Solution

UP Board Class 10th Science Board Paper 2026 824(GM)

कक्षा 10वीं · विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा

AI-generated solution. Verify important answers/calculations. · महत्वपूर्ण उत्तर एवं गणनाएँ स्वयं जाँच लें।

खण्ड - अ (बहुविकल्पीय प्रश्न - विस्तृत व्याख्या सहित)

उपभाग - (I)

1. एक लेंस की क्षमता -5D है। लेंस की फोकस दूरी तथा प्रकृति होगी

उत्तर: (B) -20 सेमी, अवतल लेंस

विस्तृत व्याख्या: लेंस की क्षमता P = -5D है। फोकस दूरी f = (1)/(P) = (1)/(-5) m = -0.2 m = -20 सेमी होती है। चूँकि फोकस दूरी ऋणात्मक है, अतः यह एक अवतल लेंस (Concave lens) है।

2. इन्द्रधनुष के बनने का कारण है

उत्तर: (D) प्रकाश का परिक्षेपण तथा पूर्ण आंतरिक परावर्तन

विस्तृत व्याख्या: आकाश में इंद्रधनुष का निर्माण जल की सूक्ष्म बूंदों द्वारा सूर्य के प्रकाश के अपवर्तन, परिक्षेपण (विक्षेपण) और पूर्ण आंतरिक परावर्तन की संयुक्त घटनाओं के कारण होता है।

3. प्रतिरोध R के किसी तार को दो बराबर भागों में काटा जाता है। इन दोनों भागों को समान्तर क्रम में संयोजित किया जाता है। यदि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध R' हो तब अनुपात R/R' का मान होगा

उत्तर: (A) 4

विस्तृत व्याख्या: तार के प्रत्येक आधे भाग का प्रतिरोध R/2 होगा। जब इन्हें समान्तर क्रम में जोड़ा जाता है, तो तुल्य प्रतिरोध R' का मान:

(1)/(R') = (1)/(R/2) + (1)/(R/2) = (2)/(R) + (2)/(R) = (4)/(R) R' = (R)/(4)

अतः अनुपात R / R' = R / (R/4) = 4 होगा।

4. एक धारावाही चालक को समरूप चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है। चालक पर बल की दिशा के लिए नियम है

उत्तर: (D) फ्लेमिंग के बाये हाथ का नियम

विस्तृत व्याख्या: चुंबकीय क्षेत्र में स्थित धारावाही चालक पर लगने वाले बल (चुंबकीय बल) की दिशा ज्ञात करने के लिए फ्लेमिंग के बाएं हाथ (Left-Hand Rule) के नियम का उपयोग किया जाता है।

5. R प्रतिरोध के तार में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर प्रति सेकण्ड उत्पन्न ऊष्मा होगी

उत्तर: (C) i²R

विस्तृत व्याख्या: जूल के तापन नियम के अनुसार, प्रति सेकंड (या शक्ति) उत्पन्न ऊष्मा P = i²R होती है, जहाँ i प्रवाहित धारा और R प्रतिरोध है।

6. जरा-दूरदृष्टिता दोष के संशोधन के लिए सहायक लेंस होता है

उत्तर: (C) द्विफोकसी लेंस

विस्तृत व्याख्या: जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia) से पीड़ित व्यक्तियों को निकट और दूर दोनों की वस्तुएँ स्पष्ट देखने में कठिनाई होती है, जिसके निवारण के लिए द्विफोकसी (Bifocal) लेंस का प्रयोग किया जाता है।

7. अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है

उत्तर: (D) इनमें से सभी

विस्तृत व्याख्या: अवतल दर्पण का उपयोग दंत विशेषज्ञों द्वारा दाँतों का बड़ा प्रतिबिम्ब देखने के लिए, वाहनों के अग्रदीपों (Headlights) में शक्तिशाली समांतर किरणें प्राप्त करने के लिए, तथा सौर भट्ठियों में सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए किया जाता है।

उपभाग - (II)

8. अम्लीय विलयन का pH मान है

उत्तर: (D) 7 से कम

विस्तृत व्याख्या: किसी भी अम्लीय विलयन का pH मान सदैव 7 से कम होता है, जबकि उदासीन विलयन का pH मान 7 और क्षारीय विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है।

9. लेड नाइट्रेट को गर्म करने से बनता है

उत्तर: (C) NO₂

विस्तृत व्याख्या: लेड नाइट्रेट [Pb(NO₃)₂] को गर्म करने पर लेड ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) गैस (भूरे रंग की) और ऑक्सीजन गैस बनती है।

10. एल्कीन का सामान्य सूत्र है

उत्तर: (C) Cₙ H₂ₙ

विस्तृत व्याख्या: असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें द्विआबंध (Double bond) होते हैं (एल्कीन), उनका सामान्य सूत्र Cₙ H₂ₙ होता है।

