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UP Board Class 11th Chemistry Annual Paper 2026 SET 3

कक्षा 11वीं · रसायन विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा

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खण्ड-अ [ वस्तुनिष्ठ प्रश्न ]

प्रश्न 1.

Ca के संयोजी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-

(a) 4

(b) 2

(c) 6

(d) 8

उत्तर:

. (b) 2

प्रश्न 2.

H₂S₂O₈ में सल्फर की ऑक्सीकरण संख्या है-

(a) 0

(b) +6

(c) +7

(d) +12

उत्तर:

. (b) +6

प्रश्न 3.

क्षार धातुएँ सम्बंधित हैं-

(a) s-ब्लॉक से

(b) p-ब्लॉक से

(c) d-ब्लॉक से

(d) f-ब्लॉक से

उत्तर:

. (a) s-ब्लॉक से

प्रश्न 4.

निम्न में अधिकतम अणुओं की संख्या किसमें है।

(a) 44 g CO₂

(b) 48 g O₃

(c) 8 g H₂

(d) 64 g SO₂

उत्तर:

. (c) 8 g H₂

[स्पष्टीकरण: 8 g H₂ = 4 मोल, जो कि सबसे अधिक है।]

प्रश्न 5.

H का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है-

(a) 1s⁰

(b) 1s²

(c) 1s¹

(d) 1s¹ 2s¹

उत्तर:

. (c) 1s¹

प्रश्न 6.

बेन्जीन में σ तथा π बन्धों का अनुपात है-

(a) 2

(b) 4

(c) 6

(d) 8

उत्तर:

. (b) 4

[स्पष्टीकरण: बेन्जीन में 12 σ तथा 3 π आबंध होते हैं, अतः अनुपात = 12 / 3 = 4]

प्रश्न 7.

NO₂⁺, NO₃⁻ और NH₄⁺ में नाइट्रोजन के कक्षकों के सम्भावित संकरण क्रमशः हैं-

(a) sp, sp³ तथा sp²

(b) sp, sp² तथा sp³

(c) sp², sp तथा sp³

(d) sp², sp³ तथा sp

उत्तर:

. (b) sp, sp² तथा sp³

प्रश्न 8.

CH₂=CH-CH-(CH₃)₂ का I.U.P.A.C. नाम है-

(a) 1, 1-डाइमेथिल-2-प्रोपीन

(b) 3, 3-डाइमेथिल-1-प्रोपीन

(c) 3-मेथिल-1-ब्यूटीन

(d) 1-आइसोप्रोपिल ऐथीन

उत्तर:

. (c) 3-मेथिल-1-ब्यूटीन

प्रश्न 9.

निम्नलिखित यौगिक में Mn की ऑक्सीकरण संख्या का मान अधिकतम है-

(a) Mn₂O₃

(b) KMnO₄

(c) K₂MnO₄

(d) MnO₂

उत्तर:

. (b) KMnO₄

[स्पष्टीकरण: KMnO₄ में Mn की ऑक्सीकरण संख्या +7 है।]

प्रश्न 10.

[Cr(H₂O)₄Cl₂]⁺ आयन में Cr की संयोजकता (ऑक्सीकरण संख्या) होती है-

(a) 3

(b) 1

(c) 6

(d) 5

उत्तर:

. (a) 3

प्रश्न 11.

यदि रक्त में ग्लूकोस की सान्द्रता 0.9 ग्राम/ली है, तो रक्त में ग्लूकोस की मोलरता क्या होगी-

(a) 5 मोलर

(b) 50 मोलर

(c) 0.005 मोलर

(d) 0.5 मोलर

उत्तर:

. (c) 0.005 मोलर

[गणना: ग्लूकोस का मोलर द्रव्यमान = 180 g/mol; M = 0.9 / 180 = 0.005 M]

प्रश्न 12.

यदि किसी जलीय विलयन के pH का मान शून्य हो तो वह विलयन होगा-

(a) अम्लीय

(b) क्षारीय

(c) उदासीन

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

. (a) अम्लीय

प्रश्न 13.

