खण्ड - 'अ' / PART - 'A'
(बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
UP Board Class 10th Social Science Board Paper 2022 825 (CD)
कक्षा 10वीं · सामाजिक विज्ञान · 2022 · बोर्ड परीक्षा
खण्ड - 'अ' / PART - 'A'
(बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
फ्रांसीसी क्रान्ति का प्रारम्भ किस वर्ष हुआ ?
(क) 1688
(ख) 1789
(ग) 1815
(घ) 1830
उत्तर:
(ख) 1789
जर्मन संस्कृति में 'वोक्सजिस्ट' का आशय था :
(क) राष्ट्र
(ख) संविधान
(ग) आम जनता
(घ) संसद
उत्तर:
(ग) आम जनता
संसदीय प्रजातन्त्र की स्थापना किस देश में सर्वप्रथम हुई ?
(क) इटली
(ख) इंग्लैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) जर्मनी
उत्तर:
(ख) इंग्लैण्ड
चौरी-चौरा काण्ड किस वर्ष घटित हुआ ?
(क) 1920
(ख) 1921
(ग) 1922
(घ) 1925
उत्तर:
(ग) 1922
निम्नलिखित में से क्या राज्य सूची का विषय नहीं है ?
(क) पुलिस
(ख) कृषि
(ग) सिंचाई
(घ) मुद्रा
उत्तर:
(घ) मुद्रा
भारतीय संघ में अवशिष्ट शक्तियाँ किसको प्राप्त हैं ?
(क) राज्य
(ख) संघ
(ग) (क) और (ख) दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) संघ
(अति लघु उत्तरीय प्रश्न / Very Short Answer Type Questions)
भारत छोड़ो आन्दोलन क्यों प्रारम्भ करना पड़ा ? इसका प्रमुख नारा क्या था ?
उत्तर:
• प्रारंभ होने के कारण: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीयों का पूर्ण सहयोग प्राप्त करने में असफल रहने और क्रिप्स मिशन की विफलता के परिणामस्वरूप देश में तीव्र असंतोष फैला, जिसके कारण महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए 8 अगस्त 1942 को इस आंदोलन की शुरुआत की।
• प्रमुख नारा: इस आंदोलन का सबसे प्रसिद्ध और क्रांतिकारी नारा 'करो या मरो' (Do or Die) था।
ब्रिटेन के राष्ट्रीय झण्डा तथा राष्ट्रगान का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
• राष्ट्रीय झण्डा: ब्रिटेन के राष्ट्रीय झण्डे को 'यूनियन जैक' (Union Jack) कहा जाता है, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड के क्रॉस का संयोजन होता है।
• राष्ट्रगान: ब्रिटेन का पारंपरिक राष्ट्रगान 'गॉड सेव द किंग' (या रानी के शासनकाल में 'गॉड सेव द क्वीन') है।
लोकतन्त्र किन माध्यमों से उत्तरदायी, जिम्मेदार और वैध सरकार का गठन करता है ?
