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UP Board Class 10th Science Board Paper 2026 824(GN)

कक्षा 10वीं · विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा

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code_content = """खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न

(Multiple Choice Questions)

उपभाग - (1)

प्रश्न 1.

किसी पेंसिल को जल में तिरछा करके डुबोते हैं तो उसका जल में डूबा हुआ भाग न डूबा हुआ बाहरी भाग की तुलना में तिरछा दिखाई पड़ता है। इसका कारण है

(A) घर्षण के कारण

(B) अपवर्तन के कारण

(C) परावर्तन के कारण

(D) पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण

उत्तर:

(B) अपवर्तन के कारण

प्रश्न 2.

जब कोई व्यक्ति एक दर्पण में अपना चेहरा देखता है तो आकार में वह छोटा दिखाई देता है। दर्पण होना चाहिए

(A) समतल दर्पण

(B) उत्तल दर्पण

(C) अवतल दर्पण

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(B) उत्तल दर्पण

प्रश्न 3.

निकट दृष्टि दोष से पीड़ित एक व्यक्ति को सही दृष्टि के लिए किस लेंस का उपयोग करना होगा ?

(A) समतलोत्तल लेंस

(B) उत्तल लेंस

(C) अवतल लेंस

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(C) अवतल लेंस

प्रश्न 4.

एक काँच के त्रिभुजाकार प्रिज्म से गुजरने के बाद श्वेत प्रकाश की किरण विक्षेपित होकर अपने सभी अवयवीय रंगों में विक्षेपित हो जाती है तो सबसे अधिक विचलन वाला रंग होगा

(A) लाल रंग

(B) पीला रंग

(C) हरा रंग

(D) बैंगनी रंग

उत्तर:

(D) बैंगनी रंग

प्रश्न 5.

समान प्रतिरोधों के किस संयोजन में सबसे अधिक प्रतिरोध प्राप्त होगा ?

(A) मिश्रित संयोजन

(B) समानान्तर संयोजन

(C) श्रेणी क्रम संयोजन

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(C) श्रेणी क्रम संयोजन

प्रश्न 6.

किसी विद्युत धारावाही चालक से बहने वाली विद्युत धारा ज्ञात करने के लिए किस यंत्र की आवश्यकता होती है ?

(A) वाटमीटर

(B) वोल्टमीटर

(C) अमीटर

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(C) अमीटर

प्रश्न 7.

किसी धारावाही चालक के कारण उत्पन्न होने वाले चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए नियम होता है

(A) ओम का नियम

(B) फ्लेमिंग के बाये हाथ का नियम

(C) दाहिने हाथ का अंगूष्ठ नियम

(D) फ्लेमिंग के दाहिने हाथ का नियम

उत्तर:

(C) दाहिने हाथ का अंगूष्ठ नियम

उपभाग - (2)

प्रश्न 8.

निम्न में से कौन-सा एल्कोहॉलीय प्रकार्यात्मक समूह है ?

(A) - = (B) - -

(C) - (D) - - उत्तर: (C) - प्रश्न 9. सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन के विद्युत अपघटन से तीन उपयोगी उत्पाद बनते हैं। सही समूह कौन-सा है ?

(A) , ₂, ₂

(B) , ₂, ₂

(C) , ₂, ₂

(D) ₂ ₃, ₂, ₂

उत्तर:

(A) , ₂, ₂

प्रश्न 10.

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु ठंडे पानी के साथ अत्यधिक उग्रता से अभिक्रिया करके क्षार और हाइड्रोजन गैस बनाती है ?

(A) मैग्नीशियम

(B) कैल्शियम

(C) सोडियम

(D) लोहा

उत्तर:

(C) सोडियम

प्रश्न 11.

कार्बन की अपने ही साथ लंबी श्रृंखलाएँ बनाने की क्षमता को क्या कहते हैं ?

(A) शृंखलन

(B) चतुःसंयोजकता

(C) समावयवता

(D) क्रियात्मकता

उत्तर:

(A) शृंखलन

प्रश्न 12.

निम्नलिखित में से कौन-सा ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है ?

(A) एथीन

(B) एथाइन

(C) एथेन

(D) बेंजीन

उत्तर:

(D) बेंजीन

प्रश्न 13.

निम्न समीकरण किस प्रकार की अभिक्रिया को दर्शाता है ?

(s) + ₂ (l) \→ (OH)₂\(aq) + \ऊष्मा

(A) संयोजन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी

(B) अपघटन अभिक्रिया, ऊष्माशोषी

(C) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया, ऊष्माशोषी

(D) विस्थापन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी

उत्तर:

(A) संयोजन अभिक्रिया, ऊष्माक्षेपी

उपभाग - (3)

प्रश्न 14.

निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया प्रकाश संश्लेषण से संबंधित है ?

(A) 6 ₂ + 12 ₂ \⇌[\क्लोरोफिल]\सूर्य का प्रकाश ₆ ₁₂ ₆ + 6 ₂ + 6 ₂ (B) 6 ₂ + 12 ₂ \⇌[\नाइट्रोजन]\सूर्य का प्रकाश ₆ ₁₂ ₆ + 6 ₂ + 6 ₂ (C) ₆ ₁₂ ₆ + 6 ₂ \→ 6 ₂ + 6 ₂ + \ऊर्जा

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

(A) 6 ₂ + 12 ₂ \⇌[\क्लोरोफिल]\सूर्य का प्रकाश ₆ ₁₂ ₆ + 6 ₂ + 6 ₂ प्रश्न 15. निम्न में से कौन मानव हृदय का भाग नहीं है ?

(A) बायाँ अलिन्द

(B) निलय

(C) लसिका

(D) दायाँ अलिन्द

उत्तर: (C) लसिका

प्रश्न 16.

मानव रक्त में शर्करा-स्तर नियन्त्रित होती है

(A) प्रोलेक्टिन द्वारा

(B) एड्रीनलिन द्वारा

(C) टेस्टोस्टेरॉन द्वारा

(D) इंसुलिन द्वारा

उत्तर:

(D) इंसुलिन द्वारा

प्रश्न 17.

पौधों में निषेचन के पश्चात् बीजाण्ड परिवर्तित होता है

(A) बीज में

(B) फल में

(C) युग्मनज में

(D) परागकण में

उत्तर:

(A) बीज में

प्रश्न 18.

मेण्डल के अनुसार, यदि मटर के लंबे तने वाले पौधे का संकरण, बौने तने वाले पौधे से कराया जाय, तो F₁ पीढ़ी के पौधे होंगे

(A) लम्बे तने वाले

(B) लम्बे व बौने दोनों

(C) बौने तने वाले

(D) गोल बीज वाले

उत्तर:

(A) लम्बे तने वाले

प्रश्न 19.

निम्नलिखित चित्र में 'A' पुष्प के किस भाग को दर्शाता है ?

(A) बीजाण्ड

(B) तंतु

(C) परागकोष

(D) वर्तिकाग्र

उत्तर:

(C) परागकोष

प्रश्न 20.

पारितंत्र में द्वितीय पोषी स्तर का निर्माण करते हैं

(A) सर्वाहारी

(B) मांसाहारी

(C) प्राथमिक उपभोक्ता

(D) उत्पादक

उत्तर:

(C) प्राथमिक उपभोक्ता

खण्ड-ब : वर्णनात्मक प्रश्न

उपभाग - (1)

प्रश्न 1.

(i) एक उत्तल लेन्स से किसी वस्तु का वास्तविक तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बनने का किरण आरेख बनाइए।

उत्तर:

जब वस्तु उत्तल लेंस के फोकस (F) और प्रकाशिक केंद्र (O) के बीच या फोकस (F) पर स्थित होती है, तब इसका वास्तविक, उल्टे और आवर्धित (बड़े) प्रतिबिम्ब का किरण आरेख बनाया जाता है। (किरण आरेख मानक पाठ्यपुस्तकों के अनुसार लेंस के दोनों ओर फोकस बिंदुओं को दर्शाते हुए खींचा जाता है।)

(ii) उत्तल दर्पण के कोई दो उपयोग लिखिए।

उत्तर:

1. मोटर-गाड़ियों में पीछे के दृश्यों को देखने के लिए 'पार्श्व दृश्य दर्पण' (Rear-view mirror) के रूप में।

2. बजारों और गलियों में सुरक्षा की दृष्टि से परावर्तक दर्पण के रूप में।

प्रश्न 2.

अग्रिम सूर्योदय क्या है ? इसका सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर:

वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पूर्व सूर्य का दिखाई देना 'अग्रिम सूर्योदय' कहलाता है। इसका मुख्य कारण वायुमंडलीय अपवर्तन है। पृथ्वी के वायुमंडल की परतें ऊपर से नीचे आने पर सघन होती जाती हैं। जब क्षितिज के नीचे स्थित सूर्य से आने वाली प्रकाश किरणें विरल माध्यम से सघन वायुमंडल में प्रवेश करती हैं, तो वे अभिलंब की ओर झुक जाती हैं। इस प्रकार अपवर्तित किरणों के पीछे की ओर बढ़ाने पर सूर्य अपनी वास्तविक स्थिति से कुछ ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है।

प्रश्न 3.

