उप्र बोर्ड कक्षा 10 गणित बोर्ड परीक्षा 2026 (सैट - 822 FV) संपूर्ण हल
UP Board Class 10th Mathematics Board Paper 2026 (Set 822 FV) Complete Solution
खण्ड - 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Questions)
UP Board Class 10th Mathematics Board Paper 2026 822(FV)
कक्षा 10वीं · गणित · 2026 · बोर्ड परीक्षा
उप्र बोर्ड कक्षा 10 गणित बोर्ड परीक्षा 2026 (सैट - 822 FV) संपूर्ण हल
UP Board Class 10th Mathematics Board Paper 2026 (Set 822 FV) Complete Solution
खण्ड - 'अ' (बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Questions)
एक द्विघात बहुपद के अधिक से अधिक शून्यकों की संख्या होगी :
(A) 4
(B) 3
(C) 2
(D) 1
उत्तर:
(C) 2
हल: किसी भी द्विघात बहुपद के अधिकतम शून्यकों की संख्या उसकी घात (2) के बराबर होती है।
संख्या 36 के अभाज्य गुणनखंड होंगे :
(A) 2³ × 3²
(B) 2 × 3²
(C) 2² × 3²
(D) 3 × 2³
उत्तर:
(C) 2² × 3²
हल: 36 = 4 × 9 = 2² × 3²
संख्याओं 26 और 91 का महत्तम समापवर्तक (म.स.) 13 है, उनका लघुत्तम समापवर्त्य (ल.स.) होगा :
(A) 26
(B) 91
(C) 180
(D) 182
उत्तर:
(D) 182
हल: LCM × HCF = पहली संख्या × दूसरी संख्या LCM × 13 = 26 × 91 LCM = (26 × 91)/(13) = 182
संख्याओं 150 और 210 का HCF होगा :
(A) 10
(B) 20
(C) 30
(D) 40
उत्तर:
(C) 30
हल: 150 = 30 × 5 तथा 210 = 30 × 7, अतः महत्तम समापवर्तक 30 है।
यदि (-a) बहुपद 2x² + 2ax + 5x + 10 का एक शून्यक है, तो 'a' का मान होगा :
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर:
(A) 2
हल: x = -a रखने पर: 2(-a)² + 2a(-a) + 5(-a) + 10 = 0 2a² - 2a² - 5a + 10 = 0 5a = 10 a = 2
यदि (a)/(3) - (b)/(4) = 1 तथा a = 6 है, तो b का मान होगा :
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर:
(D) 4
हल: a = 6 रखने पर: (6)/(3) - (b)/(4) = 1 2 - (b)/(4) = 1 (b)/(4) = 1 b = 4
समीकरण (x+6)(x-5) = 0 के मूल होंगे :
(A) 6, 5
(B) -6, 5
(C) 5, 6
(D) -5, 6
उत्तर:
(B) -6, 5
हल: x + 6 = 0 x = -6 और x - 5 = 0 x = 5
एक वृत्त पर किसी बाह्य बिन्दु से खींची गयी स्पर्श रेखाओं की संख्या होगी :
(A) 4
(B) 3
(C) 2
(D) 1
उत्तर:
(C) 2
Δ ABC में रेखाखंड DE BC, जहाँ D और E क्रमशः AB और AC के बिंदु हैं। यदि AD = 2.1 सेमी, DB = 4.2 सेमी तथा DE = 3.1 सेमी हो, तो BC की माप होगी :
(A) 6.3 सेमी
(B) 9.3 सेमी
(C) 11.3 सेमी
(D) 12.6 सेमी
उत्तर:
(B) 9.3 सेमी
हल: (AD)/(AB) = (DE)/(BC) (2.1)/(2.1 + 4.2) = (3.1)/(BC) (2.1)/(6.3) = (3.1)/(BC) (1)/(3) = (3.1)/(BC) BC = 9.3 सेमी।
बिन्दु (2, -3) तथा (10, y) के बीच की दूरी 10 मात्रक है, तो y का मान होगा :
(A) -9, 3
(B) 9, 3
(C) 3, 6