उत्तर:
• नियमित चुनाव: लोकतंत्र में निश्चित अंतरालों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते हैं, जिससे जनता अपनी पसंद की सरकार चुनती है।
• पारदर्शिता और उत्तरदायित्व: सरकार संसद के माध्यम से जनता के प्रति जवाबदेह होती है, और नीतियों पर खुली बहस होती है।
• वैधानिकता: यह संविधान के दायरे में रहकर कार्य करती है, जिससे जनता का विश्वास और शासन की वैधता सुनिश्चित होती है।
(लघु उत्तरीय प्रश्न / Short Answer Type Questions)
महात्मा गाँधी ने राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम में सत्याग्रह एवं अहिंसा का किस प्रकार प्रयोग किया ? कोई दो उदाहरण दीजिए।
अथवा
लोकतन्त्र की सफलता के लिए आवश्यक दो घटकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
महात्मा गांधी द्वारा सत्याग्रह एवं अहिंसा का प्रयोग:
• अहिंसक प्रतिरोध: गांधीजी का मानना था कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर बिना किसी शारीरिक हिंसा के अत्याचारी शासकों का मुकाबला किया जा सकता है।
• उदाहरण 1 (चंपारण सत्याग्रह, 1917): बिहार के चंपारण में किसानों पर नील की खेती के लिए हो रहे जुल्म के खिलाफ गांधीजी ने अहिंसक सत्याग्रह किया और किसानों को न्याय दिलाया।
• उदाहरण 2 (अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन, 1918): मिल मजदूरों की मजदूरी वृद्धि के लिए शांतिपूर्ण ढंग से हड़ताल और सत्याग्रह का सफल प्रयोग किया।
अथवा (लोकतंत्र की सफलता के आवश्यक घटक):
1. नागरिकों की राजनीतिक जागरूकता और सक्रियता।
2. स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक प्रेस (मीडिया) की उपस्थिति।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक आर्थिक महामंदी के किन्हीं तीन परिणामों का उल्लेख कीजिए।
अथवा
"भारतीय संघवाद एक अर्ध-संघीय ढाँचा है।" इसकी पुष्टि में किन्हीं तीन कारकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक महामंदी के परिणाम:
• 1. कृषि उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट: 1929 की महामंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनाज और कपास के दाम बहुत कम हो गए, जिससे भारतीय किसानों की कमर टूट गई।
• 2. व्यापार और निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव: भारत का आयात और निर्यात काफी हद तक सिकुड़ गया क्योंकि वैश्विक स्तर पर मांग में भारी कमी आ गई थी।
• 3. ग्रामीण कर्ज में वृद्धि: कीमतें गिरने के बाद भी किसानों को लगान और कर्ज चुकाना पड़ता था, जिससे वे महाजनों के कर्ज के जाल में फंस गए।
अथवा (भारतीय संघवाद के अर्ध-संघीय कारक):
1. संविधान द्वारा केंद्र सरकार को अधिक शक्तिशाली बनाना और अवशिष्ट शक्तियां केंद्र को सौंपना।
2. आपातकाल के दौरान संघात्मक व्यवस्था का स्वतः एकात्मक रूप में परिवर्तित हो जाना।
3. एकल और एकीकृत न्यायपालिका की व्यवस्था।
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न / Long Answer Type Questions)
यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय में जर्मनी एवं इटली के एकीकरण का योगदान बताइए।
अथवा
वैश्विक आर्थिक महामंदी के किन्हीं तीन कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय में जर्मनी एवं इटली का एकीकरण:
• प्रस्तावना: 19वीं सदी के यूरोप में राष्ट्रवाद की लहर ने राजनीतिक और सांस्कृतिक एकता को जन्म दिया। इसी भावना के परिणामस्वरूप बिखरे हुए राज्यों को एकजुट करके आधुनिक राष्ट्र-राज्यों का निर्माण हुआ।
• इटली का एकीकरण: ग्यूसेप मैजिनी, काउंट कावूर और गैरीबॉल्डी के नेतृत्व में छोटे-छोटे राज्यों में बंटे इटली को एक सूत्र में पिरोया गया। 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया।
• जर्मनी का एकीकरण: प्रशा के चांसलर ओटो वान बिस्मार्क ने 'रक्त और लौह' की नीति का कड़ाई से पालन करते हुए ऑस्ट्रिया और फ्रांस को पराजित किया और 1871 में जर्मन साम्राज्य के एकीकरण को पूरा किया।
• निष्कर्ष: इन ऐतिहासिक एकीकरणों ने पूरे यूरोप में राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोच्च शिखर पर पहुँचा दिया।
अथवा (वैश्विक आर्थिक महामंदी के तीन कारण):
1. कृषि अतिउत्पादन: कृषि उत्पादों की अत्यधिक पैदावार के कारण बाजार में कीमतें लगातार गिरती चली गईं।
2. ऋणों की वापसी और वित्तीय संकट: अमेरिका द्वारा विदेशों में दिए गए कर्ज अचानक वापस मंगाए जाने से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार लड़खड़ा गया।
3. अमेरिकी बैंकों की विफलता: अमेरिका में बैंकों के दिवालिया होने और शेयर बाजार (Wall Street Exchange) के ढहने से पूरी दुनिया में आर्थिक तबाही आ गई।
भारतीय संविधान की संघात्मक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। आपातकाल में यह किस प्रकार एकात्मक हो जाता है ?
