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UP Board Class 11th Biology Half-Yearly Paper 2026 B Code

कक्षा 11वीं · जीव विज्ञान · 2026 · अर्धवार्षिक

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खण्ड 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्रश्न 1(क).

एक प्रजाति के सदस्य -

(i) मुक्त रूप से अन्तः प्रजनन करते हैं

(ii) प्रजनन नहीं करते

(iii) एक साथ पाये जाते हैं

(iv) आकारिकी रूप से समान होते हैं

उत्तर:

. (i) मुक्त रूप से अन्तः प्रजनन करते हैं

प्रश्न 1(ख).

किन पादपों में वाहिनियाँ पायी जाती हैं-

(i) ब्रायोफाइट्स में

(ii) टैरिडोफाइट्स में

(iii) आवृतबीजियों में

(iv) 'b' व 'c' दोनों में

उत्तर:

. (iii) आवृतबीजियों में (Angiosperms)

प्रश्न 1(ग).

तंत्रिका कोशिकाएँ किस भ्रूणीय जनन स्तर से बनती हैं -

(i) एक्टोडर्म

(ii) मीसोडर्म

(iii) एन्डोडर्म

(iv) इन सभी में

उत्तर:

. (i) एक्टोडर्म (Ectoderm)

प्रश्न 1(घ).

एडीनीन है -

(i) प्यूरीन

(ii) पिरिमिडीन

(iii) न्यूक्लियोसाइड

(iv) न्यूक्लियोटाइड

उत्तर:

. (i) प्यूरीन (Purine)

2. (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 2(क).

कोएन्जाइम का मुख्य कार्य क्या है ?

उत्तर:

.

कोएन्जाइम (Coenzyme) गैर-प्रोटीन कार्बनिक अणु होते हैं जो एंजाइम के साथ जुड़कर उसकी उत्प्रेरक सक्रियता को बढ़ाते हैं और रासायनिक समूहों का स्थानांतरण करके अभिक्रिया को सुचारू बनाते हैं।

प्रश्न 2(ख).

दृढ़ सन्धियों को अन्य किस नाम से जाना जाता है ?

उत्तर:

.

दृढ़ सन्धियों (Tight Junctions) को 'जोनुला ओक्लुडेन्स' (Zonula Occludens) के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न 2(ग).

छत्रक ग्रन्थियाँ कहाँ पायी जाती हैं?

उत्तर:

.

छत्रक ग्रंथियां (Mushroom-shaped glands / Utricular glands) नर कॉकरोच (Cockroach) के 6वें और 7वें उदरीय खण्ड में पाई जाती हैं।

प्रश्न 2(घ).

एल्यूरोन स्तर किन बीजों में पायी जाती है ?

उत्तर:

.

एल्यूरोन स्तर (Aleurone layer) एकबीजपत्री बीजों (जैसे मक्का, गेहूं, चावल) के भ्रूणपोष (Endosperm) के बाहरी आवरण में पाई जाती है।

प्रश्न 2(ङ).

प्रोटिस्ट के तीन प्रमुख कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

.

प्रोटिस्टा जगत के तीन प्रमुख समूह हैं:

1. प्रकाश-संश्लेषी प्रोटिस्ट (जैसे- क्राइसोफाइट, डाइनोफ्लेजिलेट, यूग्लीनॉइड)

2. उपभोक्ता/अपघटक प्रोटिस्ट (जैसे- अवपंक कवक/Slime moulds)

3. प्रोटोजोआ प्रोटिस्ट (जैसे- अमीबा, पैरामीशियम)

3. (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 3(क).

जैव विविधता की परिभाषा लिखिए।

उत्तर:

.

पृथ्वी पर पाए जाने वाले सजीवों (पादपों, जंतुओं एवं सूक्ष्मजीवों) के बीच पाई जाने वाली विभिन्नता, विषमता तथा उनके पारिस्थितिकीय तंत्रों की विविधता को 'जैव विविधता' (Biodiversity) कहते हैं।

प्रश्न 3(ख).

कवकों में किस प्रकार का पोषण पाया जाता है ?

उत्तर:

.

