खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
1. समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है-
उत्तर: (ख) अनन्त
2. इलेक्ट्रॉन पर आवेश होता है-
उत्तर: (क) -1.6 × 10⁻¹⁹ कूलॉम
3. ऐम्पियर-सेकण्ड मात्रक है-
उत्तर: (घ) आवेश का
4. फोकस दूरी (f) एवं वक्रता त्रिज्या (r) के बीच सम्बन्ध है-
उत्तर: (ग) 2f = r
5. यदि एक प्रकाश किरण दो माध्यमों के सीमा पृष्ठ पर समकोण पर आपतित होती है, तो अपवर्तन कोण का मान होगा-
उत्तर: (क) 0^(°)
6. यदि 7 सेमी. ऊँची वस्तु 8 सेमी की फोकस दूरी के उत्तल लेन्स से 12 सेमी की दूरी पर रखी है, तो प्रतिबिम्ब की स्थिति होगी-
उत्तर: (क) 24 सेमी
7. पांच प्रतिरोधकों, जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोध 1 ओम है, इनका उपयोग करके कितना अधिकतम प्रतिरोध बनाया जा सकता है-
उत्तर: (ग) 5 ओम
8. 25^(°)C ताप पर जल का आयनिक गुणनफल होता है-
उत्तर: (ख) 10⁻¹⁴
9. (प्रश्न का विकल्प/तथ्य संदर्भानुसार शुद्ध करते हुए)
उत्तर: (घ) Na
10. अभिक्रिया 4NH₃(g) + 5O₂(g) → 4NO(g) + 6H₂O(g) निम्न का उदाहरण है-
उत्तर: (ग) रेडॉक्स अभिक्रिया
11. शून्य pH वाला विलयन होता है-
उत्तर: (क) अम्लीय
12. निम्नलिखित में कौन सी धातु कमरे के ताप पर ठोस अवस्था में नहीं होती है-
उत्तर: (ख) मर्करी
13. निम्न में असंतृप्त कार्बनिक यौगिक है-
उत्तर: (घ) CH₃-CH=CH₂
14. रेनिन का स्राव कहाँ से होता है-
उत्तर: (ग) जठर ग्रन्थियों से
15. निम्न में कौन सा आनुवंशिक पदार्थ है-
उत्तर: (क) DNA
16. कृमिरूप परिशेषिका भाग है-
उत्तर: (ग) सीकम का
17. विपरीत लक्षणों के जोड़ों को कहते हैं-
उत्तर: (क) युग्म विकल्पी या एलीलोमार्फ
18. दायें निलय से अशुद्ध रुधिर जाता है-
उत्तर: (क) फेफड़ों में
19. फ्लोएम द्वारा भोजन का स्थानान्तरण होता है-
उत्तर: (क) सुक्रोज के रूप में
20. कोशिकीय प्रक्रमों में ऊर्जा मुद्रा है-
उत्तर: (ग) ATP
खण्ड-ब
उपखण्ड-क
1. निकट दृष्टि दोष किसे कहते हैं? इस दोष का निवारण किस प्रकार किया जाता है? किरण आरेख द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: निकट दृष्टि दोष (Myopia): इस दोष से पीड़ित व्यक्ति को निकट की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं, परंतु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। इसका निवारण अवतल लेंस के चश्मे का प्रयोग करके किया जाता है, जिससे अनंत से आने वाली किरणें रेटिना पर केंद्रित होती हैं।
2. अवतल दर्पण के ध्रुव एवं फोकस के मध्य रखी वस्तु के प्रतिबिम्ब निर्माण को किरण आरेख द्वारा समझाइए।
उत्तर: जब वस्तु अवतल दर्पण के ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच स्थित होती है, तो उसका प्रतिबिंब दर्पण के पीछे, आभासी, सीधा तथा वस्तु से बड़ा बनता है।
3. मानव नेत्र की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: मानव नेत्र एक कैमरे की भाँति कार्य करता है। इसके मुख्य भाग निम्नलिखित हैं:
- श्वेत पटल (Sclera): नेत्र का बाहरी आवरण जो सुरक्षा करता है।
- कॉर्निया (Cornea): सामने का पारदर्शी भाग जिससे प्रकाश प्रवेश करता है।
- आइरिस (Iris): रंगीन पर्दा जो पुतली के आकार को नियंत्रित करता है।
- पुतली (Pupil): प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
- नेत्र लेंस: उत्तल लेंस जो रेटिना पर प्रतिबिंब बनाता है।
- रेटिना (Retina): वह पर्दा जहाँ वास्तविक एवं उल्टा प्रतिबिंब बनता है।
4. एक मोटरबाइक पर, पीछे से आ रहे किसी अन्य वाहन को देखने के लिए, 2 मी. वक्रता त्रिज्या का एक उत्तल दर्पण लगा है। बाइक के पीछे से आ रहे एक वाहन जिसकी दूरी मोटर बाइक से किसी समय 4 मीटर की है, तो गणना करके बताइए कि उसका प्रतिबिम्ब दर्पण में कितनी दूरी पर और कहाँ दिखेगा? किरण आरेख बनाकर भी समझाइए।
उत्तर:
दिया गया है: वक्रता त्रिज्या R = +2 मी, फोकस दूरी f = (R)/(2) = +1 मी, वस्तु की दूरी u = -4 मी।
दर्पण सूत्र से:
(1)/(f) = (1)/(v) + (1)/(u)
(1)/(1) = (1)/(v) + (1)/(-4) (1)/(v) = 1 - (1)/(4) = (3)/(4)
v = +(4)/(3) मी ≈ +1.33 मी
अतः प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 1.33 मीटर की दूरी पर आभासी और सीधा बनेगा।
अथवा
ओम का नियम क्या है? इसके सत्यापन के लिए आवश्यक प्रयोग का वर्णन परिपथ आरेख बनाकर कीजिए।
उत्तर: ओम का नियम: यदि भौतिक अवस्थाएँ (ताप, दाब आदि) समान रहें, तो किसी चालक तार में प्रवाहित होने वाली धारा (I) उसके सिरों के बीच उत्पन्न विभवांतर (V) के अनुक्रमानुपाती होती है, अर्थात् V ∝ I V = IR।
उपखण्ड-ख
5. 773K पर अभिक्रिया द्वारा अमोनिया गैस बनाना।
