1. (सही विकल्प चुनिए)
Solution
UP Board Class 11th Chemistry Half-Yearly Paper 2025 B Code
कक्षा 11वीं · जीव विज्ञान · 2025 · अर्धवार्षिक
प्रश्न 1(क).
निम्न में से कौन-सी वर्गीकरण की श्रेणी है ?
(a) गण
(b) संघ
(c) कुल
(d) इनमें से सभी
उत्तर:
. (d) इनमें से सभी
प्रश्न 1(ख).
आर्किड नामक पौधा है-
(a) परजीवी
(b) उपरिरोही
(c) सहजीवी
(d) अन्तः परजीवी
उत्तर:
. (b) उपरिरोही
प्रश्न 1(ग).
कोशिका शब्द प्रतिपादित किया-
(a) पुरकिन्जे ने
(b) रॉबर्ट ब्राउन ने
(c) रॉबर्टहुक ने
(d) ह्यूगो वॉन मोल ने
उत्तर:
. (c) रॉबर्टहुक ने
प्रश्न 1(घ).
वह प्रोटीन जो कार्बोहाइड्रेट को जोड़ती है-
(a) लेसिथिन
(b) ग्लाइकोप्रोटीन
(c) लिपोप्रोटीन
(d) धातुवीय प्रोटीन
उत्तर:
. (b) ग्लाइकोप्रोटीन
2. (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 2(क).
अनुकूलन शब्द को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
.
किसी जीव के आकारिकी, कार्यिकी तथा व्यवहार में होने वाला वह परिवर्तन जो उसे अपने विशिष्ट पर्यावरण में सफलतापूर्वक जीवित रहने और जनन करने में सक्षम बनाता है, 'अनुकूलन' (Adaptation) कहलाता है।
प्रश्न 2(ख).
भारत में सबसे बड़ा बरगद का वृक्ष कहाँ स्थित है ?
उत्तर:
.
भारत का सबसे बड़ा बरगद का वृक्ष 'आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान' (हावड़ा, कोलकाता, पश्चिम बंगाल) में स्थित है, जिसे 'द ग्रेट बनयान ट्री' (The Great Banyan Tree) कहा जाता है।
प्रश्न 2(ग).
किन्हीं दो संयोजी ऊतकों का नाम लिखिए।
उत्तर:
.
1. रुधिर (रक्त)
2. अस्थि (Bone) / उपास्थि (Cartilage)
प्रश्न 2(घ).
प्रोटीन की संरचनात्मक इकाई क्या है ?
उत्तर:
.
प्रोटीन की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई 'अमीनो अम्ल' (Amino Acids) है।
प्रश्न 2(ङ).
जीवित जीवाश्म किसे कहते हैं ?
उत्तर:
.
वे प्राचीन जीव जो लाखों-करोड़ों वर्षों से बिना किसी विशेष परिवर्तन के पृथ्वी पर जीवित हैं तथा जिनके समकालीन लगभग सभी संबंधी विलुप्त हो चुके हैं, उन्हें 'जीवित जीवाश्म' (Living Fossils) कहते हैं (उदा. साइकस, जिंको बाइलोबा)।
3. (लघु उत्तरीय प्रश्न-I)
प्रश्न 3(क).
वाइरॉइड क्या है ?
उत्तर:
.
वाइरॉइड (Viroids) संक्रमण फैलाने वाले सबसे सूक्ष्म कारक हैं।
1. ये केवल नग्न संक्रामक RNA (संक्रमणकारी RNA अणु) से बने होते हैं।
2. इनमें विषाणुओं की तरह प्रोटीन आवरण (Capsid) अनुपस्थित होता है। (उदा. पोटैटो स्पिंडल ट्यूबर वाइरॉइड)।
प्रश्न 3(ख).
लाल शैवालों में संचित खाद्य पदार्थ किस रूप में पाया जाता है ?
उत्तर:
.
लाल शैवालों (Rhodophyceae) में संचित खाद्य पदार्थ 'फ्लोरिडियन स्टार्च' (Floridean Starch) के रूप में पाया जाता है।
प्रश्न 3(ग).
