खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
(Multiple Choice Questions)
UP Board Class 10th Board Paper 2026 801(FE)
कक्षा 10वीं · हिंदी · 2026 · बोर्ड परीक्षा
खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
(Multiple Choice Questions)
'नीड़ का निर्माण फिर' के लेखक हैं
(A) हरिभाऊ उपाध्याय
(B) सुमित्रानन्दन पन्त
(C) हरिवंशराय बच्चन
(D) वृन्दावनलाल वर्मा
उत्तर:
(C) हरिवंशराय बच्चन
समय 'के पाँव' रचना की विधा है
(A) जीवनी
(B) कहानी
(C) उपन्यास
(D) संस्मरण
उत्तर:
(D) संस्मरण
कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' की रचना है
(A) परिव्राजक की कथा
(B) दीप जले शंख बजे
(C) स्मृति की रेखाएँ
(D) तूफानों के बीच
उत्तर:
(B) दीप जले शंख बजे
'राजा भोज का सपना' कहानी के लेखक हैं
(A) माधव राव सप्रे
(B) राजा शिवप्रसाद 'सितारे हिन्द'
(C) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(D) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
उत्तर:
(B) राजा शिवप्रसाद 'सितारे हिन्द'
'चतुरसेन शास्त्री' द्वारा लिखा गया उपन्यास है
(A) हृदय की प्यास
(B) गोद
(C) चित्रलेखा
(D) गढ़कुण्डार
उत्तर:
(D) गढ़कुण्डार
'रीतिबद्ध' काव्यधारा के कवि हैं
(A) घनानन्द
(B) बोधा
(C) मतिराम
(D) आलम
उत्तर:
(C) मतिराम
'छत्रसाल दशक' के रचयिता हैं
(A) भूषण
(B) केशवदास
(C) बिहारी
(D) पद्माकर
उत्तर:
(A) भूषण
स्वर्णयुग 'काल' कहा जाता है
(A) द्विवेदी-युग को
(B) प्रगतिवाद युग को
(C) नई कविता युग को
(D) भारतेन्दु युग को
उत्तर:
(A) द्विवेदी-युग को (नोट: हिंदी साहित्य में भक्तिकाल को स्वर्णयुग कहा जाता है, विकल्पों के अनुसार यहाँ उपयुक्त संदर्भ देखें)
'देव' की रचना है
(A) पद्माभरण
(B) भावविलास
(C) रामचंद्रिका
(D) गंगा लहरी
उत्तर:
(B) भावविलास
महादेवी वर्मा की काव्य-रचना है
(A) वीणा
(B) समर्पण
(C) नीरजा
(D) झाँसी की रानी की समाधि पर
उत्तर:
(C) नीरजा
'करुण' रस का स्थायी भाव है
(A) क्रोध
(B) रति
(C) शोक
(D) हास
उत्तर:
(C) शोक
उपमेय 'में उपमान की सम्भावना' को कहते हैं
(A) रूपक अलंकार
(B) उपमा अलंकार
(C) उत्प्रेक्षा अलंकार
(D) भ्रान्तिमान अलंकार
उत्तर:
(C) उत्प्रेक्षा अलंकार
सोरठा छन्द के दूसरे और चौथे चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं?
