्त के नायक)

• चरित्र-चित्रण: गुलाब खण्डेलवाल द्वारा रचित 'आलोकवृत्त' खण्डकाव्य के नायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हैं। उनके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

1. सतह और अहिंसा के पुजारी: गांधी जी सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का सबसे बड़ा हथियार मानते थे और इसी बल पर उन्होंने अंग्रेजों को भारत से बाहर किया।

2. सादा जीवन उच्च विचार: उनका जीवन अत्यंत सादा, संयमित और अनुशासनप्रिय था। वे धोती पहनकर देश के करोड़ों गरीबों के साथ जुड़ गए।

3. नारी उद्धार और समाज सुधार: उन्होंने छुआछूत का विरोध किया, दलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष किया।

4. दृढ़ इच्छाशक्ति और देशभक्ति: वे देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित एक महान कर्मयोगी थे, जिनका चरित्र संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।

खण्ड 'ख'

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 8(क).

दिए गए गद्यांशों में से किसी एक का संदर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए-

(संस्कृत गद्यांश - महामना मदनमोहन मालवीय / संस्कृत भाषायाः महत्वम् से संबंधित)

• संदर्भ: प्रस्तुत ग्लोक/गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्' नामक पाठ से अवतरित है।

• हिंदी अनुवाद: धन्य है यह भारत देश जहाँ जनमानस को पवित्र करने वाली, सुंदर भावों को जगाने वाली और शब्दों को स्पष्ट करने वाली देववाणी संस्कृत विद्यमान है। संपूर्ण वाङ्मय में इसकी साहित्येतिहास और रचनाएँ सबसे पुरानी और श्रेष्ठ हैं। यही हमारी भाषा संस्कृत सभी भाषाओं की जननी (माता) मानी गई है।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 8(ख).

दिए गए श्लोकों में से किसी एक का ससंदर्भ हिन्दी अनुवाद कीजिए-

• संदर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'सुभाषितानि' पाठ से लिया गया है।

• हिंदी अनुवाद: विद्या विवादाय (विवाद के लिए), धन मदाऐ (घमंड के लिए) और शक्ति दूसरों को परेशान करने के लिए होती है—दुष्ट (खल) की यह प्रवृत्ति होती है। इसके विपरीत, सज्जन की विद्या ज्ञान के लिए, धन दान के लिए और शक्ति गरीबों की रक्षा के लिए होती है।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 9.

निम्न मुहावरों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए-

(क) आकाश कुसुम होना (असंभव बात या वस्तु):

• वाक्य प्रयोग: आज के युग में बिना परिश्रम के सफलता प्राप्त करना आकाश कुसुम के समान है।

(ख) नाक का बाल होना (बहुत अधिक प्रिय होना):

• वाक्य प्रयोग: सोहन अपनी माता की नाक का बाल है, वह उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकती।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 10(क).

निम्न शब्द-युग्मों का सही अर्थ चुनकर लिखिए-

(1) अंस - अंशः

(अ) भाग - कंधा

(ब) कंधा - भाग

(स) भाग - तलवार

(द) भाग - सूर्य

उत्तर:

. (ब) कंधा - भाग

(2) अनिल - अनलः

(अ) आग और हवा

(ब) हवा और आग

(स) हवा और धूल

(द) आग और जल

उत्तर. (ब) हवा और आग

प्रश्न 10(ब).

निम्न शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ लिखिए-

कर्ण:

1. कान (शरीर का अंग)

2. महाभारत के प्रसिद्ध योद्धा कुन्तीपुत्र कर्ण

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 10(ग).

निम्न वाक्यांशों के लिए एक सही शब्द का चयन कीजिए-

(1) जो अधिक बोलता हो-

(अ) मितभाषी

(ब) वाचाल

(स) मूक

(द) अवाक

उत्तर:

. (ब) वाचाल

(2) मरने की इच्छा रखने वाला-

(अ) मुमुक्षु

(ब) बुभुक्षु

(स) मुमूर्षा

(द) जिजिविषा

उत्तर. (अ) मुमुक्षु

प्रश्न 10(घ).

निम्न में से किन्हीं दो वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए-

1. अशुद्ध: मीराबाई एक महान कवित्री थीं।

• शुद्ध: मीराबाई एक महान कवयित्री थीं।

2. अशुद्ध: सभा में अनेकों विद्वान उपस्थित थे।

• शुद्ध: सभा में अनेक विद्वान उपस्थित थे।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 11.

अपठित गद्यांश पर आधारित निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) उपर्युक्त गद्यांश के वक्ता का नाम लिखिए।

उत्तर:

. गद्यांश के संदर्भानुसार वक्ता अपने देश और राष्ट्रभाषा के महत्व को प्रतिपादित करने वाला जागरूक वक्ता है।

(ख) वक्ता की कौन-कौन सी गतियाँ होती हैं?

