उप्र बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान बोर्ड परीक्षा 2022 (सैट - 825 CA) संपूर्ण हल
UP Board Class 10th Social Science Board Paper 2022 (Set 825 CA) Complete Solution
खण्ड - 'क' (Part - A)
(बहु-विकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
UP Board Class 10th Social Science Board Paper 2022 825 (CA)
कक्षा 10वीं · सामाजिक विज्ञान · 2022 · बोर्ड परीक्षा
उप्र बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान बोर्ड परीक्षा 2022 (सैट - 825 CA) संपूर्ण हल
UP Board Class 10th Social Science Board Paper 2022 (Set 825 CA) Complete Solution
खण्ड - 'क' (Part - A)
(बहु-विकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
जर्मनी के एकीकरण में मुख्य भूमिका किसकी थी ?
(क) ज्युसेपे गैरीबाल्डी
(ख) नेपोलियन
(ग) ऑटो वॉन बिस्मार्क
(घ) विलियम प्रथम
उत्तर:
(ग) ऑटो वॉन बिस्मार्क
नेपोलियन की पराजय कब हुई थी ?
(क) 1814
(ख) 1815
(ग) 1816
(घ) 1817
उत्तर:
(ख) 1815
राष्ट्रवाद का प्रारम्भ सर्वप्रथम किस देश से हुआ ?
(क) इंग्लैण्ड
(ख) अमेरिका
(ग) फ्रांस
(घ) रूस
उत्तर:
(ग) फ्रांस
आर्थिक महामंदी का प्रारम्भ कब से हुआ ?
(क) 1928
(ख) 1929
(ग) 1930
(घ) 1932
उत्तर:
(ख) 1929
निम्नलिखित में से कौन-सा संघीय सूची का विषय है ?
(क) रक्षा
(ख) कृषि
(ग) व्यापार
(घ) शिक्षा
उत्तर:
(क) रक्षा
बेल्जियम की सामुदायिक सरकार में किसके मध्य सत्ता में साझेदारी है ?
(क) विभिन्न सामाजिक समूहों के मध्य
(ख) शासन के विभिन्न अंगों के मध्य
(ग) केन्द्र और राज्य सरकार के मध्य
(घ) राज्य सरकार और सामुदायिक सरकार के मध्य
उत्तर:
(क) विभिन्न सामाजिक समूहों के मध्य
(अति लघु-उत्तरीय प्रश्न / Very Short Answer Type Questions)
प्रौद्योगिकी ने वैश्वीकरण की प्रक्रिया को किस प्रकार उत्प्रेरित किया है ? दो कारण बताइए।
उत्तर:
1. तीव्र परिवहन प्रणाली (जैसे विमान और कंटेनर जहाजों) ने कम समय और लागत में दुनिया भर में वस्तुओं और सेवाओं के आवागमन को सुगम बनाया है।
2. सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (जैसे इंटरनेट, टेलीकॉम और कंप्यूटर) ने वैश्विक स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान, व्यापारिक समझौतों और वित्तीय लेन-देन को बेहद तेज और आसान कर दिया है।
प्रजातंत्र के समक्ष क्या चुनौतियाँ हैं ? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
1. असमानता और गरीबी: धन और संसाधनों के असमान वितरण के कारण समाज में अमीर-गरीब की खाई का बढ़ना।
2. क्षेत्रीयता, जातिवाद और सांप्रदायिकता: लोकतांत्रिक प्रक्रिया में संकीर्ण मानसिकता, जातिगत और धार्मिक भेदभाव का प्रभाव जो राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करता है।
पारदर्शिता प्रजातांत्रिक सरकार के लिए क्यों आवश्यक है ? कोई दो कारण बताइए।
उत्तर:
1. पारदर्शिता से नागरिकों को यह जानने का अधिकार मिलता है कि सरकार निर्णय कैसे ले रही है, जिससे शासन में उत्तरदायित्व सुनिश्चित होता है।
2. यह जनता और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करती है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद करती है।
(लघु-उत्तरीय प्रश्न / Short Answer Type Questions)
उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान अन्तरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों द्वारा बताए गए तीन प्रकार के प्रवाहों का उल्लेख कीजिए।
अथवा / OR: फ्रांस की क्रान्ति कब हुई ? इसका मुख्य कारण क्या था ?
