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UP Board Class 10th Hindi Half-Yearly Paper 2026

कक्षा 10वीं · हिंदी · 2026 · अर्धवार्षिक

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खण्ड - 'अ' / PART - 'A'

(बहुविकल्पीय प्रश्न / Multiple Choice Type Questions)

प्रश्न 1.

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म कब हुआ था ?

(A) 1874

(B) 1856

(C) 1884

(D) 1666

उत्तर:

(C) 1884

प्रश्न 2.

ममता के पिता का नाम था-

(A) शेरशाह

(B) हुमायूं

(C) अकक्मणि

(D) मिर्जा

उत्तर:

(D) मिर्जा

प्रश्न 3.

पद्मवती जी किस युग के लेखक माने जाते हैं ?

(A) भक्तिकाल

(B) शुक्ल युग

(C) द्विवेदी युग

(D) रम्य युग

उत्तर:

(B) शुक्ल युग

प्रश्न 4.

कविता का दूसरा नाम या दूसरा रूप है-

(A) सिर्जित

(B) त्याग

(C) स्वराज्य

(D) सेवा

उत्तर:

(A) सिर्जित

प्रश्न 5.

'गुलाबी का नेवृत्य' उपन्यास के लेखक हैं-

(A) प्रेमचंद

(B) प्रसाद

(C) अज्ञेय

(D) यशपाल

उत्तर:

(D) यशपाल

प्रश्न 6.

'रामलीला' के रचयिता हैं-

(A) केशवदास

(B) सूरदास

(C) नागार्जुन

(D) तुलसीदास

उत्तर:

(D) तुलसीदास

प्रश्न 7.

सूरदास की भाषा है-

(A) अवधी

(B) खड़ी बोली

(C) मैथिली

(D) ब्रजभाषा

उत्तर:

(D) ब्रजभाषा

प्रश्न 8.

तुलसीदास का जन्म स्थान क्या है ?

(A) मिर्जापुर

(B) राजापुर

(C) मगरहर

(D) एटा

उत्तर:

(B) राजापुर

प्रश्न 9.

मनमोहन को किसने मोह लिया है ?

(A) गोपियों ने

(B) वन पुष्पों ने

(C) मुनियों ने

(D) गांवों ने

उत्तर:

(A) गोपियों ने

प्रश्न 10.

बिहारी लाल जी की भाषा है-

(A) मैथिली

(B) अवधी

(C) भोजपुरी

(D) ब्रजभाषा

उत्तर:

(D) ब्रजभाषा

प्रश्न 11.

बादि समस्त पृथ्वी पर कहाँ विराजमान करती है ?

(A) प्रस्तुती

(B) छिप्रवर

(C) भूमिगत

(D) निर्जन

उत्तर:

(C) भूमिगत

प्रश्न 12.

महादेवी वर्मा के पिता का क्या नाम था ?

(A) श्याम वर्मा

(B) गोविन्द वर्मा

(C) मनोहर वर्मा

(D) मोहन वर्मा

उत्तर:

(B) गोविन्द वर्मा

प्रश्न 13.

भारत सरकार ने महादेवी वर्मा को किस उपाधि से सम्मानित किया ?

(A) पद्मभूषण

(B) भारत रत्न

(C) पद्मश्री

(D) पद्मविभूषण

उत्तर:

(A) पद्मभूषण

प्रश्न 14.

'नील कमल चन्द हरिराई' में अलंकार है-

(A) श्लेष

(B) उपमा

(C) उत्प्रेक्षा

(D) रूपक

उत्तर:

(D) रूपक

प्रश्न 15.

सुनार का तत्सम शब्द है-

(A) सोनार

(B) स्वर्णक

(C) स्वर्णकार

(D) स्वर्ण

उत्तर:

(C) स्वर्णकार

प्रश्न 16.

अन्त्याचारः का संधि-विच्छेद कीजिए-

(A) अति+आचारः

(B) अ+आचारः

(C) आत+आचारः

(D) अत्त+आचारः

उत्तर:

(A) अति+आचारः

प्रश्न 17.

'फलेन' शब्द किस विभक्ति का है ?