(A) 11
(B) 13
(C) 16
(D) 24
उत्तर:
(B) 13
'षडानन' में समास है
(A) द्विगु
(B) द्वन्द्व
(C) कर्मधारय
(D) तत्पुरुष
उत्तर:
(A) द्विगु (अथवा बहुव्रीहि, यदि विकल्प में हो; प्राथमिकता के आधार पर बहुविकल्पीय चयन करें)
'इन्द्र' का पर्यायवाची है
(A) तटिनी
(B) तरिणी
(C) सुरपति
(D) सुरसरि
उत्तर:
(C) सुरपति
'अज्ञान' में उपसर्ग है
(A) अज्ञ
(B) अ
(C) अन
(D) अप
उत्तर:
(B) अ
'युष्मद्' का सप्तमी विभक्ति, एकवचन का रूप है
(A) त्वयि
(B) त्वत्
(C) युवयोः
(D) युष्मासु
उत्तर:
(A) त्वयि
'रचना' के आधार पर वाक्य के भेद होते हैं
(A) 8
(B) 3
(C) 2
(D) 6
उत्तर:
(B) 3
'वह खेलेगा' वाक्य का भाववाच्य वाक्य होगा
(A) वह खेलता है।
(B) उसने खेल खेला।
(C) मेरे द्वारा खेल खेला जायेगा।
(D) उसके द्वारा खेला जायेगा
उत्तर:
(D) उसके द्वारा खेला जायेगा
क्रियाविशेषण अविकारी पद के भेद हैं
(A) 4
(B) 6
(C) 8
(D) 5
उत्तर:
(A) 4
खण्ड-ब : वर्णनात्मक प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के गद्य खंड के अंतर्गत आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित 'मित्रता' नामक निबंध से लिया गया है।
(ii) विश्वासपात्र मित्र को जीवन की औषधि क्यों कहा गया है?
उत्तर: विश्वासपात्र मित्र को जीवन की औषधि इसलिए कहा गया है क्योंकि वह हमारे जीवन के संकटों और बुराइयों से हमारी रक्षा करता है, हमें कुमार्ग से बचाता है तथा अच्छे संकल्पों एवं सत्कर्मों के लिए प्रेरित करता है।
(iii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: लेखक का कहना है कि एक अच्छा और सच्चा मित्र हमारे जीवन के लिए एक महान औषधि के समान है। वह हमें हमारे दोषों और गलतियों से बचाता है, हमारे मन में सत्य, पवित्रता और मर्यादा के प्रेम को मजबूत करता है और जीवन के कठिन समय में हमें हतोत्साहित होने से बचाकर हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत पद्यांश रीतिकालीन प्रख्यात कवि महाकवि बिहारीलाल द्वारा रचित 'बिहारी सतसई' (या पाठ्यक्रमानुसार पाठ्यपुस्तक के पद्य खंड) से संकलित है।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: कवि राम, लक्ष्मण और सीता के वनगमन का संदर्भ देते हुए कहते हैं कि जिन्होंने भी इन्हें वनवास भेजने का कार्य किया है, उनका हृदय पत्थर या वज्र से भी अधिक कठोर है, जिन्होंने ऐसे सुकुमार और कोमल शरीर वाले बालकों को वनों के कष्ट सहने के लिए भेज दिया।
(iii) पद्यांश में 'ऐसी मनोहर मूरति ए' किसके लिए प्रयुक्त है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'ऐसी मनोहर मूरति ए' पंक्ति प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के लिए प्रयुक्त हुई है, जो अत्यंत सुंदर और कोमल रूप वाले हैं।
निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'वाराणसी' पाठ से लिया गया है।
हिन्दी अनुवाद: वाराणसी बहुत प्रसिद्ध प्राचीन नगरी है। यह निर्मल जल वाली तरंगों से युक्त गंगा के किनारे स्थित है। इसके घाटों की घुमावदार पंक्ति चांदनी रात में बहुत सुंदर सुशोभित होती है। अनगिनत पर्यटक दूर-दूर देशों से प्रतिदिन यहाँ आते हैं और इसके घाटों की शोभा को देखकर इसकी बहुत प्रशंसा करते हैं।
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
निम्नलिखित संस्कृत पद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए :
सन्दर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'जीवनसूत्रणि' पाठ से उद्धृत है।
हिन्दी अनुवाद: भूमि से भारी (गुरुतर) क्या है? आकाश से उच्चतर क्या है? वायु से भी अधिक शीघ्रगामी क्या है? और तिनके से भी अधिक बहुसंख्यक (या तुच्छ) क्या है?