अथवा
भारत में स्थानीय स्वशासन की किन्हीं तीन गुणों एवं समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान की संघात्मक विशेषताएँ एवं आपातकालीन एकात्मक स्वरूप:
• 1. शक्तियों का विभाजन: संविधान के तहत केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों को संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है।
• 2. लिखित एवं कठोर संविधान: भारत का संविधान लिखित है और इसके संघीय स्वरूप में बदलाव के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
• 3. स्वतंत्र न्यायपालिका: केंद्र और राज्यों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था है।
• आपातकाल में एकात्मक स्वरूप: जब देश में राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) या राष्ट्रपति शासन लागू होता है, तो सारी प्रशासनिक एवं विधायी शक्तियां केंद्र सरकार के नियंत्रण में चली जाती हैं, जिससे संविधान पूरी तरह एकात्मक रूप ले लेता है।
अथवा (स्थानीय स्वशासन के गुण एवं समस्याएँ):
• गुण:
1. स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान होता है।
2. यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है और जमीनी स्तर पर नेतृत्व तैयार करता है।
3. महिलाओं और पिछड़े वर्गों को राजनीति में सीधी भागीदारी मिलती है।
• समस्याएँ:
1. वित्त (धन) की भारी कमी और संसाधनों का अभाव।
2. स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों और नौकरशाही का अत्यधिक हस्तक्षेप।
3. राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और जन-जागरूकता का अभाव।
(मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न / Map Work - दृष्टिबाधित विकल्प)
(i) वह स्थान जहाँ अंग्रेजों ने अपनी पहली राजधानी बनायी: कलकत्ता (कोलकाता)
(ii) वह स्थान जहाँ 1929 में कांग्रेस अधिवेशन हुआ: लाहौर
(iii) वह स्थान जहाँ जलियाँवाला बाग काण्ड हुआ था: अमृतसर (पंजाब)
(iv) वह स्थान जहाँ सूती मिल श्रमिकों का सत्याग्रह हुआ: अहमदाबाद
(v) वह स्थान जहाँ किसान सत्याग्रह हुआ: चंपारण
खण्ड - 'ब' / PART - 'B'
(बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
किसी देश के विकास को निर्धारित करने का आधार है :
(क) स्वास्थ्य व शिक्षा का स्तर
(ख) प्रति व्यक्ति आय
(ग) व्यक्तियों का साक्षरता स्तर
(घ) इनमें से सभी
उत्तर:
(घ) इनमें से सभी
सेवा क्षेत्र निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में सम्मिलित किया जाता है ?
(क) प्राथमिक क्षेत्र
(ख) द्वितीयक क्षेत्र
(ग) तृतीयक क्षेत्र
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) तृतीयक क्षेत्र
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रामीण क्षेत्र में विकास का लक्ष्य है ?
(क) नियमित कार्य
(ख) उपज की उचित कीमत
(ग) बेहतर मजदूरी
(घ) इनमें से सभी
उत्तर:
(घ) इनमें से सभी
बाँधों को ________ भी कहा जाता है :
(क) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
(ख) जल स्रोत
(ग) बाढ़ नियन्त्रण का उपाय
(घ) जल का भंडार
उत्तर:
(क) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
दो राज्यों के बीच वस्तुओं का आदान-प्रदान कहलाता है :
(क) राष्ट्रीय व्यापार
(ख) अन्तरराष्ट्रीय व्यापार
(ग) आन्तरिक व्यापार
(घ) वस्तु विनिमय
उत्तर:
(ग) आन्तरिक व्यापार
निम्नलिखित में से परिवहन का कौन-सा साधन दुर्गम स्थानों के लिए अत्यंत आवश्यक है ?