कवकों में विषमपोषी (Heterotrophic) पोषण पाया जाता है, जो मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है:

1. मृतोपजीवी (Saprophytic - मृत कार्बनिक पदार्थों से)

2. परजीवी (Parasitic - जीवित पोषियों से)

3. सहजीवी (Symbiotic - जैसे लाइकेन व कवक मूल)

प्रश्न 3(ग).

नाल तन्त्र किस संघ के प्राणियों में पाया जाता है? इसके किसी एक कार्य को लिखिए।

उत्तर:

.

• संघ: पोरिफेरा (Sponges / स्पंज)।

• कार्य: यह तंत्र शरीर में जल धारा के माध्यम से भोजन व O2 लाने तथा उत्सर्जी पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में सहायता करता है।

प्रश्न 3(घ).

ऊतक को परिभाषित कीजिए।

उत्तर:

.

समान उत्पत्ति, संरचना तथा विशिष्ट कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को 'ऊतक' (Tissue) कहते हैं।

प्रश्न 3(ङ).

एक कोशिकीय जीव किसे कहते हैं ?

उत्तर:

.

वे जीव जिनका पूरा शरीर केवल एक ही कोशिका से बना होता है तथा जीवन की सभी जैविक क्रियाएँ (श्वसन, पोषण, उत्सर्जन आदि) उसी एक कोशिका के अंदर संपन्न होती हैं, 'एककोशिकीय जीव' कहलाते हैं (उदा. अमीबा, पैरामीशियम)।

4. (लघु उत्तरीय प्रश्न-I)

प्रश्न 4(क).

प्रोकेरियोटिक कोशिका तथा यूकेरियोटिक कोशिका में अन्तर लिखिए।

उत्तर:

.

┌───────────────────────────────┬───────────────────────────────┐

│ प्रोकैरियोटिक कोशिका │ यूकैरियोटिक कोशिका │

├───────────────────────────────┼───────────────────────────────┤

│ 1. सुविकसित केन्द्रक एवं │ 1. स्पष्ट केन्द्रक तथा │

│ केन्द्रक कला अनुपस्थित। │ केन्द्रक कला उपस्थित। │

│ 2. झिल्लीबद्ध कोशिकांग (जैसे │ 2. सभी झिल्लीबद्ध कोशिकांग │

│ माइटोकाण्ड्रिया) अनुपस्थित। │ उपस्थित होते हैं। │

│ 3. 70S प्रकार के राइबोसोम। │ 3. 80S प्रकार के राइबोसोम। │

└───────────────────────────────┴───────────────────────────────┘

प्रश्न 4(ख).

कूटचक्रक और सायथियम पुष्पक्रम में अन्तर लिखिए।

उत्तर:

.

1. कूटचक्रक (Verticillaster):

• यह लामियासी (जैसे तुलसी) कुल में पाया जाने वाला कूट पुष्पक्रम है।

• इसमें पत्तियों के कक्ष से ससीमाक्ष गुच्छे निकलते हैं जो तने के चारों ओर एक वलय बनाते हैं।

2. सायथियम (Cyathium):

• यह यूफॉर्बिएसी (जैसे यूफॉर्बिया) कुल में पाया जाता है।

• इसमें सहपत्र मिलकर एक कप जैसी संरचना बनाते हैं, जिसके केंद्र में एक अकेला मादा पुष्प तथा चारों ओर कई नर पुष्प होते हैं।

प्रश्न 4(ग).

किन लक्षणों के आधार पर वेल तथा एकिडना को स्तनी वर्ग में रखा गया है ?

उत्तर:

.

1. दोनों में स्तन ग्रंथियों (Mammary glands) की उपस्थिति, जिनसे शिशुओं के लिए दुग्ध स्रावित होता है।

2. त्वचा पर बालों की उपस्थिति।

3. हृदय का पूर्णतः 4-वेश्मी (4-chambered) होना।

4. शरीर में डायाफ्राम (Diaphragm) की उपस्थिति और समतापी (Warm-blooded) स्वभाव।

प्रश्न 4(घ).

संरचना तथा आनुवंशिक पदार्थ की प्रकृति के सन्दर्भ में वाइरस का संक्षिप्त विवरण दीजिए। वाइरस से होने वाले चार रोगों के नाम लिखिए।

उत्तर:

.