ओम का नियम क्या है ? इसका सूत्र स्थापित कीजिए। इसके सत्यापन हेतु उपयुक्त परिपथ सहित व्याख्या कीजिए।

उत्तर:

• ओम का नियम: यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ (तापीय स्थिति आदि) समान रहें, तो चालक के सिरों के बीच उत्पन्न विभवान्तर (V) उसमें बहने वाली धारा (I) के अनुक्रमानुपाती होता है। अर्थात् V \∝ I

implies V = IR, जहाँ R एक नियतांक है जिसे चालक का 'प्रतिरोध' कहते हैं।

• सूत्र: R = \(V)/(I)

• सत्यापन हेतु परिपथ: एक बैटरी, अमीटर, वोल्टमीटर, रियोस्टेट (धारा नियंत्रक) और कुंजी को श्रेणीक्रम में तथा प्रतिरोधक को समांतर क्रम में जोड़कर उपयुक्त परिपथ बनाया जाता है। विभिन्न धाराओं के लिए विभवान्तर के मान मापकर V-I ग्राफ खींचते हैं, जो एक सरल रेखा प्राप्त होती है, जिससे ओम के नियम का सत्यापन होता है।

प्रश्न 4.

(i) विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या है ? किसी चालक में धारा प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा का सूत्र लिखिए।

उत्तर:

जब किसी उच्च प्रतिरोध वाले चालक तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो चालक तार गर्म हो जाता है और विद्युत ऊर्जा का ऊष्मा में रूपांतरण होता है। इसे विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं।

सूत्र: H = \(V \· I \· t)/(J) अथवा जूल में H = I²Rt

(ii) 50 ओम प्रतिरोधक में धारा प्रवाहित करने पर 125 जूल प्रति सेकण्ड ऊष्मा उत्पन्न होती है। प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया है: प्रतिरोध R = 50 \Ω, उत्पन्न ऊष्मा प्रति सेकंड H/t = 125 /s

सूत्र: \(H)/(t) = \(V²)/(R)

Rightarrow 125 = \(V²)/(50)

Rightarrow V² = 125 \× 50 = 6250

Rightarrow V = \√(6250) = 25\√(10) \≈ 79.05 \वोल्ट

अथवा

घरेलू विद्युत परिपथ का संक्षिप्त वर्णन इनका उपयुक्त चित्र सहित कीजिए।

उत्तर: हमारे घरों में विद्युत आपूर्ति मुख्य विद्युत बोर्ड (या खंभे) से मुख्य स्विच और मीटर के माध्यम से लाई जाती है। घरेलू परिपथ में सभी उपकरण समानान्तर क्रम (Parallel combination) में जोड़े जाते हैं ताकि प्रत्येक उपकरण को समान वोल्टेज और स्वतंत्र रूप से चालू/बंद करने की सुविधा मिले। परिपथ में सुरक्षा के लिए 'फ्यूज' (Fuse) या 'MCB' का उपयोग किया जाता है, जो उच्च धारा प्रवाहित होने पर परिपथ को तोड़ देता है।

उपभाग - (2)

प्रश्न 5.

(i) जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है ? रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर:

लोहा (Fe), कॉपर (Cu) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील धातु है। जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट ( ₄) के नीले विलयन में डुबोया जाता है, तो लोहा कॉपर सल्फेट के विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है और फेरस सल्फेट ( ₄) बनाता है, जिससे नीले रंग का विलयन हल्के हरे रंग में बदल जाता है।

रासायनिक समीकरण:

(s) + ₄\(aq) \→ ₄\(aq) + (s)

(ii) What happens when a metal carbonate reacts with dilute hydrochloric acid ? Write a balanced chemical equation.

उत्तर: जब कोई धातु कार्बोनेट तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो संगत धातु लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO₂) बनती है।

संतुलित रासायनिक समीकरण:

₂ ₃\(s) + 2 (aq) \→ 2 (aq) + ₂ (l) + ₂ प्रश्न 6.