(क) जल परिवहन
(ख) वायु परिवहन
(ग) रेल परिवहन
(घ) स्थल परिवहन
उत्तर:
(ख) वायु परिवहन
(अति लघु उत्तरीय प्रश्न / Very Short Answer Type Questions)
शिशु मृत्युदर का अर्थ लिखिए।
उत्तर:
किसी वर्ष विशेष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु पूरी करने से पहले मर जाने वाले शिशुओं की संख्या को शिशु मृत्युदर (Infant Mortality Rate) कहा जाता है।
उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने के लिए किन्हीं दो उपायों का सुझाव दीजिए।
उत्तर:
1. मानकीकृत चिह्नों की जाँच: खरीदारी करते समय हमेशा ISI, Agmark या Hallmarking वाले प्रमाणित उत्पाद ही खरीदें।
2. पक्का बिल प्राप्त करना: किसी भी वस्तु की खरीद पर दुकानदार से हमेशा पक्का बिल (Cash Memo) प्राप्त करें, जो कानूनी सबूत का काम करता है।
भारत में वन्य जीव चीते के विलुप्त होने के कोई दो कारण लिखिए।
उत्तर:
1. प्राकृतिक आवासों का विनाश: वनों की अंधाधुंध कटाई और औद्योगिकीकरण के कारण चीतों के प्राकृतिक जंगल और घास के मैदान नष्ट हो गए।
2. अवैध शिकार: खाल, मांस और अन्य अंगों के व्यापार के लिए बड़े पैमाने पर चीतों का शिकार किया गया, जिसके फलस्वरूप 1952 में चीता विलुप्त घोषित हो गया।
(लघु उत्तरीय प्रश्न / Short Answer Type Questions)
कृषि क्षेत्र की तीन प्रमुख समस्याओं के नाम लिखिए।
अथवा
वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
कृषि क्षेत्र की तीन प्रमुख समस्याएँ:
• 1. मानसून पर अत्यधिक निर्भरता: भारतीय कृषि आज भी मुख्य रूप से मानसूनी वर्षा पर टिकी है, जिससे सिंचाई अनिश्चित बनी रहती है।
• 2. जोतों का छोटा आकार: भूमि के लगातार विभाजन के कारण खेतों के आकार बहुत छोटे हो गए हैं, जिससे आधुनिक तकनीक का उपयोग कठिन होता है।
• 3. साख एवं ऋण की समस्या: आज भी कई गरीब किसान साहूकारों के कर्ज के जाल में फंसे रहते हैं और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
अथवा (वैश्वीकरण का अर्थ):
वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसके तहत देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ जोड़ा जाता है। इसके माध्यम से वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, तकनीक और श्रम का अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार स्वतंत्र प्रवाह होता है।
ऊर्जा के परम्परागत तथा गैर-परम्परागत स्रोतों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
भारत में लौह अयस्क की किन्हीं तीन पेटियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ऊर्जा के परंपरागत और गैर-परंपरागत स्रोतों में अंतर:
• परंपरागत स्रोत: ये ऊर्जा के वे स्रोत हैं जो लंबे समय से उपयोग में चले आ रहे हैं (जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस)। ये अनवीकरणीय हैं और इनसे प्रदूषण फैलता है।
• गैर-परंपरागत स्रोत: ये ऊर्जा के नवीन और नवीकरणीय स्रोत हैं (जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस)। ये पर्यावरण के अनुकूल और कभी न समाप्त होने वाले स्रोत हैं।
अथवा (भारत की तीन प्रमुख लौह अयस्क पेटियाँ):
1. ओडिशा-झारखंड पेटी
2. दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर पेटी
3. बेल्लारी-चित्रदुर्ग-चिकमंगलूर-तुमकुर पेटी
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न / Long Answer Type Questions)
भू-संसाधन का अर्थ लिखिए। एक संसाधन के रूप में भूमि का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जाता है ? व्याख्या कीजिए।
अथवा
भारत की मुख्य फसलों पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
भू-संसाधन का अर्थ एवं इसके उपयोग के उद्देश्य:
• भू-संसाधन का अर्थ: पृथ्वी का वह प्राकृतिक धरातलीय भाग जिस पर मानव निवास करता है, विभिन्न आर्थिक क्रियाएँ संचालित करता है और अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करता है, भू-संसाधन कहलाता है।
• 1. कृषि कार्य: देश की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा कृषि के अंतर्गत उपयोग होता है।
• 2. वन और चारागाह: पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वनों के विस्तार तथा पशुओं के चरने के लिए चारागाहों के रूप में भूमि का उपयोग किया जाता है।
• 3. आवास और बस्तियाँ: मनुष्य द्वारा रहने के लिए मकान, गांव और शहर बसाने हेतु भूमि का उपयोग किया जाता है।
• 4. उद्योग और परिवहन: कारखाने लगाने तथा सड़कें, रेलवे लाइनें और हवाई अड्डे बनाने के लिए भी भूमि का उपयोग अनिवार्य रूप से होता है।
अथवा (भारत की मुख्य फसलें):
• 1. खाद्य फसलें: भारत की मुख्य खाद्य फसल चावल (धान) और गेहूँ हैं, जो देश के बड़े भूभाग पर उगाई जाती हैं। इसके अलावा मक्का, ज्वार, बाजरा और दालें भी प्रमुखता से उत्पादित होती हैं।
• 2. नकदी फसलें (व्यापारिक फसलें): गन्ने, कपास, जूट, चाय और कॉफी जैसी फसलें उद्योगों के लिए कच्चा माल प्रदान करती हैं और किसानों की आय का मुख्य साधन हैं।
• 3. तिलहन और बागवानी फसलें: मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी जैसे तिलहन तथा विभिन्न फल और सब्जियाँ भारतीय कृषि की विविधता को दर्शाती हैं।
संगठित तथा असंगठित कार्य-क्षेत्र के अन्तर को स्पष्ट कीजिए। असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के शोषण को रोकने के लिए आप क्या सुझाव देंगे ?