• विवरण: वाइरस अकोशिकीय संरचना वाले संक्रामक कारक हैं। इनमें बाहर एक प्रोटीन का आवरण होता है जिसे 'कैप्सिड' कहते हैं। इसके अंदर आनुवंशिक पदार्थ स्थित होता है जो या तो DNA होता है या RNA (दोनों एक साथ कभी नहीं होते)।

• चार प्रमुख रोग:

1. एड्स (AIDS)

2. चेचक (Smallpox)

3. पोलियो (Polio)

4. तंबाकू का मोज़ेक रोग (TMV)

5. (लघु उत्तरीय प्रश्न-II)

प्रश्न 5(क).

स्तनी और सरीसृप में मुख्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

.

┌───────────────────────────────┬───────────────────────────────┐

│ स्तनी (Mammalia) │ सरीसृप (Reptilia) │

├───────────────────────────────┼───────────────────────────────┤

│ 1. स्तन ग्रंथियां उपस्थित। │ 1. स्तन ग्रंथियां अनुपस्थित। │

│ 2. त्वचा पर बाल पाए जाते हैं। │ 2. त्वचा शुष्क व शल्कयुक्त। │

│ 3. हृदय 4-वेश्मी व समतापी। │ 3. हृदय 3-वेश्मी व असमतापी। │

└───────────────────────────────┴───────────────────────────────┘

प्रश्न 5(ख).

लसीका की संरचना लिखिए।

उत्तर:

.

1. लसीका (Lymph) एक रंगहीन, पारदर्शी तरल ऊतक है जो रक्त की प्लाज्मा के समान होता है।

2. इसमें RBCs और बड़े रक्त प्रोटीन्स नहीं पाए जाते हैं।

3. इसमें प्लाज्मा, अत्यधिक संख्या में श्वेत रक्त कणिकाएँ (विशेषकर लिंफोसाइट्स), जल तथा उत्सर्जी पदार्थ उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 5(ग).

जीन की संरचना तथा कार्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

.

• संरचना: जीन DNA अणु का एक विशिष्ट न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम है जो आनुवंशिकता की कार्यात्मक इकाई है।

• कार्य:

1. आनुवंशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित करना।

2. कोशिका में एंजाइम व प्रोटीन संश्लेषण का नियंत्रण कर शारीरिक क्रियाओं को संचालित करना।

प्रश्न 5(घ).

एंजाइम के महत्व पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

1. एंजाइम जैविक उत्प्रेरक हैं जो जीवों के शरीर में होने वाली सभी उपापचयी क्रियाओं (पाचन, श्वसन आदि) की दर को नियंत्रित एवं तीव्र करते हैं।

2. ये क्रियाओं की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को कम करके कम समय में उत्पाद बनाते हैं।

6. (लघु उत्तरीय प्रश्न-II)

प्रश्न 6(क).

रेखांकित चित्र की सहायता से केन्द्रक की संरचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

.

केन्द्रक की संरचना के मुख्य 4 भाग हैं:

1. केन्द्रक कला (Nuclear Membrane): छिद्रों युक्त दोहरी झिल्ली।

2. केन्द्रक द्रव्य (Nucleoplasm): गाढ़ा, पारदर्शी द्रव।

3. केन्द्रिका (Nucleolus): सघन गोल संरचना जो राइबोसोम बनाती है।

4. क्रोमैटिन जाल (Chromatin Network): DNA और प्रोटीनों का बना धागेनुमा जाल।

प्रश्न 6(ख).

वसामय ऊतक तथा रुधिर ऊतक में अन्तर लिखिए।

उत्तर:

.

1. वसामय ऊतक (Adipose Tissue):

• यह एक शिथिल संयोजी ऊतक है जिसकी कोशिकाएं (एडीपोसाइट्स) वसा का संचय करती हैं।

• यह त्वचा के नीचे पाया जाता है और ताप-रोधी आवरण प्रदान करता है।

2. रुधिर ऊतक (Blood Tissue):

• यह एक तरल संयोजी ऊतक है जिसमें प्लाज्मा तथा रक्त कणिकाएं (RBC, WBC, प्लेटलेट्स) होती हैं।

• यह शरीर में गैसों, पोषक तत्वों तथा उत्सर्जी पदार्थों का परिवहन करता है।

प्रश्न 6(ग).