11. ब्लीचिंग पाउडर का सूत्र है

उत्तर: (D) CaOCl₂

विस्तृत व्याख्या: विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) का रासायनिक नाम कैड्मियम/कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड है जिसका रासायनिक सूत्र CaOCl₂ है।

12. अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करता है

उत्तर: (D) Cu

विस्तृत व्याख्या: कॉपर (Cu) हाइड्रोजन से कम सक्रिय धातु है (यह विद्युत रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे स्थित है), इसलिए यह अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर सकता है।

13. कार्बोक्सिलिक अम्ल का प्रकार्यात्मक समूह है

उत्तर: (C) -C(=O)-OH (या -COOH)

विस्तृत व्याख्या: कार्बोक्सिलिक अम्लों में क्रियात्मक समूह या प्रकार्यात्मक समूह -COOH उपस्थित होता है।

उपभाग - (III)

14. ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाली गैस कौन-सी है ?

उत्तर: (C) क्लोरोफ़्लोरोकार्बन

विस्तृत व्याख्या: क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) का उपयोग रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में किया जाता है, जो समताप मंडल में ओजोन परत के क्षरण का मुख्य कारण है।

15. मेंडल ने किस पौधे पर अपने प्रयोग किए थे ?

उत्तर: (B) मटर

विस्तृत व्याख्या: ग्रेगर जॉन मेंडल ने अपने आनुवंशिकी के प्रसिद्ध प्रयोग उद्यान मटर (Pisum sativum) के पौधे पर किए थे।

16. कवक किस प्रकार का पोषण करता है ?

उत्तर: (B) विषमपोषी

विस्तृत व्याख्या: कवक (Fungi) में पर्णहरित नहीं पाया जाता है, इसलिए वे मृतजीवी या परजीवी के रूप में विषमपोषी (Heterotrophic) प्रकार का पोषण दर्शाते हैं।

17. मछली के हृदय में कुल कितने कोष्ठ होते हैं ?

उत्तर: (C) 2

विस्तृत व्याख्या: मछलियों के हृदय में केवल दो कोष्ठ होते हैं—एक अलिंद और एक निलय।

18. निम्न में कौन-सा एंजाइम प्रोटीन का पाचन करता है ?

उत्तर: (C) पेप्सिन

विस्तृत व्याख्या: आमाशय में स्रावित होने वाला पेप्सिन एंजाइम प्रोटीन को पेप्टोन में तोड़कर उसके पाचन में सहायता करता है।

19. मधुमेह रोग किस हार्मोन की कमी से होता है ?

उत्तर: (A) इंसुलिन हार्मोन

विस्तृत व्याख्या: अग्नाशय द्वारा इंसुलिन हार्मोन का पर्याप्त मात्रा में स्रावण न होने पर रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मधुमेह (Diabetes) रोग होता है।

20. पुष्पों में नर जनन अंग को कहते हैं

उत्तर: (D) पुंकेसर

विस्तृत व्याख्या: पुष्प का नर जनन अंग पुंकेसर (Stamen) कहलाता है, जबकि मादा जनन अंग स्त्रीकेसर (Carpel/Pistil) होता है।

खण्ड - ब (वर्णनात्मक प्रश्न)

उपभाग - (I)

1. (i) किरण आरेख की सहायता से अवतल लेंस द्वारा किसी वस्तु के प्रतिबिम्ब की स्थिति दर्शाइए।

उत्तर: अवतल लेंस के सामने वस्तु को कहीं भी रखने पर उसका प्रतिबिम्ब सदैव प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच, वस्तु की ओर ही, आभासी, सीधा तथा छोटा बनता है। (इसे किरण आरेख द्वारा दर्शाया जाता है)।

(ii) प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का वर्णविक्षेपण चित्र बनाकर समझाइए।

उत्तर: जब श्वेत प्रकाश की किरण किसी काँच के प्रिज्म से गुजरती है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों (VIBGYOR - बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभक्त हो जाती है। प्रकाश के इस प्रकार रंगों में बँटने की घटना को वर्णविक्षेपण (Dispersion) कहते हैं।

2. (i) आँख की समंजन क्षमता का क्या अर्थ है ? सामान्य नेत्र का निकट बिंदु तथा दूर बिंदु नेत्र से कितनी दूरी पर होता है ?