जब बर्फ पिघलती है तो इसकी एन्ट्रॉपी-

(a) घटती है

(b) बढ़ती है

(c) शून्य हो जाती है

(d) स्थिर रहती है

उत्तर:

. (b) बढ़ती है

प्रश्न 14.

2p² इलेक्ट्रॉन की चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या होगी-

(a) 0

(b) +1

(c) -1

(d) +2

उत्तर:

. (a) 0

[स्पष्टीकरण: p-उपकोश के कक्षकों हेतु m का मान -1, 0, +1 होता है, दूसरे इलेक्ट्रॉन के लिए m = 0]

प्रश्न 15.

C₂H₂ अणु में-

(a) तीन सिग्मा तथा दो पाई बन्ध हैं।

(b) चार सिग्मा तथा दो पाई बन्ध हैं।

(c) दो सिग्मा तथा तीन पाई बन्ध हैं।

(d) सभी सिग्मा बन्ध हैं।

उत्तर:

. (a) तीन सिग्मा तथा दो पाई बन्ध हैं।

प्रश्न 16.

क्रोमियम परमाणु का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है-

(a) [Ar] 3d⁴ 4s²

(b) [Ar] 3d⁵ 4s²

(c) [Ar] 3d⁶ 4s²

(d) [Ar] 3d⁵ 4s¹

उत्तर:

. (d) [Ar] 3d⁵ 4s¹

प्रश्न 17.

परमाणु क्रमांक 9, 17, 35, 53 और 85 वाले सभी तत्व हैं-

(a) उत्कृष्ट गैसें

(b) हैलोजन

(c) भारी तत्व

(d) हल्के तत्व

उत्तर:

. (b) हैलोजन

प्रश्न 18.

समान इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाले आयनों का युग्म कौन-सा है-

(a) Cr³⁺, Fe³⁺

(b) Fe³⁺, Mn²⁺

(c) Fe³⁺, Co³⁺

(d) Sc³⁺, Cr³⁺

उत्तर:

. (b) Fe³⁺, Mn²⁺

[स्पष्टीकरण: दोनों में 23 इलेक्ट्रॉन होते हैं (समइलेक्ट्रॉनिक)।]

प्रश्न 19.

ऐसे तत्व जिनमें इलेक्ट्रॉन क्रमशः 4f कक्षकों में भरे जाते हैं कहलाते हैं-

(a) ऐक्टिनाइड

(b) संक्रमण तत्व

(c) लैन्थेनाइड

(d) हैलोजन

उत्तर:

. (c) लैन्थेनाइड

प्रश्न 20.

निम्न में से किसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं है-

(a) Fe²⁺

(b) Ni²⁺

(c) Cu²⁺

(d) Zn²⁺

उत्तर:

. (d) Zn²⁺

खण्ड-ख [ वर्णनात्मक प्रश्न ]

प्रश्न 1(क).

निर्जलीकरण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

जब किसी यौगिक से जल (H₂O) का अणु बाहर निकलता है, तो इस प्रक्रिया को निर्जलीकरण (Dehydration) कहते हैं।

उदाहरण: सांद्र H₂SO₄ की उपस्थिति में एथिल एल्कोहॉल को 170°C पर गर्म करने पर एथीन बनती है:

C₂H₅OH --(सांद्र H₂SO₄, 170°C)--> CH₂=CH₂ + H₂O

प्रश्न 1(ख).

बफर विलयन क्या है?

उत्तर:

.

वह विलयन जिसमें थोड़ा सा अम्ल या क्षार मिलाने पर भी उसके pH मान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होता है, उसे बफर विलयन (Buffer Solution) कहते हैं।

उदाहरण: CH₃COOH + CH₃COONa (अम्लीय बफर विलयन)।

प्रश्न 1(ग).

2CuSO₄ + 4KI → 2K₂SO₄ + 2CuI + I₂ समीकरण में ऑक्सीकारक तथा अपचायक छाँटिये।

उत्तर:

.

• ऑक्सीकारक: CuSO₄ (इसमें Cu²⁺ का अपचयन Cu⁺ में होता है)

• अपचायक: KI (इसमें I⁻ का ऑक्सीकरण I₂ में होता है)

प्रश्न 1(घ).