स्तनी वर्ग के विभेदक लक्षण लिखिए।

उत्तर:

.

1. स्तन ग्रंथियों की उपस्थिति जो दुग्ध स्राव करती हैं।

2. त्वचा पर रोम/बालों तथा स्वेद एवं तैल ग्रंथियों की उपस्थिति।

3. बाह्य कर्ण पल्लव (Pinna) की उपस्थिति।

4. हृदय का पूर्णतः 4-कोष्ठीय होना एवं आरबीसी का केंद्रकविहीन होना (ऊंट व लामा को छोड़कर)।

प्रश्न 6(घ).

नाल तन्त्र पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:

.

नाल तंत्र (Canal System) संघ पोरीफेरा (स्पंजों) की विशिष्ट पहचान है। छिद्रों (Ostia) द्वारा जल स्पंजोगुहा में प्रवेश करता है और ऑस्कुलम (Osculum) द्वारा बाहर निकलता है। यह श्वसन, भोजन ग्रहण करने तथा उत्सर्जन में सहायक है।

7. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 7.

लाइकेन क्या है ? लाइकेन के प्रकार तथा आन्तरिक संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर:

.

• लाइकेन: यह कवक (Fungus) तथा शैवाल (Alga) के बीच का एक स्थायी सहजीवी संबंध है। कवक जल व खनिज देता है और शैवाल प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन बनाता है।

• प्रकार (बाह्य रूप के आधार पर):

1. क्रस्टोज (Crustose): चट्टानों से चिपटे पापड़ीनुमा (उदा. ग्राफिस)।

2. फोलियोज (Foliose): पत्ती के समान चपटे (उदा. पारमेलिया)।

3. फ्रुटिकोज (Fruticose): झाड़ीनुमा व शाखित (उदा. अस्निया)।

• आंतरिक संरचना (T.S. of Lichen):

1. ऊपरी वल्कुट (Upper Cortex): कवक तंतुओं की सघन परत।

2. शैवाल स्तर (Algal Zone): जहाँ प्रकाश-संश्लेषी शैवाल कोशिकाएँ स्थित होती हैं।

3. मज्जा (Medulla): कवक तंतुओं का ढीला जाल।

4. निचला वल्कुट व राइजोइड्स (Lower Cortex & Rhizines): चिपकने हेतु।

अथवा

प्रश्न 7.

DNA अणु का वाटसन एवं क्रिक द्वारा प्रस्तुत त्रिविम प्रतिरूप का नामांकित चित्र बनाइए।

उत्तर:

.

[DNA का वाटसन एवं क्रिक मॉडल (द्विकुंडलिनी प्रतिरूप)]:

1. DNA अणु दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड शृंखलाओं का बना द्विकुंडलित (Double Helix) ढांचा है।

2. दोनों शृंखलाएं प्रति-समांतर (Anti-parallel: 5'→3' तथा 3'→5') होती हैं।

3. शर्करा-फास्फेट रीढ़ की हड्डी (Backbone) बनाती है और नाइट्रोजनी क्षारक अंदर की ओर जुड़े होते हैं।

4. पूरक क्षारक युग्मन: A सदैव T के साथ (द्वि-बंध: A=T) तथा G सदैव C के साथ (त्रि-बंध: G≡C) जुड़ता है।

5. एक मोड़ की लंबाई 3.4 nm होती है जिसमें 10 क्षारक युग्म होते हैं।

8. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 8.

निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए - (क) राइबोसोम (ख) लाइसोसोम

उत्तर:

.