(i) सजातीय श्रेणी क्या है ? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: कार्बनिक यौगिकों का ऐसा समूह जिनमें एक ही प्रकार के प्रकार्यात्मक समूह होते हैं तथा जिनके क्रमिक सदस्यों के आणविक सूत्र में - ₂- इकाई का अंतर होता है, 'सजातीय श्रेणी' कहलाता है।

उदाहरण: एल्केन श्रेणी ( ₄, ₂ ₆, ₃ ₈ आदि)।

(ii) कार्बन में सह-संयोजी आबन्ध को समझाइए।

उत्तर: कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 होता है और इसके बाहरी कोष में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसे अपनी अष्टक पूर्ण करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। यह इलेक्ट्रॉनों का त्याग या ग्रहण नहीं कर सकता, अतः यह अन्य परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके 'सह-संयोजी आबन्ध' ( bond) बनाता है।

प्रश्न 7.

(i) धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रेणी में स्थिति के आधार पर धातुओं के निष्कर्षण की विभिन्न विधियों को समझाइए। कम, मध्यम तथा अधिक अभिक्रियाशील धातुओं के निष्कर्षण का एक-एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

1. कम अभिक्रियाशीलता वाली धातुएँ: ये स्वतंत्र अवस्था या उनके सल्फाइड अयस्कों के रूप में होती हैं। इन्हें केवल गर्म करके (भर्जन द्वारा) निष्कर्षित किया जाता है। उदाहरण: मरकरी ( ) का निष्कर्षण सिनेबार ( ) से।

2. मध्यम अभिक्रियाशीलता वाली धातुएँ: ये कार्बोनेट या सल्फाइड अयस्क के रूप में होती हैं। इन्हें पहले भर्जन या निस्थापन द्वारा ऑक्साइड में बदलते हैं और फिर कार्बन द्वारा अपचयन करके धातु प्राप्त करते हैं। उदाहरण: जिंक ( ) का निष्कर्षण जिंक ब्लेंड से।

3. अधिक अभिक्रियाशीलता वाली धातुएँ: इनका कार्बन द्वारा अपचयन संभव नहीं है। इनका विद्युत अपघटन किया जाता है। उदाहरण: सोडियम ( ) का निष्कर्षण गलित सोडियम क्लोराइड के विद्युत अपघटन से।

(ii) लिटमस किस प्राकृतिक स्रोत से प्राप्त होता है ? उदासीन माध्यम में लिटमस विलयन का स्वाभाविक रंग क्या होता है ? लिटमस के अतिरिक्त दो अन्य प्राकृतिक सूचकों के नाम लिखिए।

उत्तर:

• स्रोत: लिटमस को 'लाइकन' (Lichen) पौधे से प्राप्त किया जाता है जो थैलोफाइटा समूह से संबंधित है।

• स्वाभाविक रंग: उदासीन माध्यम में लिटमस विलयन का रंग बैंगनी होता है।

• अन्य प्राकृतिक सूचक: हल्दी (Turmeric) और लाल पत्तागोभी (Red cabbage)।

अथवा

(i) समीकरणों सहित समझाइए कि अलग-अलग धातुएँ ( , , , ) जल के साथ कैसे अभिक्रिया करती हैं।

उत्तर:

• सोडियम ( ): ठंडे पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रोक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती है।

\2Na(s) + 2 ₂ (l) \→ 2 (aq) + ₂\(g) + \ऊष्मा

• कैल्शियम ( ): ठंडे पानी के साथ कम उग्रता से अभिक्रिया करती है, हाइड्रोजन गैस के बुलबुले धातु की सतह पर चिपक जाते हैं और कैल्शियम तैरने लगता है।

(s) + 2 ₂ (l) \→ (OH)₂\(aq) + ₂\(g)

• मैग्नीशियम ( ): ठंडे पानी से नहीं बल्कि गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाती है।

(s) + 2 ₂ (hot) \→ (OH)₂\(aq) + ₂\(g)

• लोहा ( ): ठंडे या गर्म पानी से नहीं, बल्कि भाप के साथ अभिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड और हाइड्रोजन बनाती है।

\3Fe(s) + 4 ₂ (g) \→ ₃ ₄\(s) + 4 ₂\(g)

(ii) इन धातुओं को जल के साथ अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है ?

उत्तर:

• घटता क्रम: > > > * कारण: सोडियम और पोटैशियम अति अभिक्रियाशील धातुएँ हैं। ये हवा में खुली रखने पर ऑक्सीजन के साथ तीव्र आग पकड़ लेती हैं। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर रखा जाता है।

उपभाग - (3)

प्रश्न 8.

