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UP Board Class 10th Mathematics Board Paper 2026 822(FZ)

कक्षा 10वीं · गणित · 2026 · बोर्ड परीक्षा

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प्रश्न 1.

यदि 1/(x² + 6) = 1/31 तो x का मान होगा

(A) ± 3

(B) ± 4

(C) ± 5

(D) ± 6

उत्तर:

दिया है:

1/(x² + 6) = 1/31

हल:

तिर्यक गुणन (cross multiplication) करने पर,

x² + 6 = 31

x² = 31 - 6

x² = 25

x = ± √25

x = ± 5

अतः उत्तर: विकल्प (C) ± 5

प्रश्न 2.

संख्या 2√2 है

(A) परिमेय

(B) अपरिमेय

(C) पूर्णांक

(D) प्राकृतिक संख्या

उत्तर:

यहाँ 2 एक शून्य-इतर परिमेय संख्या है तथा √2 एक अपरिमेय संख्या है।

हम जानते हैं कि एक परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल सदैव एक अपरिमेय संख्या होता है।

इसलिए 2√2 एक अपरिमेय संख्या है।

अतः उत्तर: विकल्प (B) अपरिमेय

प्रश्न 3.

यदि cos θ = 12/13 है तो cot θ का मान होगा

(A) 13/12

(B) 13/5

(C) 5/12

(D) 12/5

उत्तर:

दिया है:

cos θ = 12/13

ज्ञात सूत्र:

cos θ = आधार / कर्ण

cot θ = आधार / लम्ब

कर्ण² = आधार² + लम्ब²

हल:

मान लीजिए आधार = 12 तथा कर्ण = 13

लम्ब = √(कर्ण² - आधार²)

लम्ब = √(13² - 12²)

लम्ब = √(169 - 144)

लम्ब = √25 = 5

अब,

cot θ = आधार / लम्ब

cot θ = 12/5

अतः उत्तर: विकल्प (D) 12/5

प्रश्न 4.

यदि समीकरण 2x² - 8x + c = 0 के मूल बराबर हैं तो c का मान होगा

(A) 2

(B) 4

(C) 6

(D) 8

उत्तर:

दिया है:

द्विघात समीकरण 2x² - 8x + c = 0

ज्ञात सूत्र:

समीकरण ax² + bx + c = 0 के मूल बराबर होने के लिए विविक्तकर D = b² - 4ac = 0 होना चाहिए।

हल:

यहाँ a = 2, b = -8, c = c

(-8)² - 4 × 2 × c = 0

64 - 8c = 0

8c = 64

c = 64 / 8

c = 8

अतः उत्तर: विकल्प (D) 8

प्रश्न 5.

ΔABC तथा ΔDEF दो समरूप त्रिभुज इस प्रकार हैं कि ∠A = 79°, ∠E = 56° तब ∠C बराबर है

(A) 45°

(B) 79°

(C) 56°

(D) 101°

उत्तर:

दिया है:

ΔABC ~ ΔDEF

∠A = 79°

∠E = 56°

हल:

चूँकि दो समरूप त्रिभुजों के संगत कोण आपस में बराबर होते हैं:

∠A = ∠D = 79°

∠B = ∠E = 56°

त्रिभुज ABC में तीनों आंतरिक कोणों का योग 180° होता है:

∠A + ∠B + ∠C = 180°

79° + 56° + ∠C = 180°

135° + ∠C = 180°

∠C = 180° - 135°

∠C = 45°

अतः उत्तर: विकल्प (A) 45°

प्रश्न 6.

यदि tan α = cot α हो तो α का मान होगा

(A) 90°

(B) 60°

(C) 45°

(D) 0°

उत्तर:

दिया है:

tan α = cot α

ज्ञात सूत्र:

cot α = tan (90° - α)

हल:

tan α = tan (90° - α)

α = 90° - α

α + α = 90°

2α = 90°

α = 90° / 2

α = 45°

अतः उत्तर: विकल्प (C) 45°

प्रश्न 7.

यदि b मी भुजा के दो घनों के संलग्न फलकों को मिलाकर रखा जाए तो बनने वाले ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा

(A) 12b² मी²

(B) 10b² मी²

(C) 8b² मी²

(D) 6b² मी²

उत्तर:

सही विकल्प: (B) 10b² मी²

व्याख्या: दो घनों को मिलाने पर प्राप्त घनाभ की लंबाई l = 2b मी, चौड़ाई b = b मी तथा ऊँचाई h = b मी होगी। अतः घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl) = 2(2b × b + b × b + b × 2b) = 2(2b² + b² + 2b²) = 2(5b²) = 10b² मी²।

प्रश्न 8.

