खण्ड 'अ' -- उपभाग -- I (बहुविकल्पीय प्रश्न)
Solution
UP Board Class 10th Science Board Paper 2026 824(GL)
कक्षा 10वीं · विज्ञान · 2026 · बोर्ड परीक्षा
प्रश्न 1.
श्वेत प्रकाश के किस रंग का प्रिज्म द्वारा विचलन अधिकतम होता है ?
उत्तर:
(C) बैंगनी
प्रश्न 2.
किसी वस्तु के आभासी प्रतिबिम्ब के लिए वस्तु को उत्तल लेंस के सामने रखना होता है --
उत्तर:
(D) प्रकाशिक केन्द्र तथा मुख्य फोकस के बीच
प्रश्न 3.
तारों के टिमटिमाने का कारण है :
उत्तर:
(A) वायुमंडलीय अपवर्तन
प्रश्न 4.
इनमें से किस माध्यम में प्रकाश की चाल न्यूनतम होती है ?
उत्तर:
(B) हीरा
प्रश्न 5.
किसी चालक के पदार्थ की विद्युत प्रतिरोधकता निर्भर करती है --
उत्तर:
(C) चालक के ताप पर
प्रश्न 6.
लघुपथन के समय परिपथ में विद्युत धारा का मान :
उत्तर:
(B) बहुत अधिक हो जाता है
प्रश्न 7.
12 वोल्ट विभवांतर के दो बिन्दुओं के बीच 3 कूलॉम आवेश को ले जाने में कार्य किया जाता है :
उत्तर:
(A) 36 जूल (स्पष्टीकरण: W = Q × V = 3 × 12 = 36 J)
खण्ड 'अ' -- उपभाग -- II (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 8.
वर्षा जल का pH मान होता है --
उत्तर:
(D) 5.6 से कम
प्रश्न 9.
लेड तथा कॉपरक्लोराइड की क्रिया से बनता है --
उत्तर:
(B) Cu
प्रश्न 10.
संतृप्त कार्बनिक यौगिक है --
उत्तर:
(B) C₆H₁₄
प्रश्न 11.
प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र है --
उत्तर:
(B) CaSO₄·(1)/(2)H₂O
प्रश्न 12.
अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित करता है -
उत्तर:
(D) Zn
प्रश्न 13.
कीटोन का प्रकार्यात्मक समूह है --
उत्तर:
(C) -C(=O)-
खण्ड 'अ' -- उपभाग -- III (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 14.
स्फिग्मोमैनोमीटर का प्रयोग किया जाता है --
उत्तर:
(B) रक्तदाब मापने के लिए
प्रश्न 15.
निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया के दौरान ए.टी.पी. अणु निर्माण होता है ?
उत्तर:
(B) श्वसन
प्रश्न 16.
आहारनाल की शुरुआत होती है --
उत्तर:
(C) मुख से
प्रश्न 17.
ओजोन अणु का रासायनिक सूत्र क्या है ?
उत्तर:
(C) O₃
प्रश्न 18.
पादप में जाइलम उत्तरदायी है --
उत्तर:
(A) जल का वहन
प्रश्न 19.
निम्न में से किसकी कमी से गॉइटर होता है ?
उत्तर:
(C) आयोडीन
प्रश्न 20.
मनुष्य में मूत्र कहाँ संग्रहित होता है?
उत्तर:
(C) मूत्राशय
खण्ड 'ब' -- उपभाग -- I (वर्णनात्मक प्रश्न)
प्रश्न 1.
i) उत्तल दर्पण से किसी वस्तु के प्रतिबिम्ब बनने का किरण आरेख बनाइए।
उत्तर:
उत्तल दर्पण के सामने जब वस्तु को रखा जाता है, तो उसका आभासी, सीधा तथा छोटा प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे ध्रुव और फोकस के बीच बनता है। (किरण आरेख में वस्तु को अनंत तथा दर्पण के ध्रुव के बीच दर्शाया जाता है)।
ii) एक उत्तल लेंस की क्षमता 2D है। लेंस की फोकस दूरी मीटर में ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दिया गया है, लेंस की क्षमता (P) = +2D
फोकस दूरी (f) = (1)/(P) = (1)/(2) = +0.5 मीटर।
प्रश्न 2.
i) दीर्घ-दृष्टि दोष क्या है ? इस दोष के उत्पन्न होने के कारण क्या है ?