ऑफबाऊ का नियम लिखिए।

उत्तर:

.

इस नियम के अनुसार, परमाणुओं के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन उनकी ऊर्जा के बढ़ते हुए क्रम में प्रवेश करते हैं। अर्थात् इलेक्ट्रॉन सबसे पहले न्यूनतम ऊर्जा वाले कक्षक में भरता है और उसके बाद उच्च ऊर्जा वाले कक्षकों में जाता है।

प्रश्न 1(ङ).

रेडॉक्स अभिक्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण भी दीजिए।

उत्तर:

.

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ संपन्न होती हैं, उसे रेडॉक्स (Redox) अभिक्रिया कहते हैं।

उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu

(यहाँ Zn का ऑक्सीकरण Zn²⁺ में और Cu²⁺ का अपचयन Cu में होता है।)

प्रश्न 1(च).

सल्फर परमाणु क्रमांक 16 में अन्तिम इलेक्ट्रॉन की चारों क्वाण्टम संख्याओं का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

.

सल्फर (S = 16) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 1s² 2s² 2p⁶ 3s² 3p⁴

अंतिम इलेक्ट्रॉन 3p⁴ में उपस्थित है:

• मुख्य क्वाण्टम संख्या (n) = 3

• द्विगंशी क्वाण्टम संख्या (l) = 1 (p-उपकोश हेतु)

• चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या (m) = -1

• चक्रण क्वाण्टम संख्या (s) = -1/2

प्रश्न 1(छ).

प्रबल तथा दुर्बल विद्युत अपघट्य क्या है? उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।

उत्तर:

.

1. प्रबल विद्युत अपघट्य: वे पदार्थ जो जलीय विलयन में पूर्णतः आयनित हो जाते हैं।

उदाहरण: HCl, NaOH, NaCl

2. दुर्बल विद्युत अपघट्य: वे पदार्थ जो जलीय विलयन में आंशिक रूप से (कम) आयनित होते हैं।

उदाहरण: CH₃COOH, NH₄OH

प्रश्न 1(ज).

ऊष्माक्षेपी तथा ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ क्या हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:

.

1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का उत्सर्जन होता है।

उदाहरण: C + O₂ → CO₂ + 94 kcal

2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया: जिन अभिक्रियाओं में ऊष्मा का अवशोषण होता है।

उदाहरण: N₂ + O₂ → 2NO - 43.2 kcal

प्रश्न 2(क).

वुर्ट्ज़ अभिक्रिया क्या है? इसकी क्रिया विधि समझाइये।

उत्तर:

.

जब एल्किल हैलाइड के दो अणुओं की अभिक्रिया शुष्क ईथर की उपस्थिति में सोडियम (Na) धातु के साथ कराई जाती है, तो उच्च एल्केन प्राप्त होते हैं। इसे वुर्ट्ज़ अभिक्रिया कहते हैं।

समीकरण: 2 R-X + 2 Na --(शुष्क ईथर)--> R-R + 2 NaX

उदाहरण: 2 CH₃Cl + 2 Na --(शुष्क ईथर)--> C₂H₆ + 2 NaCl

क्रिया विधि (मुक्त मूलक विधि):

1. Na → Na⁺ + e⁻

2. R-X + e⁻ → R• + X⁻ (मुक्त मूलक का निर्माण)

3. R• + R• → R-R (एल्केन)

प्रश्न 2(ख).

हकेल का नियम लिखिए।

उत्तर:

.

हकेल के नियम के अनुसार, कोई समतलीय चक्रीय यौगिक एरोमैटिक होता है यदि उसमें वलय के भीतर विस्थानिकृत (delocalized) π-इलेक्ट्रॉनों की संख्या (4n + 2) होती है, जहाँ n = 0, 1, 2, 3... एक पूर्णांक है।

उदाहरण: बेन्जीन में 6 π-इलेक्ट्रॉन होते हैं (4n + 2 = 6, जहाँ n = 1)।

प्रश्न 2(ग).

Br₂ + OH⁻ → Br⁻ + BrO⁻ + H₂O को आयन e⁻ विधि द्वारा सन्तुलित कीजिए।

उत्तर:

.

1. ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया: Br₂ + 4 OH⁻ → 2 BrO⁻ + 2 H₂O + 2 e⁻

2. अपचयन अर्ध-अभिक्रिया: Br₂ + 2 e⁻ → 2 Br⁻

3. दोनों अर्ध-अभिक्रियाओं को जोड़ने पर:

2 Br₂ + 4 OH⁻ → 2 Br⁻ + 2 BrO⁻ + 2 H₂O

4. 2 से भाग देने पर सन्तुलित समीकरण:

Br₂ + 2 OH⁻ → Br⁻ + BrO⁻ + H₂O

प्रश्न 2(घ).

परमाण्विक त्रिज्या को परिभाषित कीजिए। तत्व की परमाण्विक त्रिज्या का प्रायोगिक रूप से निर्धारण क्यों सम्भव नहीं है?

उत्तर:

.

• परिभाषा: किसी परमाणु के नाभिक के केंद्र से उसके बाह्यतम इलेक्ट्रॉन कोश की दूरी को उसकी परमाण्विक त्रिज्या कहते हैं।

• प्रायोगिक निर्धारण सम्भव न होने के कारण:

1. परमाणु का कोई निश्चित बाह्य आवरण या परिसीमा नहीं होती, क्योंकि इलेक्ट्रॉन अभ्र अनंत तक विस्तृत हो सकता है।

2. एकल परमाणु को उसके पड़ोसी परमाणुओं से अलग स्वतंत्र रूप से प्राप्त करना अत्यंत कठिन है।

प्रश्न 2(ङ).

नैफ्थैलीन को केरोसीन से किस प्रकार पृथक् किया जाता है?

उत्तर:

.

नैफ्थैलीन को केरोसीन से पृथक करने के लिए 'प्रभाजी आसवन' (Fractional Distillation) या 'क्रिस्टलीकरण' (Crystallization) विधि का उपयोग किया जाता है। मिश्रण को धीरे-धीरे गर्म करने पर कम क्वथनांक वाला घटक वाष्पीकृत होकर अलग हो जाता है, अथवा ठंडा करने पर नैफ्थैलीन के क्रिस्टल अलग प्राप्त हो जाते हैं।

प्रश्न 2(च).

हेस के नियम को समझाइए।

उत्तर:

.

हेस के स्थिर ऊष्मा संकलन के नियमानुसार: "यदि कोई रासायनिक परिवर्तन एक पद में हो या अनेक पदों में, उसमें होने वाला कुल एन्थैल्पी/ऊष्मा परिवर्तन सदैव समान रहता है।"

यदि A → Z एक पद में ΔH ऊष्मा देता है, तथा A → B → C → Z में ऊष्मा परिवर्तन ΔH₁, ΔH₂, ΔH₃ हैं, तो:

ΔH = ΔH₁ + ΔH₂ + ΔH₃

प्रश्न 2(छ).

HCl, H₂O तथा NH₃ में H₂O का क्वथनांक सबसे अधिक होता है। क्यों समझाइये।

उत्तर:

.

H₂O में ऑक्सीजन (O) परमाणु की विद्युतऋणात्मकता नाइट्रोजन (N) तथा क्लोरीन (Cl) से अधिक होती है। इसके कारण जल के अणुओं के मध्य अत्यधिक प्रबल 'अंतरआण्विक हाइड्रोजन आबंध' (Intermolecular Hydrogen Bonding) का एक त्रिआयामी नेटवर्क बन जाता है। इस आबंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसीलिए H₂O का क्वथनांक HCl तथा NH₃ से अधिक होता है।

प्रश्न 2(ज).

ऐल्कीनों के गलनांक, क्वथनांक तथा जल में विलेयता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

1. क्वथनांक तथा गलनांक: अणुभार बढ़ने के साथ-साथ वैन डार वाल्स बल बढ़ते हैं, जिससे ऐल्कीनों के क्वथनांक और गलनांक बढ़ते हैं। शाखित एल्कीनों के क्वथनांक सीधे एल्कीनों से कम होते हैं।

2. विलेयता: ऐल्कीन अध्रुवीय प्रकृति की होती हैं, इसलिए ये जल (ध्रुवीय विलायक) में अविलेय होती हैं, परंतु कार्बनिक विलायकों (जैसे ईथर, बेन्जीन) में विलेय होती हैं।

प्रश्न 3.