उत्तर: हैबर विधि द्वारा नाइट्रोजन और हाइड्रोजन की क्रिया से अमोनिया बनाई जाती है:
N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) (लोहे के उत्प्रेरक तथा मोलिब्डेनम वर्धक की उपस्थिति में)।
6. (क) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक नाम तथा अणुसूत्र लिखिए। इस पर ऊष्मा के प्रभाव का संक्षिप्त वर्णन लिखिए।
उत्तर:
- रासायनिक नाम: कैडमियम/कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (Calcium Sulphate Hemihydrate)
- अणुसूत्र: CaSO₄·(1)/(2)H₂O
ऊष्मा का प्रभाव: इसे 373 K से अधिक ताप पर गर्म करने पर यह संपूर्ण क्रिस्टलीय जल त्यागकर निर्जल कै कैल्शियम सल्फेट (मृत प्लास्टर) में बदल जाता है।
(ख) रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं? किन्हीं दो उदाहरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जब एक या एक से अधिक पदार्थ परस्पर क्रिया करके नए गुणधर्म वाले पदार्थों का निर्माण करते हैं, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण:
1. मैग्नीशियम का वायु में जलना: 2Mg + O₂ → 2MgO
2. जिंक की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया: Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
7. एथिल ऐल्कोहल की चार रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए और इसके तीन उपयोगों को भी लिखिए।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रियाएँ:
1. सोडियम के साथ क्रिया: 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa + H₂
2. सांद्र H₂SO₄ के साथ निर्जलीकरण: C₂H₅OH ⇌443K C₂H₄ + H₂O
3. एसिटिक अम्ल के साथ एस्टरीकरण: C₂H₅OH + CH₃COOH → CH₃COOC₂H₅ + H₂O
4. आक्सीकरण: C₂H₅OH + 2[O] → CH₃CHO + H₂O
उपयोग: 1. शराब एवं औषधियाँ बनाने में, 2. प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में, 3. विनायक (सॉल्वेंट) के रूप में।
अथवा
निम्न पर टिप्पणी लिखिए-
(क) साबुन: उच्च वसीय अम्लों (जैसे पामिटिक या स्टीयरिक अम्ल) के सोडियम या पोटैशियम लवण साबुन कहलाते हैं।
(ख) ग्लेशियल एसिटिक अम्ल: शुद्ध (100%) एसिटिक अम्ल को ग्लेशियल एसिटिक अम्ल कहते हैं, क्योंकि ठंडक पाकर यह बर्फ की तरह जम जाता है।
(ग) संक्षारण: जब धातुएँ वायुमंडल में नमी, ऑक्सीजन या अम्ल के संपर्क में आती हैं, तो उनकी सतह संक्षारित होने लगती है (जैसे लोहे पर जंग लगना)।
(घ) मिश्रधातु: दो या दो से अधिक धातुओं अथवा एक धातु और एक अधातु के समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं (जैसे पीतल, काँसा)।
उपखण्ड-ग
8. (क) ऑक्सीश्वसन तथा अनाक्सीश्वसन में अन्तर बताइए।
उत्तर:
- ऑक्सीश्वसन: यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है तथा इसमें ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे अधिक मात्रा में ऊर्जा (ATP) तथा कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।
- अनाक्सीश्वसन: यह ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है, जिसमें ग्लूकोज का अपूर्ण विखंडन होता है और एथिल अल्कोहल या लैक्टिक अम्ल तथा कम ऊर्जा बनती है।
(ख) रसांकुर तथा सूक्ष्मांकुर में अन्तर बताइए।
उत्तर: रसांकुर (Villi) छोटी आंत के आंतरिक स्तर पर उंगली जैसी अंगुलियों के समान रचनाएँ होती हैं जो पचे हुए भोजन का अवशोषण करती हैं, जबकि सूक्ष्मांकुर (Microvilli) उन रसांकुरों की कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले अतिसूक्ष्म प्रवर्ध होते हैं जो अवशोषण क्षेत्र को और बढ़ाते हैं।
9. मानव हृदय की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र बनाइये तथा उसकी संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर: मानव हृदय चार कक्षों में विभाजित होता है- दो आलिंद (दायाँ और बायाँ) तथा दो निलय (दायाँ और बायाँ)। दाएँ भाग में अशुद्ध रुधिर तथा बाएँ भाग में शुद्ध रुधिर प्रवाहित होता है। महाधमनी और फुफ्फुस धमनियाँ रुधिर को पूरे शरीर और फेफड़ों तक ले जाती हैं।
10. आनुवंशिकता की परिभाषा लिखिए। आनुवंशिकता के जनक कौन थे? स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
- आनुवंशिकता: माता-पिता के लक्षणों का उनके संतानों में वंशागत होना (transmission of characters) आनुवंशिकता कहलाता है।
- आनुवंशिकता के जनक: ग्रेगर जॉन मेंडेल (Gregor Johann Mendel)।
- स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment): जब दो जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले पौधों के बीच संकरण कराया जाता है, तो एक लक्षण की वंशागति दूसरे लक्षण से पूरी तरह स्वतंत्र होती है।