(क) विज्ञान : वरदान या अभिशाप
1. प्रस्तावना:
आधुनिक युग विज्ञान का युग है। मानव जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ विज्ञान का प्रभाव न हो। विज्ञान ने हमारी दिनचर्या, सोच और जीवन-शैली में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है।
2. विज्ञान : एक वरदान के रूप में:
विज्ञान ने असम्भव को सम्भव बना दिया है:
अ. यातायात व संचार: रेल, वायुयान, कार, मोबाइल तथा इंटरनेट ने दुनिया को एक वैश्विक गाँव बना दिया है।
ब. चिकित्सा क्षेत्र: असाध्य रोगों के इलाज, आधुनिक शल्य-चिकित्सा और जीवन रक्षक टीकों से अकाल मृत्यु पर रोक लगी है।
स. कृषि व उद्योग: उन्नत तकनीकों से खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है।
3. विज्ञान : एक अभिशाप के रूप में:
विज्ञान का दुरुपयोग विनाशकारी है। परमाणु बम, जैविक हथियार तथा तीव्र औद्योगिकीकरण से बढ़ा प्रदूषण सम्पूर्ण मानव सभ्यता के लिए खतरा बन गया है।
4. उपसंहार:
विज्ञान स्वयं में न वरदान है और न अभिशाप। यह मनुष्य के प्रयोग करने के ढंग पर निर्भर करता है। यदि इसका उपयोग जनकल्याण के लिए हो तो यह वरदान है, और यदि विनाश के लिए हो तो अभिशाप।
(ख) आतंकवाद एक चुनौती
1. प्रस्तावना:
आतंकवाद आज विश्वव्यापी गम्भीर समस्या बन चुका है। अपनी अमानवीय और असंगत माँगों को मनवाने के लिए हिंसा और भय का वातावरण निर्मित करना ही आतंकवाद है।
2. आतंकवाद के मुख्य कारण:
धार्मिक कट्टरता, बेरोजगारी, अशिक्षा, आर्थिक विषमता तथा पड़ोसी देशों द्वारा प्रायोजित नीतियाँ आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं।
3. आतंकवाद का कुप्रभाव:
आतंकवाद से निर्दोष लोगों की जान जाती है, देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और सामाजिक समरसता छिन्न-भिन्न हो जाती है।
4. समाधान के उपाय:
आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कड़े कानून, चुस्त सैन्य एवं खुफिया तंत्र, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा युवाओं को रोजगार व उचित मार्गदर्शन देना अति आवश्यक है।
5. उपसंहार:
आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा शत्रु है। इसका समूल नाश करने के लिए सभी देशों और नागरिकों को एकजुट होकर दृढ संकल्प लेना होगा।
(ग) सुरक्षित यातायात
1. प्रस्तावना:
आधुनिक समय में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण मार्ग दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। अतः सुरक्षित यातायात आज की प्राथमिक आवश्यकता है।
2. दुर्घटनाओं के कारण:
यातायात नियमों की अनदेखी, अनियंत्रित गति, नशे में वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के यात्रा करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं।
3. सुरक्षित यातायात के नियम:
अ. हमेशा निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएँ।
ब. दुपहिया वाहन चालक हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालक सीटबेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
स. शराब पीकर वाहन कभी न चलाएँ।
द. पैदल यात्री जेब्रा क्रॉसिंग का ही उपयोग करें।
4. उपसंहार:
सुरक्षित यातायात से ही अमूल्य मानव जीवन की रक्षा सम्भव है। "सावधानी हटी, दुर्घटना घटी" के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए।
(घ) बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
1. प्रस्तावना:
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' भारत सरकार का एक अत्यन्त महत्त्वकांक्षी अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में लिंगानुपात के असंतुलन को दूर करना तथा बेटियों को सशक्त बनाना है।
2. अभियान की आवश्यकता:
समाज में फैली कतिपय कुरीतियों, कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह के कारण बालिकाओं की संख्या में गिरावट आई थी। इस खाई को समाप्त करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई।
3. योजना के लाभ एवं प्रभाव:
इस अभियान से जन-जागरूकता बढ़ी है। बेटियाँ आज शिक्षा, खेल, विज्ञान, राजनीति और सेना में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।
4. उपसंहार:
बेटियाँ परिवार और समाज की आधारशिला हैं। जब बेटियाँ पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी, तभी एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण होगा।