किसी द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 के लिए निम्नलिखित कथनों में से सही विकल्प का चयन कीजिए :

(i) समीकरण के दो से अधिक वास्तविक मूल होते हैं यदि b² - 4ac > 0

(ii) समीकरण के दो भिन्न वास्तविक मूल होते हैं यदि b² - 4ac > 0

(iii) समीकरण के दो वास्तविक तथा समान मूल होते हैं यदि b² - 4ac = 0

(iv) समीकरण के कोई वास्तविक मूल नहीं होते हैं यदि b² - 4ac < 0

(A) विकल्प (i), (ii) और (iii) सही हैं

(B) विकल्प (ii), (iii) तथा (iv) सही हैं

(C) विकल्प (i) तथा (iv) सही हैं

(D) विकल्प (i), (ii) तथा (iv) सही हैं

उत्तर:

सही विकल्प: (B) विकल्प (ii), (iii) तथा (iv) सही हैं

व्याख्या: किसी द्विघात समीकरण के अधिकतम 2 ही मूल हो सकते हैं, इसलिए कथन (i) असत्य है। विविक्तकर (b² - 4ac) के आधार पर कथन (ii), (iii) तथा (iv) पूर्णतः सत्य हैं।

प्रश्न 9.

बिन्दु (4, 0), (0, 4) और (4, 4) निम्नलिखित किसके शीर्ष हैं ?

(A) समद्विबाहु समकोण त्रिभुज

(B) समबाहु त्रिभुज

(C) विषमबाहु त्रिभुज

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

सही विकल्प: (A) समद्विबाहु समकोण त्रिभुज

व्याख्या: माना बिन्दु A(4, 0), B(0, 4) तथा C(4, 4) हैं।

दूरी सूत्र से:

AB = √[(0 - 4)² + (4 - 0)²] = √[16 + 16] = √32

BC = √[(4 - 0)² + (4 - 4)²] = √[16 + 0] = 4

AC = √[(4 - 4)² + (4 - 0)²] = √[0 + 16] = 4

यहाँ BC = AC = 4 (दो भुजाएँ समान हैं) और BC² + AC² = 16 + 16 = 32 = AB² (पाइथागोरस प्रमेय लागू होती है)। अतः यह एक समद्विबाहु समकोण त्रिभुज है।

प्रश्न 10.

निम्नलिखित सारणी का बहुलक वर्ग होगा

वर्ग अंतराल 2–12 12–22 22–32 32–42 42–52

बारंबारता 4 5 4 3 2

(A) 12–22

(B) 22–32

(C) 32–42

(D) 2–12

उत्तर:

सही विकल्प: (A) 12–22

व्याख्या: सारणी में अधिकतम बारंबारता 5 है, जो वर्ग अंतराल 12–22 की है। अतः बहुलक वर्ग 12–22 होगा।

प्रश्न 11.

यदि एक घटना अवश्य रूप से घटती है तो इसकी प्रायिकता होगी

(A) 0

(B) 1

(C) 1/2

(D) 3/4

उत्तर:

सही विकल्प: (B) 1

व्याख्या: किसी निश्चित या अवश्य घटने वाली घटना की प्रायिकता 1 होती है।

प्रश्न 12.

निम्नलिखित सारणी का माध्यिका वर्ग होगा

वर्ग अंतराल 0–6 6–12 12–18 18–24 24–30

बारंबारता 4 6 10 6 4

(A) 6–12

(B) 24–30

(C) 12–18

(D) 18–24

उत्तर:

सही विकल्प: (C) 12–18

व्याख्या:

कुल बारंबारता N = 4 + 6 + 10 + 6 + 4 = 30

N/2 = 30/2 = 15

संचयी बारंबारताएँ: 4, 10, 20, 26, 30।

15वाँ पद संचयी बारंबारता 20 के अंतर्गत आता है, जिसका वर्ग अंतराल 12–18 है। अतः माध्यिका वर्ग 12–18 होगा।

प्रश्न 13.

दो संख्याओं का योगफल तथा अन्तर क्रमशः 10 तथा 2 हैं, तो संख्याएँ होंगी

(A) 6, 4

(B) 7, 3

(C) 5, 2

(D) 2, 8

उत्तर:

(A) 6, 4

व्याख्या: माना दो संख्याएँ x तथा y हैं। x + y = 10 तथा x - y = 2 को जोड़ने पर 2x = 12 प्राप्त होता है, जिससे x = 6 तथा y = 4 आता है।

प्रश्न 14.

संख्या 1000 के अभाज्य गुणनखंड होंगे

(A) 5³ × 2⁴

(B) 5³ × 2²

(C) 5² × 2⁴

(D) 5³ × 2³

उत्तर:

(D) 5³ × 2³

व्याख्या: 1000 = 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 = 2³ × 5³ = 5³ × 2³ है।

प्रश्न 15.