ला-शातेलिये के नियम का उल्लेख कीजिए। अमोनिया बनाने की हैबर विधि N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ + 22.4 KCal पर ला-शातेलिये के नियम का प्रभाव स्पष्ट करो।

उत्तर:

.

• ला-शातेलिये का नियम: यदि किसी साम्यावस्था पर स्थित निकाय के ताप, दाब या सांद्रता में परिवर्तन किया जाता है, तो साम्य उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस दिशा में किए गए परिवर्तन का प्रभाव नष्ट या कम होता है।

• हैबर विधि द्वारा NH₃ निर्माण पर प्रभाव:

1. ताप का प्रभाव: चूंकि अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (ΔH = -22.4 kcal) है, अतः कम ताप अमोनिया के अधिक निर्माण के लिए अनुकूल होगा। (अनुकूल ताप ≈ 450°C - 500°C)।

2. दाब का प्रभाव: अग्र अभिक्रिया में आयतन में कमी (4 मोल से 2 मोल) हो रही है, इसलिए उच्च दाब अमोनिया का उत्पादन बढ़ाता है। (अनुकूल दाब ≈ 200 atm)।

3. सांद्रता का प्रभाव: N₂ और H₂ की सांद्रता बढ़ाने तथा बनी अमोनिया को लगातार हटाने से साम्य अग्र दिशा में विस्थापित होता है।

अथवा

प्रश्न 3.

इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी किसे कहते हैं? इसको प्रभावित करने वाले कारक तथा इसकी आवर्तिता को समझाइए।

उत्तर:

.

• इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy): किसी गैसीय पृथक्कृत उदासीन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ने पर होने वाले एनैल्पी परिवर्तन को उसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते हैं।

• प्रभावित करने वाले कारक:

1. परमाणु आकार: आकार बढ़ने पर इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कम ऋणात्मक होती है।

2. प्रभावी नाभिकीय आवेश: नाभिकीय आवेश बढ़ने पर इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होती है।

• आवर्तिता:

1. आवर्त में: बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होती है।

2. वर्ग में: ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण यह कम ऋणात्मक होती है।

प्रश्न 4.

एक कार्बनिक यौगिक में C = 32%, H = 6.6% तथा N = 18.67% है। इसके अपचयन से एक प्राथमिक ऐमीन प्राप्त होती है। कार्बनिक यौगिक तथा प्राथमिक ऐमीन के संरचनात्मक सूत्र तथा नाम लिखिए। रासायनिक समीकरण भी लिखिए।

उत्तर:

.

1. तत्वों की प्रतिशतता से मूलानुपाती सूत्र की गणना:

• C: 32 / 12 = 2.66

• H: 6.6 / 1 = 6.6

• N: 18.67 / 14 = 1.33

• O (शेष): 100 - (32 + 6.6 + 18.67) = 42.73% ⇒ 42.73 / 16 = 2.67

2. सरलतम अनुपात (1.33 से भाग देने पर):

C = 2, H = 5, N = 1, O = 2

मूलानुपाती सूत्र = C₂H₅NO₂

3. यौगिक का पहचान एवं रासायनिक समीकरण:

• कार्बनिक यौगिक: नाइट्रोएथेन (C₂H₅NO₂)

• प्राथमिक ऐमीन: एथिल ऐमीन (C₂H₅NH₂)

• अपचयन अभिक्रिया का समीकरण:

C₂H₅NO₂ + 6 [H] --(Sn / HCl)--> C₂H₅NH₂ + 2 H₂O

(नाइट्रोएथेन) (एथिल ऐमीन - प्राथमिक ऐमीन)

• संरचनात्मक सूत्र:

• नाइट्रोएथेन: CH₃ - CH₂ - NO₂

• एथिल ऐमीन: CH₃ - CH₂ - NH₂

अथवा

प्रश्न 4.