ज्वाला कोशिकाओं के मुख्य कार्य लिखिए।
उत्तर:
.
ज्वाला कोशिकाओं (Flame Cells) के मुख्य कार्य:
1. उत्सर्जन (Excretion): नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना।
2. परासरण नियंत्रण (Osmoregulation): शरीर में जल और लवणों का संतुलन बनाए रखना।
प्रश्न 3(घ).
पत्र प्रकलिका किसे कहते हैं ?
उत्तर:
.
पत्र प्रकलिका (Bulbil): यह रूपांतरित कायिक या पुष्प कलिका (Vegetative or Floral Bud) है जो भोजन का संग्रह करके मांसल हो जाती है। यह पौधे से अलग होकर नए पौधे को जन्म देती है (काधिक जनन में सहायक होती है, जैसे— रतालू/Dioscorea, अगेव)।
प्रश्न 3(ङ).
रेखित पेशियों के दो कार्य लिखिए।
उत्तर:
.
1. शरीर के कंकाल तंत्र से जुड़कर हाथ, पैर आदि ऐच्छिक अंगों की गति एवं गमन में सहायता करना।
2. शरीर की मुद्रा (Posture) और संतुलन बनाए रखना।
4. (लघु उत्तरीय प्रश्न-II)
प्रश्न 4(क).
DNA तथा RNA में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
1. DNA (डी-ऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल):
• इसमें डी-ऑक्सीराइबोज शर्करा पाई जाती है।
• थाइमिन (T) नाइट्रोजन क्षारक पाया जाता है।
• यह मुख्य रूप से केंद्रक में द्विकुंडलित (Double-stranded) रूप में होता है।
• यह मुख्य आनुवंशिक पदार्थ है।
2. RNA (राइबोन्यूक्लिक अम्ल):
• इसमें राइबोज शर्करा पाई जाती है।
• थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल (U) क्षारक पाया जाता है।
• यह एक-सूत्री (Single-stranded) होता है।
• यह मुख्यतः प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करता है।
प्रश्न 4(ख).
केन्द्रक के कार्य लिखिए।
उत्तर:
.
1. यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र (Master organelle) है जो कोशिका की सभी उपापचयी तथा जैविक क्रियाओं का नियंत्रण करता है।
2. इसमें आनुवंशिक पदार्थ (DNA) पाया जाता है जो आनुवंशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुँचाता है।
3. यह कोशिका विभाजन का नियंत्रण करता है तथा केन्द्रिका (Nucleolus) द्वारा r-RNA व राइबोसोम का निर्माण करता है।
प्रश्न 4(ग).
रुधिर तथा लसीका में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
1. रुधिर (Blood):
• यह गहरे लाल रंग का द्रव है जिसमें RBCs, WBCs, प्लेटलेट्स और हीमोग्लोबिन पाए जाते हैं।
• इसमें O₂ और प्रोटीन की मात्रा अधिक तथा उत्सर्जी पदार्थों की मात्रा कम होती है।
2. लसीका (Lymph):
• यह रंगहीन/हल्के पीले रंग का द्रव है जिसमें RBCs व प्लेटलेट्स अनुपस्थित होते हैं (मुख्यतः WBCs/लिम्फोसाइट्स होते हैं)।
• इसमें O₂ कम तथा उत्सर्जी/अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा अधिक होती है।
प्रश्न 4(घ).
स्पैडिक्स तथा कैटकिन पुष्पक्रम में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
1. स्पैडिक्स (Spadix):
• इसका पुष्पक्रम अक्ष लंबा व मांसल होता है जिस पर छोटे, एकलिंगी पुष्प लगे होते हैं।
• यह पूरा पुष्पक्रम एक या अधिक बड़े, रंगीन पत्र (Spathe) से ढका रहता है (उदा. अरबी, मक्का, केतकी)।
2. कैटकिन (Catkin / कणिश):
• इसका पुष्पक्रम अक्ष लंबा, पतला तथा नीचे लटका हुआ (पेंडुलस) होता है।
• इस पर एकलिंगी, बिना वृंत वाले (अवृंत) तथा शल्कयुक्त पुष्प लगे होते हैं जो एक साथ गिर जाते हैं (उदा. शहतूत, पॉप्लर)।
5. (लघु उत्तरीय प्रश्न-II)
प्रश्न 5(क).