समान्तर श्रेणी 20, 17, 14, 11, . . . का 13 वाँ पद होगा

(A) 16

(B) 0

(C) -16

(D) -12

उत्तर:

(C) -16

व्याख्या: प्रथम पद a = 20 तथा सार्व अंतर d = 17 - 20 = -3 है। 13वाँ पद = a + (13 - 1)d = 20 + 12(-3) = 20 - 36 = -16 है।

प्रश्न 16.

21 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त का एक चाप केन्द्र पर 30° का कोण अन्तरित करता है। चाप की लम्बाई होगी

(A) 11 सेमी

(B) 5.5 सेमी

(C) 16.5 सेमी

(D) 22 सेमी

उत्तर:

(A) 11 सेमी

व्याख्या: चाप की लम्बाई = (θ / 360°) × 2πr = (30° / 360°) × 2 × (22 / 7) × 21 = (1 / 12) × 132 = 11 सेमी है।

प्रश्न 17.

यदि cot θ = b / a है तो (b sin θ - a cos θ) / (b sin θ + a cos θ) का मान होगा

(A) 0

(B) 1

(C) (a² - b²) / (a² + b²)

(D) (b² - a²) / (b² + a²)

उत्तर:

(A) 0

व्याख्या: अंश तथा हर में sin θ का भाग देने पर, (b - a cot θ) / (b + a cot θ) = (b - a(b/a)) / (b + a(b/a)) = 0 / (2b) = 0 प्राप्त होता है।

प्रश्न 18.

(sec A + tan A)(1 - sin A) का मान होगा

(A) sec A

(B) sin A

(C) csc A

(D) cos A

उत्तर:

(D) cos A

व्याख्या: (sec A + tan A)(1 - sin A) = ((1 + sin A) / cos A)(1 - sin A) = (1 - sin² A) / cos A = cos² A / cos A = cos A प्राप्त होता है।

प्रश्न 19.

निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या एक परिमेय संख्या होगी ?

(A) √3 / √5

(B) √2 × √7

(C) (√7 - √5)(√7 + √5)

(D) √12

उत्तर:

(C) (√7 - √5)(√7 + √5)

व्याख्या: (√7 - √5)(√7 + √5) = (√7)² - (√5)² = 7 - 5 = 2, जो कि एक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 20.

3 सेमी त्रिज्या के एक वृत्त के केन्द्र से 5 सेमी दूरी पर स्थित किसी बिन्दु से वृत्त पर खींची गयी एक स्पर्श रेखा की लम्बाई होगी

(A) 3 सेमी

(B) 4 सेमी

(C) 5 सेमी

(D) 6 सेमी

उत्तर:

(B) 4 सेमी

व्याख्या: समकोण त्रिभुज में स्पर्श रेखा की लम्बाई = √(5² - 3²) = √(25 - 9) = √16 = 4 सेमी।

प्रश्न 1(a).

सिद्ध कीजिए कि 6 - √2 अपरिमेय है।

उत्तर:

मान लेते हैं कि 6 - √2 एक परिमेय संख्या है।

अतः 6 - √2 = a / b, जहाँ a और b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं तथा b ≠ 0 है।

पुनर्व्यवस्थित करने पर:

6 - (a / b) = √2

(6b - a) / b = √2

चूँकि a और b पूर्णांक हैं, इसलिए (6b - a) / b एक परिमेय संख्या है।

इसका अर्थ यह हुआ कि √2 भी एक परिमेय संख्या होगी।

परन्तु यह इस तथ्य का विरोधाभास करता है कि √2 एक अपरिमेय संख्या है।

यह विरोधाभास हमारी त्रुटिपूर्ण कल्पना के कारण प्राप्त हुआ है कि 6 - √2 एक परिमेय संख्या है।

अतः सिद्ध होता है कि 6 - √2 एक अपरिमेय संख्या है।

प्रश्न 1(b).

x-अक्ष पर उस बिन्दु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जो (2, -5) तथा (-2, 9) से समदूरस्थ है।

उत्तर:

दिया है:

मान लीजिए x-अक्ष पर स्थित बिन्दु P(x, 0) है।

दिए गए बिन्दु A(2, -5) और B(-2, 9) हैं।

बिन्दु P, A और B से समदूरस्थ है, अर्थात् PA = PB।

ज्ञात सूत्र:

दो बिन्दुओं (x1, y1) तथा (x2, y2) के बीच की दूरी = √[(x2 - x1)² + (y2 - y1)²]

हल:

PA² = PB²

(x - 2)² + (0 - (-5))² = (x - (-2))² + (0 - 9)²

(x - 2)² + (5)² = (x + 2)² + (-9)²

x² - 4x + 4 + 25 = x² + 4x + 4 + 81

x² - 4x + 29 = x² + 4x + 85

-4x + 29 = 4x + 85

-4x - 4x = 85 - 29

-8x = 56

x = 56 / (-8)

x = -7

अतः उत्तर:

x-अक्ष पर वांछित बिन्दु के निर्देशांक (-7, 0) हैं।

प्रश्न 1(c).