(A) प्रथम

(B) द्वितीय

(C) तृतीय

(D) चतुर्थी

उत्तर:

(C) तृतीय

प्रश्न 18.

'पठतु' शब्द किस लकार का है ?

(A) लोटलकार

(B) लृट्लकार

(C) लंग्लकार

(D) लोट्लकार

उत्तर:

(A) लोटलकार

प्रश्न 19.

'कामदेव' का पर्यायवाची कौन-सा है ?

(A) अनंग

(B) धेनु

(C) मृग

(D) मयूर

उत्तर:

(A) अनंग

प्रश्न 20.

'पंचवटी' में कौन-सा समास है ?

(A) द्विगु समास

(B) कर्मधारय

(C) तत्पुरुष

(D) अव्ययीभाव समास

उत्तर:

(A) द्विगु समास

खण्ड - 'ब' / PART - 'B'

वर्णनात्मक प्रश्न

प्रश्न 21.

निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

"कुसंग का ज्वर सबसे भयानक होता है। यह केवल नीति और सद्बुद्धि का ही नाश नहीं करता, बल्कि बुद्धि का भी क्षय करता है। किसी युवा पुरुष की संगति यदि बुरी होगी, तो वह उसके पैरों में बंधी चक्की के समान होगी, जो उसे दिन-दिन अवनति के गड्ढे में गिराती जाएगी और यदि अच्छी होगी तो सहारा देने वाली बाहु के समान होगी जो उसे निरंतर उन्नति की ओर उठाती जायेगी।"

उत्तर:

• (a) संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'हिंदी' के गद्य खंड में संकलित एवं आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित 'मित्रता' नामक निबंध से लिया गया है।

• (b) रेखांकित अंश की व्याख्या: लेखक का कहना है कि बुरी संगति एक भयानक बुखार की तरह होती है जो मनुष्य की सारी अच्छاعات को नष्ट कर देती है। जिस प्रकार पैर में भारी चक्की बंधा होने पर व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता, उसी प्रकार बुरी संगति मनुष्य को अवनति और पतन के अंधकार में धकेल देती है। इसके विपरीत, अच्छी संगति एक मजबूत सहारे की तरह होती है जो व्यक्ति को हमेशा आगे बढ़ने और ऊँचाइयों को छूने की प्रेरणा देती है।

• (c) कुसंग का ज्वर सबसे भयानक क्यों होता है: कुसंग का ज्वर सबसे भयानक इसलिए होता है क्योंकि यह मनुष्य की केवल नीति और सद्बुद्धि का ही नाश नहीं करता, बल्कि उसकी सोचने-समझने की शक्ति और बुद्धि का भी क्षय कर देता है, जिससे व्यक्ति का पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है।

प्रश्न 22.

दिए गए पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

"बधे निकसी सबनी-स्रव, भरी पीर टप, मोंडों में डा हैं... तिन की लखि आतुरता पिय की, आँधिया अति चाह चलीं जल।।"

अथवा

"छोटी को देख ? वह सरल, विरल, काली रेखा तम के lago सी जी हिल-डुल..."

उत्तर:

(अथवा - चींटी वाली कविता):

• (a) संदर्भ सहित व्याख्या: प्रस्तुत पंक्तियाँ सुमित्रानन्दन पंत द्वारा रचित 'चींटी' कविता से ली गई हैं। कविवर चींटी के छोटे से जीवन और उसके निरंतर संघर्षशील स्वभाव का वर्णन करते हुए कहते हैं कि वह अत्यंत छोटी, सरल, विरल और काली रेखा के समान अंधकार में भी अपने छोटे-छोटे पैरों से लगातार आगे बढ़ती जाती है। वह निरंतर बिना रुके अपने काम में जुटी रहती है।

• (b) प्रयुक्त अलंकार: इन पंक्तियों में उपमा अलंकार ('तम के... सी') तथा अनुप्रास अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है।

• (c) चींटी किस प्रकार चलती है: चींटी अपने छोटे-छोटे पैरों से पल-पल आगे बढ़ती है और निरंतर बिना थके अपने कार्य में तल्लीन रहती है।

प्रश्न 23.