उत्तर. वक्ता की विभिन्न गतियाँ उसके विचारों, भाषा शैली और अभिव्यक्ति के माध्यमों पर निर्भर करती हैं।

(ग) वक्ता का प्रयोग किस प्रकार करना चाहिए?

उत्तर. वक्ता को अपने विचारों को स्पष्ट करने के लिए संयमित, परिमार्जित और सटीक भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 12(क).

हास्य अथवा करुण रस की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए।

करुण रस:

• परिभाषा: जब किसी प्रिय वस्तु या व्यक्ति के विनाश, अनिष्ट या बिछड़ने से मन में जो शोक (दुःख) का भाव उत्पन्न होता है, वहाँ करुण रस होता है। इसका स्थायी भाव शोक है।

• उदाहरण:

मणि खोए भुजंग सी जनु फनीसा,

फटक रहा था शीश अझै सिसा।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 12(ब).

चौपाई अथवा रोला छन्द की परिभाषा एवं उदाहरण दीजिए।

चौपाई छन्द:

• परिभाषा: यह एक सममात्रिक छंद है। इसके प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ होती हैं और अंत में गुरु-लघु का प्रयोग होता है।

• उदाहरण:

बन्दउँ गुरु पद कंज कृपा सिन्धु नर रूप हरि।

महामोह तम पुंज जासु बचन रबििकर निकर॥

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 12(स).

उपमा अथवा यमक अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण लिखिए।

यमक अलंकार:

• परिभाषा: जहाँ एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ भिन्न (अलग) हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

• उदाहरण:

कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय,

वा खाये बौराय जग, इ वा पाये बौराय।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 13.

अपने ग्रामसभा में व्याप्त गंदगी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।

उत्तर:

.

सेवा में,

जिलाधिकारी महोदय,

वाराणसी, उत्तर प्रदेश।

विषय: ग्रामसभा में व्याप्त गंदगी की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुधारने हेतु प्रार्थना-पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपका ध्यान हमारे ग्राम पंचायत [गाँव का नाम] में फैली गंभीर गंदगी और साफ-सफाई की बदतर स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। वर्तमान में हमारे गाँव की नालियाँ पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं, जिनका गंदा पानी रास्तों पर भर रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे संक्रामक बीमारियाँ (जैसे डेंगू, मलेरिया, और हैजा) फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्राम स्तर पर सफाई कर्मचारियों की अनियमितता के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी और सफाई विभाग को त्वरित निर्देश देकर गाँव में विशेष सफाई अभियान चलवाने की कृपा करें, ताकि ग्रामीणों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।

सधन्यवाद!

भवदीय,

समस्त ग्रामवासी / [आपका नाम]

ग्राम: [गाँव का नाम], ब्लॉक: [ब्लॉक का नाम]

दिनांक: [आज की दिनांक]

प्रश्न 14.

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर अपनी भाषाशैली में निबंध लिखिए-

पर्यावरण प्रदूषण एवं रोकथाम

उत्तर:

• प्रस्तावना: आज के आधुनिक और औद्योगिक युग में 'पर्यावरण प्रदूषण' संपूर्ण मानव जाति के लिए सबसे विकट समस्या बन गया है। हवा, पानी और मिट्टी—जीवन के तीनों आधार आज प्रदूषित हो चुके हैं। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।

• प्रदूषण के प्रमुख प्रकार:

1. वायु प्रदूषण: कारखानों और वाहनों से निकलने वाले धुएं (कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड) के कारण वायुमंडल दूषित हो रहा है, जिससे ओजोन परत को नुकसान और श्वास संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही हैं।

2. जल प्रदूषण: फैक्ट्रियों का रसायनयुक्त कचरा और सीवेज का गंदा पानी नदियों व झीलों में मिलने से पीने योग्य शुद्ध जल दुर्लभ होता जा रहा है।

3. ध्वनि प्रदूषण: वाहनों के हॉर्न, लाउडस्पीकर और कारखानों के शोर से मानसिक तनाव व बहरेपन की समस्या बढ़ रही है।

• समस्या के कारण: अत्यधिक वनों की कटाई, अंधाधुंध औद्योगीकरण, रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग और प्लास्टिक का बढ़ता कचरा पर्यावरण असंतुलन के मुख्य कारण हैं।

• रोकथाम के उपाय: पर्यावरण को बचाने के लिए हमें बड़े पैमाने पर पौरोपण (वृक्षारोपण) करना होगा। प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगानी होगी, सौर ऊर्जा और सीएनजी जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाना होगा तथा उद्योगों के कचरे के निष्कासन के लिए कड़े नियम लागू करने होंगे।

• उपसंहार: "प्रकृति ने हमें जरूरत के लिए सब कुछ दिया है, लेकिन लालच के लिए नहीं।" पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सबका नैतिक दायित्व है। स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।