सिद्ध कीजिए कि √[(1 + sin x) / (1 - sin x)] = sec x + tan x ।

उत्तर:

बायाँ पक्ष (LHS) = √[(1 + sin x) / (1 - sin x)]

अंश और हर में (1 + sin x) से गुणा करने पर:

LHS = √[((1 + sin x) × (1 + sin x)) / ((1 - sin x) × (1 + sin x))]

LHS = √[(1 + sin x)² / (1 - sin² x)]

हम जानते हैं कि 1 - sin² x = cos² x

LHS = √[(1 + sin x)² / cos² x]

LHS = (1 + sin x) / cos x

LHS = (1 / cos x) + (sin x / cos x)

हम जानते हैं कि 1 / cos x = sec x तथा sin x / cos x = tan x

LHS = sec x + tan x

LHS = दायाँ पक्ष (RHS)

अतः सिद्ध हुआ कि √[(1 + sin x) / (1 - sin x)] = sec x + tan x ।

प्रश्न 1(d).

त्रिज्या 21 सेमी वाले वृत्त की एक जीवा केन्द्र पर 60° का कोण अंतरित करती है। वृत्त के संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया है:

वृत्त की त्रिज्या (r) = 21 सेमी

केन्द्र पर बना कोण (θ) = 60°

ज्ञात सूत्र:

संगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ / 360°) × π × r²

संगत त्रिभुज का क्षेत्रफल (जब θ = 60°) = (√3 / 4) × r²

लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल - त्रिभुज का क्षेत्रफल

हल:

1. त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल:

= (60° / 360°) × (22 / 7) × 21 × 21

= (1 / 6) × 22 × 3 × 21

= 11 × 21

= 231 वर्ग सेमी

2. संगत समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल:

= (√3 / 4) × (21)²

= (441 × √3) / 4 वर्ग सेमी

3. लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल:

= 231 - [(441 × √3) / 4] वर्ग सेमी

= 231 - (441 × 1.732 / 4)

= 231 - 190.95

= 40.05 वर्ग सेमी (लगभग)

अतः उत्तर:

संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल [231 - (441√3 / 4)] वर्ग सेमी (या लगभग 40.05 वर्ग सेमी) है।

प्रश्न 1(e).

एक डिब्बे में 8 लाल, 4 सफेद तथा 5 हरे कंचे हैं। इस डिब्बे में से एक कंचा यादृच्छया निकाला जाता है, तो इसकी क्या प्रायिकता होगी कि निकाला गया कंचा (i) सफेद है ? (ii) हरा नहीं है ?

उत्तर:

दिया है:

लाल कंचों की संख्या = 8

सफेद कंचों की संख्या = 4

हरे कंचों की संख्या = 5

कुल कंचों की संख्या = 8 + 4 + 5 = 17

ज्ञात सूत्र:

प्रायिकता P(E) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल संभावित परिणामों की संख्या)

हल:

(i) निकाला गया कंचा सफेद होने की प्रायिकता:

सफेद कंचों की संख्या = 4

P(सफेद) = 4 / 17

(ii) निकाला गया कंचा हरा नहीं होने की प्रायिकता:

जो कंचे हरे नहीं हैं (अर्थात् लाल या सफेद हैं) = 8 + 4 = 12

P(हरा नहीं) = 12 / 17

अतः उत्तर:

(i) निकाला गया कंचा सफेद होने की प्रायिकता = 4/17

(ii) निकाला गया कंचा हरा नहीं होने की प्रायिकता = 12/17

प्रश्न 1(f).

उस बिन्दु के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, जो बिन्दुओं A(3, 4) और B(-2, -1) को मिलाने वाले रेखाखण्ड को 3 : 2 के अनुपात में विभाजित करता है।

उत्तर:

दिया है:

पहला बिन्दु A(x1, y1) = (3, 4)

दूसरा बिन्दु B(x2, y2) = (-2, -1)

अनुपात m1 : m2 = 3 : 2

ज्ञात सूत्र:

विभाजन सूत्र:

x = (m1 × x2 + m2 × x1) / (m1 + m2)

y = (m1 × y2 + m2 × y1) / (m1 + m2)

हल:

x = (3 × (-2) + 2 × 3) / (3 + 2)

x = (-6 + 6) / 5

x = 0 / 5 = 0

y = (3 × (-1) + 2 × 4) / (3 + 2)

y = (-3 + 8) / 5

y = 5 / 5 = 1

अतः उत्तर:

वांछित बिन्दु के निर्देशांक (0, 1) हैं।

प्रश्न 2(a).