अनुनाद क्या होता है तथा अनुनाद के लिए आवश्यक नियम क्या हैं? किन्हीं दो उदाहरणों द्वारा अनुनाद संरचनाओं के निर्माण को प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर:

.

• अनुनाद (Resonance): जब किसी यौगिक के सभी गुणों को एक ही संरचनात्मक सूत्र द्वारा स्पष्ट नहीं किया जा सकता, तो उसके लिए दो या अधिक संरचनाएँ लिखी जाती हैं। इस परिघटना को अनुनाद कहते हैं।

• अनुनाद के नियम:

1. सभी अनुनादी संरचनाओं में परमाणुओं की स्थिति समान रहनी चाहिए, केवल इलेक्ट्रॉनों का विस्थापन होता है।

2. सभी संरचनाओं में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होनी चाहिए।

3. सभी अनुनादी संरचनाओं की ऊर्जा लगभग समान होनी चाहिए।

• उदाहरण:

1. ओजोन (O₃): O=O-O⁻ ↔ ⁻O-O=O

2. बेन्जीन (C₆H₆): केकुले संरचनाएँ (द्वि-आबंध का विस्थानीकरण)।

प्रश्न 5(अ).

डुमा विधि में गर्म ताँबे की छीलन का प्रयोग क्यों करते हैं?

उत्तर:

.

डुमा विधि द्वारा नाइट्रोजन के निर्धारण के दौरान यदि कार्बनिक यौगिक के दहन से नाइट्रोजन के ऑक्साइड (जैसे NO, NO₂) बनते हैं, तो ताँबे की गर्म छीलन (Cu) उन्हें अपचित करके पूर्णतः स्वतंत्र N₂ गैस में परिवर्तित कर देती है।

प्रश्न 5(ब).

साधारण ताप पर H₂O एक द्रव है, जबकि H₂S एक गैस है। कारण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

.

जल (H₂O) में ऑक्सीजन की उच्च विद्युतऋणात्मकता और छोटे आकार के कारण जल के अणुओं के बीच प्रबल अंतरआण्विक 'हाइड्रोजन आबंध' पाया जाता है, जिससे अणु आपस में संगुणित होकर द्रव अवस्था में रहते हैं। जबकि H₂S में सल्फर की विद्युतऋणात्मकता कम होने के कारण हाइड्रोजन आबंध नहीं बनता और केवल दुर्बल वैन डर वाल्स बल होते हैं, इसलिए H₂S एक गैस है।

अथवा

प्रश्न 5(अ).

केकुले के संरचना सूत्र में कमियाँ समझाइए।

उत्तर:

.

1. बेन्जीन में तीन द्वि-आबंध होने के बावजूद यह एल्कीनों की तरह आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएँ नहीं देता, बल्कि प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देता है; केकुले सूत्र इसकी व्याख्या नहीं कर सका।

2. केकुले सूत्र के अनुसार बेन्जीन को KMnO₄ को रंगहीन कर देना चाहिए, परंतु यह ऐसा नहीं करता।

3. यह बेन्जीन के असाधारण स्थायित्व की व्याख्या करने में असमर्थ रहा।

प्रश्न 5(ब).

(अ). वुर्ट्ज़ अभिक्रिया पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

शुष्क ईथर की उपस्थिति में एल्किल हैलाइड की सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया कराने पर उच्च एल्केन प्राप्त होते हैं।

2 CH₃-Cl + 2 Na --(शुष्क ईथर)--> CH₃-CH₃ + 2 NaCl

प्रश्न 5(ब).

(ब). सैत्जेफ नियम पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

सैत्जेफ (Saytzeff) नियम के अनुसार: "ऐल्किल हैलाइडों के विहाइड्रोहैलोजनीकरण (Dehydrohalogenation) में वह ऐल्कीन मुख्य उत्पाद के रूप में बनती है, जिसमें द्वि-आबंध से जुड़े कार्बन परमाणुओं पर एल्किल समूहों की संख्या अधिक होती है।"

उदाहरण: 2-ब्रोमोब्यूटेन के विहाइड्रोहैलोजनीकरण से ब्यूिट-2-ईन (81%, मुख्य उत्पाद) तथा ब्यूिट-1-ईन (19%) प्राप्त होता है।