(D) -3, 6
उत्तर:
(A) -9, 3
हल: दूरी सूत्र से: √((10-2)² + (y - (-3))²) = 10 64 + (y+3)² = 100 (y+3)² = 36 y+3 = ± 6 y = 3, -9
यदि A = (7)/(24) हो, तो A का मान होगा :
(A) (7)/(25)
(B) (25)/(24)
(C) (25)/(7)
(D) (24)/(25)
उत्तर:
(B) (25)/(24)
हल: A = √(1 + ² A) = √(1 + (49)/(576)) = √((625)/(576)) = (25)/(24)
(2 45^°)/(1 + ² 45^°) का मान होगा :
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 0
उत्तर:
(A) 1
हल: (2(1))/(1 + 1²) = (2)/(2) = 1
A · A · A के समतुल्य होगा :
(A) A
(B) ² A
(C) ² A
(D) ² A
उत्तर:
(C) ² A
हल: (1)/( A) · (1)/( A) · ( A)/( A) = (1)/( ² A) = ² A
² θ + (1)/(1 + ² θ) का मान होगा :
(A) 1
(B) ² θ
(C) ² θ
(D) ² θ
उत्तर:
(A) 1
हल: (1)/(1 + ² θ) = ² θ, अतः ² θ + ² θ = 1
यदि त्रिज्या 21 सेमी वाले वृत्त का एक चाप केंद्र पर 60^° का कोण अन्तरित करता है, तो चाप की लंबाई होगी :
(A) 9 सेमी
(B) 11 सेमी
(C) 16.5 सेमी
(D) 22 सेमी
उत्तर:
(D) 22 सेमी
हल: चाप की लंबाई = (θ)/(360^°) × 2π r = (60^°)/(360^°) × 2 × (22)/(7) × 21 = (1)/(6) × 132 = 22 सेमी।
यदि 4 सेमी भुजा के दो ठोस घनों के संलग्न फलकों को मिलाकर एक घनाभ बनाया जाए तो घनाभ का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा :
(A) 192 सेमी²
(B) 176 सेमी²
(C) 160 सेमी²
(D) 144 सेमी²
उत्तर:
(C) 160 सेमी²
हल: घनाभ की विमाएँ: लम्बाई l = 8 सेमी, चौड़ाई b = 4 सेमी, ऊँचाई h = 4 सेमी।
सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl) = 2(8 × 4 + 4 × 4 + 4 × 8) = 2(32 + 16 + 32) = 160 सेमी²
अच्छी प्रकार से फेंटे हुए ताश के 52 पत्तों में से यादृच्छया चुने गए एक पत्ते के विशेष संदर्भ में प्रायिकता विकल्प अनुसार (1)/(13) है।
उत्तर:
(A) (1)/(13)
यदि mean = (3 median - mode)/(R) हो, तो R का मान होगा :
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर:
(B) 2
हल: बहुलक = 3 माध्यिका - 2 माध्य 2 माध्य = 3 माध्यिका - बहुलक माध्य = (3 माध्यिका - बहुलक)/(2)
निम्नांकित बारंबारता सारणी का बहुलक वर्ग होगा :
(वर्ग अंतराल: 15-20: 3, 20-25: 8, 25-30: 9, 30-35: 10, 35-40: 5, 40-45: 2)
(A) 15-20
(B) 20-25
(C) 25-30
(D) 30-35
उत्तर:
(D) 30-35
हल: अधिकतम बारंबारता 10 है, जो वर्ग अंतराल 30-35 के अंतर्गत आती है।
दो पाँसे एक साथ उछाले जाते हैं। दोनों पाँसों की संख्याओं का योगफल 7 होने की प्रायिकता होगी :
(A) (1)/(2)
(B) (1)/(6)
(C) (1)/(3)
(D) (1)/(12)
उत्तर:
(B) (1)/(6)
हल: योग 7 वाले अनुकूल परिणाम = \(1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1) 6. कुल परिणाम = 36. प्रायिकता = (6)/(36) = (1)/(6)