उत्तर:
दीर्घ-दृष्टि दोष (Hypermetropia) में व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं, परंतु पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं।
कारण:
1. नेत्र लेंस की फोकस दूरी का बढ़ जाना।
2. नेत्र गोलक (Eyeball) का छोटा हो जाना, जिससे प्रतिबिम्ब रेटिना के पीछे बनने लगता है।
ii) प्रकाश का प्रकीर्णन क्या है? इसके किन्हीं दो उदाहरणों का विवरण दीजिए।
उत्तर: जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम (जैसे धूल, धुएँ या गैस के कणों) से गुजरता है, तो वह सभी दिशाओं में फैल जाता है, इसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं।
उदाहरण:
1. स्वच्छ आकाश का रंग नीला दिखाई देना (क्योंकि नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है)।
2. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल दिखाई देना।
प्रश्न 3.
i) R प्रतिरोध वाले तार की लम्बाई l तथा व्यास d है। तार के पदार्थ के विद्युत प्रतिरोधकता का सूत्र ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
तार का प्रतिरोध R = ρ (l)/(A)
जहाँ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A = π r² = π ((d)/(2))² = (π d²)/(4)
अतः प्रतिरोधकता (ρ) का सूत्र:
ρ = (R · A)/(l) = (R · π d²)/(4l)
ii) दिए गए प्रतिरोधों के संयोजन का कुल प्रतिरोध A व B बिन्दुओं के बीच ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
परिपथ चित्र के अनुसार, पहले भाग में दो 2 Ω के प्रतिरोध समांतर क्रम में हैं, जिनका तुल्य प्रतिरोध R₁ = (2 × 2)/(2 + 2) = 1 Ω है।
दूसरे भाग में तीन 3 Ω के प्रतिरोध समांतर क्रम में हैं, जिनका तुल्य प्रतिरोध R₂ = (3)/(3) = 1 Ω है।
ये दोनों संयोजन श्रेणीक्रम में जुड़े हैं, अतः कुल प्रतिरोध R_total = R₁ + R₂ = 1 Ω + 1 Ω = 2 Ω है।
प्रश्न 4.
i) चित्र की सहायता से एक सीधे धारावाही चालक तार के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण कीजिए।
उत्तर:
सीधे धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं संकेंद्रित वृत्तों (Concentric circles) के रूप में होती हैं, जिनकी दिशा दक्षिण-हस्त अंगष्ठ नियम द्वारा निर्धारित की जाती है।
ii) घरेलू विद्युत परिपथ में भू-सम्पर्क तार का क्या महत्व है ?
उत्तर: भू-सम्पर्क तार (Earth wire) का मुख्य महत्व सुरक्षा प्रदान करना है। यदि किसी विद्युत उपकरण के धात्विक आवरण में कोई लीकेज करंट आ जाता है, तो यह तार धारा को सीधे जमीन में भेज देता है, जिससे उपयोगकर्ता को गंभीर बिजली का झटका (electric shock) लगने से बचाया जा सके।
(अथवा / OR विकल्प प्रश्न 4)
i) परिनालिका में प्रवाहित विद्युत धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: परिनालिका (Solenoid) एक बेलनाकार कुंडली होती है। जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसके भीतर और चारों ओर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बिल्कुल एक छड़ चुंबक (Bar magnet) जैसी होती हैं, जिसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र एकसमान और सीधी समांतर रेखाओं के रूप में होता है।
ii) किसी क्षैतिज संचरण लाइन में पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। इसके ठीक नीचे और ठीक ऊपर के किन्हीं बिन्दुओं पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी ? किस नियम की सहायता से चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करते हैं ?
उत्तर:
• ठीक ऊपर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर होगी तथा ठीक नीचे दक्षिण से उत्तर की ओर होगी।
• इसे दक्षिण-हस्त अंगष्ठ नियम (Right-Hand Thumb Rule) की सहायता से ज्ञात किया जाता है।
खण्ड 'ब' -- उपभाग -- II (वर्णनात्मक प्रश्न)
प्रश्न 5.
i) धातुओं के दो गुणों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1. धुति (Lustre): धातुएँ अपनी शुद्ध अवस्था में चमकदार सतह रखती हैं।
2. आघातवर्ध्यता (Malleability): धातुओं को पीटकर पतली चदरों में बदला जा सकता है।
ii) कार्बनिक यौगिकों के दहन की क्रिया को एक उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर: कार्बनिक यौगिक वायु या ऑक्सीजन में जलकर ऊष्मा और प्रकाश के साथ कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनाते हैं, इसे दहन कहते हैं।
उदाहरण (मीथेन का दहन):
CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊष्मा एवं प्रकाश
प्रश्न 6.
i) एक उदाहरण की सहायता से उपचयन तथा अपचयन की क्रिया को समझाइए।
उत्तर:
• उपचयन (Oxidation): ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना। उदाहरण: 2Cu + O₂ ⇌Δ 2CuO (यहाँ कॉपर का उपचयन हुआ है)।
• अपचयन (Reduction): हाइड्रोजन का जुड़ना या ऑक्सीजन का निकलना। उदाहरण: CuO + H₂ ⇌Δ Cu + H₂O (यहाँ कॉपर ऑक्साइड का अपचयन हुआ है)।
ii) विरंजक चूर्ण बनाने की विधि एवं संबंधित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर: शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन गैस की क्रिया से विरंजक चूर्ण (CaOCl₂) बनाया जाता है।
रासायनिक समीकरण:
Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
प्रश्न 7.
