खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
(Multiple Choice Questions)
UP Board Class 10 Board Paper 2026 801(FC)
कक्षा 10वीं · हिंदी · 2026 · बोर्ड परीक्षा
खण्ड-अ : बहुविकल्पीय प्रश्न
(Multiple Choice Questions)
'ध्रुवस्वामिनी' नाटक है :
(A) हरिकृष्ण प्रेमी का
(B) जयशंकर प्रसाद का
(C) लक्ष्मीनारायण मिश्र का
(D) रामकुमार वर्मा का
उत्तर:
(B) जयशंकर प्रसाद का
प्रेमचंद का उपन्यास नहीं है:
(A) सेवासदन
(B) त्यागपत्र
(C) गोदान
(D) गबन
उत्तर:
(B) त्यागपत्र
आचार्य रामचंद्र शुक्ल का निबन्ध संग्रह है :
(A) चिंतामणि
(B) अशोक के फूल
(C) साहित्य देवता
(D) भारतीय संस्कृति
उत्तर:
(A) चिंतामणि
हरिवंशराय 'बच्चन' की रचना है:
(A) क्या भूलूँ क्या याद करूँ
(B) तरुण के स्वप्न
(C) अपनी खबर
(D) साठ वर्षः एक रेखांकन
उत्तर:
(A) क्या भूलूँ क्या याद करूँ
'विराटा की पद्मिनी' उपन्यास के लेखक हैं -
(A) चतुरसेन शास्त्री
(B) वृंदावनलाल वर्मा
(C) यशपाल
(D) रांगेय राघव
उत्तर:
(B) वृंदावनलाल वर्मा
'पद्माभरण' रचना है:
(A) केशव की
(B) भूषण की
(C) बिहारीलाल की
(D) पद्माकर की
उत्तर:
(D) पद्माकर की
रीतिकाल की प्रवृत्ति नहीं है -
(A) विद्रोह एवं क्रांति की भावना
(B) काव्यांग विवेचन
(C) शृंगार रस की प्रधानता
(D) ब्रजभाषा की प्रधानता
उत्तर:
(A) विद्रोह एवं क्रांति की भावना
'प्रियप्रवास' रचना है:
(A) मैथिलीशरण गुप्त की
(B) रामनरेश त्रिपाठी की
(C) जयशंकर प्रसाद की
(D) अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की
उत्तर:
(D) अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की
प्रगतिवादी युग के कवि नहीं हैं -
(A) केदारनाथ अग्रवाल
(B) नागार्जुन
(C) त्रिलोचन
(D) मैथिलीशरण गुप्त
उत्तर:
(D) मैथिलीशरण गुप्त
'यामा' काव्यसंग्रह है :
(A) जयशंकर प्रसाद का
(B) महादेवी वर्मा का
(C) रामधारीसिंह 'दिनकर' का
(D) रामनरेश त्रिपाठी का
उत्तर:
(B) महादेवी वर्मा का
'शोक' स्थायीभाव है :
(A) शांत रस का
(B) अद्भुत रस का
(C) करुण रस का
(D) शृंगार रस का
उत्तर:
(C) करुण रस का
सोहत ओढ़ै पीतु पटु, स्याम सलौनै गात ।
मनौ नीलमनि सैल पर, आतपु पर्यो प्रभात ॥
उपर्युक्त पंक्तियों में कौनसा अलंकार है?
(A) उत्प्रेक्षा
(B) उपमा
(C) अपहुति
(D) यमक
उत्तर:
(A) उत्प्रेक्षा
"यह एक सम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं और प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं। 11 और 13 मात्राओं पर यति होती है।" यह लक्षण किस छंद का है?
(A) दोहा
(B) सोरठा
(C) बरवै
(D) रोला
उत्तर:
(D) रोला
'अनु' उपसर्ग प्रयुक्त नहीं है:
(A) अनुशासन में
(B) अनुप्रयोग में
(C) अनुकूल में
(D) अनुवाद में
उत्तर:
(B) अनुप्रयोग में
'त्रिभुवन' में समास है :
(A) द्विगु
(B) द्वंद्व
(C) कर्मधारय
(D) अव्ययीभाव
उत्तर:
(A) द्विगु
'सुरसरि', 'देवपगा' किसके पर्यायवाची शब्द हैं ?