स्तनी वर्ग के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
.
स्तनी वर्ग (Class Mammalia) के मुख्य लक्षण:
1. मादाओं में विकसित स्तन ग्रंथियाँ (Mammary Glands) पाई जाती हैं जिनसे शिशुओं के पोषण हेतु दूध का स्राव होता है।
2. त्वचा पर बाल/रोम, स्वेद ग्रंथियाँ तथा तैल ग्रंथियाँ पाई जाती हैं।
3. बाह्य कर्ण (Pinna) उपस्थित होते हैं।
4. हृदय 4-वेश्मी होता है और ये समतापी (Warm-blooded) होते हैं।
प्रश्न 5(ख).
संघ एनीलिडा के प्रमुख लक्षण लिखिए।
उत्तर:
.
1. इनका शरीर लंबा, बेलनाकार तथा स्पष्ट विखंडी खंडों (Metameric segments) में विभक्त होता है।
2. ये त्रिस्तरीय (Triploblastic), द्विपार्श्व सममित तथा वास्तविक देहगुहीय (Coelomate) जीव हैं।
3. उत्सर्जी अंग के रूप में 'वृक्कक' (Nephridia) पाए जाते हैं।
4. इनमें बंद प्रकार का रुधिर परिसंचरण तंत्र पाया जाता है (उदा. केंचुआ, जोंक)।
प्रश्न 5(ग).
पेरीस्टोम पर सचित्र टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
.
पेरीस्टोम (Peristome):
1. मॉस (जैसे फ्यूनेरिया) के बीजाणुधानी/कैप्सूल के मुख पर स्थित दाँतेदार संरचनाओं के वलय को 'पेरीस्टोम' कहते हैं।
2. ये दो पंक्तियों में व्यवस्थित 16-16 (कुल 32) दाँत होते हैं।
3. ये आर्द्रताग्राही (Hygroscopic) प्रकृति के होते हैं जो शुष्क मौसम में मुड़कर कैप्सूल का मुख खोल देते हैं, जिससे बीजाणुओं (Spores) का हवा में प्रकीर्णन आसानी से होता है।
[पेरीस्टोम आरेख: कैप्सूल का ऊपरी भाग ➔ ओपरकुलम ➔ पेरीस्टोम दंत (16 बाह्य + 16 आंतरिक दाँत)]
प्रश्न 5(घ).
कवक के चार लाभदायक महत्व लिखिए।
उत्तर:
.
1. भोजन के रूप में: मशरूम (Agaricus) प्रचुर प्रोटीन युक्त स्वादिष्ट भोजन है।
2. बेकरी व शराब उद्योग: यीस्ट (*Saccharomyces cerevisiae*) का उपयोग ब्रेड फुलाने तथा किण्वन (Fermentation) द्वारा अल्कोहल बनाने में होता है।
3. औषधि निर्माण: Penicillium notatum कवक से 'पेनिसिलिन' नामक एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) प्राप्त की जाती है।
4. अपघटक के रूप में: कवक मृत कार्बनिक पदार्थों का अपघटन करके मृदा को उपजाऊ बनाते हैं।
6. (लघु उत्तरीय प्रश्न-II)
प्रश्न 6(क).