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :
i) संक्षारण: जब धातुएँ नमी, अम्ल या वायु के संपर्क में आती हैं, तो उनकी सतह पर अवांछित यौगिकों (जैसे जंग) की परत बन जाती है और धातुएँ नष्ट होने लगती हैं, इसे संक्षारण कहते हैं।
ii) साबुन एवं अपमार्जक: साबुन उच्च वसीय अम्ल के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं, जबकि अपमार्जक लंबी श्रृंखला वाले सल्फोनिक अम्ल के सोडियम लवण होते हैं (जो कठोर जल में भी प्रभावी होते हैं)।
iii) सजातीय श्रेणी: कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें प्रत्येक क्रमिक सदस्य के बीच -CH₂- समूह का अंतर होता है और रासायनिक गुण समान होते हैं, सजातीय श्रेणी कहलाती है।
(अथवा / OR विकल्प प्रश्न 7: संतुलित रासायनिक समीकरण)
(i) 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
(ii) 6CO₂(aq) + 6H₂O_(l) ⇌sunlight C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq)
(iii) Ca(OH)₂(aq) + CO₂(aq) → CaCO₃(s) + H₂O_(l)
(iv) C₆H₁₂O₆(aq) + 6O₂(aq) → 6CO₂(aq) + 6H₂O_(l) + Energy
(v) 2FeSO₄(s) ⇌Heat Fe₂O₃(s) + SO₂(g) + SO₃(g)
(vi) 2AgCl_(s) ⇌Sunlight 2Ag_(s) + Cl₂(g)
खण्ड 'ब' -- उपभाग -- III (वर्णनात्मक प्रश्न)
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 8.
एक तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) की संरचना एवं उसके कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
• संरचना: न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक इकाई है। इसके मुख्य भाग हैं—द्रुम्राक्ष (Dendrites), कोशिका काय (Cyton/Cell body), और तंत्रिकाक्ष (Axon)।
• कार्य: यह शरीर के विभिन्न भागों से संवेदनाओं (सूचनाओं) को विद्युत आवेगों के रूप में ग्रहण करती है और मस्तिष्क या मेरुरज्जु तक पहुँचाती है तथा वहाँ से प्राप्त निर्देशों को अंगों तक संचारित करती है।
प्रश्न 9.
निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :
i) उपभोक्ता: वे जीव जो अपने भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादकों (हरे पौधों) पर निर्भर रहते हैं, उपभोक्ता कहलाते हैं (जैसे शाकाहारी और मांसाहारी)।
ii) अपघटक: वे सूक्ष्म जीव (जैसे कवक और बैक्टीरिया) जो मृत पौधों और जंतुओं के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में तोड़ते हैं, अपघटक कहलाते हैं।
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
प्रश्न 10.
मनुष्य में लिंग निर्धारण प्रक्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मनुष्यों में लिंग निर्धारण गुणसूत्रों पर निर्भर करता है। महिलाओं में दो 'X' गुणसूत्र (44+XX) होते हैं, जबकि पुरुषों में एक 'X' और एक 'Y' गुणसूत्र (44+XY) होते हैं। महिलाएँ केवल 'X' प्रकार के अंडे उत्पन्न करती हैं, जबकि पुरुष दो प्रकार के शुक्राणु ('X' और 'Y') बनाते हैं। यदि 'X' गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडे से निषेचित होता है, तो पुत्री (XX) जन्म लेती है, और यदि 'Y' गुणसूत्र वाला शुक्राणु निषेचित होता है, तो पुत्र (XY) जन्म लेता है।
प्रश्न 11.
मानव हृदय की संरचना का उपयुक्त चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानव हृदय एक पेशीय त्रिकोणीय अंग है जो छाती में स्थित होता है। यह चार कोष्ठों में बंटा होता है: ऊपरी दो अलिंद (दायाँ और बायाँ) तथा निचले दो निलय (दायाँ और बायाँ)। दाएँ भाग में अशुद्ध रक्त (कार्बन डाइऑक्साइड युक्त) और बाएँ भाग में शुद्ध रक्त (ऑक्सीजन युक्त) प्रवाहित होता है। अलिंद और निलय के बीच कपाट (Valves) होते हैं जो रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकते हैं। महाधमनी शुद्ध रक्त को शरीर में भेजती है जबकि फुफ्फुसीय धमनी अशुद्ध रक्त को फेफड़ों में भेजती है।