(क) राइबोसोम (Ribosome):

1. यह झिल्ली-रहित सूक्ष्म कोशिकांग है जिसकी खोज जॉर्ज पैलेड ने की थी।

2. यह r-RNA और प्रोटीन्स का बना होता है।

3. इसे कोशिका की 'प्रोटीन फैक्ट्री' (Protein Factory) कहा जाता है। प्रोकैरियोट्स में 70S तथा यूकैरियोट्स में 80S राइबोसोम पाए जाते हैं।

(ख) लाइसोसोम (Lysosome):

1. यह एकल झिल्ली से घिरी गोल थैलीनुमा संरचना है जिसकी खोज डी-डूवे ने की थी।

2. इसमें तीव्र पाचक हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे प्रोटीएज, लाइपेज) पाए जाते हैं।

3. यह क्षतिग्रस्त या पुरानी कोशिकाओं का पाचन कर देता है, इसलिए इसे 'आत्मघाती थैली' (Suicidal bag) कहा जाता है।

अथवा

प्रश्न 8.

सामान्य पादप यूकेरियोटिक कोशिका का नामांकित चित्र बनाते हुए संक्षिप्त विवरण दीजिए। दो कोशा अंगकों के कार्य लिखिए।

उत्तर:

.

• सामान्य पादप कोशिका का विवरण:

पादप कोशिका में सबसे बाहर दृढ़ कोशिका भित्ति (Cell wall) होती है, जिसके अंदर कोशिका झिल्ली पाई जाती है। केंद्र में एक विशाल केन्द्रीय राजधानी (Vacuole), सुविकसित केंद्रक, हरितलवक तथा अन्य कोशिकांग पाए जाते हैं।

• दो कोशिकांगों के कार्य:

1. हरितलवक (Chloroplast): प्रकाश-संश्लेषण द्वारा पौधे के लिए भोजन (ग्लूकोज) का निर्माण करना।

2. माइटोकाण्ड्रिया (Mitochondria): कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करना।

9. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 9.

तंत्रिका ऊतक की संरचना तथा कार्य का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

.

• तंत्रिका ऊतक की संरचना:

यह ऊतक तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन्स / Neurons) से मिलकर बना होता है। न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं:

1. साइटॉन (Cyton / Cell body): इसमें केंद्रक और निस्सल कणिकाएं पाई जाती हैं।

2. ड्रोमाक्ष (Dendrites): साइटॉन से निकलने वाली शाखित संरचनाएं जो उद्दीपनों को ग्रहण करती हैं।

3. तंत्रिकाक्ष (Axon): साइटॉन से निकलने वाला लंबा प्रवर्ध जो आवेगों को दूसरे न्यूरॉन तक ले जाता है।

• कार्य:

1. शरीर के विभिन्न भागों से संवेदनाओं (उद्दीपन) को ग्रहण कर मस्तिष्क व मेरुरज्जु तक पहुँचाना।

2. प्रतिक्रिया व तंत्रिकीय आवेगों का संवहन कर शरीर के विभिन्न अंगों का नियंत्रण एवं समन्वय करना।

अथवा

प्रश्न 9.

मॉस (फ्यूनारिया) सम्पुट की आन्तरिक संरचना का वर्णन कीजिए। सम्पुट की जनन में क्या भूमिका है ?

उत्तर:

.

• सम्पुट (Capsule) की आन्तरिक संरचना:

फ्यूनारिया का सम्पुट बीजाणुद्भिद (Sporophyte) का ऊपरी भाग है जो 3 क्षेत्रों में बंटा होता है:

1. एपोफायसिस (Apophyses): निचला भाग जिसमें रंध्र व हरितलवक होते हैं, जो प्रकाश-संश्लेषण करता है।

2. थीका (Theca): मध्य भाग जहाँ बीजाणुधानी (Spore sacs) पाई जाती हैं। इसके अंदर अर्धसूत्री विभाजन द्वारा अगुणित बीजाणु (Spores) बनते हैं।

3. ऑपरकुलम (Operculum): सबसे ऊपरी ढक्कननुमा भाग जिसके नीचे पेरिस्टोम दंत (Peristome teeth) पाए जाते हैं।

• जनन में भूमिका:

सम्पुट बीजाणुजनन (Sporogenesis) का केंद्र है। शुष्क वातावरण में पेरिस्टोम दंतों की गति से सम्पुट फटता है और बीजाणु प्रकीर्णित होकर अंकुरित होते हैं तथा नए मॉस पादप (प्रोटोनेमा) को जन्म देते हैं।