उत्तर:

• समंजन क्षमता: नेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित करके पास या दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से रेटिना पर फोकसित करता है, समंजन क्षमता कहलाती है।

• सामान्य नेत्र के लिए निकट बिंदु आँख से 25 सेमी की दूरी पर तथा दूर बिंदु अनंत पर होता है।

(ii) 20 सेमी फोकस दूरी के उत्तल लेंस से 30 सेमी की दूरी पर एक पतली छड़ मुख्य अक्ष के लम्बवत् रखी है। छड़ के प्रतिबिम्ब का आवर्धन ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया गया है: फोकस दूरी (f) = +20 सेमी, बिम्ब दूरी (u) = -30 सेमी।

लेंस सूत्र से:

(1)/(f) = (1)/(v) - (1)/(u)

(1)/(20) = (1)/(v) - (1)/(-30)

(1)/(20) = (1)/(v) + (1)/(30) (1)/(v) = (1)/(20) - (1)/(30) = (3 - 2)/(60) = (1)/(60)

अतः v = +60 सेमी।

आवर्धन (m) = (v)/(u) = (60)/(-30) = -2 (अतः आवर्धन -2 है)।

3. (i) निम्न विद्युत परिपथ की सहायता से परिपथ का कुल प्रतिरोध तथा सेल से प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए:

उत्तर: परिपथ में दिए गए प्रतिरोधों (श्रेणी एवं समांतर संयोजन के नियमों के अनुसार) का तुल्य प्रतिरोध (R) ज्ञात किया जाता है और ओम के नियम (I = (V)/(R)) का उपयोग करके कुल धारा निकाली जाती है।

(ii) विद्युत प्रतिरोधकता की परिभाषा दीजिए तथा इसका मात्रक लिखिए।

उत्तर:

• परिभाषा: किसी चालक के एकांक अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल और एकांक लंबाई वाले तार के प्रतिरोध को उस पदार्थ की विद्युत प्रतिरोधकता कहते हैं।

• मात्रक: ओम-मीटर (Ω · m)

4. (i) एक वृत्ताकार धारावाही पाश (लूप) द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को चित्र बनाकर समझाइए।

उत्तर: जब किसी वृत्ताकार पाश में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों ओर संकेंद्रित वृत्त के रूप में चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। पाश के केंद्र के पास पहुँचने पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ लगभग सीधी और पाश के तल के लंबवत हो जाती हैं।

(ii) 200 वाट का एक रेफ्रिजरेटर प्रतिदिन 12 घंटा कार्य करता है। 5 रुपये प्रति kWh की दर से 15 दिन के लिए विद्युत ऊर्जा का मूल्य ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

कुल ऊर्जा खपत (E) = (पॉवर (W) × समय (घंटे) × दिन)/(1000)

E = (200 × 12 × 15)/(1000) = (36000)/(1000) = 36 kWh (units)

कुल मूल्य = 36 × Rs. 5 = Rs. 180

अथवा (OR)

(i) सामान्य घरेलू परिपथों में बल्बों, पंखों आदि को समान्तर क्रम में क्यों संयोजित किया जाता है?

उत्तर: समांतर क्रम संयोजन में सभी उपकरणों को समान विभवांतर मिलता है, यदि एक उपकरण खराब हो जाए या बंद कर दिया जाए तो अन्य उपकरणों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और वे सुचारू रूप से कार्य करते रहते हैं।

(ii) विद्युन्मय तार, उदासीन तार तथा भू-संपर्क तार के विद्युत रोधन आवरणों के रंग लिखिए।

उत्तर:

• विद्युन्मय तार (Live wire): लाल या भूरा

• उदासीन तार (Neutral wire): काला या हल्का नीला

• भू-संपर्क तार (Earth wire): हरा या पीला

(iii) दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम क्या है ? इस नियम का उपयोग कहाँ किया जाता है ?

उत्तर:

• नियम: यदि दाहिने हाथ के अंगूठे को धारा की दिशा में रखते हुए उँगलियों को मोड़ा जाए, तो उँगलियों की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को बताती है।

• उपयोग: सीधे धारावाही चालक के चारों ओर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए।

उपभाग - (II)

5. (i) अधातुओं के दो गुणों को लिखिए।

उत्तर:

1. अधातुओं में धात्विक चमक नहीं होती (आयोडीन को छोड़कर)।

2. ये भंगुर (Brittle) होती हैं तथा विद्युत एवं ऊष्मा की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)।

(ii) दो वियोजन अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर:

1. CaCO₃(s) ⇌heat CaO_(s) + CO₂(g)

2. 2FeSO₄(s) ⇌heat Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)

6. (i) निम्नलिखित रासायनिक समीकरण को संतुलित कीजिए:

3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂

(ii) बेकिंग पाउडर बनाने की विधि एवं संबंधित रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) और किसी मंद खाद्य अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल) के मिश्रण को बेकिंग पाउडर कहा जाता है। इसे साल्वे विधि द्वारा सोडियम क्लोराइड, जल, कार्बन डाइऑक्साइड और अमोनिया की मदद से बनाया जाता है।

7. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :

(i) pH मान: किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता की माप को pH मान कहा जाता है, जिससे विलयन की अम्लता या क्षारकता का पता चलता है।