उत्तर:
(अथवा):
• फ्रांस की क्रांति 1789 ई. में हुई थी.
• मुख्य कारण: फ्रांस की निरंकुश राजशाही, तत्कालीन राजा लुई XVI की फिजूलखर्च और अकुशल शासन व्यवस्था थी, जिसके तहत समाज तीन स्टेट (वर्गों) में विभाजित था। कुलीन और पादरी वर्ग करों से मुक्त थे, जबकि सारा कर का बोझ तीसरे स्टेट (साधारण जनता, किसानों और कामगारों) पर था। इसके अलावा भुखमरी, सामाजिक असमानता और दार्शनिकों के विचारों ने इस क्रांति को जन्म दिया।
लोकतंत्र के किन्हीं तीन लाभों का उल्लेख कीजिए।
अथवा / OR: संघवाद क्या है ? इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
लोकतंत्र के तीन प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
1. उत्तरदायी शासन व्यवस्था: लोकतांत्रिक सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी होती है क्योंकि इसे निश्चित समयावधि के बाद चुनाव के माध्यम से जनता के पास जवाब देना होता है।
2. नागरिकों की गरिमा में वृद्धि: यह नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार प्रदान करता है जिससे व्यक्ति की गरिमा सुरक्षित रहती है।
3. गलतियों को सुधारने की अनुमति: लोकतंत्र में निर्णय लेने में बहस और विमर्श होता है, और यदि कोई गलती हो जाए तो शांतिपूर्ण तरीकों (चर्चा और चुनाव) से उसे सुधारा जा सकता है।
(दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न / Long Answer Type Questions)
1930 में महात्मा गाँधी ने नमक को अपने आन्दोलन का आधार क्यों बनाया ? इस आन्दोलन का क्या प्रभाव पड़ा ?
अथवा / OR: महात्मा गाँधी द्वारा चलाये गए असहयोग आन्दोलन का क्या अर्थ है ? इसके कारण क्या थे ?
उत्तर:
• नमक को आधार बनाने का कारण: नमक एक ऐसी वस्तु थी जिसका उपयोग अमीर और गरीब दोनों समान रूप से करते थे और यह भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा था। ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक के उत्पादन और बिक्री पर एकाधिकार (Tax) लगाने के कारण इसकी कीमत बढ़ गई थी, जिससे आम जनता पर सीधा आर्थिक प्रहार हो रहा था। गाँधी जी ने इसे समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने का सबसे प्रभावी और प्रतीकात्मक माध्यम माना।
• प्रभाव: इस सविनय अवज्ञा आंदोलन (दांडी यात्रा) के प्रभावस्वरूप देश में व्यापक स्तर पर ब्रिटिश कानूनों का उल्लंघन किया गया, विदेशी कपड़ों का बहिष्कार हुआ, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिल गई, जिससे वैश्विक स्तर पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को भारी समर्थन मिला।
भारत में केन्द्र और राज्यों के बीच सत्ता के बँटवारे की किन्हीं तीन विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
अथवा / OR: लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में आर्थिक असमानता क्यों बढ़ती है ?
उत्तर:
भारत में संघीय व्यवस्था के तहत केंद्र और राज्यों के बीच सत्ता के बँटवारे की मुख्य विशेषताएँ:
1. शक्तियों का त्रि-स्तरीय विभाजन: संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटा गया है—संघ सूची (राष्ट्रीय महत्व के विषय), राज्य सूची (क्षेत्रीय/स्थानीय महत्व के विषय) और समवर्ती सूची (दोनों के साझे विषय)।
2. संविधान की सर्वोच्चता और कठोरता: केंद्र और राज्यों के बीच सत्ता का यह बँटवारा देश के लिखित संविधान द्वारा तय किया गया है। इसमें आसानी से एकतरफा बदलाव नहीं किया जा सकता; इसके लिए संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत और आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों की स्वीकृति आवश्यक होती है।
3. स्वतंत्र न्यायपालिका: यदि केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों या कानूनों को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो देश की सर्वोच्च न्यायालय (न्यायपालिका) एक निष्पक्ष अंपायर की भूमिका निभाते हुए उसका समाधान करती है।
(मानचित्र-सम्बन्धी प्रश्न / Map Work)
(i) वह स्थान जहाँ 1927 में काँग्रेस का अधिवेशन हुआ: मद्रास (चेन्नई)
(ii) वह स्थान जहाँ से 1930 में महात्मा गाँधी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन चलाया: दांडी / साबरमती (अहमदाबाद)
(iii) वह स्थान जहाँ जलियाँवाला बाग की घटना घटी: अमृतसर (पंजाब)
(iv) वह स्थान जहाँ किसान सत्याग्रह आन्दोलन चलाया गया: चंपारण (बिहार) या खेड़ा (गुजरात)
(v) वह स्थान जहाँ 1929 में काँग्रेस का अधिवेशन सम्पन्न हुआ: लाहौर
खण्ड - 'ख' (Part - B)
(बहु-विकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
निम्न में से किस प्रदेश में सीढ़ीदार खेती की जाती है ?