दो सकेन्द्रीय वृत्त की त्रिज्याएँ 5 सेमी तथा 3 सेमी हैं। बड़े वृत्त की उस जीवा की लम्बाई ज्ञात कीजिए जो छोटे वृत्त को स्पर्श करती है।

उत्तर:

दिया है:

बड़े वृत्त की त्रिज्या (R) = 5 सेमी

छोटे वृत्त की त्रिज्या (r) = 3 सेमी

जीवा AB छोटे वृत्त को बिन्दु P पर स्पर्श करती है।

ज्ञात सूत्र:

समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय: कर्ण² = आधार² + लम्ब²

स्पर्श रेखा पर केन्द्र से खींची गई त्रिज्या लम्ब होती है।

वृत्त के केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।

हल:

माना कि दोनों वृत्तों का केन्द्र O है।

जीवा AB छोटे वृत्त को P पर स्पर्श करती है, इसलिए OP ⊥ AB।

समकोण त्रिभुज OPA में:

OA = 5 सेमी (बड़े वृत्त की त्रिज्या)

OP = 3 सेमी (छोटे वृत्त की त्रिज्या)

पाइथागोरस प्रमेय से:

OA² = AP² + OP²

5² = AP² + 3²

25 = AP² + 9

AP² = 25 - 9

AP² = 16

AP = √16 = 4 सेमी

चूँकि केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को दो बराबर भागों में विभाजित करता है:

AB = 2 × AP

AB = 2 × 4 = 8 सेमी

अतः उत्तर:

बड़े वृत्त की जीवा की लम्बाई 8 सेमी है।

प्रश्न 2(b).

दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक ज्ञात कीजिए जिनके वर्गों का योग 545 हो।

उत्तर:

दिया है:

दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों के वर्गों का योग = 545

ज्ञात सूत्र:

(a + b)² = a² + 2ab + b²

द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 का गुणनखंडन।

हल:

माना कि पहला धनात्मक पूर्णांक = x

तथा दूसरा क्रमागत धनात्मक पूर्णांक = x + 1

प्रश्नानुसार:

x² + (x + 1)² = 545

x² + x² + 2x + 1 = 545

2x² + 2x + 1 - 545 = 0

2x² + 2x - 544 = 0

पूरे समीकरण को 2 से भाग देने पर:

x² + x - 272 = 0

द्विघात समीकरण का मध्य पद तोड़कर गुणनखंड करने पर:

x² + 17x - 16x - 272 = 0

x(x + 17) - 16(x + 17) = 0

(x - 16)(x + 17) = 0

यदि x - 16 = 0, तो x = 16

यदि x + 17 = 0, तो x = -17 (अमान्य, क्योंकि पूर्णांक धनात्मक होना चाहिए)

पहला पूर्णांक x = 16

दूसरा पूर्णांक x + 1 = 16 + 1 = 17

अतः उत्तर:

वे दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक 16 तथा 17 हैं।

प्रश्न 2(c).

यदि समीकरण x² + 2(m - 1)x + (m + 5) = 0 के मूल वास्तविक और बराबर हैं तो m का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिया है:

द्विघात समीकरण: x² + 2(m - 1)x + (m + 5) = 0

समीकरण के मूल वास्तविक और बराबर हैं।

ज्ञात सूत्र:

द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 के मूल वास्तविक और बराबर होने पर विविक्तकर (Discriminant):

D = b² - 4ac = 0

हल:

समीकरण x² + 2(m - 1)x + (m + 5) = 0 की तुलना ax² + bx + c = 0 से करने पर:

a = 1

b = 2(m - 1)

c = m + 5

चूँकि मूल वास्तविक और बराबर हैं:

b² - 4ac = 0

मान रखने पर:

[2(m - 1)]² - 4 × 1 × (m + 5) = 0

4(m - 1)² - 4(m + 5) = 0

पूरे समीकरण को 4 से भाग देने पर:

(m - 1)² - (m + 5) = 0

(m² - 2m + 1) - m - 5 = 0

m² - 3m - 4 = 0

द्विघात समीकरण का गुणनखंड करने पर:

m² - 4m + 1m - 4 = 0

m(m - 4) + 1(m - 4) = 0

(m - 4)(m + 1) = 0

यदि m - 4 = 0, तो m = 4

यदि m + 1 = 0, तो m = -1

अतः उत्तर:

m के मान 4 अथवा -1 हैं।

प्रश्न 2(d).