(ii) मिसेल: साबुन के अणुओं का ऐसा गोलाकार समूह जो जल में गंदे तेल या ग्रीस के कणों को घेरकरै इमल्शन बनाता है, मिसेल (Micelle) कहलाता है।

(iii) सक्रियता श्रेणी: धातुओं को उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर जो सूची प्राप्त होती है, उसे सक्रियता श्रेणी कहते हैं।

अथवा (OR) - संतुलित रासायनिक समीकरण:

(i) 2Pb(NO₃)₂(s) ⇌heat 2PbO_(s) + 4NO₂(g) + O₂(g)

(ii) 2AgBr_(s) ⇌Sunlight 2Ag_(s) + Br₂(g)

(iii) Na₂SO₄(aq) + BaCl₂(aq) → BaSO₄(s) + 2NaCl_(aq)

(iv) MnO₂ + 4HCl_(aq) → MnCl₂ + 2H₂O + Cl₂(g)

(v) CuO + H₂ ⇌heat Cu + H₂O

(vi) CaCO₃(s) + H₂O_(l) + CO₂(g) → Ca(HCO₃)₂(aq)

उपभाग - (III)

8. जैव-आवर्धन क्या है तथा यह आहार श्रृंखला को किस प्रकार प्रभावित करता है ?

उत्तर:

• जैव-आवर्धन (Bio-magnification): आहार श्रृंखला के माध्यम से हानिकारक और अजैव-निम्नीकरणीय रसायनों (जैसे डी.डी.टी.) की सांद्रता का प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर क्रमिक रूप से बढ़ते जाना जैव-आवर्धन कहलाता है।

• प्रभाव: इसके कारण सर्वोच्च उपभोक्ताओं (जैसे मनुष्य और पक्षियों) के शरीर में विषैले पदार्थों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

9. मानव हार्मोनों पर एक निबंध लिखिए।

उत्तर: मानव शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियाँ विभिन्न रासायनिक संदेशवाहक स्रावित करती हैं जिन्हें हार्मोन कहते हैं। प्रमुख ग्रंथियाँ और उनके हार्मोन निम्नलिखित हैं:

• पियूष ग्रंथि (Pituitary): वृद्धि हार्मोन (Growth hormone) जो शरीर की वृद्धि को नियंत्रित करता है।

• थायराइड ग्रंथि: थायरॉक्सिन हार्मोन जो शरीर की उपापचय क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

• अग्नाशय: इंसुलिन हार्मोन जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।

• एड्रीनल ग्रंथि: एड्रीनलीन हार्मोन जो आपातकालीन स्थितियों (भय या तनाव) से निपटने में मदद करता है।

10. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :

(i) रक्त दाब (Blood pressure): धमनियों की दीवारों पर रक्त द्वारा डाले जाने वाले दाब को रक्त दाब कहते हैं। इसे सिस्टोलिक (लगभग 120 mmHg) और डायस्टोलिक (लगभग 80 mmHg) के रूप में मापते हैं।

(ii) क्लोरोफिल (Chlorophyll): यह पौधों की पत्तियों के क्लोरोप्लास्ट में पाया जाने वाला हरा वर्णन है, जो प्रकाश संश्लेषण के दौरान सौर ऊर्जा को अवशोषित करने का मुख्य कार्य करता है।

11. मानव हृदय की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए। इसके प्रमुख भागों का नाम लिखकर उनके कार्यों को समझाइए।

उत्तर: मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो मुट्ठी के आकार का होता है। यह चार कोष्ठों में विभाजित होता है—दो अलिंद (ऊपरी) और दो निलय (निचले)। दाएँ भाग में अशुद्ध रक्त और बाएँ भाग में शुद्ध रक्त प्रवाहित होता है।

• प्रमुख भाग एवं कार्य:

• महाधमनी (Aorta): शुद्ध रक्त को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुँचाती है।

• फुफ्फुसीय धमनी: अशुद्ध रक्त को फेफड़ों में शुद्ध होने के लिए भेजती है।

• कपाट (Valves): रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकते हैं।

अथवा (OR)

पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन का सचित्र वर्णन कीजिए।

उत्तर: पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन का मुख्य अंग पुष्प होता है। इसमें नर जनन अंग 'पुंकेसर' (परागकण उत्पन्न करता है) तथा मादा जनन अंग 'स्त्रीकेसर' (वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय) होते हैं। परागकण परागण प्रक्रिया द्वारा वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं, जहाँ से पराग नलिका अंडाशय तक जाती है। अंडाशय में नर युग्मक और मादा युग्मक (अंड कोशिका) का संयोजन (निषेचन) होता है, जिसके परिणामस्वरूप युग्मज बनता है जो बाद में बीज और अंडाशय फल में परिवर्तित हो जाता है।