(क) पंजाब
(ख) हरियाणा
(ग) गुजरात
(घ) उत्तराखण्ड
उत्तर:
(घ) उत्तराखण्ड
निम्न में से किसको कृषि क्षेत्रक कहते हैं ?
(क) प्राथमिक क्षेत्रक
(ख) द्वितीयक क्षेत्रक
(ग) तृतीयक क्षेत्रक
(घ) चतुर्थक क्षेत्रक
उत्तर:
(क) प्राथमिक क्षेत्रक
निम्नलिखित में से किसकी अधिक मात्रा जलोढ़ मिट्टी में पायी जाती है ?
(क) पोटाश
(ख) चूना
(ग) फास्फोरस
(घ) इनमें से सभी
उत्तर:
(घ) इनमें से सभी
एन्थ्रेसाइट का सम्बन्ध किस खनिज से है ?
(क) ताँबा
(ख) सोना
(ग) बॉक्साइट
(घ) कोयला
उत्तर:
(घ) कोयला
भारत में कितने प्रतिशत लोग अनौपचारिक स्रोतों से ऋण प्राप्त करते हैं ?
(क) 60%
(ख) 65%
(ग) 85%
(घ) 90%
उत्तर:
(ग) 85%
विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?
(क) न्यूयार्क में
(ख) पेरिस में
(ग) जेनेवा में
(घ) ओटावा में
उत्तर:
(ग) जेनेवा में
(अति लघु-उत्तरीय प्रश्न / Very Short Answer Type Questions)
भूमि निम्नीकरण क्या है ?
उत्तर:
मानवीय गतिविधियों (जैसे अत्यधिक वनों की कटाई, अतिचराई, खनन) और प्राकृतिक कारणों (जैसे जल और वायु अपरदन) के फलस्वरूप भूमि की गुणवत्ता, उपजाऊपन और उसकी उत्पादक क्षमता में लगातार आने वाली गिरावट को भूमि निम्नीकरण कहा जाता है।
खनिज ईंधन से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
ऐसे ईंधन जो जमीन के नीचे दबे पौधों और जीव-जंतुओं के अवशेषों (जीवाश्मों) से लाखों वर्षों की प्रक्रिया के बाद खनिज रूप में प्राप्त होते हैं, उन्हें खनिज ईंधन या जीवाश्म ईधन कहा जाता है; उदाहरण के लिए—कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस।
'उपभोक्ता इन्टरनेशनल' क्या है ?
उत्तर:
'उपभोक्ता इंटरनेशनल' (Consumer International) उपभोक्ता आंदोलनों और संगठनों का एक वैश्विक संघ (छत संगठन) है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा, उनके हितों को बढ़ावा देने और उन्हें जागरूक करने का कार्य करता है।
(लघु-उत्तरीय प्रश्न / Short Answer Type Questions)
भारतीय कृषि की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
अथवा / OR: वाणिज्यिक कृषि से क्या आशय है ?