खण्ड - 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न)
किन्हीं पाँच खण्डों को हल कीजिए :
(क) किसी समान्तर श्रेणी का 17 वाँ पद उसके 10 वें पद से 7 अधिक है। इसका सार्वअन्तर ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
• a₁₇ = a₁₀ + 7
• a + 16d = (a + 9d) + 7
• 16d - 9d = 7 7d = 7 d = 1 [अंक: 4/4]
(ख) दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक ज्ञात कीजिए जिनके वर्गों का योगफल 365 हो।
हल:
• माना संख्याएँ x और x+1 हैं।
• x² + (x+1)² = 365 2x² + 2x + 1 = 365 2x² + 2x - 364 = 0 x² + x - 182 = 0
• (x+14)(x-13) = 0 x = 13 (धनात्मक होने के कारण)
• अतः संख्याएँ 13 और 14 हैं। [अंक: 4/4]
(ग) यदि दो पाँसे एक साथ फेंके जाते हैं, तो दोनों पाँसों की संख्याओं का योगफल 7 से छोटा होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
• कुल संभव परिणाम = 36
• 7 से छोटे योग वाले परिणाम (योग 2, 3, 4, 5, 6):
- योग 2: (1,1) [1]
- योग 3: (1,2), (2,1) [2]
- योग 4: (1,3), (2,2), (3,1) [3]
- योग 5: (1,4), (2,3), (3,2), (4,1) [4]
- योग 6: (1,5), (2,4), (3,3), (4,2), (5,1) [5]
• अनुकूल परिणामों की कुल संख्या = 1 + 2 + 3 + 4 + 5 = 15
• प्रायिकता = (15)/(36) = (5)/(12) [अंक: 4/4]
(घ) चित्र में, केन्द्र का कोण BOC = 110^°, AB तथा AC वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं। OAB का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
• स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लम्ब होती है, अतः OBA = 90^° और OCA = 90^°
• चतुर्भुज ABOC में, A + B + C + BOC = 360^° A + 90^° + 90^° + 110^° = 360^° A = 70^°
• OAB = (1)/(2) A = (70^°)/(2) = 35^° [अंक: 4/4]
(ङ) एक वृत्त के परिगत एक चतुर्भुज ABCD खींचा गया है तो सिद्ध कीजिए कि AB + CD = AD + BC
हल:
• बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ बराबर होती हैं।
• AP = AS, BP = BQ, CQ = CR, DR = DS
• चारों समीकरणों को जोड़ने पर: (AP + BP) + (CR + DR) = (AS + DS) + (BQ + CQ) AB + CD = AD + BC (इति सिद्धम्) [अंक: 4/4]
(च) दिए गए आंकड़ों का माध्यक ज्ञात कीजिए :
(वर्ग अंतराल: 0-10 (6), 10-20 (10), 20-30 (14), 30-40 (10), 40-50 (8))
हल:
• कुल बारंबारता N = 48 N/2 = 24
• संचयी बारंबारताएँ: 6, 16, 30, 40, 48. माध्यक वर्ग = 20-30
• सूत्र: Median = l + ((N/2 - cf)/(f)) × h = 20 + ((24 - 16)/(14)) × 10 = 20 + (80)/(14) = 20 + 5.71 = 25.71 [अंक: 4/4]
एक समकोण त्रिभुज की ऊंचाई इसके आधार से 7 सेमी कम है। यदि कर्ण 13 सेमी का हो, तो अन्य भुजाएँ ज्ञात कीजिए। (6 अंक)
उत्तर:
• माना आधार = x सेमी, ऊँचाई = x - 7 सेमी।