अज्ञात बारंबारता ज्ञात कीजिए यदि दिये गये बारंबारता बंटन की माध्यिका 24 है।

वर्ग अंतराल: 0–10, बारंबारता: 5

वर्ग अंतराल: 10–20, बारंबारता: 25

वर्ग अंतराल: 20–30, बारंबारता: 25

वर्ग अंतराल: 30–40, बारंबारता: p

वर्ग अंतराल: 40–50, बारंबारता: 7

उत्तर:

दिया है:

माध्यिका = 24

ज्ञात सूत्र:

माध्यिका = L + [ ((N / 2) - cf) / f ] × h

जहाँ:

L = माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा

N = कुल बारंबारता

cf = माध्यिका वर्ग से पूर्व वर्ग की संचयी बारंबारता

f = माध्यिका वर्ग की बारंबारता

h = वर्ग अंतराल का विस्तार

हल:

संचयी बारंबारता (cf) सारणी:

वर्ग अंतराल : बारंबारता (f) : संचयी बारंबारता (cf)

0–10 : 5 : 5

10–20 : 25 : 30

20–30 : 25 : 55

30–40 : p : 55 + p

40–50 : 7 : 62 + p

कुल बारंबारता (N) = 62 + p

चूँकि माध्यिका = 24 है, जो कि वर्ग 20–30 के अंतर्गत आती है।

अतः माध्यिका वर्ग = 20–30

यहाँ:

L = 20

f = 25

cf = 30

h = 10

N = 62 + p

माध्यिका के सूत्र में मान रखने पर:

24 = 20 + [ (((62 + p) / 2) - 30) / 25 ] × 10

24 - 20 = [ ((62 + p - 60) / 2) / 25 ] × 10

4 = [ (2 + p) / 50 ] × 10

4 = (2 + p) / 5

4 × 5 = 2 + p

20 = 2 + p

p = 20 - 2

p = 18

अतः उत्तर:

अज्ञात बारंबारता p का मान 18 है।

प्रश्न 2(e).

एक थैले में 7 काली, 3 लाल तथा 5 सफेद गेंदें हैं। एक गेंद यादृच्छया निकाली जाती है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि निकाली गई गेंद (i) काली, (ii) लाल, (iii) सफेद नहीं है।

उत्तर:

दिया है:

काली गेंदों की संख्या = 7

लाल गेंदों की संख्या = 3

सफेद गेंदों की संख्या = 5

ज्ञात सूत्र:

प्रायिकता P(E) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल संभावित परिणामों की संख्या)

हल:

कुल गेंदों की संख्या (N) = 7 + 3 + 5 = 15

(i) गेंद के काली होने की प्रायिकता:

काली गेंदों की संख्या = 7

P(काली गेंद) = 7 / 15

(ii) गेंद के लाल होने की प्रायिकता:

लाल गेंदों की संख्या = 3

P(लाल गेंद) = 3 / 15 = 1 / 5

(iii) गेंद के सफेद न होने की प्रायिकता:

सफेद न होने वाली गेंदें (काली + लाल) = 7 + 3 = 10

P(सफेद गेंद नहीं) = 10 / 15 = 2 / 3

अतः उत्तर:

(i) काली गेंद होने की प्रायिकता = 7/15

(ii) लाल गेंद होने की प्रायिकता = 1/5

(iii) सफेद गेंद न होने की प्रायिकता = 2/3

प्रश्न 2(f).

सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खींची गई सरल रेखा अन्य दो भुजाओं को जिन दो भिन्न बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करती है, वे बिन्दु भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करते हैं।

उत्तर:

दिया है:

एक त्रिभुज ABC, जिसमें भुजा BC के समान्तर खींची गई एक रेखा DE, भुजा AB को D पर तथा AC को E पर प्रतिच्छेद करती है।

सिद्ध करना है:

AD / DB = AE / EC

रचना:

बिन्दु B को E से तथा C को D से मिलाया।

DM ⊥ AC तथा EN ⊥ AB खींचा।

हल:

1. त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल, आधार AD लेने पर:

क्षेत्रफल(ADE) = (1/2) × AD × EN

2. त्रिभुज BDE का क्षेत्रफल, आधार DB लेने पर:

क्षेत्रफल(BDE) = (1/2) × DB × EN

अनुपात लेने पर:

क्षेत्रफल(ADE) / क्षेत्रफल(BDE) = [(1/2) × AD × EN] / [(1/2) × DB × EN] = AD / DB --- (समीकरण 1)

3. पुनः त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल, आधार AE लेने पर:

क्षेत्रफल(ADE) = (1/2) × AE × DM

4. त्रिभुज DEC का क्षेत्रफल, आधार EC लेने पर:

क्षेत्रफल(DEC) = (1/2) × EC × DM

अनुपात लेने पर:

क्षेत्रफल(ADE) / क्षेत्रफल(DEC) = [(1/2) × AE × DM] / [(1/2) × EC × DM] = AE / EC --- (समीकरण 2)

5. चूँकि त्रिभुज BDE और त्रिभुज DEC एक ही आधार DE तथा समान्तर रेखाओं DE और BC के बीच बने हैं:

क्षेत्रफल(BDE) = क्षेत्रफल(DEC) --- (समीकरण 3)

समीकरण (1), (2) तथा (3) से:

AD / DB = AE / EC

इति सिद्धम्।

अतः उत्तर:

सिद्ध हुआ कि AD / DB = AE / EC।

परीक्षा में इसे एक साधारण, स्पष्ट रूप से लेबल किया हुआ चित्र बनाकर उत्तर दें।

प्रश्न 3.