वसामय ऊतक तथा रुधिर ऊतक में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
1. वसामय ऊतक (Adipose Tissue):
• यह एक विशेष कंकालीय/संवहनी ऊतक न होकर शिथिल संयोजी ऊतक का प्रकार है जिसमें वसा कोशिकाएँ (Adipocytes) पाई जाती हैं।
• इसका मुख्य कार्य वसा संचय करना तथा इंसुलेटर की भाँति शरीर का ताप नियंत्रित रखना है।
2. रुधिर ऊतक (Blood Tissue):
• यह तरल संयोजी ऊतक है जिसमें प्लाज्मा और रक्त कणिकाएँ (RBC, WBC, प्लेटलेट्स) पाई जाती हैं।
• इसका मुख्य कार्य O₂, CO₂, पोषक तत्वों तथा उत्सर्जी पदार्थों का शरीर में परिवहन करना है।
प्रश्न 6(ख).
हेटरोक्रोमैटिन तथा यूक्रोमैटिन में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
1. हेटरोक्रोमैटिन (Heterochromatin):
• यह क्रोमेटिन का सघन/घना मुड़ा हुआ भाग है जो गहरा अभिरंजित (Darkly stained) होता है।
• यह आनुवंशिक रूप से निष्क्रिय (Inactive) होता है तथा इसमें ट्रांसक्रिप्शन (अनुलेखन) नहीं होता।
2. यूक्रोमैटिन (Euchromatin):
• यह क्रोमेटिन का शिथिल/हल्का भाग है जो हल्का अभिरंजित (Lightly stained) होता है।
• यह आनुवंशिक रूप से सक्रिय (Active) होता है तथा RNA का निर्माण करता है।
प्रश्न 6(ग).
R.N.A. के कार्य लिखिए।
उत्तर:
.
1. m-RNA (संदेशवाहक RNA): DNA से आनुवंशिक संदेशों को राइबोसोम तक ले जाता है।
2. t-RNA (स्थानांतरण RNA): प्रोटीन संश्लेषण के दौरान विशिष्ट अमीनो अम्लों को राइबोसोम पर लाता है।
3. r-RNA (राइबोसोमल RNA): राइबोसोम की संरचना का निर्माण करता है और पेप्टाइड आबंध बनाने में मदद करता है।
4. आनुवंशिक पदार्थ: कुछ पादप विषाणुओं (जैसे TMV) में यह आनुवंशिक सूचनाओं का वहन करता है।
प्रश्न 6(घ).
क्वान्टासोम पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
.
क्वान्टासोम (Quantasomes):
1. हरितलवक की थाइलेकॉइड झिल्ली की आंतरिक सतह पर स्थित प्रकाश-संश्लेषी कणों को 'क्वान्टासोम' कहते हैं।
2. इनकी खोज पार्क तथा पोंस (Park and Pon) ने की थी।
3. प्रत्येक क्वान्टासोम को प्रकाश-संश्लेषण की रूपात्मक इकाई माना जाता है, जिसमें लगभग 230 से 250 पर्णहरित (Chlorophyll) के अणु पाए जाते हैं जो प्रकाश ऊर्जा को अवशोषित करते हैं।
7. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 7.
जीवन के तीन डोमेन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
.
कार्ल वूज (Carl Woese) ने 16S r-RNA अनुक्रमों के अध्ययन के आधार पर समस्त जीव जगत को तीन मुख्य डोमेन (Three Domains of Life) में वर्गीकृत किया है:
1. डोमेन आर्किया (Domain Archaea):
• ये अति-प्राचीन प्रोकैरियोटिक जीव हैं जिनकी कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकन नहीं पाया जाता (स्यूडोपेप्टिडोग्लाइकन होता है)।
• ये अत्यंत कठिन व प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं।
• उदाहरण: मेथेनोजेन्स, हेलोफिल्स, थर्मोएसिडोफिल्स।
2. डोमेन बैक्टीरिया (Domain Bacteria):
• ये वास्तविक प्रोकैरियोटिक एककोशिकीय जीव हैं जिनकी कोशिका भित्ति पेप्टिडोग्लाइकन (Peptidoglycan) की बनी होती है।
• इनमें सुविकसित केंद्रक तथा झिल्लीबद्ध कोशिकांग अनुपस्थित होते हैं।
• उदाहरण: ई. कोलाई, सायनोबैक्टीरिया, राइजोबियम।
3. डोमेन यूकेरिया (Domain Eukarya):
• इनमें सभी यूकैरियोटिक जीव आते हैं जिनकी कोशिकाओं में स्पष्ट केंद्रक तथा झिल्लीबद्ध कोशिकांग (माइटोकॉण्ड्रिया, गॉल्जीकाय आदि) पाए जाते हैं।
• इसके अंतर्गत चार जगत आते हैं: प्रोटिस्टा, कवक (Fungi), पादप (Plantae) तथा जंतु (Animalia)।
अथवा
प्रश्न 7.