उत्तर:
भारतीय कृषि की तीन प्रमुख विशेषताएँ:
1. जीवननिर्वाह प्रधान: भारत में अधिकांश किसानों की कृषि का मुख्य उद्देश्य अपने परिवार का भरण-पोषण करना होता है (जीवननिर्वाह कृषि)।
2. मानसून पर निर्भरता: भारतीय कृषि मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर निर्भर करती है, जिसके कारण सिंचाई सुविधाओं के अभाव में इसे "मानसून का जुआ" भी कहा जाता है।
3. विविधता और बहुफसली प्रणाली: यहाँ भौगोलिक विविधताओं के कारण वर्ष में विभिन्न ऋतुओं (रबी, खरीफ, जायद) में भिन्न-भिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।
भारत में तृतीयक क्षेत्रक का महत्व बढ़ने के कोई तीन कारण लिखिए।
अथवा / OR: विश्व व्यापार संगठन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
तृतीयक क्षेत्रक (सेवा क्षेत्र) के बढ़ने के तीन मुख्य कारण:
1. बुनियादी सेवाओं की मांग: अस्पतालों, शिक्षा, डाक-तार, परिवहन, बैंक और बीमा जैसी बुनियादी सेवाओं की मांग सरकार और जनता द्वारा निरंतर बढ़ रही है।
2. प्राथमिक व द्वितीयक क्षेत्र का विकास: कृषि और उद्योगों के विकास के कारण व्यापार, भंडारण और परिवहन जैसी सेवाओं की आवश्यकता तेजी से बढ़ी है।
3. आय और जीवनस्तर में वृद्धि: लोगों की आय बढ़ने पर पर्यटन, शॉपिंग, निजी अस्पताल और निजी स्कूलों जैसी सेवाओं की माँग में भारी बढ़ोतरी हुई है।
(दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न / Long Answer Type Questions)
एक संसाधन के रूप में मिट्टी के महत्व पर प्रकाश डालिए।
अथवा / OR: भारत में पायी जाने वाली मिट्टी के किन्हीं तीन प्रकारों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
एक संसाधन के रूप में मिट्टी का अत्यधिक महत्व है:
• कृषि का आधार: मिट्टी पौधों के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है जो उन्हें आवश्यक पोषक तत्व और जल प्रदान करती है। इसी से संपूर्ण मानव जाति और जीव-जंतुओं को भोजन प्राप्त होता है।
• वनस्पति और जीव-विविधता: यह अनगिनत सूक्ष्मजीवों, कीड़ों और वनस्पतियों का प्राकृतिक आवास है जो पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित रखते हैं।
• आर्थिक विकास: कपास, जूट, चाय, कॉफी और खाद्यान्न जैसी फसलें सीधे तौर पर विभिन्न उद्योगों (वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण) को कच्चा माल प्रदान करती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
• जल पुनर्भरण: मिट्टी स्पंज की तरह काम करती है जो वर्षा के जल को सोखकर भूजल स्तर (Groundwater level) को बनाए रखने में मदद करती है।
रोजगार के संगठित तथा असंगठित क्षेत्रों में अन्तर कीजिए।
अथवा / OR: विदेश व्यापार से क्या आशय है ? इसके किन्हीं तीन लाभों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संगठित और असंगठित क्षेत्रों में मुख्य अंतर:
1. पंजीयन और नियम: संगठित क्षेत्र सरकार द्वारा पंजीकृत होते हैं और यहाँ कारखानों, श्रम अधिनियमों जैसे नियमों का पालन किया जाता है; जबकि असंगठित क्षेत्र छोटे और बिखरे हुए होते हैं जो सरकारी नियंत्रण से बाहर होते हैं।
2. रोजगार की सुरक्षा: संगठित क्षेत्र में रोजगार की निश्चितता और नौकरी की सुरक्षा होती है, जबकि असंगठित क्षेत्र में काम की कोई गारंटी नहीं होती, कभी भी बिना कारण हटाया जा सकता है।
3. लाभ और भत्ते: संगठित क्षेत्र में काम के निश्चित घंटे, ओवरटाइम, भविष्य निधि (PF), सवेतन अवकाश और चिकित्सा लाभ मिलते हैं, जबकि असंगठित क्षेत्र में ऐसी कोई सुविधा या सामाजिक सुरक्षा नहीं होती है।
(मानचित्र कार्य / Map Work)
(i) सलाल बाँध: चिनाव नदी (जम्मू और कश्मीर)
(ii) लौह अयस्क की कोई एक खान: मयूरभंज (ओडिशा) या बैलाडीला (छत्तीसगढ़)
(iii) तापीय ऊर्जा का कोई एक क्षेत्र: सिंगरोली (मध्य प्रदेश) या कोरबा (छत्तीसगढ़)
(iv) महानदी: ओडिशा / बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदी
(v) पारादीप: ओडिशा (प्राकृतिक बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध)
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।