दिए गए संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए:

"वाराणसी सुविख्याताः प्राचीन नगरी। इयं विमलसलिलतरङ्गायाः गङ्गायाः कुले स्थितः। अस्याः घट्तानां वलयाकृतिः पंडिताः चन्द्रप्रकाशयां बहुराजते। अणिताः पर्यटकाः सुदूरेंभ्यः नित्यमन्त्र अत्र आश्रिता, अस्याः घट्टानाञ्च शोभां विलोक्य इमां बहुप्रशंसन्ति।"

उत्तर:

• सन्दर्भ: यह गद्यांश हमारी संस्कृत पाठ्यपुस्तक के 'वाराणसी' पाठ से लिया गया है।

• हिन्दी अनुवाद: वाराणसी बहुत प्रसिद्ध प्राचीन नगरी है। यह निर्मल जल की तरंगों वाली गंगा के कुल (किनारे) पर स्थित है। इसके घाटों की घुमावदार आकृति चाँदनी रात में बहुत सुशोभित होती है। दूर-दूर से अनगिनत यात्री प्रतिदिन यहाँ आते हैं और इसके घाटों की शोभा को देखकर इसकी बहुत प्रशंसा करते हैं।

प्रश्न 24.

हिंदी गद्य/पद्यांश में से किसी एक का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए:

"वन मरणं वामि जले वामि पतगजयः।"

उत्तर:

• सन्दर्भ: यह श्लोक संस्कृत पाठ्यपुस्तक के 'जीवन सूत्रणि' पाठ से लिया गया है।

• हिन्दी अनुवाद: जहाँ मृत्यु हो वही वन है, और जहाँ त्याग हो वही तीर्थ है।

प्रश्न 25.

अपने पवित्र खण्डकाव्य के आधार पर निम्न में किसी एक का उत्तर दीजिए:

(क) खण्डकाव्य के प्रमुख पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए।

अथवा

(ख) द्वितीय सर्ग या चतुर्थ सर्ग का सारांश लिखिए।

उत्तर:

(सामान्य उत्तर अपने जिले के निर्धारित खण्डकाव्य के अनुसार):

• अपने पाठ्यक्रम के निर्धारित खण्डकाव्य (जैसे मुक्तिप्रद, कर्ण, या मेवाड़मुहम्मद आदि) के नायक या प्रमुख पात्र का चरित्र निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर लिखा जा सकता है:

1. दृढ़ प्रतिज्ञा और साहसी: नायक अपने उच्च आदर्शों के प्रति पूर्णतः समर्पित और साहसी होता है।

2. देशभक्ति और त्याग की भावना: उसके मन में राष्ट्र और समाज के प्रति अगाध प्रेम तथा त्याग की भावना कूट-कूट कर भरी होती है।

3. कोमल हृदय एवं परोपकारी: वह शत्रु के प्रति भी दया भाव रखने वाला और परोपकारी स्वभाव का होता है।

प्रश्न 26.

(क) दिए गए लेखकों में से किसी एक का जीवन-परिचय लिखते हुए उनकी दो रचनाओं के नाम लिखिए:

(3) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

उत्तर:

• जीवन-परिचय: आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 ईस्वी में बस्ती जिले के आगोना नामक ग्राम में हुआ था। इन्होंने अपनी शिक्षा मिर्जापुर में पूरी की और स्वाध्याय से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत आदि भाषाओं का अच्छा ज्ञान प्राप्त किया। ये काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर रहे। हिंदी साहित्य के इतिहास को व्यवस्थित रूप देने का श्रेय शुक्ल जी को ही जाता है। इनकी मृत्यु सन् 1941 ईस्वी में हो गई।

• प्रमुख रचनाएँ:

1. चिंतामणि (निबंध संग्रह)

2. हिंदी साहित्य का इतिहास (ग्रंथ)

(ख) दिए गए कवियों में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी दो रचनाएँ भी लिखिए:

(3) सुमित्रानन्दन पंत

उत्तर:

• जीवन-परिचय: प्रकृति के सुकुमार कवि कहे जाने वाले सुमित्रानन्दन पंत का जन्म सन् 1900 ईस्वी में अल्मोड़ा के कौसानी नामक ग्राम में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा में और उच्च शिक्षा वाराणसी में हुई। इन्हें छायावाद के प्रमुख स्तंभों में गिना जाता है। इनकी रचनाओं में प्रकृति का अनूठा चित्रण देखने को मिलता है। इन्हें 'चिदाता' पर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। इनका निधन सन् 1977 ईस्वी में हुआ।

• प्रमुख रचनाएँ:

1. पल्लव

2. चींटी / युगांत

प्रश्न 27.