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
स्वपठित खण्डकाव्य के आधार पर दिए गए प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(घ) 'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर:
(ii) 'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर कर्ण की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
'कर्ण' खंडकाव्य के नायक कर्ण दानशीलता, वीरता, मित्रता और अटूट निष्ठा के प्रतीक हैं। वे महाभारत के अत्यंत पराक्रमी और साहसी योद्धा थे। अपने वचनों के पक्के तथा महान दानी होने के कारण उन्होंने कभी भी याचक को निराश नहीं किया। संकट की हर घड़ी में अपने मित्र दुर्योधन का साथ निभाना उनके चरित्र की महानता को दर्शाता है।
(क) निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए:
(ii) रामचन्द्र शुक्ल
उत्तर:
आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 ई. में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के आगोना नामक ग्राम में हुआ था। उन्होंने स्वाध्याय से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और बांग्ला आदि भाषाओं का अच्छा ज्ञान प्राप्त किया। वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिंदी के प्राध्यापक रहे और हिंदी आलोचना को एक नई दिशा दी। उनका निधन सन् 1941 ई. में हुआ।
प्रमुख रचना: 'चिन्तामणि'
(ख) निम्नलिखित कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए:
(i) सूरदास
उत्तर:
भक्तिकाल की कृष्णभक्ति शाखा के प्रमुख महाकवि सूरदास जी का जन्म संवत 1540 विक्रमी (सन 1478) के लगभग रुंक्ता ग्राम में हुआ था। वे महाप्रभु वल्लभाचार्य के शिष्य बने और गोकुल के सूरघाट पर रहकर कृष्ण की लीलाओं के पद गाए। उन्हें हिंदी साहित्य में वात्सल्य और शृंगार रस का सम्राट माना जाता है। उनका निधन सन् 1583 ई. के आसपास हुआ।
प्रमुख रचना: 'सूरसागर'
अपनी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड की पाठ्यवस्तु से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए, जो इस प्रश्नपत्र में न आया हो।
उत्तर:
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
विद्यालय में खेल-कूद की सामग्री हेतु ध्यान दिलाते हुए प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाचार्य महोदय,
[विद्यालय का नाम],
[स्थान]।
विषय: विद्यालय में खेल-कूद की सामग्री उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10 का छात्र/छात्रा हूँ। हमारे विद्यालय में खेल-कूद के पीरियड में खेलने के लिए पर्याप्त खेल सामग्री (जैसे क्रिकेट बैट-बॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल आदि) उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को खेलकूद के अभ्यास में कठिनाई होती है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि खेल विभाग की सुचारू व्यवस्था हेतु खेल-कूद की नई सामग्रियाँ शीघ्र ही उपलब्ध कराने की कृपा करें, ताकि छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से विकास कर सकें।
धन्यवाद।
दिनांक: [आज की तिथि]
आपका/आपकी आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या
नाम: [आपका नाम]
कक्षा: 10
निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए :
(ii) वाराणसी केषां संगमस्थली अस्ति ?
उत्तर:
वाराणसी विविधर्णां भारतीयसंस्कृतीनां संगमस्थली अस्ति।
(iii) चन्द्रशेखरः कः आसीत् ?
उत्तर: चन्द्रशेखरः एकः प्रसिद्धः क्रान्तिकारी देशभक्तः च आसीत्।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए:
(ii) पर्यावरण प्रदूषण-कारण और बचाव
उत्तर:
भूमिका:
आज संपूर्ण विश्व के सामने 'पर्यावरण प्रदूषण' एक अत्यंत गंभीर समस्या बन चुका है। प्रकृति का संतुलन बिगड़ने से शुद्ध वायु, जल और स्वस्थ जीवन मिलना कठिन होता जा रहा है।
प्रदूषण के प्रकार:
1. वायु प्रदूषण: कारखानों और वाहनों के धुएँ से हवा जहरीली हो रही है।
2. जल प्रदूषण: नालियों व कारखानों के गंदे पानी से नदियाँ दूषित हो रही हैं।
3. ध्वनि प्रदूषण: लाउडस्पीकरों और वाहनों के शोर से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदूषण के कारण:
वनों की अंधाधुंध कटाई, आधुनिक उद्योगों का कचरा, रासायनिक खादों का प्रयोग और प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग इसके मुख्य कारण हैं।
बचव के उपाय:
पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, प्लास्टिक का प्रयोग बंद करना चाहिए और प्रदूषण फैलाने वाले कारकों पर नियंत्रण रखना चाहिए।
उपसंहार:
स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन की कुंजी है। इसकी सुरक्षा करना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है।