पादप कोशिका तथा जन्तु कोशिका में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
.
┌───────────────────────────────┬───────────────────────────────┐
│ पादप कोशिका (Plant Cell) │ जन्तु कोशिका (Animal Cell) │
├───────────────────────────────┼───────────────────────────────┤
│ 1. सेल्यूलोज़ की बनी कोशिका │ 1. कोशिका भित्ति अनुपस्थित │
│ भित्ति पाई जाती है। │ होती है। │
│ 2. लवक/हरितलवक (Chloroplast) │ 2. लवक/हरितलवक अनुपस्थित │
│ उपस्थित होते हैं। │ होते हैं। │
│ 3. एक बड़ी केंद्रीय रसधानी │ 3. रसधानियाँ बहुत छोटी या │
│ (Vacuole) पाई जाती है। │ अनुपस्थित होती हैं। │
│ 4. तारककाय (Centrosome) प्रायः│ 4. तारककाय (Centrosome) │
│ अनुपस्थित होता है। │ उपस्थित होता है। │
│ 5. प्रकाश-संश्लेषण द्वारा स्वपोषी│ 5. परपोषी पोषण होता है। │
│ होती है। │ │
└───────────────────────────────┴───────────────────────────────┘
8. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 8.
एंजाइम क्या है ? एंजाइम की संरचना एवं कार्य विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
.
• एंजाइम (Enzymes): एंजाइम कोशिकाओं द्वारा निर्मित उच्च अणुभार वाले गोलिकाकार (Globular) प्रोटीन अणु हैं जो जैविक उत्प्रेरक (Biocatalysts) के रूप में कार्य करके शरीर की रासायनिक अभिक्रियाओं को तेज करते हैं।
• संरचना:
पूर्ण एंजाइम (Holoenzyme) = एपोएंजाइम (प्रोटीन भाग) + सह-कारक (Non-protein Co-factor)।
• कार्यविधि (Lock and Key Theory):
1. सक्रिय स्थल (Active Site): एंजाइम की सतह पर विशिष्ट दरार या गुहा होती है जिसे 'सक्रिय स्थल' कहते हैं।
2. E-S कॉम्प्लेक्स का निर्माण: क्रियाधार (Substrate - S) एंजाइम के सक्रिय स्थल पर ताले-चाबी की भाँति जुड़कर 'एंजाइम-क्रियाधार सम्मिश्र' बनाता है।
3. उत्पाद निर्माण: अभिक्रिया संपन्न होने पर क्रियाधार 'उत्पाद' (Product - P) में बदल जाता है और एंजाइम अपरिवर्तित रहकर पृथक हो जाता है।
[ E + S ➔ E-S Complex ➔ E + P ]
अथवा
प्रश्न 8.
लिलिएसी कुल के पुष्प का अर्द्धतकनीकी भाषा में वर्णन कीजिए। पुष्प चित्र, पुष्प सूत्र तथा आर्थिक महत्व के पौधों के वानस्पतिक नाम लिखिए।
उत्तर:
.