• पाइथागोरस प्रमेय से: x² + (x-7)² = 13² x² + x² - 14x + 49 = 169 2x² - 14x - 120 = 0 x² - 7x - 60 = 0
• (x-12)(x+5) = 0 x = 12 सेमी (ऋणात्मक मान अमान्य)
• अतः आधार = 12 सेमी तथा ऊँचाई = 12 - 7 = 5 सेमी।
अथवा / OR: ऐसी दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योगफल 27 तथा गुणनफल 182 है।
हल:
• माना संख्याएँ x और 27 - x हैं।
• x(27 - x) = 182 27x - x² = 182 x² - 27x + 182 = 0
• (x - 13)(x - 14) = 0 x = 13 या x = 14
• अतः संख्याएँ 13 और 14 हैं। [अंक: 6/6]
सिद्ध कीजिए : ( A)/(1 - A) + ( A)/(1 - A) = 1 + A A (6 अंक)
उत्तर:
• बायां पक्ष (LHS): (( A)/( A))/(1 - ( A)/( A)) + (( A)/( A))/(1 - ( A)/( A)) = ( ² A)/( A( A - A)) - ( ² A)/( A( A - A))
• = ( ³ A - ³ A)/( A A ( A - A)) = (( A - A)( ² A + ² A + A A))/( A A ( A - A))
• = (1 + A A)/( A A) = (1)/( A A) + 1 = 1 + A A = RHS (इति सिद्धम्)
अथवा / OR: यदि θ + θ = P है, तो सिद्ध कीजिए θ = (P² - 1)/(P² + 1)
हल:
• (P² - 1)/(P² + 1) = (( θ + θ)² - 1)/(( θ + θ)² + 1) = ( ² θ + ² θ + 2 θ θ - 1)/( ² θ + ² θ + 2 θ θ + 1)
• ² θ - 1 = ² θ रखने पर अंश = 2 ² θ + 2 θ θ = 2 θ( θ + θ)
• 1 + ² θ = ² θ रखने पर हर = 2 ² θ + 2 θ θ = 2 θ( θ + θ)
• अनुपात = (2 θ( θ + θ))/(2 θ( θ + θ)) = ( θ)/( θ) = θ = RHS (इति सिद्धम्) [अंक: 6/6]
दवा का एक कैप्सूल एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक-एक अर्धगोला लगा हुआ है। पूरे कैप्सूल की लम्बाई 14 मी.मी. है और उसका व्यास 5 मी.मी. है, तो इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (6 अंक)
उत्तर:
• बेलन का व्यास = 5 मिमी त्रिज्या r = 2.5 मिमी।
• बेलन की ऊँचाई h = 14 - 2(2.5) = 14 - 5 = 9 मिमी।
• कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + 2 × (अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल)
• = 2π r h + 2(2π r²) = 2π r(h + 2r) = 2 × (22)/(7) × 2.5 × (9 + 5) = 2 × (22)/(7) × (5)/(2) × 14 = 220 मिमी²
अथवा / OR: ऊँचाई 2.4 सेमी और व्यास 1.4 सेमी वाले एक ठोस बेलन में इसी ऊंचाई एवं व्यास वाला एक शंकवाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेमी तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल:
• ऊँचाई h = 2.4 सेमी, त्रिज्या r = 0.7 सेमी। शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²) = √((0.7)² + (2.4)²) = √(6.25) = 2.5 सेमी।
• शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठ + बेलन का आधार क्षेत्रफल + शंकु का वक्र पृष्ठ
• = 2π r h + π r² + π r l = π r (2h + r + l) = (22)/(7) × 0.7 × (4.8 + 0.7 + 2.5) = (22)/(7) × 0.7 × 8.0 = 17.6 सेमी² ≈ 18 सेमी² (निकटतम मान) [अंक: 6/6]