अपनी पाठ्यपुस्तक में से एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न-पत्र में न आया हो।

उत्तर:

"बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः।

उभयत्र सुत्र वीरः भावईः वीरजुच्यते॥"

प्रश्न 28.

अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य जी को एक पत्र लिखिए जिसमें खेलकूद का सामान उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया गया हो।

उत्तर:

सेवा में,

श्रीमान् प्रधानाचार्य महोदय,

[विद्यालय का नाम, स्थान]

विषय: विद्यालय में खेलकूद की सामग्री उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10वीं का छात्र हूँ। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है, लेकिन खेलकूद के क्षेत्र में पर्याप्त सामग्री न होने के कारण छात्रों को अभ्यास करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। खेल का पीरियड होने के बावजूद मैदान में पर्याप्त बैट, बॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन आदि न होने के कारण छात्र खेलकूद में भाग नहीं ले पा रहे हैं।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि विद्यालय के खेल कोष से खेलकूद की सभी आवश्यक सामग्रियां यथाशीघ्र उपलब्ध कराने की कृपा करें, ताकि छात्र खेलकूद में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

धन्यवाद!

दिनांक: [आज की तिथि]

आपका आज्ञाकारी शिष्या/छात्र

नाम: [अभिषेक गुप्ता]

कक्षा: 10वीं

प्रश्न 29.

निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर संस्कृत में दीजिए:

(a) वाराणसी कस्यै भाषायाः केन्द्रम् अस्ति ?

• उत्तर: वाराणसी संस्कृतभाषायाः केन्द्रम् अस्ति।

(b) कविः कोकिलाम किमु कथयति ?

• उत्तर: कविः कोकिलाम वसन्ते समयार्थं कथयति।

उत्तर:

यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न 30.

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए:

(क) विज्ञान के चमत्कार

उत्तर:

• प्रस्तावना: आज का युग विज्ञान का युग है। मानव जीवन का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जो विज्ञान के चमत्कारों से अछूता रहा हो। विज्ञान ने हमारी जीवनशैली को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।

• यातायात और संचार के साधन: विज्ञान ने दूरियों को बहुत कम कर दिया है। आज रेल, मोटर कार, और विशाल वायुयानों के द्वारा कुछ ही घंटों में दुनिया के किसी भी कोने में पहुँचा जा सकता है। इसके अलावा इंटरनेट, मोबाइल और कंप्यूटर ने संचार क्रांति लाकर पूरी दुनिया को एक परिवार बना दिया है।

• चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में: विज्ञान ने असाध्य रोगों पर विजय प्राप्त कर ली है। एक्स-रे, एमआरआई, जीवनरक्षक औषधियाँ और आधुनिक शल्य चिकित्सा (Surgery) ने मानव जीवन की आयु को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

• कृषि और उद्योग: विज्ञान के कारण आज कृषि क्षेत्र में उन्नत बीजों, ट्रैक्टरों और आधुनिक उपकरणों का प्रयोग हो रहा है, जिससे उत्पादन में भारी वृद्धि हुई है। उद्योगों में मशीनों के आने से वस्तुओं का उत्पादन बड़े पैमाने पर होने लगा है।

• उपसंहार: विज्ञान मानव के लिए एक वरदान है। यह एक महान सेवक है, किंतु यदि इसका दुरुपयोग किया जाए तो यह विनाशकारी भी साबित हो सकता है। इसलिए यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह विज्ञान का उपयोग सृजन के लिए करे न कि विनाश के लिए।