• कुल लिलिएसी (Family Liliaceae) के लक्षण:
1. पुष्प: त्रितयी (Trimerous), त्रिज्यासममित (Actinomorphic), द्विलिंगी (Bisexual), अधोजायांगी (Hypogynous)।
2. परिदलपुंज (Perianth): बाह्यदल व दल पृथक न होकर परिदल (Tepals) बनाते हैं; 6 (3+3), प्रायः संयुक्त परिदली।
3. पुमंग (Androecium): पुंकेसर 6 (3+3), परिदललग्न (Epiphyllous)।
4. जायांग (Gynoecium): त्रिअंडपी (Tricarpellary), युक्तांडपी (Syncarpous), अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती (Superior), त्रिकोष्ठकी।
• पुष्प सूत्र (Floral Formula):
⊕ ⚥ P₍₃₊₃₎ A₃₊₃ G₍₃₎
• पुष्प चित्र (Floral Diagram) आरेख:
[बाहरी चक्र में 3+3 परिदल ➔ परिदल से जुड़े 3+3 पुंकेसर ➔ केंद्र में त्रिअंडपी अंडाशय]
• आर्थिक महत्व के पौधे (वैज्ञानिक नाम सहित):
1. प्याज — एलियम सीपा (*Allium cepa*)
2. लहसुन — एलियम सैटाइवम (*Allium sativum*)
3. घृतकुमारी / एलोवेरा — एलो वेरा (*Aloe vera*)
4. शताब्दी / शतावरी — एस्पैरेगस रेसिमोसस (*Asparagus racemosus*)
9. (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)
प्रश्न 9.
तंत्रिका ऊतक की संरचना तथा कार्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
.
• तंत्रिका ऊतक की संरचना:
तंत्रिका ऊतक की इकाई न्यूरॉन (Neuron) है जिसके तीन मुख्य भाग होते हैं:
1. कोशिकाकाय (Cyton): इसमें केंद्रक, साइटोप्लाज्म तथा निसिल के कण पाए जाते हैं।
2. द्रुमाश्य (Dendrites): छोटे, शाखित प्रवर्ध जो संवेदनाओं को ग्रहण करके साइटॉन में लाते हैं।
3. तंत्रिकाक्ष (Axon): लंबा, बेलनाकार प्रवर्ध जो संवेदी आवेगों को साइटॉन से दूर अगले न्यूरॉन या कार्यकारी अंग (पेशी) तक ले जाता है। इस पर माइलिन आच्छद पाया जाता है।
• कार्य:
1. बाह्य व आंतरिक उद्दीपनों (ताप, दर्द, स्पर्श आदि) को ग्रहण करना।
2. संवेदी आवेगों का मस्तिष्क व मेरुरज्जु तक संवहन करना।
3. शरीर के विभिन्न अंगों के कार्यों का नियंत्रण एवं समन्वय करना।
अथवा
प्रश्न 9.
निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए- (क) राइबोसोम (ख) लाइसोसोम
उत्तर:
.
(क) राइबोसोम (Ribosome):
1. यह बिना झिल्ली वाला अत्यंत सूक्ष्म, गोलिकाकार कोशिकांग है जिसकी खोज जॉर्ज पैलेड ने की थी।
2. यह r-RNA तथा प्रोटीन का बना होता है।
3. यह प्रोकैरियोट्स में 70S तथा यूकैरियोट्स में 80S प्रकार का होता है।
4. कार्य: इसे 'प्रोटीन की फैक्ट्री' कहा जाता है क्योंकि यह अमीनो अम्लों को जोड़कर प्रोटीन का निर्माण करता है।
(ख) लाइसोसोम (Lysosome):
1. यह एकल झिल्ली से घिरी थैलीनुमा संरचना है जिसकी खोज सी. डी दुवे ने की थी।
2. इसके अंदर प्रचुर मात्रा में पाचक/जल-अपघटनीय एंजाइम (Hydrolytic enzymes जैसे लाइपेज, प्रोटीऐज) भरे होते हैं जो अम्लीय pH पर कार्य करते हैं।
3. कार्य: यह कोशिकीय अपशिष्टों, पुराने कोशिकांगों तथा बाहरी जीवाणुओं का पाचन करता है। क्षतिग्रस्त होने पर यह स्वयं की कोशिका का पाचन कर लेता है, इसलिए इसे 'आत्मघाती थैली' (Suicide Bag) भी कहते हैं।