(A) यमुना
(B) बेतवा
(C) गंगा
(D) सरस्वती
उत्तर:
(C) गंगा
'युष्मद्' सर्वनाम शब्द का तृतीया विभक्ति, एकवचन में रूप होगा :
(A) त्वम्
(B) त्वया
(C) तव
(D) युषाम्
उत्तर:
(B) त्वया
रचना के आधार पर वाक्य का प्रकार नहीं है:
(A) सरल वाक्य
(B) संयुक्त वाक्य
(C) प्रश्नवाचक वाक्य
(D) मिश्रित वाक्य
उत्तर:
(C) प्रश्नवाचक वाक्य
"मोहन विद्यालय जाता है।" इस वाक्य में वाच्य है :
(A) कर्तृवाच्य
(B) कर्मवाच्य
(C) भाववाच्य
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(A) कर्तृवाच्य
"आह ! उपवन में सुंदर फूल खिले हैं।" इस वाक्य में रेखांकित पद का परिचय है -
(A) विस्मयादिबोधक
(B) संज्ञा
(C) सर्वनाम
(D) विशेषण
उत्तर:
(A) विस्मयादिबोधक
खण्ड-ब : वर्णनात्मक प्रश्न
निम्नलिखित में से किसी एक गद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के गद्य खंड के अंतर्गत आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा लिखित 'मित्रता' नामक पाठ से लिया गया है।
(ii) गद्यांश के रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: लेखक का कहना है कि बुरी संगति का प्रभाव बहुत घातक होता है। जिस प्रकार पैर में बँधी हुई भारी चक्की इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती, उसी प्रकार बुरी संगत व्यक्ति को प्रगति के मार्ग से रोककर पतन और अवनति के अंधकार में धकेल देती है। इसके विपरीत अच्छी संगति एक मजबूत सहारे के समान होती है, जो मनुष्य को लगातार उन्नति की ओर ले जाती है।
(iii) कुसंग का ज्वर क्या क्या नुकसान पहुँचाता है ?
उत्तर: कुसंग का ज्वर मनुष्य की नीति, सदवृत्ति और बुद्धि का नाश कर देता है तथा उसे अवनति के गड्ढे में गिराता है।
निम्नलिखित में से किसी एक पद्यांश पर आधारित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।
उत्तर:
प्रस्तुत पद्यांश भक्तिकालीन प्रख्यात कवि रसखान द्वारा रचित 'सवैया' शीर्षक से हमारी पाठ्यपुस्तक के पद्य खंड में संकलित है।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: कवि रसखान जी अपनी अटूट भक्ति प्रकट करते हुए कहते हैं कि यदि वे अगले जन्म में पशु बनें, तो नंद बाबा की गायों के बीच में ही चरने का सौभाग्य प्राप्त करें। यदि वे पत्थर बनें, तो उसी गोवर्द्धन पर्वत का पत्थर बनें जिसे श्री कृष्ण ने अपनी उंगली पर छाता बनाकर उठाया था।
(iii) कवि पक्षी बनकर कहाँ बसेरा करना चाहता है ?
उत्तर: कवि पक्षी बनकर यमुना नदी के किनारे कदम्ब की डारियों पर बसेरा करना चाहता है।
नीचे दिये गये संस्कृत गद्यांश में से किसी एक का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए ।
सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'भारतीय संस्कृतिः' पाठ से लिया गया है।
हिन्दी अनुवाद: यह नगरी भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा का केन्द्र-स्थल है। यहीं से संस्कृत साहित्य और संस्कृति का प्रकाश सब जगह फैला था। मुगलों का युवराज दाराशिकोह यहाँ आकर भारतीय दर्शन शास्त्रों का अध्ययन किया था। वह उनके ज्ञान से ऐसा प्रभावित हुआ कि उसने उपनिषदों का अनुवाद फारसी भाषा में कराया था।
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
नीचे दिये गये संस्कृत पद्यांश में से किसी एक का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
सन्दर्भ: प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खंड के 'वीरः वीरेण पूज्यते' पाठ से उद्धृत है।
हिन्दी अनुवाद: बंधन हो या मरण (मृत्यु), जीत हो या हार (पराजय), वीर पुरुष दोनों ही स्थितियों में समान रहता है। वीरभाव को ही वीरता कहते हैं।
उत्तर:
यह प्रश्न स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सका।
अपने पठित खण्डकाव्य के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों में से किसी एक खण्ड के एक प्रश्न का उत्तर दीजिए :
(vii) 'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर कर्ण की दानवीरता का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
'कर्ण' खंडकाव्य के नायक कर्ण महान योद्धा होने के साथ-साथ अत्यंत दानवीर भी थे। उनके द्वार से कोई भी याचक कभी निराश नहीं लौटता था। जब देवराज इंद्र ने ब्राह्मण का वेश बदलकर कर्ण से उनके जन्मजात कवच और कुंडल मांग लिए, तब यह जानते हुए भी कि इसके बिना उनके प्राण खतरे में पड़ सकते हैं, कर्ण ने प्रसन्नतापूर्वक अपने कवच और कुंडल दान कर दिए। उनकी यह अद्भुत दानशीलता इतिहास में अमर है।