मानव के मादा जनन तंत्र का उपयुक्त चित्र सहित वर्णन कीजिए।

उत्तर:

मानव मादा जनन तंत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित अंग सम्मिलित होते हैं:

1. अंडाशय (Ovaries): यह मुख्य मादा जनन अंग है जहाँ अंडाणुओं (ova) का निर्माण होता है तथा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन स्रावित होते हैं।

2. अंडवाहिनी या फैलोपियन नलिका (Fallopian tube): यह अंडाशय से गर्भाशय तक अंडाणु को पहुँचाती है और यहीं निषेचन (Fertilization) की क्रिया संपन्न होती है।

3. गर्भाशय (Uterus): यह एक नाशपाती के आकार की थैलीनुमा संरचना है जहाँ भ्रूण का विकास होता है।

4. योनि (Vagina): यह एक नली जैसी संरचना है जो गर्भाशय को शरीर के बाहर खोलती है।

प्रश्न 9.

ग्लूकोज के विखण्डन की क्रिया का उपयुक्त चित्र के साथ वर्णन कीजिए।

उत्तर:

ग्लूकोज का विखंडन कोशिकाओं के साइटोप्लाज्म और माइटोकॉन्ड्रिया में होता है:

• प्रथम चरण (ग्लाकोब्रिसिस): ग्लूकोज (6-कार्बन अणु) कोशिकाद्रव्य में टूटकर पाइरुवेट (3-कार्बन अणु) के दो अणु बनाता है।

• द्वितीय चरण (ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में - किण्वन): यीस्ट में पाइरुवेट इथेनॉल, कार्बन डाइऑक्साइड और ऊर्जा में बदलता है।

• तीसरा चरण (ऑक्सीजन की कमी में - पेशियों में): हमारी पेशी कोशिकाओं में भारी व्यायाम के समय लैक्टिक एसिड बनता है जिसके कारण ऐंठन होती है।

• चौथा चरण (ऑक्सीजन की उपस्थिति में - माइटोकॉन्ड्रिया): पाइरुवेट का पूर्ण उपचयन होकर कार्बन डाइऑक्साइड, जल और अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा ( ) मुक्त होती है।

प्रश्न 10.

पारितंत्र के विभिन्न पोषण स्तरों में ऊर्जा प्रवाह का विस्तार से सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर:

पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) होता है। सूर्य की कुल सौर ऊर्जा का पौधों (उत्पादकों) द्वारा लगभग 1% भाग प्रकाश संश्लेषण में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित किया जाता है। जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर में स्थानांतरित होती है, तो 'लिंडमैन के दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँचती है, शेष 90% ऊर्जा श्वेत एवं अन्य जैविक क्रियाओं में ऊष्मा के रूप में हास हो जाती है।

प्रश्न 11.

मानव के परिसंचरण तंत्र का उपयुक्त चित्र सहित वर्णन कीजिए।

उत्तर:

मानव का परिसंचरण तंत्र मुख्य रूप से हृदय, रुधिर वाहिकाओं (धमनियों और शिराओं) तथा रुधिर से मिलकर बना होता है।

• हृदय: यह एक पेशीय अंग है जो मुट्ठी के आकार का होता है और इसके चार कक्ष होते हैं — दो अलिन्द (दायाँ और बायाँ) तथा दो निलय (दायाँ और बायाँ)।

• कार्य: महाशिरा द्वारा अशुद्ध रक्त दाएं अलिन्द में आता है, वहाँ से दाएं निलय में जाता है जहाँ से इसे फेफड़ों में शुद्ध होने के लिए भेजा जाता है। शुद्ध रक्त फेफड़ों से बाएं अलिन्द और बाएं निलय में आता है, जहाँ से महाधमनी द्वारा पूरे शरीर में पंप किया जाता है।

अथवा

निम्न पर टिप्पणी लिखिए :

(i) फ्लोएम एवं उसके कार्य

(ii) गुरुत्वानुवर्तन

उत्तर:

(i) फ्लोएम एवं उसके कार्य: फ्लोएम पौधों में एक संवहन ऊतक है जो पत्तियों द्वारा तैयार भोजन (कार्बनिक पदार्थों) को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है। यह परिवहन दोनों दिशाओं (ऊपर और नीचे) में हो सकता है।

(ii) गुरुत्वानुवर्तन: पौधों के अंगों (विशेषकर जड़ों) की गुरुत्वाकर्षण बल की दिशा में होने वाली वृद्धि या गति को 'गुरुत्वानुवर्तन' (Geotropism) कहते हैं। उदाहरण के लिए, प्राथमिक जड़ें हमेशा गुरुत्वाकर्षण की दिशा में नीचे की ओर बढ़ती हैं (धनात्मक गुरुत्वानुवर्तन)।

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