अथवा
आर्थिक क्रियाओं के क्षेत्रों के नाम लिखिए। पिछले कुछ वर्षों में भारत में तृतीयक क्षेत्र के बढ़ते हुए महत्व के मुख्य कारण क्या हैं ? समझाइए।
उत्तर:
संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में अंतर तथा श्रमिकों का संरक्षण:
• संगठित क्षेत्र: यह वह क्षेत्र होता है जहाँ रोजगार की शर्तें निश्चित और नियमित होती हैं, सरकार द्वारा पंजीकृत होता है, काम के निश्चित घंटे होते हैं और भविष्य निधि (PF) व चिकित्सा लाभ मिलते हैं।
• असंगठित क्षेत्र: यह वह क्षेत्र है जो सरकार के नियंत्रण से बाहर होता है। यहाँ नौकरियाँ सुरक्षित नहीं होतीं, कम वेतन मिलता है, ओवरटाइम का प्रावधान नहीं होता और कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं होती।
• असंगठित क्षेत्र में शोषण रोकने के सुझाव:
1. सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी कानून का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए।
2. श्रमिकों को स्वास्थ्य बीमा और पेंशन योजनाओं का अनिवार्य लाभ मिलना चाहिए।
3. काम के निश्चित घंटे और छुट्टियों के नियम सख्ती से लागू किए जाने चाहिए।
अथवा (आर्थिक क्रियाओं के क्षेत्र एवं तृतीयक क्षेत्र का बढ़ता महत्व):
• आर्थिक क्रियाओं के तीन मुख्य क्षेत्र हैं: (1) प्राथमिक क्षेत्र, (2) द्वितीयक क्षेत्र, (3) तृतीयक क्षेत्र।
• तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) के बढ़ने के प्रमुख कारण:
1. बुनियादी सेवाओं (अस्पताल, शिक्षा, बैंक, परिवहन) की मांग में तेजी से वृद्धि होना।
2. कृषि और उद्योगों के विकास के साथ-साथ परिवहन, भंडारण और व्यापार जैसी सेवाओं की आवश्यकता का बढ़ना।
3. लोगों की आय बढ़ने पर उच्च जीवन स्तर, पर्यटन, शॉपिंग मॉल और निजी सेवाओं पर खर्च का बढ़ना।
4. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सॉफ्टवेयर उद्योग के विस्तार ने इस क्षेत्र को अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा चालक बना दिया है।
(मानचित्र कार्य / Map Work - दृष्टिबाधित विकल्प)
(i) हिमालयन यव पाए जाने वाले किसी एक प्रदेश का नाम: हिमाचल प्रदेश (या अरुणाचल प्रदेश)
(ii) कॉफी की खेती करने वाले किसी एक राज्य का नाम: कर्नाटक
(iii) भारत के सबसे पुराने तेल उत्पादक राज्य का नाम: असम
(iv) भारत के किसी एक परमाणु ऊर्जा केन्द्र का नाम: तारापुर (महाराष्ट्र)
(v) महाराष्ट्र की राजधानी का नाम: मुंबई
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।