(क) दिए गए लेखकों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए:
(i) आचार्य रामचंद्र शुक्ल
उत्तर:
आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 ई. में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के आगोना नामक ग्राम में हुआ था। उन्होंने मिर्जापुर के मिशन स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की और स्वाध्याय से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत आदि भाषाओं का अच्छा ज्ञान प्राप्त किया। वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर रहे। हिंदी आलोचना के क्षेत्र में उनका योगदान सर्वोच्च है। उनका निधन सन् 1941 ई. में हुआ।
प्रमुख रचना: 'चिन्तामणि'
(ख) दिए गए कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए:
(i) गोस्वामी तुलसीदास
उत्तर:
भक्तिकाल की रामभक्ति शाखा के श्रेष्ठ कवि गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म संवत 1532 विक्रमी (सन 1532) के लगभग राजापुर (बांदा) ग्राम में हुआ था। उनके बचपन का नाम रामबोला था। उनके गुरु का नाम नरहरिदास था। उनका अधिकांश जीवन चित्रकूट, अयोध्या और काशी में बीता। वे हिंदी साहित्य के सूर्य माने जाते हैं। उनका निधन संवत 1623 में हुआ।
प्रमुख रचना: 'श्रीरामचरितमानस'
अपनी पाठ्यपुस्तक के संस्कृत खण्ड की पाठ्यवस्तु से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए, जो इस प्रश्नपत्र में न आया हो।
उत्तर:
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला को अत्याधुनिक बनाने की आवश्यकता को समझाते हुए अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाचार्य महोदय,
[विद्यालय का नाम],
[स्थान]।
विषय: विज्ञान प्रयोगशाला को अत्याधुनिक बनाने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 10 का छात्र/छात्रा हूँ। हमारे विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला में वर्तमान समय के अनुसार आधुनिक उपकरणों और संसाधनों का अभाव है। आज के तकनीकी युग में विज्ञान की प्रायोगिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रयोगशाला का अत्याधुनिक होना अत्यंत आवश्यक है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी विज्ञान प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरण, डिजिटल उपकरण और आवश्यक रसायन सामग्री उपलब्ध कराने की कृपा करें, जिससे विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन में पूरी सहायता मिल सके।
धन्यवाद।
दिनांक: [आज की तिथि]
आपका/आपकी आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या
नाम: [आपका नाम]
कक्षा: 10
निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में दीजिए :
(ii) वाराणसी कस्याः नद्याः कूले स्थिता अस्ति ?
उत्तर:
वाराणसी गंगायाः नद्याः कूले स्थिता अस्ति।
(iii) पुरुराजः केन सह युद्धम् अकरोत् ?
उत्तर: पुरुराजः अलेक्जेण्डर (सिकंदर) सह युद्धम् अकरोत्।
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए।
(v) प्रदूषण : समस्या और समाधान
उत्तर:
भूमिका:
आज संपूर्ण विश्व के सामने 'प्रदूषण' एक अत्यंत गंभीर और विकराल समस्या बन चुका है। प्राकृतिक संतुलन के बिगड़ने से शुद्ध वायु, जल और भोजन मिलना कठिन होता जा रहा है, जिससे मानव जीवन और प्रकृति दोनों खतरे में हैं।
प्रदूषण के प्रकार:
मुख्य रूप से प्रदूषण निम्नलिखित प्रकार का होता है:
1. वायु प्रदूषण: कारखानों की चिमनियों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ के कारण हवा जहरीली हो रही है।
2. जल प्रदूषण: नालियों का गंदा पानी और कारखानों के अपशिष्ट पदार्थ नदियों में मिलने से जल दूषित हो रहा है।
3. ध्वनि प्रदूषण: लाउडस्पीकरों, तेज हॉर्नों और मशीनों के शोर से मानसिक बीमारियाँ बढ़ रही हैं।
4. मृदा प्रदूषण: रासायनिक उर्वरकों और प्लास्टिक के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है।
समस्या के कारण:
वनों की अंधाधुंध कटाई, औद्योगीकरण में वृद्धि, जनसंख्या विस्फोट और प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
समाधान के उपाय:
प्रदूषण को रोकने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगानी चाहिए। कारखानों के कचरे को नदियों में मिलने से पहले उपचारित किया जाना चाहिए और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता फैलानी चाहिए।
उपसंहार:
पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस ओर कदम नहीं उठाए गए, तो पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।