यदि किसी समान्तर श्रेणी के प्रथम 7 पदों का योगफल 49 तथा प्रथम 17 पदों का योगफल 289 है, तो इसके प्रथम n पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।

अथवा

एक समकोण त्रिभुज की ऊँचाई उसके आधार से 7 मी कम है। यदि कर्ण 13 मी हो तो त्रिभुज की अन्य दो भुजाएँ ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

मुख्य प्रश्न का हल:

दिया है:

प्रथम 7 पदों का योग (S7) = 49

प्रथम 17 पदों का योग (S17) = 289

ज्ञात सूत्र:

समान्तर श्रेणी के प्रथम n पदों का योगफल Sn = (n/2) × [2a + (n - 1)d]

हल:

माना समान्तर श्रेणी का प्रथम पद a तथा सार्व अंतर d है।

प्रथम स्थिति (n = 7 के लिए):

S7 = (7/2) × [2a + (7 - 1)d]

49 = (7/2) × (2a + 6d)

49 = 7 × (a + 3d)

a + 3d = 49 / 7

a + 3d = 7 (समीकरण 1)

द्वितीय स्थिति (n = 17 के लिए):

S17 = (17/2) × [2a + (17 - 1)d]

289 = (17/2) × (2a + 16d)

289 = 17 × (a + 8d)

a + 8d = 289 / 17

a + 8d = 17 (समीकरण 2)

समीकरण (2) में से समीकरण (1) घटाने पर:

(a + 8d) - (a + 3d) = 17 - 7

5d = 10

d = 2

d का मान समीकरण (1) में रखने पर:

a + 3(2) = 7

a + 6 = 7

a = 1

अब प्रथम n पदों का योगफल (Sn):

Sn = (n/2) × [2a + (n - 1)d]

Sn = (n/2) × [2(1) + (n - 1)2]

Sn = (n/2) × [2 + 2n - 2]

Sn = (n/2) × [2n]

Sn = n²

अतः उत्तर:

प्रथम n पदों का योगफल n² होगा।

अथवा वाले प्रश्न का हल:

दिया है:

समकोण त्रिभुज का कर्ण = 13 मीटर

माना त्रिभुज का आधार = x मीटर

तब त्रिभुज की ऊँचाई (लम्ब) = (x - 7) मीटर

ज्ञात सूत्र:

पाइथागोरस प्रमेय: (कर्ण)² = (आधार)² + (ऊँचाई)²

हल:

(13)² = (x)² + (x - 7)²

169 = x² + x² - 14x + 49

2x² - 14x + 49 - 169 = 0

2x² - 14x - 120 = 0

पूरे समीकरण को 2 से भाग देने पर:

x² - 7x - 60 = 0

द्विघात समीकरण को हल करने पर:

x² - 12x + 5x - 60 = 0

x(x - 12) + 5(x - 12) = 0

(x - 12)(x + 5) = 0

यदि x - 12 = 0, तो x = 12

यदि x + 5 = 0, तो x = -5 (जो सम्भव नहीं है क्योंकि लम्बाई ऋणात्मक नहीं हो सकती)

अतः:

आधार = 12 मीटर

ऊँचाई = 12 - 7 = 5 मीटर

अतः उत्तर:

त्रिभुज की अन्य दो भुजाएँ 12 मीटर और 5 मीटर हैं।

प्रश्न 4.

सिद्ध कीजिए : (sin θ − cos θ + 1) / (sin θ + cos θ − 1) = 1 / (sec θ − tan θ)

अथवा

एक समतल भूमि पर खड़ी मीनार की छाया की लम्बाई जब सूर्य का उन्नयन 30° कोण है, उस समय की लम्बाई से 50 मीटर अधिक है जब सूर्य का उन्नयन कोण 60° था। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

मुख्य प्रश्न का हल:

हल:

वाम पक्ष (LHS) = (sin θ - cos θ + 1) / (sin θ + cos θ - 1)

अंश और हर दोनों को cos θ से भाग देने पर:

LHS = [(sin θ / cos θ) - (cos θ / cos θ) + (1 / cos θ)] / [(sin θ / cos θ) + (cos θ / cos θ) - (1 / cos θ)]

LHS = (tan θ - 1 + sec θ) / (tan θ + 1 - sec θ)

LHS = (sec θ + tan θ - 1) / (tan θ - sec θ + 1)

हम जानते हैं कि: 1 = sec² θ - tan² θ = (sec θ - tan θ)(sec θ + tan θ)

अंश में 1 का मान रखने पर:

LHS = [(sec θ + tan θ) - (sec² θ - tan² θ)] / (tan θ - sec θ + 1)

LHS = [(sec θ + tan θ) - (sec θ + tan θ)(sec θ - tan θ)] / (tan θ - sec θ + 1)

अंश में से (sec θ + tan θ) उभयनिष्ठ (common) लेने पर:

LHS = (sec θ + tan θ) × [1 - (sec θ - tan θ)] / (tan θ - sec θ + 1)

LHS = (sec θ + tan θ) × [1 - sec θ + tan θ] / (tan θ - sec θ + 1)

LHS = (sec θ + tan θ) × [tan θ - sec θ + 1] / (tan θ - sec θ + 1)

LHS = sec θ + tan θ

अब (sec θ - tan θ) से गुणा और भाग करने पर:

LHS = [(sec θ + tan θ) × (sec θ - tan θ)] / (sec θ - tan θ)

LHS = (sec² θ - tan² θ) / (sec θ - tan θ)

LHS = 1 / (sec θ - tan θ) = दक्षिण पक्ष (RHS)

इति सिद्धम।

अथवा वाले प्रश्न का हल:

दिया है:

माना मीनार की ऊँचाई = h मीटर

60° उन्नयन कोण पर छाया की लम्बाई = x मीटर

30° उन्नयन कोण पर छाया की लम्बाई = (x + 50) मीटर

ज्ञात सूत्र:

tan θ = लम्ब / आधार

हल:

समकोण त्रिभुज में 60° कोण के लिए:

tan 60° = h / x

√3 = h / x

x = h / √3 (समीकरण 1)

समकोण त्रिभुज में 30° कोण के लिए:

tan 30° = h / (x + 50)

1 / √3 = h / (x + 50)

x + 50 = h √3

x = h √3 - 50 (समीकरण 2)

समीकरण (1) और (2) की तुलना करने पर:

h / √3 = h √3 - 50

h = 3h - 50 √3

3h - h = 50 √3

2h = 50 √3

h = 25 √3 मीटर

यदि √3 = 1.732 रखें:

h = 25 × 1.732 = 43.3 मीटर

अतः उत्तर:

मीनार की ऊँचाई 25 √3 मीटर (या 43.3 मीटर) है।

प्रश्न 5.

एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लम्बाई 8 सेमी तथा व्यास 2 सेमी है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 सेमी है। इसमें भरे जा सकने वाले पानी का आयतन ज्ञात कीजिए।

अथवा

भुजा 14 सेमी वाले एक घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्द्धगोला रखा हुआ है। अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है ? इस ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

मुख्य प्रश्न का हल:

दिया है:

बेलनाकार गर्दन के लिए:

ऊँचाई (h) = 8 सेमी

व्यास = 2 सेमी, अतः त्रिज्या (r1) = 1 सेमी

गोलाकार भाग के लिए:

व्यास = 8.5 सेमी, अतः त्रिज्या (r2) = 8.5 / 2 = 4.25 सेमी

ज्ञात सूत्र:

बेलन का आयतन = π × (r1)² × h

गोले का आयतन = (4/3) × π × (r2)³

कुल आयतन = बेलनाकार भाग का आयतन + गोलाकार भाग का आयतन

हल:

बेलनाकार भाग का आयतन = π × (1)² × 8 = 8π सेमी³

गोलाकार भाग का आयतन = (4/3) × π × (4.25)³

= (4/3) × π × 76.765625

= 102.354167 π सेमी³

कुल आयतन = 8π + 102.354167 π = 110.354167 π सेमी³

π = 3.14 रखने पर:

कुल आयतन = 110.354167 × 3.14 = 346.51 सेमी³ (लगभग)

अतः उत्तर:

बर्तन में भरे जा सकने वाले पानी का आयतन 346.51 सेमी³ है।

अथवा वाले प्रश्न का हल:

दिया है:

घनाकार ब्लॉक की भुजा (a) = 14 सेमी

हल:

1. अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास:

घनाकार ब्लॉक के ऊपरी फलक पर रखे जा सकने वाले अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास ब्लॉक की भुजा के बराबर होगा।

अतः अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास = 14 सेमी

अर्द्धगोले की त्रिज्या (r) = 14 / 2 = 7 सेमी

2. ठोस का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल:

ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्द्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल - अर्द्धगोले के आधार का क्षेत्रफल

ज्ञात सूत्र:

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6 × a²

अर्द्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 × π × r²

अर्द्धगोले के आधार का क्षेत्रफल = π × r²

कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a² + 2πr² - πr² = 6a² + πr²

मान रखने पर:

6a² = 6 × (14)² = 6 × 196 = 1176 सेमी²

πr² = (22/7) × (7)² = 22 × 7 = 154 सेमी²

ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 1176 + 154 = 1330 सेमी²

अतः उत्तर:

अर्द्धगोले का अधिकतम व्यास 14 सेमी है और ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल 1330 सेमी² है।